थानों की सीमाएं होंगी नए सिरे से तय, 5 सदस्यीय पुलिस समिति का होगा पुनर्गठन
Ashish Bhardwaj | Aug 11, 2026, 17:57 IST
राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने थानों के सीमांकन और पुनर्गठन के लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई है। एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ अध्यक्ष होंगे। नई चौकियों और पद सृजन पर भी अध्ययन होगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में पुलिस थानों के सीमांकन और पुनर्गठन की तैयारी शुरू।
- पुलिस मुख्यालय ने समीक्षा के लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई।
- समिति थानों की सीमाएं, अपराध और जरूरतों का अध्ययन करेगी।
- 20 चयनित थानों में नई कार्य व्यवस्था लागू की जाएगी।
- थानों में जांच, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के लिए अलग टीमें बनेंगी।
किसे मिली समिति की जिम्मेदारी
उप महानिरीक्षक पुलिस राशि डोगरा को इस समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह समिति राज्य के पुलिस थानों की सीमाओं और प्रशासनिक ढांचे का विस्तृत अध्ययन करेगी।
किन आधारों पर होगी समीक्षा
समिति यह भी आकलन करेगी कि दूरस्थ और दुर्गम इलाकों तक पुलिस की पहुंच किस स्तर की है। साथ ही किसी घटना पर पुलिस की प्रतिक्रिया में कितना समय लगता है, इसका भी अध्ययन किया जाएगा।
नई चौकियों और पदों पर भी सुझाव
थानों में काम का होगा बंटवारा
इस व्यवस्था में पुलिसकर्मी अपनी तय जिम्मेदारी के अलावा दूसरे काम नहीं करेंगे। इससे पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव कम होगा और कामकाज ज्यादा प्रभावी हो सकेगा।
राजस्थान पुलिस ने यह योजना केरल, पंजाब और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के बाद तैयार की है। इन राज्यों में पहले से ही थाने स्तर पर अलग-अलग कामों के लिए अलग टीमें काम कर रही हैं।
राजस्थान में शुरुआत में 20 चयनित पुलिस थानों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके सफल रहने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
नई व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था और जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कामों से अलग रखा जाएगा। इससे पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
FAQ
- राजस्थान पुलिस में थानों के पुनर्गठन के लिए किसे जिम्मेदारी दी गई है?
पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई है, जिसके अध्यक्ष एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ हैं। राशि डोगरा को सदस्य सचिव बनाया गया है। - राजस्थान में थानों की सीमाओं की समीक्षा किन आधारों पर होगी?
समीक्षा अपराध, कानून-व्यवस्था, भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, यातायात, औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन जैसे कारकों के आधार पर होगी।
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