महिला वन रक्षक ने सीनियर अधिकारी पर लगाए सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप, विभागीय जांच के आदेश
Ashish Bhardwaj | May 19, 2026, 12:18 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में एक महिला वन रक्षक ने अपने सीनियर अधिकारी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति बनाई गई है।
News In Short
- महिला वन रक्षक ने सीनियर अधिकारी पर लगाए सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप।
- राजस्थान में कोटा के मुकुंदरा टाइगर हिल्स रिजर्व का है यह मामला।
- वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
- जांच के लिए पांच सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति का किया गया गठन।
- यह समिति इस मामले की गहराई से जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
News In Detail
अकेलेपन का फायदा उठाने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि अन्य महिला कर्मियों के जाने के बाद से ही आरोपी रेंज ऑफिसर के व्यवहार में अचानक बड़ा और आपत्तिजनक बदलाव आ गया था। उन्हें जानबूझकर मामूली बातों पर प्रताड़ित और अपमानित किया जाने लगा।
आरोपी अधिकारी अक्सर उनके सामने आपत्तिजनक इशारे करते थे, अश्लील टिप्पणियां बातें करते थे। इससे कार्यस्थल का माहौल बेहद असुरक्षित और तनावपूर्ण हो गया था। उन्हें उनकी भूमिका से बाहर की जिम्मेदारियां सौंपी जा रही थीं, छुट्टियों के अनुरोधों को बिना वजह खारिज किया जा रहा था और देर रात तक काम पर बुलाया जा रहा था।
केबिन में जबरदस्ती करने का प्रयास
पीड़िता के अनुसार जब मैं केबिन में फाइल ढूंढ रही थी, तभी वह अचानक कमरे के अंदर आ गए। उन्होंने जबरन मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे चूमने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए मैंने अपनी चप्पल निकाल ली और मैं उन पर वार करने ही वाली थी कि तभी मेरी चीखें सुनकर एक अन्य वन रक्षक कमरे में आ गया। उसे देखते ही आरोपी अधिकारी तुरंत वहां से भाग खड़ा हुआ।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने इस पूरी घटना और अपनी चिंताओं को विभाग के उच्च अधिकारियों के सामने भी रखा था और हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन लंबे समय तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। मामले को लेकर अभी तक कोई पुलिस शिकायत (FIR) दर्ज नहीं कराई गई है।
पांच सदस्यीय समिति का गठन
इसी बीच, आरोपी रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर का तबादला कोटा में मुख्य वन संरक्षक (CCF) कार्यालय में कर दिया गया है, ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सकें। वहीं, पीड़ित महिला वन रक्षक की सुरक्षा और सहजता को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी दूसरी रेंज में स्थानांतरित कर दिया गया है।
विभाग का कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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