'अकर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन' हो आरपीएससी का ध्येय वाक्य, वह हर गलती का जिम्मेदार
Amit Baijnath Garg | Sept 01, 2025, 16:53 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने आरपीएससी को भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सुरक्षा उपायों की कमी और पेपर लीक मामले को लेकर गंभीर सवाल। जोड़-तोड़ से मनमर्जी के परीक्षा सेंटर और अफसरों की लगती थी ड्यूटी।
मुकेश शर्मा @ जयपुर
राजस्थान हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को ही एकमात्र जिम्मेदार माना है, क्योंकि परीक्षा केंद्र और ड्यूटी अफसरों के सलेक्शन में उसका कोई कंट्रोल ही नहीं है। एसआई भर्ती 2021 परीक्षा से पहले भी कई भर्ती परीक्षा के पेपर लीक हुए और परीक्षाएं रद्द हो रही थीं। इसके बावजूद आरपीएससी ने सुरक्षा उपायों को मजबूत और बेहतर नहीं बनाया।
कोर्ट ने एसआईटी रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि आरपीएससी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी के भरोसे रहती है और दुर्भाग्य से यह अधिकारी परीक्षा आयोजन में बहुत ज्यादा रुचि नहीं लेते। परीक्षा आयोजन की तैयारियों वाली सेल में लंबे समय से वही कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसलिए इनसे मिलीभगत करके मनमर्जी के परीक्षा सेंटर और ड्यूटी अफसर तय करवाना आसान था। परीक्षा आयोजन में इनविलीजेटर व अफसरों आदि को बदल-बदल कर नहीं लगाया जाता था। इस कारण बेईमान परीक्षा सेंटर वाले आसानी से पेपर लीक करते रहे हैं।
कोर्ट ने कहा है कि आरपीएससी ने भर्ती परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा व मॉनिटरिंग के लिए इंटरनेट बंद रखने, बायोमेट्रिक वैरिफिकेशन, जैमर लगाने, सीसीटीवी कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग करने और वीडियोग्राफी करवाने जैसे उपाय किए थे, लेकिन परीक्षा वाले दिन सुरक्षा उपाय प्रभावी रूप से लागू नहीं हुए। इसका सबूत है कि आरपीएससी से बार-बार कहने के बावजूद सभी परीक्षा सेंटर की वीडियोग्राफी एसआईटी को नहीं दे पाया।
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सुरक्षा उपायों के अप्रभावी इस्तेमाल नहीं होने का नतीजा यह हुआ कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के अनेक मामले दर्ज हुए। आश्चर्यजनक रूप से परीक्षा के दौरान सेंटर के भीतर मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो वायरल हुए। ब्लूटूथ से नकल करने वाले पकड़े गए। परीक्षा सेंटर में प्रवेश के दौरान चैकिंग के लिए बायोमेट्रिक और अन्य तकनीकी तरीके नहीं अपनाए गए। इससे अनेक डमी कैंडिडेट होने और ब्लूटूथ का इस्तेमाल करने के संबंध में इन्वेस्टिगेशन ही नहीं हो पाया। बायोमेट्रिक फिंगर प्रिंट नहीं लेने के कारण अनेक डमी कैंडिडेट्स परीक्षा देने में सफल रहे।
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कोर्ट ने कहा है कि परीक्षा के दौरान ही ओएमआर शीट का वीडियो वायरल होने के साथ ही 13 सितंबर, 2021 को दोनों शिफ्ट के पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गए थे। कालेर गैंग और नरेंद्र खीचड़ ने दोनों शिफ्ट के सॉल्वड पेपर व्हाट्सएप के जरिए कैंडिडे्टस को भेजे थे। इस संबंध में बीकानेर में केस नंबर 360/2021 दर्ज हुआ था। इस केस के अनुसंधान से पता चला है कि रामसहाय आदर्श सेकेंडरी स्कूल से दोनों पेपर परीक्षा से पहले लीक हुए और एक कोचिंग इंस्टीट्यूट की मदद से अनेक कैंडिडे्टस को व्हाट्सएप के जरिए भेजे गए।
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एसआई भर्ती परीक्षा 2021 आयोजन आरपीएससी की अकर्मण्यता का साक्षात उदाहरण है। आरपीएससी ने रीट 2021 में 25 लाख 35 हजार, 542 कैंडिडेट्स की परीक्षा 26 सितंबर, 2021 को एक ही दिन में करवाई थी। वहीं एसआई भर्ती परीक्षा में तो इसके एक तिहाई कैंडिडेट ही थे और इनकी एक ही दिन में परीक्षा करवाने के निर्णय को बदलकर तीन दिन में करवाने से पेपर लीक गैंग को अतिरिक्त मौके मिले।
आरपीएससी की गाइडलाइंस के अनुसार, कैंडिडेट को परीक्षा सेंटर पर सुबह की शिफ्ट में सुबह नौ बजे और दूसरी शिफ्ट के लिए दोपहर दो बजे पहुंचना जरूरी था, लेकिन अचानक इसे बदल दिया और कैंडिडेट्स को परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट बाद तक प्रवेश देने की अनुमति दे दी। इससे बेईमान कैंडिडेट्स को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले सॉल्वड पेपर पढ़ने का अवसर मिल गया।
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एसआई भर्ती 2021 की परीक्षा फीस के रूप में आरपीएससी को करीब 14.50 करोड़ रुपए मिले। इसके बावजूद अटेंडेंस शीट पर कैंडिडेट्स की इतनी धुंधली फोटो थीं कि उन्हें पहचानना ही मुश्किल है। एडमिट कार्ड में इतनी छोटी फोटो थीं कि उनका मिलान ही मुश्किल था। कई कैंडिडेट्स ने अपनी और डमी कैंडिडेट्स की फोटो को मिलाकर फोटो बनाकर लगाईं। इससे साबित है कि परीक्षा फीस के रूप में आरपीएससी ने बड़ी रकम लेने के बावजूद सुरक्षा के आधुनिक और पुख्ता इंतजाम नहीं किए।
एसआई भर्ती 2021 के विज्ञापन में न तो परीक्षा तीन दिन तक छह शिफ्ट में करवाने और ना ही प्राप्तांक के नॉर्मलाइजेशन करने का उल्लेख था। इसके बावजूद नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई गई और 15 सितंबर, 2021 को परीक्षा देने वालों के प्राप्तांक 10 से 15 और 14 सितंबर, 2021 परीक्षा में 8 से 10 नंबर बढ़ा दिए। इसके विपरीत 13 सितंबर, 2021 को परीक्षा देने वालों के नंबर कम किए गए।
859 पोस्ट के लिए तीन दिन तक छह शिफ्ट में परीक्षा हुई। तीनों ही दिन करीब समान संख्या में कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी थी। 13 सितंबर को परीक्षा देने वालों में से 19 फीसदी, 14 सितंबर को परीक्षा देने वाले 28 फीसदी तथा 15 सितंबर को परीक्षा देने वाले 53 फीसदी सलेक्ट हुए। इससे साफ है कि पहले दिन परीक्षा देने वालों के साथ प्राप्तांक के नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के कारण अन्याय हुआ।
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भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की कैंडिडेट्स ने आरटीआई में जानकारी मांगी थी, लेकिन आरपीएससी ने नियमों का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार कर दिया। इससे पारदर्शिता के अभाव में भर्ती प्रक्रिया की ईमानदारी पर संदेह होता है।
अभियुक्त सुरेश ढाका, सुरेश कुमार और आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के खिलाफ सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती का पेपर लीक करने के आरोप में पुलिस जांच चल रही थी। इसके बावजूद आरपीएससी चेयरमैन ने कटारा को एसआई भर्ती 2021 के इंटरव्यू करने की जिम्मेदारी दे दी। इससे भर्ती प्रक्रिया की ईमानदारी पर गंभीर संदेह उठ खड़े हुए।
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राजस्थान हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को ही एकमात्र जिम्मेदार माना है, क्योंकि परीक्षा केंद्र और ड्यूटी अफसरों के सलेक्शन में उसका कोई कंट्रोल ही नहीं है। एसआई भर्ती 2021 परीक्षा से पहले भी कई भर्ती परीक्षा के पेपर लीक हुए और परीक्षाएं रद्द हो रही थीं। इसके बावजूद आरपीएससी ने सुरक्षा उपायों को मजबूत और बेहतर नहीं बनाया।
इसलिए आसान है गड़बड़ी करना
नहीं मिली सभी सेंटर की वीडियोग्राफी
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परीक्षा केंद्रों में मोबाइल का धड़ल्ले से इस्तेमाल
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पेपर तो परीक्षा से पहले ही लीक हो गया
लीक के बावजूद क्यों करवाई परीक्षा? कोर्ट ने कहा है कि पहले दिन पेपर लीक और नकल आदि की जानकारी मिलने के बावजूद आरपीएससी ने अतिरिक्त पुख्ता सुरक्षा उपायों के अगले दो दिन भर्ती परीक्षा क्यों करवाई? कोर्ट ने कहा है कि पहले तो आरपीएससी ने एसआई भर्ती परीक्षा एक ही दिन चार सितंबर, 2021 को करवाना तय किया था, लेकिन अचानक परीक्षा तीन दिन 13, 14 और 15 सितंबर, 2021 को कर दी। इस बदलाव से पेपर लीक होने और डमी कैंडिडेट्स के परीक्षा देने की संभावनाओं को बढ़ावा दिया।
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पहले दिन परीक्षा देने वालों के साथ अन्याय
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FAQ
- Q1: आरपीएससी पर कोर्ट की टिप्पणी क्या है?
राजस्थान हाई कोर्ट ने आरपीएससी को भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार ठहराया है, विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों और ड्यूटी अफसरों के चयन में लापरवाही के कारण। - Q2: क्या आरपीएससी ने परीक्षा के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन किया था?
नहीं, आरपीएससी ने घोषणा किए गए सुरक्षा उपायों का सही तरीके से पालन नहीं किया, जिसके कारण मोबाइल का धड़ल्ले से इस्तेमाल और पेपर लीक जैसी घटनाएं हुईं। - Q3: क्या पेपर लीक के बावजूद परीक्षा करवाई गई?
हां, पेपर लीक होने के बावजूद आरपीएससी ने परीक्षा को जारी रखा, जिससे पेपर लीक गैंग और डमी कैंडिडेट्स को और भी मौके मिले।
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