सचिन पायलट बने पंजाब के नए प्रभारी, जानें वो कारण जिनसे मिली कमान
Mukesh Sharma | Sept 05, 2026, 22:53 IST
सचिन पायलट
कांग्रेस ने संगठनात्मक फेरबदल करते हुए सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी महासचिव बनाया है। भूपेश बघेल को असम और सुरजेवाला को कर्नाटक के साथ गुजरात का प्रभार मिला है।
समझें क्या है पूरा मामला
- कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, सचिन पायलट को पंजाब की कमान।
- भूपेश बघेल बने असम कांग्रेस प्रभारी।
- सुरजेवाला को मिला गुजरात का अतिरिक्त प्रभार।
- AICC ने तीन महासचिवों को पद से हटाया।
- कांग्रेस ने बदली कई राज्यों की संगठन जिम्मेदारी।
पंजाब कांग्रेस में लीडरशिप को लेकर लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक हाईकमान से लगातार बदलाव की मांग कर रहे थे। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की दोबारा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी के बाद से ही चन्नी गुट का विरोध और बढ़ गया था।
चन्नी गुट का आरोप था कि छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल संगठन से जुड़े मामलों और प्रदेश की सियासी स्थिति की सही जानकारी हाईकमान तक नहीं पहुंचा पाए। नेताओं का मानना था कि जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए लीडरशिप में बदलाव जरूरी है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह के गुट ने कांग्रेस आलाकमान के सामने भी यह मुद्दा रखा था कि विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस को अगर बेहतर प्रदर्शन करना है तो प्रदेश के संगठन की कमान नए और प्रभावशाली नेता को देना जरूरी है। लंबे मंथन के बाद आखिरकार हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस में बदलाव का फैसला लिया।
पायलट को क्यों बनाया गया पंजाब का प्रभारी
कांग्रेस का हाईकमान अब पायलट के इसी अनुभव को पंजाब में इस्तेमाल करना चाहता है। पायलट की जमीनी पकड़ और युवाओं के बीच लोकप्रियता को भी पार्टी भुनाना चाहती है। कांग्रेस पंजाब में संगठन को फिर से मजबूत करना चाहती है और उसे उम्मीद है कि पायलट राजस्थान की तरह यहां भी पार्टी को चुनावी बढ़त दिलाने में कामयाब होंगे।
AICC द्वारा श्री भूपेश बघेल को असम, श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात, श्री सचिन पायलट को पंजाब, श्री सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरिवेला प्रसाद को महाराष्ट्र तथा श्री पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का इंचार्ज बनाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि आप सभी के… pic.twitter.com/Dul7F7lsHg
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) September 5, 2026
राजस्थान के डिप्टी CM रह चुके हैं पायलट
2013 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी हाईकमान ने पायलट को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान सौंपी। अगले पांच साल उन्होंने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए प्रदेशभर में काम किया। उनकी मेहनत का नतीजा 2018 के विधानसभा चुनाव में दिखा, जब कांग्रेस सत्ता में लौटी और पायलट को डिप्टी सीएम बनाया गया।
हालांकि, सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पायलट के बीच राजनीतिक मतभेद बढ़ते गए। जुलाई 2020 में पायलट को डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया।
A warm welcome to Shri Sachin Pilot Ji on his appointment as General Secretary In-charge of Punjab Congress.
Heartfelt thanks to the Congress Party High Command for this important decision
ਜੀ ਆਇਆਂ ਨੂੰ @SachinPilot
— Charanjit Singh Channi (@CHARANJITCHANNI) September 5, 2026
राजस्थान के लिए क्यों अहम है यह बदलाव
सुरजेवाला को मिला अतिरिक्त प्रभार
आदेश के मुताबिक मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव बने रहेंगे।
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