3 महीने बाद सरिस्का टाइगर रिजर्व फिर खुला : टाइगर सफारी के लिए ​पहुंचे पर्यटक

Gyan Chand Patni | Oct 02, 2025, 18:19 IST
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राजस्थान के अलवर जिले में​ स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व मानसून सीजन के बाद फिर से पर्यटकों के लिए खुला। पहले दिन ही बाघों का दीदार करने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ा।

Jaipur.राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व, जो मानसून सीजन के दौरान तीन महीने के लिए बंद रहता है, फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह रिजर्व बाघों के संरक्षण और वन्यजीवों के अध्ययन के लिए जाना जाता है।

मानसून सीजन में बाघों का प्रजनन काल और जंगलों में वनस्पति का विकास होता है, जिससे यह रिजर्व तीन महीने के लिए बंद रहता है। लेकिन अब यह रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खोला गया है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व भी पर्यटकीय सीजन के लिए 1 अक्टूबर 2025 को खुल गया है।

पर्यटकों का उमड़ा हुजूम

जैसे ही सरिस्का टाइगर रिजर्व फिर से खोला गया, पर्यटकों का हुजूम परियोजना में विचरण कर रहे बाघों का दीदार करने के लिए उमड़ पड़ा। गुरुवार सुबह से ही पर्यटक वाहनों के पहिए चलने लगे और दूर-दूर से पर्यटक बाघों को देखने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आए। रिजर्व अधिकारियों ने पर्यटकों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें जंगल में सफारी के लिए भेजा।

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सरिस्का टाइगर रिजर्व में सुरक्षा और सफारी व्यवस्था

सरिस्का में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। डीएफओ अभिमन्यु सहारण के अनुसार, 1 अक्टूबर को कोई पर्यटक भ्रमण पर नहीं जा सके। अब वन्यजीव सफारी की सुविधा फिर से शुरू हो गई है।

सरिस्का टाइगर रिजर्व में अब तक 35 जिप्सी और 12 कैंटर में पर्यटक सफारी का आनंद ले सकते हैं। यह सफारी सफर पर्यटकों के लिए उत्साही और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने वाला होता है।

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मानसून के बाद सफारी ट्रैक को किया गया ठीक

मानसून के दौरान, बर्फबारी और भारी बारिश के कारण जंगल के ट्रैक खराब हो गए थे, जिससे टाइगर सफारी करना खतरनाक हो सकता था। लेकिन, रिजर्व अधिकारियों ने सभी ट्रैकों को ठीक कर लिया है, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित सफारी का अनुभव हो सके। इसके अलावा, सरिस्का बाघ रिजर्व के मुख्य प्रवेश द्वार यानी सदर गेट और टहला गेट से पर्यटकों को प्रवेश दिया गया है।

प्राकृतिक प्रजनन काल में रिजर्व रहता है बंद

सरिस्का टाइगर रिजर्व को तीन महीने के लिए बंद करने का एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि मानसून के दौरान वन्यजीवों का प्रजनन काल होता है। इस समय वनस्पति और वन्यजीवों का विकास होता है, जिससे जंगल में जीवों की संख्या बढ़ती है और उनके प्रजनन के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा, बारिश के पानी के कारण जंगल के ट्रैक खराब हो जाते हैं, जिससे सफारी का जोखिम बढ़ जाता है।

सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सावधानी

सरकार और रिजर्व प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। अलवर बफर में खराब रास्ते के कारण एतिहात बरती जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए अतिरिक्त ट्रैक और वाहनों की व्यवस्था की है, ताकि पर्यटकों को कोई समस्या न हो।

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विभिन्न पर्यटक अनुभव

सरिस्का टाइगर रिजर्व में न केवल बाघों का दीदार किया जा सकता है, बल्कि यहां की वन्यजीवों की विविधता, प्राचीन मंदिर और सुरम्य दृश्यों का भी आनंद लिया जा सकता है। इस क्षेत्र में पर्यटकों को भारतीय बाघों के अलावा तेंदुआ, जंगली कुत्ते, लोमड़ी, पक्षी और अन्य वन्यजीवों का भी दर्शन होता है, जो इसे एक आदर्श स्थल बनाता है।

FAQ

  1. 1. सरिस्का टाइगर रिजर्व को क्यों तीन महीने के लिए बंद कर दिया जाता है?
    सरिस्का टाइगर रिजर्व को मानसून सीजन में बंद कर दिया जाता है क्योंकि इस समय वन्यजीवों का प्रजनन काल होता है और बारिश के पानी से ट्रैक खराब हो जाते हैं, जिससे सफारी के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
  2. 2. सरिस्का टाइगर रिजर्व में कौन-कौन से जानवर देखे जा सकते हैं?
    सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुआ, जंगली कुत्ते, लोमड़ी, विभिन्न पक्षी और अन्य वन्यजीवों का दर्शन किया जा सकता है, जो इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाते हैं।
  3. 3. सरिस्का टाइगर रिजर्व में सुरक्षा के क्या उपाय किए गए हैं?
    सरिस्का टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त ट्रैक और वाहनों की व्यवस्था की गई है।
  4. 4. सरिस्का टाइगर रिजर्व में प्रवेश के लिए कौन-कौन से गेट हैं?
    सरिस्का टाइगर रिजर्व में प्रवेश के लिए मुख्य गेट सदर गेट और टहला गेट हैं, जहां से पर्यटक सफारी के लिए प्रवेश करते हैं।


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