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Photograph: (the sootr)
News In Short
- एसआई-भर्ती पेपरलीक मामले पर हाईकोर्ट ने पूछा, गोपनीय रिपोर्ट लीक किसने की
- एसओजी एडीजी से पूछा-लीक पर क्या की कार्रवाई
- एसओजी एडीजी को 2 फरवरी को कोर्ट में देना है जवाब
- राजस्थान सरकार ने बंद​ लिफाफे में पेश की ताजा तथ्यात्मक रिपोर्ट
- मूल याचिकाकर्ताओं ने मांगी रिपोर्ट की कॉपी
News In Detail
एसआई भर्ती 2021 के पेपर लीक मामले में मंगलवार को सरकार ने एक तथ्यात्मक रिपोर्ट बंद लिफाफे में राजस्थान हाई कोर्ट में पेश की। इस दौरान मूल याचिकाकर्ताओं के एडवोकेट को रिपोर्ट की कॉपी दिलवाने की प्रार्थना करना एसओजी के लिए भारी पड़ गया। इससे नाराज एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की कोर्ट ने इस मामले में एसओजी की अगस्त-2024 की रिपोर्ट लीक होने को गंभीर माना। कोर्ट ने आशंका जताई कि यह रिपोर्ट लीक करने वाला एसओजी में कार्यरत कोई पुलिसकर्मी ही है। कोर्ट ने रिपोर्ट लीक होने के मामले में अब तक हुई जांच की जानकारी देने के लिए एसओजी के एडीजी को 2 फरवरी को तलब किया है।
कॉपी मांगने पर पूछा कि पहली रिपोर्ट कहां से मिली
सभी पक्षों की सुनवाई सोमवार को पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। इसी दौरान कोर्ट ने मौखिक रुप से महाधिवक्ता को मामले में ताजा रिपोर्ट पेश करने को भी कहा था। मंगलवार को सुबह महाधिवक्ता की ओर से बंद लिफाफे में एक रिपोर्ट पेश की गई। मूल याचिकाकर्ताओं के एडवोकेट हरेंद्र नील ने रिपोर्ट की कॉपी दिलवाने की प्रार्थना की। उन्होंने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों में बंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करने को सही नहीं माना है।
पहले बताओ पुरानी रिपोर्ट तुम्हें कैसे मिली
इस पर हाई कोर्ट ने एडवोकेट हरेंद्र नील से पूछा कि उन्हें 13 अगस्त 2024 की एसओजी की गोपनीय रिपोर्ट कैसे और कहां से मिली थी। कोर्ट ने कहा कि गैर-कानूनी तरीके से गोपनीय रिपोर्ट उपलब्ध करवाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई होगी।
कॉम्प्रोमाइज हो चुका एसओजी ऑफिस
अदालत ने वहां उपस्थित एसओजी के एडीजी विशाल बंसल से पूछा कि क्या उन्हें एसओजी ऑफिस से गोपनीय दस्तावेज लीक होने की जानकारी है या नहीं। आपका ऑफिस कॉम्प्रोमाइज हो चुका है। सोमवार को ही कोर्ट को जानकारी मिली थी कि आपके ऑफिस में पदस्थापित एक कांस्टेबल मामले में याचिकाकर्ता है तो क्या उसने दस्तावेज लीक किए। इस पर एडीजी बंसल ने कहा कि कांस्टेबल एसओजी में पदस्थापित जरूर है, लेकिन वो अनुसंधान टीम का हिस्सा नहीं है।
रिपेार्ट लीक तो हुई लेकिन
एडीजी ने स्वीकार किया कि उन्हें पता है कि पहले रिपोर्ट तो लीक हुई थी, लेकिन यह एसओजी ऑफिस से नहीं हुई है। एसओजी गोपनीय रिपोर्ट लीक होने की जांच करेगी। इस पर अदालत ने एसओजी एडीजी को दो फरवरी को विस्तृत जांच रिपोर्ट के साथ पेश होने को कहा है। उल्लेखनीय है कि एकलपीठ में भी सरकार ने उक्त रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं के पास पहुंचने का सवाल उठाया था।
रिपोर्ट में बताया पेपर-लीक होने का पूरा घटनाक्रम
दरअसल, एसआई भर्ती पेपरलीक मामले में एसआई भर्ती-2021 को रद्ध करने मांग वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान एसओजी ने एकलपीठ के समक्ष 13 अगस्त 2024 की एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी। यह एक गोपनीय रिपोर्ट थी, लेकिन यह याचिकाकर्ताओं के एडवोकेट के साथ ही मीडिया के पास भी पहुंच गई थी।
रिपेार्ट में एसओजी ने विस्तृत रुप से बताया है कि पेपर लीक कैसे व कहां-कहां से किन-किन लोगों ने किया था। रिपोर्ट के अनुसार अंतिम रुप से यह पता लगाना लगभग असंभव है कि लीक हुआ पेपर किन-किन लोगों को मिला होगा, कितने लोगों ने इसके आधार पर परीक्षा पास की होगी।
रिपोर्ट में यह भी बताया था कि​ अपराधियों ने पेपर खरीदकर अपने बच्चों तक को एसआई भर्ती पास करवा दी थी। इसलिए भर्ती परीक्षा को रद्ध किया जाए। एकलपीठ ने विस्तृत सुनवाई के बाद 28 अगस्त 2024 को भर्ती को रद्द करने के आदेश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
एकलपीठ के आदेश पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सितंबर में रोक लगाते हुए नियुक्त् हो चुके एसआई की ट्रेनिंग जारी करने के आदेश दिए थे। एकलपीठ ने नियुक्ति पा चुके एसआई की ट्रेनिंग पर रोक लगा रखी थी। ट्रेनिंग जारी करने के खंडपीठ के आदेश को मूल याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेनिंग जारी रखने वाले निर्देश को रद्ध करते हुए हाई कोर्ट की खंडपीठ को तीन महीने में सुनवाई पूरी करके अपीलों का निपटारा करने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट में तो फिर जाएगा मामला
एक्टिंग सीजे की बैंच ने कई दिनों तक मामले में निरंतर सुनवाई के बाद सोमवार को फैसला सुरक्षित कर लिया है। खंडपीठ का जो भी फैसला हो, मामले का सुप्रीम कोर्ट जाना तय है। यदि खंडपीठ ने भर्ती रद्ध करने को सही माना तो सफल अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और नहीं माना तो मूल याचिकाकर्ता चुनौती देगें।
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