जेल में बंद सोनम वांगचुक से मिलने पत्नी गीतांजलि क्यों नहीं पहुंच पाई जोधपुर, जानिए पूरा मामला
Gyan Chand Patni | Oct 02, 2025, 16:28 IST
sonam
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो राजस्थान के जोधपुर शहर में नहीं पहुंच पाई। वे सोनम वांगचुक से मिलना चाहती हैं। उन्होंने वांगचुक की रिहाई के लिए राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है।
लद्दाख हिंसा को लेकर जेल में बंद पर्यावरण कार्यकर्ता और समाजसेवी सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो के गुरुवार को राजस्थान के जोधपुर पहुंचने की सूचना थी, लेकिन वे गुरुवार शाम तक राजस्थान के जोधपुर नहीं पहुंच पाई। सूत्रों का कहना है कि गीतांजलि फिलहाल दिल्ली में ही हैं। उनका मुख्य उद्देश्य अपने पति से मुलाकात करना था। सोनम वांगचुक, जो लद्दाख क्षेत्र में छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा देने की मांग और पर्यावरण संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं, को हाल ही में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद मेंसोनम वांगचुक जोधपुर शिफ्ट किए गए। उनकी गिरफ्तारी ने देशभर में चर्चा पैदा कर दी है और इसके बाद समर्थन और विरोध की लहरें उठ रही हैं।
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद, जोधपुर में उनके समर्थक शांति सभा और धरना देने की तैयारी कर रहे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने जेल के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसमें वांगचुक की रिहाई और उनकी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपे जाएंगे। यह आंदोलन लद्दाख के क्षेत्रीय अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार का ध्यान खींचने का प्रयास है।
ये खबरें भी पढ़ें
एनसीआरबी रिपोर्ट 2023 : राजस्थान में नकली नोट के मामलों में बढ़ोतरी, दिल्ली के बाद दूसरा स्थान
क्यों बन रहे सोलर प्लांट पश्चिम राजस्थान के गांवों के लिए संकट, जानिए पूरा मामला
जोधपुर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। जेल प्रशासन सतर्क है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल वांगचुक के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह लद्दाख के लोगों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का भी माध्यम है। सोशल मीडिया पर #FreeSonamWangchuk ट्रेंड कर रहा है, जिसमें लोग उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं।
![geenjali 2]()
सोनम वांगचुक के समर्थकों का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण और क्षेत्रीय अधिकारों के लिए लड़ने वालों की आवाज को दबाना है। जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह से कानून के दायरे में की जा रही है। गीतांजलि की जोधपुर यात्रा और प्रदर्शन ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह आंदोलन एक नई दिशा को प्राप्त करेगा।
![jodhpur jail]()
गीतांजलि जे अंगमो, जो कि हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (एचएआईएल) की सीईओ हैं, ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्रालय पर आरोप लगाया कि सरकार लद्दाख पुलिस का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने पुलिस अत्याचारों का विरोध करते हुए कहा कि लद्दाख के लोग आज भी ब्रिटिश काल की तरह अत्याचारों का सामना कर रहे हैं। गीतांजलि ने इसे मौजूदा सरकार का दमनकारी रवैया बताया और इसे ब्रिटिश काल से तुलना की। उन्होंने वांगचुक की रिहाई के लिए राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है।
ये खबरें भी पढ़ें
एनसीआरबी रिपोर्ट 2023 : राजस्थान में नकली नोट के मामलों में बढ़ोतरी, दिल्ली के बाद दूसरा स्थान
क्यों बन रहे सोलर प्लांट पश्चिम राजस्थान के गांवों के लिए संकट, जानिए पूरा मामला
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को लेह-लद्दाख से जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया और वहां उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। उनकी 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है और उनका नियमित मेडिकल परीक्षण भी किया जा रहा है। यह सभी निगरानी कैमरे पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़े हुए हैं। जोधपुर सेंट्रल जेल में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें आरएसी जवानों, पुलिस बल और जेलकर्मियों की तैनाती की गई है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से सीकर सांसद अमराराम भी सोनम वांगचुक से मिलने के लिए मंगलवार को जोधपुर पहुंचे थे। उन्होंने जेल प्रशासन से मुलाकात की अनुमति मांगी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस ने जेल के बाहर बेरिकेडिंग कर दी और अमराराम को बाहर ही रोक लिया। उनके साथ कुछ अन्य समर्थक भी थे। इस घटना के बाद अमराराम ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि यह दमनकारी कदम है।
अमराराम ने कहा कि केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया है और सोनम वांगचुक को जेल में बंद कर दिया है। उन्होंने इसे वांगचुक के नेतृत्व को दबाने की कोशिश बताया और कहा कि सरकार को यह विचार करना चाहिए कि वह आगे क्या कदम उठाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर लद्दाख के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उभारा है और अब यह देखना है कि क्या सोनम वांगचुक की पत्नी और उनके समर्थक इस आंदोलन को नई दिशा दे पाएंगे।
![amara ram 2]()
जोधपुर में विरोध प्रदर्शन
ये खबरें भी पढ़ें
एनसीआरबी रिपोर्ट 2023 : राजस्थान में नकली नोट के मामलों में बढ़ोतरी, दिल्ली के बाद दूसरा स्थान
क्यों बन रहे सोलर प्लांट पश्चिम राजस्थान के गांवों के लिए संकट, जानिए पूरा मामला
जोधपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
geenjali 2
क्या यह गिरफ्तारी आवाज दबाने की कोशिश
jodhpur jail
गीतांजलि वांगचुक का केंद्र सरकार पर हमला
ये खबरें भी पढ़ें
एनसीआरबी रिपोर्ट 2023 : राजस्थान में नकली नोट के मामलों में बढ़ोतरी, दिल्ली के बाद दूसरा स्थान
क्यों बन रहे सोलर प्लांट पश्चिम राजस्थान के गांवों के लिए संकट, जानिए पूरा मामला
सोनम वांगचुक की निगरानी
सीकर सांसद अमराराम की मुलाकात का प्रयास
amara ram
क्या होगी आगे की स्थिति
amara ram 2
FAQ
- 1. गीतांजलि जोधपुर क्यों आना चाहती हैं?
गीतांजलि जोधपुर में अपने पति सोनम वांगचुक से मिलने के लिए आना चाहती हैं। - 2. क्या सोनम वांगचुक को जेल में सुरक्षा मिल रही है?
हां, सोनम वांगचुक को जोधपुर सेंट्रल जेल में कड़ी सुरक्षा के साथ रखा गया है और उनकी 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। - 3. सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर क्या प्रतिक्रिया है?
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर उनके समर्थकों ने इसे एक दमनकारी कदम बताया है जो पर्यावरण और क्षेत्रीय अधिकारों के लिए लड़ने वालों की आवाज को दबाने की कोशिश है। - 4. अमराराम ने क्या कहा था?
अमराराम ने कहा कि केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया और सोनम वांगचुक को जेल में बंद कर दिया, जो उनके अनुसार गलत है। - 5. वांगचुक के समर्थन में क्या प्रदर्शन हो रहे हैं?
वांगचुक के समर्थन में जोधपुर में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाने की योजना बनाई जा रही है।
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari