सुनील शर्मा की नियुक्ति में काम आई गहलोत की पसंद, पायलट और डोटासरा की नहीं चली

राजस्थान कांग्रेस में जयपुर शहर अध्यक्ष को लेकर चल रही अंदरुनी उठा—पटक अब थम गई है। पार्टी ने इस पद पर सुनील शर्मा को नियुक्त किया है। इस चयन में पूर्व सीएम अशोक गहलोत भारी पड़े हैं।

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Mukesh Sharma
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News In Short

  • कांग्रेस ने जयपुर शहर की कमान सुनील शर्मा को सौंपी
  • सुनील शर्मा की नियुक्ति में अशोक गहलोत की चली
  • कांग्रेस ने राजस्थान में चार जिला अध्यक्षकों की थी घोषणा
  • सुनील शर्मा के नाम पर डोटासरा व पायलट नहीं थे राजी
  • 2024 के लोकसभा चुनाव में सुनील शर्मा टिकट काटा था

News In Detail

Jaipur: राजस्थान कांग्रेस में जयपुर शहर अध्यक्ष पद की रेस का अंत सुनील शर्मा के नाम के साथ हो गया। इस नियुक्ति में पूर्व सीएम अशोक गहलोत की पसंद चली है। कांग्रेस ने गुरुवार देर रात जिन चार जिला अध्यक्षों की घोषणा की है, उनमें सुनील शर्मा को जयपुर शहर की कमान दी गई है।  

डोटासरा चाहते थे पुष्पेंद्र की नियुक्ति

जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सुनील शर्मा पर दांव लगाया हुआ था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा इस पद पर पुष्पेंद्र भारद्वाज को नियुक्त करना चाहते थे। हालांकि, पार्टी महासचिव सचिन पायलट भी सुनील शर्मा के नाम पर राजी नहीं थे। अंतत: बाजी गहलोत ने ही मारी और सुनील शर्मा को जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनवाने में सफल रहे। 

कभी पायलट समर्थक थे सुनील

सुनील शर्मा कभी सचिन पायलट के समर्थक थे। पायलट 2018 में लाख कोशिश के बावजूद सुनील शर्मा को हवामहल विधानसभा क्षेत्र से टिकट नहीं दिलवा पाए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी वह टिकट नहीं दिलवा पाए तो सुनील शर्मा का पायलट से मोहभंग हो गया। 

बाद में सुनील ने गहलोत कैंप में घुसपैठ कर ली। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें जयपुर से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन, केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने सुनील शर्मा के दक्षिण पंथी संगठन के साथ उनकी कथित नजदीकियों को मुद्धा बना दिया। पायलट ने इस दौरान सुनील की कोई मदद नहीं की थी। विवाद के चलते सुनील शर्मा ने टिकट वापस कर दिया था।  

पायलट को धन्यवाद तक नहीं

अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा होने के बाद सुनील शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में पायलट को धन्यवाद तक नहीं दिया। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल,राजस्थान प्रभारी सुखजिंद सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का आभार प्रकट किया है। इससे जाहिर होता है कि सुनील शर्मा आज भी पायलट से खफा है।

इन्हें दी गई इन जिलों की जिम्मेदारी

कांग्रेस ने राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद बचे हुए चार जिलों में अध्यक्षों के नाम की घोषणा की। इसमें जयपुर शहर से सुनील शर्मा, झालावाड़ से बंशीधर गुर्जर, ​बांसवाड़ा से हंसराज मीणा और ​प्रतापगढ़ से दिग्विजय सिंह राजावत को जिम्मेदारी दी गई। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम सुनील शर्मा का रहा है। 

​अब 49 संगठन जिलों में नियुक्ति

​प्रदेश में कुल 50 संगठनात्मक जिलों में से 45 की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी। विवादों और आंतरिक खींचतान के कारण इन चार जिलों के नामों पर पेंच फंसा हुआ था। कांग्रेस ने अब निकाय चुनावों और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारी लगभग पूरी कर ली है। हालांकि, अभी राजसमंद के जिला अध्यक्ष की घोषणा अटकी हुई है।

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कांग्रेस गोविंद सिंह डोटासरा अशोक गहलोत अध्यक्ष सुनील शर्मा
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