शिक्षा के लिहाज से पिछड़े अलवर के मेवात में जगाई अलख, अब मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
Amit Baijnath Garg | Aug 26, 2025, 17:07 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के टपूकड़ा की प्रिंसिपल नीलम यादव को 5 सितंबर को दिल्ली में मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार। राजस्थान से एकमात्र चयन। बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए किया जा रहा सम्मानित।
राजस्थान के अलवर जिले के शिक्षा के क्षेत्र में सबसे पिछड़े और चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले इलाके मेवात की शिक्षिका नीलम यादव को राजस्थान से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। प्रदेश से एकमात्र यादव का चयन हुआ है। जहां बच्चियों को पढ़ाने से परहेज किया जाता था, वहां इस शिक्षिका ने अभिभावकों को प्रेरित कर उन लड़कियों को शिक्षा से जोड़ा है। परिणाम यह रहा कि आज इस स्कूल का नामांकन 1300 से ज्यादा है।
राजस्थान में स्कूलों से ही बन सकेंगे वोटर, 17 वर्ष के विद्यार्थियों का होगा अग्रिम पंजीयन, 18 का होते ही मिलेगा वोटर आईडी
अध्यापिकाओं की कमी के बावजूद भी इस स्कूल के परिणाम बेहतर ही नहीं, गुणवत्तापूर्ण रहे। मेवात क्षेत्र में यह पुरस्कार मील का पत्थर साबित होगा और शिक्षा से वंचित कर दी जाने वाली छात्राओं के लिए प्रेरणा का काम करेगा। यही नहीं, स्कूल परिसर का भी पूरी तरह कायाकल्प किया गया है, जिससे यह स्कूल शानदार लगे। इसके लिए सभी इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाए गए।
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में युक्तियुक्तकरण के बावजूद शिक्षकों की कमी
खैरथल-तिजारा जिले के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय टपूकड़ा की प्रिंसिपल नीलम यादव को इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। नीलम को यह पुरस्कार पांच सितंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। नीलम इस स्कूल में वर्तमान में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं। नीलम ने वर्ष 1993 में शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। इसके बाद वर्ष 2004 से 2015 तक व्याख्याता के पद पर कार्य किया और वर्ष 2015 से विद्यालय की प्रधानाचार्य के रूप में दायित्व संभाल रही हैं।
आत्मानंद स्कूल में धार्मिक विवाद, प्रिंसिपल ने छात्रों की चोटी, तिलक और कलावा काटकर आने कहा
नीलम ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी होने की वजह से वे खुद बच्चों को पढ़ाती हैं। सीएसआर फंड के जरिए स्कूल में डिजिटल लैब और स्मार्ट क्लास की स्थापना की। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से इस विद्यालय की छात्राओं ने न केवल लगातार असाधारण परिणाम हासिल किए हैं, बल्कि विभिन्न सह-शैक्षिक गतिविधियों में विशेष पहचान बनाई है।
Rajasthan Weather Update : आज 3 जिलों में ऑरेंज और 13 जिलों में येलो अलर्ट, 19 जिलों में स्कूल बंद
उन्होंने बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी के बावजूद सीएसआर फंड से वैकल्पिक शिक्षक लगाए गए, जिसका परिणाम यह रहा कि स्कूल में लगातार छात्राओं का नामांकन बढ़ता गया। बच्चियों को उनकी रुचि के तहत भी शिक्षा दी गई। उनको प्रशिक्षित किया गया। चाहे वह चित्रकला के क्षेत्र में हों, संगीत के क्षेत्र में हों या फिर खेल गतिविधियां हों। स्कूल में होने वाली सभी गतिविधियों से इनको जोड़ा गया और शिक्षा का महत्व बताते हुए आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी गई।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
राजस्थान में स्कूलों से ही बन सकेंगे वोटर, 17 वर्ष के विद्यार्थियों का होगा अग्रिम पंजीयन, 18 का होते ही मिलेगा वोटर आईडी
परिणाम बेहतर और गुणवत्तापूर्ण रहे
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में युक्तियुक्तकरण के बावजूद शिक्षकों की कमी
इस तरह रहा नीलम का सफर
4 सालों में 622 से 1300 हुआ नामांकन नीलम ने बताया कि 4 सालों में नामांकन 622 से लेकर 1300 तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि समाज ने मुझे पूरा सहयोग किया, जहां होंडा की ओर से सीएसआर फंड दिया गया। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ। वहीं विद्यालय विकास समिति ने भी पूरा सहयोग किया। जहां शिक्षा के क्षेत्र में बच्चियों को स्कूल नहीं भेजा जाता था, वहां अभिभावकों में एक विश्वास पैदा किया गया।
शिक्षकों की कमी भी नहीं आई आड़े
Rajasthan Weather Update : आज 3 जिलों में ऑरेंज और 13 जिलों में येलो अलर्ट, 19 जिलों में स्कूल बंद
वैकल्पिक शिक्षक लगाए गए
FAQ
- Q1: नीलम यादव को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार क्यों मिला?
नीलम यादव को बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने मेवात में लड़कियों को शिक्षा से जोड़ा और स्कूल का नामांकन बढ़ाया। - Q2: नीलम यादव का शैक्षिक सफर कैसे शुरू हुआ?
नीलम यादव ने 1993 में शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापक के रूप में कार्य शुरू किया। इसके बाद 2004 से 2015 तक व्याख्याता रहीं और फिर 2015 से टपूकड़ा स्कूल की प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत हैं। - Q3: नीलम यादव ने स्कूल में कौन सी नई पहलें कीं?
नीलम यादव ने स्कूल में डिजिटल लैब, स्मार्ट क्लास, और वैकल्पिक शिक्षकों की नियुक्ति की। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल, संगीत और चित्रकला जैसी सह-शैक्षिक गतिविधियों में भी संलग्न किया।
- thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA