मावा व्यापारी को रेड की धमकी देकर वसूली कर रहे थे कांस्टेबल, ACB ने ऐसे बिछाया जाल
Jageshwar Prasad | Oct 23, 2026, 17:32 IST
खैरथल-तिजारा में ACB का ट्रैप: दो कांस्टेबल 2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
राजस्थान के खैरथल-तिजारा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला स्पेशल टीम में तैनात दो कांस्टेबलों को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए पुलिसकर्मियों की पहचान कांस्टेबल बृजेश और कांस्टेबल ईश्वर सिंह के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से जिले की डीएसटी टीम में कार्यरत थे।
आरोप है कि दोनों कांस्टेबल क्षेत्र के मावा व्यापारियों को डरा-धमकाकर उनसे भारी रकम वसूल रहे थे। वे व्यापारियों को फैक्ट्री पर छापेमारी कर सीज करने की धमकी दे रहे थे। मावा व्यापारी की शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन कराया और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता और अपर महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशों पर तथा एसीबी एसपी पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में यह पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
कैसे चल रहा था
जानकारी के अनुसार, खैरथल-तिजारा जिले में मावा कारोबार से जुड़े व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा था। डीएसटी में तैनात बृजेश और ईश्वर सिंह ने एक स्थानीय मावा व्यापारी को लगातार परेशान करना शुरू कर दिया।
कांस्टेबल व्यापारी पर दबाव बना रहे थे कि वह बिना किसी अड़चन के अपनी फैक्ट्री चलाना चाहता है तो उसे 2 लाख रुपये की रिश्वत देनी होगी। ऐसा न करने पर उसकी फैक्ट्री पर रेड मारकर उसे सीज करवाने की धमकी दी गई।
व्यापारी ने
लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर मावा व्यापारी ने ACB (Anti Corruption Bureau) की शरण ली। उसने अधिकारियों को अपनी आपबीती बताई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी डीएसपी (DSP – Deputy Superintendent of Police) शब्बीर खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
एसीबी टीम ने गोपनीय तरीके से रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया। इसमें कांस्टेबलों द्वारा 2 लाख रुपए मांगे जाने की पुष्टि हो गई। सत्यापन सफल होने के बाद एसपी पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में ट्रैप की रणनीति तैयार की गई।
ACB ने
तय रणनीति के अनुसार, व्यापारी को केमिकल लगे नोटों के साथ आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही व्यापारी ने दोनों कांस्टेबलों को 2 लाख रुपए की रिश्वत सौंपी, वैसे ही एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश दे दी।
एसीबी की टीम ने दोनों कांस्टेबलों को रिश्वत के 2 लाख रुपए के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों के हाथ पानी से धुलवाए गए। पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण मिल गया।
एसीबी के महानिदेशक (DG – Director General) गोविंद गुप्ता और अपर महानिदेशक (ADG – Additional Director General) स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशों पर यह कार्रवाई हुई। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मच गया है।
पुलिस महकमे के भीतर ही जारी इस तरह की अवैध वसूली और व्यापारियों को डराने-धमकाने के मामले से खाकी वर्दी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि दोनों गिरफ्तार कांस्टेबलों के आवासीय ठिकानों और अन्य संपत्तियों की भी गहनता से तलाश की जा रही है।
एसीबी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस अवैध वसूली के खेल में डीएसटी या स्थानीय थाने के कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल थे या नहीं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले भर के व्यवसायियों में राहत का माहौल है। वहीं, भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों में डर देखा जा रहा है।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता और अपर महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशों पर तथा एसीबी एसपी पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में यह पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
कैसे चल रहा था वसूली का खेल ?
कांस्टेबल व्यापारी पर दबाव बना रहे थे कि वह बिना किसी अड़चन के अपनी फैक्ट्री चलाना चाहता है तो उसे 2 लाख रुपये की रिश्वत देनी होगी। ऐसा न करने पर उसकी फैक्ट्री पर रेड मारकर उसे सीज करवाने की धमकी दी गई।
व्यापारी ने ACB से की शिकायत
एसीबी टीम ने गोपनीय तरीके से रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया। इसमें कांस्टेबलों द्वारा 2 लाख रुपए मांगे जाने की पुष्टि हो गई। सत्यापन सफल होने के बाद एसपी पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में ट्रैप की रणनीति तैयार की गई।
ACB ने रंगे हाथ दबोचा
एसीबी की टीम ने दोनों कांस्टेबलों को रिश्वत के 2 लाख रुपए के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों के हाथ पानी से धुलवाए गए। पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण मिल गया।
आवासीय ठिकानों की भी तलाश
पुलिस महकमे के भीतर ही जारी इस तरह की अवैध वसूली और व्यापारियों को डराने-धमकाने के मामले से खाकी वर्दी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि दोनों गिरफ्तार कांस्टेबलों के आवासीय ठिकानों और अन्य संपत्तियों की भी गहनता से तलाश की जा रही है।
और भी लोगों के शामिल होने की हो रही जांच
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