उदयपुर में बड़ा एक्शन, अरावली पहाड़ियों पर बनाए होटल और विला किए सीज

राजस्थान में उदयपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और पहाड़ी कटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की हैं। इसमें कई होटल और विला सीज किए गए। यह कार्रवाई राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और सरेखुर्द में की गई।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  • उदयपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और पहाड़ी कटिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
  • 'मालदीव्स विला' और 'वेलेसा होटल' को बिना स्वीकृति के व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा था, जिन्हें सीज किया गया।
  • अरावली पर्वत में अवैध सड़कों और विद्युत पोलों को ध्वस्त कर दिया गया।
  • इस्कॉन संस्था को बहुमंजिला निर्माण के लिए नोटिस जारी किया गया।
  • आम जनता को अवैध प्लानिंग में निवेश से बचने की चेतावनी दी गई है।

News In detail 

राजस्थान में उदयपुर विकास प्राधिकरण ने जिला कलेक्टर नमित मेहता और प्राधिकरण आयुक्त राहुल जैन के निर्देशानुसार अवैध निर्माण और पहाड़ी कटिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उदयपुर के राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और सरेखुर्द में की गई हैं। यहां पर होटल और विला का निर्माण किया जा रहा था। इन  पहाड़ियों को काटकर रास्ते भी बनाए जा रहे थे।

होटल और विला की किया सील 

राजस्व ग्राम मोहनपुरा में बिना सक्षम स्वीकृति के 17 विला बनाकर उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इन विला को 'मालदीव्स विला' और 'वेलेसा होटल' के रूप में संचालित किया जा रहा था। मालिकों ने इन विला की भूमि का रूपांतरण केवल आवासीय प्रयोजन के लिए करवाया था। लेकिन यहां होटल और रिसॉर्ट का संचालन हो रहा था। प्राधिकरण ने इन सभी को नियम विरुद्ध मानते हुए सीज कर दिया है।

पहाड़ी को काट बनाये रास्ते 

प्राधिकरण को यह भी जानकारी मिली कि अरावली पर्वत श्रृंखला में तीव्र ढलान पर बिना तकनीकी अनुमोदन के पहाड़ियों को काटकर रास्ते बनाए गए हैं। जिससे जान-माल की हानि का खतरा उत्पन्न हो रहा था। सरेखुर्द में भी बिना किसी प्लान स्वीकृति के पहाड़ी काटकर सड़कों और विद्युत पोलों की स्थापना की गई थी, जिसे प्राधिकरण ने तुरंत हटा दिया और पूरी प्लानिंग को ध्वस्त कर दिया। तहसीलदार अभिनव शर्मा के नेतृत्व में अरावली के संरक्षण हेतु अवैध सड़कों को हटाने की रणनीति बनाई गई है।

इस्कॉन संस्था को नोटिस

ग्राम मोहनपुरा में इस्कॉन संस्था द्वारा एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जा रहा था। जिसका रूपांतरण आवासीय श्रेणी में था। यहां होटलनुमा ढांचा खड़ा किया जा रहा था। प्राधिकरण ने संस्था को नोटिस जारी कर निर्माण स्वीकृति प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं और यह स्पष्ट किया है कि यदि वहां मंदिर निर्माण प्रस्तावित है, तो उसकी सूचना प्रशासन को दी जाए।

आम जनता से अपील

आयुक्त राहुल जैन ने आम जनता को अपील कि हैं  वे इस प्रकार की अवैध प्लानिंग में निवेश न करें। उन्होंने बताया कि कुछ लोग एसडीएम या तहसीलदार द्वारा जारी एकल पट्टों को बिना उप-विभाजन के बेच देते हैं। जिससे भविष्य में निर्माण स्वीकृति नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि मॉडल विनिमय-2024 के खिलाफ पहाड़ों पर की जा रही प्लानिंग के पट्टे और रूपांतरण आदेश निरस्त करने के लिए जिला कलक्टर को पत्र लिखा जाएगा।

कार्रवाई में शामिल टीम

इस कार्रवाई में तहसीलदार अभिनव शर्मा, रणजीसिंह विठू, भू-अभिलेख निरीक्षक राजेन्द्र सेन, बाबूलाल तेली, सूरपालसिंह सोलंकी, बाबूलाल तावड, पटवारी दीपक जोशी, हितेन्द्रसिंह तवंर और होमगार्ड जाब्ता मौजूद थे। 

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