उदयपुर ज्वैलरी शोरूम चोरी: सरगना समेत 3 गिरफ्तार, खेत में छिपाया था 60 लाख का माल

Saurabh Mishra | Sept 09, 2026, 18:10 IST
Share
उदयपुर ज्वैलरी शोरूम चोरी
उदयपुर ज्वैलरी शोरूम चोरी

उदयपुर के नवीन ज्वैलर्स में 1 करोड़ की चोरी का खुलासा हुआ। पुलिस ने चंबल के बीहड़ों से गैंग सरगना समेत 3 आरोपियों को पकड़ा और 60 लाख का माल बरामद किया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उदयपुर में ज्वैलरी शोरूम में हुई चोरी कापुलिस ने कियापर्दाफाश।
  • पुलिस ने चंबल केबीहड़ों से पकड़ाचोरी करने वाले गैंग कासरगना।
  • 200 CCTVफुटेज खंगालकर पुलिसगैंग तक पहुंची।
  • मोबाइल तक इस्तेमालनहीं करती थीशातिर गैंग।
  • खेतोंमें गड्ढा खोदकरछिपाया था 60 लाख कामाल।
उदयपुर के पंचवटी स्थित नवीन ज्वैलर्स के शोरूम में हुई करीब 1 करोड़ रुपए की चोरी का खुलासा हो गया। हाथीपोल थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजन गैंग के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों की निशानदेही पर करीब 60 लाख रुपए की ज्वैलरी बरामद हुई। इसमें सोना, चांदी और हीरे शामिल हैं।गैंग पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन और ऑनलाइन पेमेंट से दूर रहती थी। आरोपी ट्रेन और बस बदलकर सफर करते थे। किराया भी कैश में देते थे।

उदयपुर में ज्वैलरी शोरूम में चोरी करने वाले पकड़ाए

नवीन ज्वैलर्स शोरूम में चोरी की यह वारदात 29 जुलाई की रात हुई थी। चोरों ने शोरूम का साइड शटर उखाड़ा और कांच का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।वे करीब 22 लाख रुपए के हीरे, 390 ग्राम सोने के आभूषण, 12 किलो चांदी के आभूषण और बर्तन ले गए। शोरूम से 9.75 लाख रुपए कैश भी चोरी हुआ।30 जुलाई को शोरूम मालिक नवीन स्वरूपरिया ने हाथीपोल थाने में मामला दर्ज कराया।

मोबाइल इस्तेमाल नहीं करती थी गैंग

उदयपुर पुलिस के मुताबिक,वारदात को अंजाम देने वाली गैंग इतनी सतर्क थी कि आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल तक नहीं करते थे। एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के दौरान वे नकद किराया देकर लगातार ट्रेन और बसें बदलते थे, ताकि पुलिस के हाथ कोई डिजिटल साक्ष्य न लग सके। उदयपुर से लेकर कोटा, धौलपुर और आगरा तक करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस टीम गैंग के ठिकाने तक पहुंची।

कैसे पुलिस ने उदयपुर ज्वैलरी शोरूम में चोरी करने वालों को पकड़ा

जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर डॉ. अमृता दुहन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा और नगर पश्चिम वृताधिकारी राजेश यादव के सुपरविजन में हाथीपोल थानाधिकारी राजूदेवी राज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की थी।

पुलिस टीम ने उदयपुर शहर के सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें वारदात से पहले पांच संदिग्ध शोरूम की रेकी करते दिखाई दिए। इन संदिग्धों का रूट ट्रैक करने पर उनके उदयपुर रेलवे स्टेशन से चित्तौड़गढ़, कोटा और धौलपुर की ओर जाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोटा, बारां, ग्वालियर, धौलपुर से लेकर आगरा तक करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से एनालिसिस किया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि वारदात के पीछे आगरा के पिनाहट और शमशाबाद थाना क्षेत्र के चंबल बीहड़ों में सक्रिय अंतरराज्यीय नकबजन गैंग का हाथ है।

बारिश-दलदल के बीच चंबल के बीहड़ों में दबिश

उदयपुर ज्वैलरी शोरूम में चोरी करने वाली गैंग तक पहुंचने के बाद पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में अपना मुखबिर तंत्र मजबूत किया। आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर पुलिस टीम ने बीहड़ों में दबिश दी और घेराबंदी कर गैंग के मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर खेतों में गहरे गड्ढे खोदकर छिपाया गया करीब 60 लाख रुपए का चोरी का माल बरामद किया गया। बारिश के मौसम में खेतों में लंबी घास, दलदली रास्तों और दुर्गम इलाके के बावजूद पुलिस टीम चोरी का माल तलाशने में सफल रही।

मुख्य सरगना समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आनंद उर्फ कुकड़िया वर्मा (26), निवासी पुरा नत्था झोरिया, थाना पिनाहट, जिला आगरा, उत्तर प्रदेश को मुख्य सरगना बताया है। इसके अलावा धनपाल उर्फ धान्धु वर्मा (24), निवासी पुरा नत्था झोरिया तथा गुड्डू राठौड़ (27), निवासी नगला मुक्ता, थाना शमशाबाद, जिला आगरा को गिरफ्तार किया गया है।

इनमें धनपाल के खिलाफ पूर्व में तीन और आनंद के खिलाफ चोरी एवं नकबजनी के दो मामले दर्ज हैं।

दो महीने पहले मजदूर बनकर की थी रेकी

गैंग के दो सदस्य मनोज उर्फ डॉक्टर वर्मा और आनंद वर्मा वारदात से करीब दो महीने पहले मजदूरी करने के बहाने उदयपुर आए थे। इसी दौरान उन्होंने नवीन ज्वैलर्स शोरूम की रेकी की और वारदात के लिए आवश्यक जानकारी जुटाई।

इसके बाद गैंग के अन्य सदस्य योजनाबद्ध तरीके से उदयपुर पहुंचे। आरोपियों ने पैदल गुमानिया नाले में उतरकर शोरूम तक पहुंचने और वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।

गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पुलिस की सघन पूछताछ जारी है। पुलिस गैंग के अन्य फरार सदस्यों, जिनमें मनोज उर्फ डॉक्टर वर्मा भी शामिल है, की तलाश कर रही है। साथ ही चोरी के शेष माल की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

यह खबरें भी पढ़ें...

उदयपुर-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी, जानिए शेड्यूल और रूट

राजस्थान पुलिस ने कसा अपराधियों पर शिकंजा: 221 हिस्ट्रीशीटरों के ठिकानों पर दबिश

'राजस्थान पुलिस चाहे तो गिरफ्तार कर ले, लेकिन...' आशुतोष रांका अब क्यों भड़के?

टंकी और टावर पर चढ़ने वालों की खैर नहीं, राजस्थान पुलिस का सख्त एक्शन प्लान

Tags:
  • राजस्थान
  • उदयपुर
  • राजस्थान पुलिस
  • उदयपुर पुलिस
राजभवन से 300 मीटर दूर भाजपा विधायक के घर चोरी, डेढ़ लाख रुपए और ज्वेलरी ले गया बदमाश

By Jageshwar Prasad

राजभवन से 300 मीटर दूर भाजपा विधायक के घर चोरी, डेढ़ लाख रुपए और ज्वेलरी ले गया बदमाश
मैं 20 साल से कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के साथ रिश्ते में हूं, महिला ने वीडियो जारी कर किया दावा, बोली- अब उनके घर जाऊंगी

By Aman Vaishnav

मैं 20 साल से कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के साथ रिश्ते में हूं, महिला ने वीडियो जारी कर किया दावा, बोली- अब उनके घर जाऊंगी
भोपाल-इंदौर मेट्रो में 30 सेकंड में मिलेगा टिकट, नहीं लगानी होगी लंबी लाइन, 30 अक्टूबर से शुरु होगी नई सुविधा

By Manya Jain

भोपाल-इंदौर मेट्रो में 30 सेकंड में मिलेगा टिकट, नहीं लगानी होगी लंबी लाइन, 30 अक्टूबर से शुरु होगी नई सुविधा
डॉक्टरों की कुर्सी पर गैर-चिकित्सकीय अफसरों की तैनाती पर हाईकोर्ट में घमासान, शासन ने माना- सेटअप में पद ही नहीं

By VINAY VERMA

डॉक्टरों की कुर्सी पर गैर-चिकित्सकीय अफसरों की तैनाती पर हाईकोर्ट में घमासान, शासन ने माना- सेटअप में पद ही नहीं
झारखंड से गिरफ्तार पूर्व भाजपा नेता संदीप अग्रवाल ने ऐसे लगाया 300 करोड़ का चूना, दो भाई पहले ही जा चुके हैं जेल

By Harrison Masih

झारखंड से गिरफ्तार पूर्व भाजपा नेता संदीप अग्रवाल ने ऐसे लगाया 300 करोड़ का चूना, दो भाई पहले ही जा चुके हैं जेल
मध्यप्रदेश जल निगम में 183 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी का खेल, बैंक ने चेताया फिर भी फर्म को मिले 500 करोड़ के काम

By Aman Vaishnav

मध्यप्रदेश जल निगम में 183 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी का खेल, बैंक ने चेताया फिर भी फर्म को मिले 500 करोड़ के काम
सुशासन में लगा घूसखोरी का कीड़ा, काम के बदले घूस मांगने में राजस्व, स्कूल शिक्षा और गृह मंत्रालय आगे

By Arun Tiwari

सुशासन में लगा घूसखोरी का कीड़ा, काम के बदले घूस मांगने में राजस्व, स्कूल शिक्षा और गृह मंत्रालय आगे