वसुंधरा ने कहा, अधिकारी एक घंटी में उठाएं फोन , वरना परिणाम भुगतने को तैयार रहें
Mukesh Sharma | Jan 03, 2026, 20:49 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने यह कहकर चौंका दिया कि अधिकारी कार्यकर्ताओं के फोन तुरंत उठाएं, वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। उनका यह बयान भाजपा और उनकी सरकार के लिए एक तरह की चेतावनी माना जा रहा है।
जयपुर। राजस्थान की पूर्व सीएम वसुधंरा राजे ने शनिवार को कहा कि कार्यकर्ता ही हमारे एंबेसेडर हैं। उनके जरिए ही आमजन के काम होने चाहिएं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अधिकारी एक घंटी में उठाएं फोन, वरना परिणाम भुगतने को तैयार रहे। वे जयपुर में भाजपा की प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला में बोल रही थीं।
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वसुंधरा राजे का यह वक्तव्य सिर्फ राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि संगठन, प्रशासन तथा सत्ता में संतुलन बनाने के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। उनके भाषण से सरकार और पार्टी नेतृत्व से कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं की झलक मिलती है। भाषण से सरकार व प्रशासन में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होने का स्पष्ट संदेश भी है। इसलिए ही उनके भाषण के केंद्र में कार्यकर्ता रहा।
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पूर्व सीएम राजे ने भाजपा को कार्यकर्ता आधारित पार्टी बताते हुए कहा कि बूथ अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष तक संगठन की रीढ़ हैं। वह दो बार राजस्थान की सीएम रही हैं। ऐसे में उनका कार्यकर्ताओं के दस्तखतों से आमजन के काम होने का बयान देना महत्वपूर्ण है। उनके इस बयान से प्रत्यक्ष रुप से यही संदेश गया है कि पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की प्रशासन में कोई सुनवाई नहीं है।
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राजे के भाषण से यह भी साफ है कि भाजपा में कार्यकर्ता की उपेक्षा को राजनीतिक नुकसार की दृष्टि से देखा जा रहा है। क्योंकि, भाजपा एक कैडर आधारित पार्टी है। यदि पार्टी कैडर ही सुस्त हो गया तो राजनीतिक नुकसान होना तय है। इसलिए उनका साफ संदेश है कि सत्ता में आने के बाद संगठन को पूरा महत्व देना आवश्यक है।
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वसुंधरा ने कहा, अधिकारी एक घंटी में उठाएं फोन। उनके वक्तव्य को संगठन को यह याद दिलाने की कोशिश मानी जा रही है कि सत्ता तो आनी-जानी है। कार्यकर्ता हमेशा पार्टी के साथ रहते है। इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रशासन पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी ना करे। राजे के इस वक्तव्य के बाद यह भी माना जा रहा है कि सरकार में अब कार्यकर्ताओं की पूछ बढ़ेगी।
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प्रशासन में सुनवाई नहीं होने का संदेश
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कार्यकर्ता संगठन की रीढ़
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कार्यकर्ताओं का तो मनोबल बढ़ेगा राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पूर्व सीएम के कार्यकर्ताओं का एक घंटी में फोन उठाने अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहने जैसे बयान से नौकरशाही में क्या और कैसी प्रतिक्रिया होगी, इसे समझना मुश्किल ज्यादा नहीं है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में राजे की प्रशासनिक दक्षता का लोहा सब मानते और जानते हैं। इसलिए यह भी नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने दबाव बनाने के लिए ऐसा बयान दिया है। लेकिन, यह तय है कि राजे के रुख से सरकार जरुर अपने रुख में बदलाव लाएगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ेगा।
कार्यकर्ता की उपेक्षा से राजनीतिक नुकसान
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अधिकारी एक घंटी में उठाएं फोन
मुख्य बिंदू :
- पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि कार्यकर्ता हमारे एंबेसेडर होते हैं और उनके जरिए ही आम जनता के काम होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी से पार्टी को राजनीतिक नुकसान हो सकता है।
- वसुंधरा राजे ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर वे कार्यकर्ताओं का फोन एक घंटी में नहीं उठाते तो उन्हें परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
- वसुंधरा ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए और प्रशासन को उनकी उपेक्षा से बचना चाहिए। उनका उद्देश्य कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना था।
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