/sootr/media/media_files/2026/02/19/vikram-bhat-2026-02-19-14-02-05.jpg)
Photograph: (the sootr)
News In Short
- सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट को जमानत दे दी है
- उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 13 फरवरी को जमानत मिल गई थी ।
- राजस्थान पुलिस ने विक्रम को दिसंबर में मुंबई से गिरफ्तार किया था।
- कोर्ट ने दोनों को मध्यस्थता के जरिए विवाद हल करने का निर्देश दिया।
- इंदिरा आईवीएफ के संस्थापक ने 44 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
News In Detail
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट को धोखाधड़ी के मामले में जमानत दे दी। इससे पहले उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को भी शीर्ष कोर्ट से जमानत मिल गई्र थी। इन दोनों पर राजस्थान में इंदिरा आईवीएफ (Indira IVF) के संस्थापक अजय मुर्डिया के लिए बायोपिक फिल्म बनाने के नाम पर 44 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा था।
राजस्थान पुलिस ने दिसंबर में इन्हें मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। श्वेतांबरी भट्ट को पहले ही 13 फरवरी 2026 को अंतरिम जमानत मिल चुकी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम भट्ट की जमानत पर सुनवाई के बाद उन्हें नियमित जमानत दे दी है।
कैसे मिली जमानत
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने विक्रम भट्ट को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों ही पक्षों को मिडिएशन सेल (मध्यस्थता केंद्र) में जाने की सलाह भी दी है। कोर्ट ने कहा है कि दोनों पक्षों को मध्यस्थता केंद्र में इस मामले को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।
ऐसे समझे पूरे मामले को
उदयपुर के प्रसिद्ध इंदिरा आईवीएफ के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट पर 44 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि भट्ट दंपति ने उन्हें 4 फिल्में बनाने के लिए निवेश करने के लिए राजी किया और भारी मुनाफे का वादा किया। इसके बाद करीब 30 करोड़ रुपये लिए गए, लेकिन फिल्म का निर्माण नहीं हुआ। मुर्डिया ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ जालसाजी, धन के दुरुपयोग और अन्य अपराधों का आरोप भी लगाया है।
मध्यस्थता का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच विवाद को मध्यस्थ के जरिए हल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना को तलाशने का समय मिलना चाहिए, क्योंकि दोनों ही इस मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान चाहते हैं।
मामले को ट्रांसफर करने की नाकाम कोशिश
विक्रम भट्ट के वकील कमलेश दवे ने कोर्ट से अपील की मामले को मुंबई में ट्रांसफर कर दिया जाए। क्योकि यह मामल कमर्शियल डिस्प्यूट (व्यापारिक विवाद) है। इस पर कोर्ट ने साफ कर दिया कि इस मामले को मुंबई कोर्ट ट्रांसफर करने के लिए बेवजह मजबूर न किया जाए।
भट्ट के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि इस फिल्म और प्रोजेक्ट से जुड़े ज्यादातर वेंडर और लोग मुंबई के ही रहने वाले हैं। ऐसे में मामले की कानूनी बारीकियों को समझते हुए कोर्ट ने जमानत की अर्जी स्वीकार कर ली।
ये भी पढे़:-
कान्हा ग्रुप पर आयकर छापेमारी जारी, 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति मिलने की संभावना
Weather Update : एमपी और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश, सीजी में ऐसा रहेगा मौसम
गोलमा का छलका दर्द: ईश्वर ने कोख खाली रखी, पर राजस्थान के लाडलों ने कभी कमी महसूस नहीं होने दी
राजस्थान सरकारी विभाग में भर्ती, 20 फरवरी तक करें ऑनलाइन आवेदन
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us