165 करोड़ के यस बैंक घोटाले की जांच करेगी CBI, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
Harrison Masih | Mar 19, 2026, 19:54 IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहुचर्चित यस बैंक 165 करोड़ घोटाले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया पर असंतोष जताया और कहा कि तथ्यों को छुपाने और लीपापोती की आशंका है।
Raipur. छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय ने करीब 165 करोड़ रूपए के यस बैंक घोटाले की जांच अब CBI से कराने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि राज्य सरकार की जांच में तथ्यों को छुपाने और मामले को हल्का दिखाने की संभावना है। साथ ही, यस बैंक ने जांच में पूरी मदद नहीं की, जिस पर कोर्ट ने आपत्ति जताई।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली दो जजों की पीठ ने 11 मार्च को सुनवाई के बाद 56 पन्नों का आदेश जारी किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले की निष्पक्ष और सही जांच केवल CBI कर सकती है।
आदेश में दुर्ग-भिलाई पुलिस से कहा गया है कि वे इस मामले (Yes Bank scam) से जुड़े सभी दस्तावेज, FIR और काउंटर FIR सहित सारी जानकारी CBI को दें। साथ ही CBI को नई FIR दर्ज कर जांच शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।
इस मामले में स्वाभिमान पार्टी का भी ज़िक्र हुआ। याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा ने अदालत में दस्तावेज और सबूत पेश किए। याचिकाकर्ता की पैरवी बीपी सिंह ने की, और सतीश कुमार त्रिपाठी पूरे मामले में मदद करते रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता बादशाह प्रसाद सिंह भी इस प्रकरण से जुड़े थे।
प्रभुनाथ मिश्रा ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया और कहा कि इससे छत्तीसगढ़ की राजनीति पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और कुछ लोग न्यायालय (CG High Court) को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। प्रभुनाथ मिश्रा ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह प्रकरण छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा प्रभाव डालेगा।
छत्तीसगढ़ हाई ने CBI को स्वतंत्र रूप से नई FIR दर्ज करने और जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 7 अप्रैल 2026 को होगी।विश्लेषकों का कहना है कि अब जांच की दिशा और दायरा दोनों बड़ा होने जा रहा है, इसलिए यह फैसला न केवल भिलाई बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल पैदा करेगा।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली दो जजों की पीठ ने 11 मार्च को सुनवाई के बाद 56 पन्नों का आदेश जारी किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले की निष्पक्ष और सही जांच केवल CBI कर सकती है।
पुलिस और CBI को निर्देश
याचिकाकर्ता और वकील
प्रभुनाथ मिश्रा का बयान
अगली सुनवाई और असर
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