सीएपीएफ विधेयक 2026 कल संसद में, आईपीएस-सीएपीएफ समन्वय से मजबूत होगी सुरक्षा
The Sootr | Mar 22, 2026, 19:58 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI. सीएपीएफ विधेयक 2026 संसद में कल पेश होगा। केंद्रीय बलों में एकीकृत नियंत्रण होगा। आईपीएस अधिकारी नेतृत्व में बदलाव से सुरक्षा तंत्र को नई दिशा मिलेगी।
News In Short
- सीएपीएफ विधेयक 2026 से सुरक्षा तंत्र में बदलाव।
- आईपीएस अधिकारियों का नेतृत्व बढ़ाएगा सुरक्षा मजबूती।
- केंद्रीय बलों में एक समान कानून से बढ़ेगी गति।
- सुरक्षा अभियानों में तेजी और प्रभावशीलता आएगी।
- सरकार को मिलेगा मजबूत नियंत्रण और पारदर्शिता।
News In Detail
सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे बल अब एक समान कानून के तहत संचालित होंगे। सरकार का साफ संकेत है-अब सुरक्षा तंत्र में बिखराव नहीं, बल्कि सख्त और एकीकृत नियंत्रण होगा। यह कानून इसलिए बनाया गया है ताकि आईपीएस और सीएपीएफ के समन्वय से देश की सुरक्षा और मजबूत हो सके.
अब एक कानून से चलेगा पूरा सिस्टम
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प्रस्ताव के मुताबिक आईपीएस की भूमिका...
- महानिरीक्षक स्तर पर 50 प्रतिशत पद
- अतिरिक्त महानिदेशक स्तर पर कम से कम 67 प्रतिशत पद
- विशेष महानिदेशक और महानिदेशक स्तर के सभी पद आईपीएस अधिकारियों से भरे जाएंगे। यह व्यवस्था बताती है कि अब नेतृत्व में वही अधिकारी होंगे, जिन्हें कानून-व्यवस्था, खुफिया समन्वय और संकट प्रबंधन का वास्तविक अनुभव है।
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क्या है CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल)?
इन बलों का प्रमुख कार्य देश में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इसके साथ ही, ये उग्रवाद विरोधी अभियानों और आतंकवाद-रोधी अभियानों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं। इन बलों की अनुशासनिक संरचना और कठोर प्रशिक्षण इन्हें भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बनाता है। इनकी भूमिका केवल आंतरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ये बाहरी खतरों से भी निपटने के लिए तैयार रहते हैं।
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