जीवाजी यूनिवर्सिटी पर फिर उठे सवाल: 4 अप्रैल का पेपर 1 अप्रैल को ही बांटा दिया, परीक्षा रद्द
Manya Jain | Apr 02, 2026, 15:16 IST
Jiwaji university exam controversy
जीवाजी यूनिवर्सिटी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुना में 4 अप्रैल को होने वाले पेपर को एक अप्रैल को ही बांट दिया गया। इस बड़ी चूक के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी है। इससे हजारों छात्र परेशान हैं।
NEWS IN SHORT
- जीवाजी यूनिवर्सिटी की बड़ी लापरवाही के कारण हजारों छात्रों के भविष्य और उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।
- गुना जिले के एक परीक्षा केंद्र पर 4 अप्रैल को होने वाला पेपर 1 अप्रैल को ही बांट दिया गया।
- इस गंभीर चूक के सामने आने के बाद पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
- पेपर लीक होने जैसी स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने इस परीक्षा को तुरंत रद्द कर दिया है।
- इस बड़ी गड़बड़ी के कारण अब हजारों छात्र अपनी अगली परीक्षा तिथि का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
NEWS IN DETAIL
दरअसल जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर के इस परीक्षा केंद्र पर जो पेपर 4 अप्रैल 2026 को आयोजित होना था, उसे परीक्षा केंद्र पर 1 अप्रैल को ही खोलकर छात्रों के बीच बांट दिया गया।
इस बड़ी गड़बड़ी (Exam Blunder) के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में परीक्षा को रद्द (Exam Cancelled) करने का फैसला लेना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
नियम के अनुसार, उस दिन जो पेपर होना था उसकी जगह गलती से ‘मेजर सब्जेक्ट-1, ग्रुप ए: फिजिक्स’ (Physics) का पेपर खोल दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि फिजिक्स की यह परीक्षा असल में 4 अप्रैल को निर्धारित थी। जैसे ही छात्रों के हाथों में प्रश्नपत्र पहुंचा, वे चौंक गए। छात्रों ने तुरंत शिक्षकों को इसकी जानकारी दी कि यह पेपर आज का नहीं है। देखते ही देखते परीक्षा केंद्र पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
20 हजार छात्रों पर पड़ा असर
- परीक्षा रद्द: विश्वविद्यालय ने आधिकारिक तौर पर 4 अप्रैल को होने वाली फिजिक्स की परीक्षा को रद्द कर दिया है।
- अब मई में होगा पेपर: विश्वविद्यालय के कुलसचिव (Registrar) राजीव मिश्रा ने जानकारी दी है कि रद्द किया गया पेपर अब मई 2026 में आयोजित किया जाएगा।
- तनाव में छात्र: अचानक परीक्षा रद्द होने और समय बढ़ने से छात्र मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं।
उच्च शिक्षा विभाग का एक्शन
मामले में हुई ये कार्रवाई
उच्च शिक्षा के अतिरिक्त संचालक प्रोफेसर कुमार रत्नम ने कॉलेज प्राचार्य से इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन (Report) मांगा है।
विश्वविद्यालय स्तर पर भी एक जांच कमेटी गठित की जा सकती है जो यह देखेगी कि पेपर की सील समय से पहले कैसे और क्यों खुली।
अब छात्र क्या करें
- विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल को नियमित रूप से चेक करें।
- सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों से बचें।
- मई में होने वाली परीक्षा के लिए अपनी तैयारी जारी रखें।
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