SBI कार्डधारकों को झटका: अब पेट्रोल-डीजल और टोल पेमेंट पर लग सकता है एक्सट्रा चार्ज, जानें कब से लागू होगा नियम
SBI कार्डधारकों को झटका: अब पेट्रोल-डीजल और टोल पेमेंट पर लग सकता है एक्सट्रा चार्ज, जानें कब से लागू होगा नियम

01 Nov 2026

By Manya Jain

1 दिसंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के चार्ज बदल सकते हैं। नए नियम में पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त फीस लग सकती है। फ्यूल खर्च 50 हजार रुपए से ज्यादा होने पर फीस लगेगी। पूरी रकम पर 1 प्रतिशत चार्ज लगने की बात है। यानी 60 हजार रुपए के पेट्रोल पर 600 रुपए अतिरिक्त लगेंगे। आम ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

1 दिसंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के चार्ज बदल सकते हैं। नए नियम में पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त फीस लग सकती है। फ्यूल खर्च 50 हजार रुपए से ज्यादा होने पर फीस लगेगी। पूरी रकम पर 1 प्रतिशत चार्ज लगने की बात है। यानी 60 हजार रुपए के पेट्रोल पर 600 रुपए अतिरिक्त लगेंगे। आम ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था सरकारी धन से मुकदमेबाजी करते हैं अधिकारी, निगम इसी के खिलाफ अपील में गया
इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था सरकारी धन से मुकदमेबाजी करते हैं अधिकारी, निगम इसी के खिलाफ अपील में गया

01 Nov 2026

By Sanjay Gupta

इंदौर हाईकोर्ट ने नगर निगम के एक विवादित आदेश को लेकर खासी आपत्ति ली थी। इस मामले में सिंगल बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि अधिकारी सार्वजनिक धन से मुकदमेबाजी करते हैं। साथ ही एक लाख की कॉस्ट लगाई थी। अब इसी बात को लेकर फिर निगम के अधिकारियों ने केस लगा दिया और अपील कर दी।

इंदौर हाईकोर्ट ने नगर निगम के एक विवादित आदेश को लेकर खासी आपत्ति ली थी। इस मामले में सिंगल बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि अधिकारी सार्वजनिक धन से मुकदमेबाजी करते हैं। साथ ही एक लाख की कॉस्ट लगाई थी। अब इसी बात को लेकर फिर निगम के अधिकारियों ने केस लगा दिया और अपील कर दी।

छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल, चीला-फरा से फास्ट फूड तक, विकास के साथ बदला छत्तीसगढ़िया जायका
छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल, चीला-फरा से फास्ट फूड तक, विकास के साथ बदला छत्तीसगढ़िया जायका

01 Nov 2026

By Arun Tiwari

कभी सुबह की शुरुआत बासी भात, चटनी और चाय से होती थी। चीला, फरा और ठेठरी-खुरमी रसोई की पहचान थे। अब उसी छत्तीसगढ़ में पिज्जा, बर्गर, मोमोज और फास्ट फूड भी जगह बना चुके हैं। छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल पर सवाल है कि क्या थाली बदल गई। यह भी देखना जरूरी है कि पारंपरिक स्वाद पीछे छूट रहे हैं या नए रूप में जगह बना रहे हैं।

कभी सुबह की शुरुआत बासी भात, चटनी और चाय से होती थी। चीला, फरा और ठेठरी-खुरमी रसोई की पहचान थे। अब उसी छत्तीसगढ़ में पिज्जा, बर्गर, मोमोज और फास्ट फूड भी जगह बना चुके हैं। छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल पर सवाल है कि क्या थाली बदल गई। यह भी देखना जरूरी है कि पारंपरिक स्वाद पीछे छूट रहे हैं या नए रूप में जगह बना रहे हैं।

मेटा ग्लासेस से नकल पर होगी सख्ती, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सरकार को भेजा लो पावर जैमर का प्रस्ताव
मेटा ग्लासेस से नकल पर होगी सख्ती, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सरकार को भेजा लो पावर जैमर का प्रस्ताव

01 Nov 2026

By Jageshwar Prasad

राज्य की भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) अब तकनीक के जरिए सुरक्षा का दायरा बढ़ाने जा रहा है। बोर्ड की प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा केंद्रों पर हर कक्ष में लो पावर जैमर लगाए जाएंगे। जैमर लगाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

राज्य की भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) अब तकनीक के जरिए सुरक्षा का दायरा बढ़ाने जा रहा है। बोर्ड की प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा केंद्रों पर हर कक्ष में लो पावर जैमर लगाए जाएंगे। जैमर लगाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों का प्रशासनिक पदों से मोहभंग, कई ने छोड़ी HOD की कुर्सी
SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों का प्रशासनिक पदों से मोहभंग, कई ने छोड़ी HOD की कुर्सी

01 Nov 2026

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर अनिच्छा बढ़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ समय में कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कारणों, कार्यकाल पूरा होने और अन्य वजहों का हवाला देकर विभागाध्यक्ष यानी HOD का पद छोड़ने की इच्छा जताई है। कुछ डॉक्टरों ने तो अस्पताल की सेवा से ही दूरी बना ली है। नेफ्रोलॉजी विभाग में भी पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विनय मल्होत्रा के पद पर बने रहने से इनकार करने के बाद डॉ. संजीव शर्मा को नया HOD बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दबाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर अनिच्छा बढ़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ समय में कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कारणों, कार्यकाल पूरा होने और अन्य वजहों का हवाला देकर विभागाध्यक्ष यानी HOD का पद छोड़ने की इच्छा जताई है। कुछ डॉक्टरों ने तो अस्पताल की सेवा से ही दूरी बना ली है। नेफ्रोलॉजी विभाग में भी पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विनय मल्होत्रा के पद पर बने रहने से इनकार करने के बाद डॉ. संजीव शर्मा को नया HOD बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दबाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है।