/sootr/media/media_files/2025/12/31/ias-anisha-shrivastav-2025-12-31-10-11-22.jpg)
मध्य प्रदेश प्रशासन की युवा और ऊर्जावान आईएएस अधिकारियों में शामिल अनीशा श्रीवास्तव ने कम समय में अपनी कार्यकुशलता और जिम्मेदारीपूर्ण प्रशासन से पहचान बनाई है। ज़मीनी प्रशासन से लेकर औद्योगिक विकास जैसे अहम क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने यह साबित किया है कि नई पीढ़ी के अधिकारी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता रखते हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
2021 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी आईएएस अनीशा श्रीवास्तव मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाली हैं। हैदराबाद के आरके पुरम इलाके में उनका परिवार सामाजिक रूप से जाना-पहचाना रहा है। कम उम्र में ही सिविल सेवा में चयन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ यूपीएससी अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देने के लिए अनीशा खास पहचान बना चुकी हैं।
पढ़ाई में हमेशा से थीं अव्वल
अनीशा श्रीवास्तव शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही हैं। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बी.कॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक प्रोफेशनल जॉब भी की, जहाँ उनका वेतन काफी आकर्षक था।
हालाँकि, उनके मन में हमेशा से आईएएस बनने का सपना था। इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने 2018 में नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं।
/sootr/media/post_attachments/hindi/sites/default/files/2025/10/07/4179139-ias-anisha-and-ias-t-prateek-10-696706.png?im=FitAndFill=(1200,900))
ये भी पढ़ें:
दूसरे प्रयास में बड़ी सफलता
अनीशा ने 2019 में यूपीएससी का पहला प्रयास दिया, लेकिन उस समय वे खुद को पूरी तरह तैयार नहीं मानती थीं और असफल रहीं। इस असफलता से उन्होंने खुद को कमजोर नहीं समझा, बल्कि इसे सीखने का मौका माना। पहले प्रयास से मिली समझ और अनुभव के आधार पर उन्होंने अपनी रणनीति बदली।
2020 में दूसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी सीएसई पास कर ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल की, जो उनकी मेहनत, आत्मविश्लेषण और अनुशासन का नतीजा था।
ये भी पढ़ें:
IAS अदिति गर्ग : विदेशी चमक-धमक छोड़कर चुनी देश सेवा की राह
विवाह के बाद हुआ कैडर परिवर्तन
प्रशिक्षण के बाद अनीशा को पहले AGMUT कैडर आवंटित किया गया था। बाद में विवाह के आधार पर उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला। आईएएस अनीशा श्रीवास्तव की शादी एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी टी. प्रतीक राव से हुई है। टी. प्रतीक राव वर्तमान में ग्वालियर नगर निगम के अपर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले देवास व नर्मदापुरम (इटारसी) में एसडीएम रह चुके हैं।
ये भी पढ़ें:
IIT में असफल हुए, UPSC में चमके: जानें देवास कलेक्टर आईएएस ऋतुराज सिंह की सफलता का सफर
यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए अनीशा की सलाह
अनीशा श्रीवास्तव जब भी यूपीएससी अभ्यर्थियों से मिलती हैं, तो अपने अनुभव खुलकर साझा करती हैं। उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाएँ धैर्य और निरंतरता की परीक्षा होती हैं। पहली, दूसरी बार में कम नंबर आने पर निराश नहीं होना चाहिए।
अपनी कमजोरियों को पहचानकर रणनीति सुधारनी चाहिए। उत्तर लेखन में विश्लेषण, तथ्य, आंकड़े और समसामयिक घटनाओं का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि यूपीएससी सिर्फ रटने की परीक्षा नहीं, बल्कि सोच और समझ की परीक्षा है।
/sootr/media/post_attachments/indiatoday/images/story/202109/WhatsApp_Image_2021-09-26_at_7_1200x768-358851.jpeg?size=690:388)
अपने समय का सही उपयोग करें
आईएएस अनीशा श्रीवास्तव पढ़ाई के दौरान समय प्रबंधन को सबसे अहम मानती हैं। उनका कहना है कि सीमित समय और व्यापक पाठ्यक्रम को देखते हुए किसी एक विषय पर जरूरत से ज़्यादा समय नहीं देना चाहिए।
वे सलाह देती हैं कि जिन विषयों पर पहले से अच्छी पकड़ है, उनके लिए कोचिंग में समय गंवाने की आवश्यकता नहीं होती। वहीं, जिन विषयों में स्पष्टता न हो, वहाँ कोचिंग मार्गदर्शन और सही दिशा देने में बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
ये भी पढ़ें:
IAS अदिति गर्ग : विदेशी चमक-धमक छोड़कर चुनी देश सेवा की राह
तैयारी की रणनीति
सिलेबस पूरा होते ही संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन विश्लेषण
टाइम मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
दूसरों के नोट्स की बजाय अपनी समझ विकसित कर नोट्स बनाएं
पति भी हैं आईएएस अधिकारी
आईएएस अनीशा श्रीवास्तव की शादी मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी टी प्रतीक राव से हुई है। आईएएस टी प्रतीक राव वर्तमान में ग्वालियर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं।
करियर एक नजर
नाम: आईएएस अनिशा श्रीवास्तव
जन्मस्थान: हैदराबाद
एजुकेशन: बी.कॉम (ऑनर्स)
बैच: 2021
केडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
आईएएस अनीशा श्रीवास्तव वर्मान में ग्वालियर में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) का कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में एसडीओ (अनुविभागीय अधिकारी) के पद पर पदस्थ थीं।
आईएएस अनीशा श्रीवास्तव की सफलता यह बताती है कि सही दिशा में किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।
FAQ
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us