पहले प्रयास में प्रीलिम्स फेल, दूसरे में सीधे 16वीं रैंक हासिल कर बने आईएएस अर्थ जैन
Abhilasha Saksena Chakraborty | Nov 23, 2025, 12:42 IST
IAS Arth Jain
अनुशासन, निरंतरता और सही रणनीति से आईएएस अर्थ जैन ने UPSC में 16वीं रैंक हासिल की। पहली बार मिली असफलता को ताकत बनाकर उन्होंने साबित कर दिया कि हिम्मत और लगन साथ हो तो सफलता तय है।
UPSC की कठिन राह में सफलता उन्हें मिलती है, जो अनुशासन, निरंतरता और आत्मविश्वास बनाए रखते हैं। आईएएस अर्थ जैन भी ऐसी ही शख्सियत हैं। अर्थ ने असफलता को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। अर्थ जैन 2020 में 16 हासिल कर देशभर के अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गए।
आईएएस अर्थ जैन मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता मुकेश जैन रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं। उनके छोटे भाई अयान जैन भी आईएएस अधिकारी हैं। संयोग की बात यह है कि जहां बड़े भाई अर्थ जैन को 2021 बैच में 16वीं रैंक मिली वहीं छोटे भाई आईएएसएस अयान जैन को 2024 बैच में 16वीं रैंक मिली।
पिता रिटायर्ड आईपीएस मुकेश जैन से ही अर्थ को प्रशासन में आने की प्रेरणा मिली। अर्थ ने तीसरी कक्षा तक जबलपुर में ही पढ़ाई की। उसके बाद बारहवीं तक की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली के संस्कृति स्कूल से की। उसके बाद आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया।
![IAS Arth Jain with family]()
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अर्थ की UPSC तैयारी का सफर वर्ष 2017 में शुरू हुआ, जब वे अपने इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष में थे। शुरुआत में उन्होंने वीकेंड में होने वाली कोचिंग कक्षाओं की मदद ली, जिससे उन्हें सिलेबस को समझने और परीक्षा पैटर्न की स्पष्ट जानकारी मिल सकी।
IAS Arth Jain कहते हैं कि तैयारी के दौरान उनका पहला उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना और समय का सही प्रबंधन करना था। उन्होंने जनरल स्टडीज और गणित (ऑप्शनल) के लिए बराबर समय निर्धारित किया।
रोज उत्तर लेखन का अभ्यास किया। टेस्ट सीरीज़ के प्रश्न जितना संभव हो, उतना हल किए। उनका मानना है कि इन सभी चीजों ने मिलकर उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
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अर्थ ने पहली बार UPSC परीक्षा 2019 में दी थी, लेकिन वे प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सके। लेकिन वो हताश नहीं हुए। वो कहते हैं मैंने देखा कि पहले प्रयास में असफल होने की मुख्य वजह थी कम रिवीजन, टेस्ट सीरीज का अभाव और विषयों की गहराई में न जाना। इन सबने मेरे अंदर घबराहट पैदा की और अंतिम परिणाम पर असर पड़ा। दूसरी बार इन्हीं कमियों पर काम किया और सफलता मिल गई।
अर्थ जैन बताते हैं कि इंटरव्यू में सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल समझ जरूरी है। पैनल ऐसे सवाल पूछता है जिनका जवाब तथ्य नहीं, बल्कि सोच और समाधान देने की क्षमता से तय होता है।
वे बताते हैं कि उनके पिता ने हमेशा यही सिखाया कि “घबराना नहीं है, स्थितियों को समझकर समाधान देना है।” यही सीख इंटरव्यू में काम आई। इंटरव्यू का आधा हिस्सा आपके DAF (डिटेल्ड एप्लिकेशन फॉर्म) से जुड़ा होता है।
आपकी रुचियां, हॉबीज़, उपलब्धियाँ यही सब कुछ सवालों का आधार बनता है। बिना घबराए, शांत दिमाग से जवाब देना है।
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हर कोई जानना चाहता है कि UPSC की लंबी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया का संतुलन कैसे बनाए रखें? इस पर अर्थ कहते हैं कि सोशल मीडिया पूरी तरह छोड़ देंगे तो मानसिक तनाव बढ़ेगा। ज्यादा इस्तेमाल करेंगे तो डिस्ट्रेक्शन बढ़ेगा।
इसलिए वे कहते हैं कि बीच का रास्ता अपनाएँ। अनावश्यक कंटेंट से दूर रहें, लेकिन थोड़ा इस्तेमाल करते रहें। अर्थ जैन का मानना है कि ऑनलाइन उपलब्ध सामग्री UPSC तैयारी को आसान बना सकती है।
वे कहते हैं कि यूट्यूब पर फ्री क्वालिटी क्लासेस उपलब्ध हैं। कई शिक्षक ऑनलाइन बेहतरीन कंटेंट देते हैं। कोचिंग से दिशा मिल सकती है, तैयारी तो सेल्फ-स्टडी से ही होती है।
UPSC की तैयारी में उतार-चढ़ाव आते ही हैं। कई बार टेस्ट खराब जाते हैं। ऐसे में अर्थ कहते हैं कि कभी पढ़ने का मन न हो तो भी कुछ न कुछ पढ़ें। लगातार दिनचर्या न टूटने दें।
संगीत, शतरंज या हॉबीज के जरिए खुद को रीफ्रेश करें। मोटिवेशन आएगा-जाएगा, पर अनुशासन कभी नहीं टूटना चाहिए। उनकी हॉबी शतरंज और डिबेटिंग है।
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IAS अर्थ इस बात पर जोर देते हैं कि रुटीन फिक्स होना चाहिए। हर कुछ दिनों में प्लान बदलने से प्रगति रुक जाती है। वे कहते हैं टारगेट को सप्ताह और महीनों में बाटें और सबका माइक्रो-प्लान बनायें। ऑप्शनल विषय सोच-समझकर चुनिए। ऐसा सब्जेक्ट चुनिए जिसमें आपकी पकड़ अच्छी हो।
आईएएस अर्थ जैन वर्तमान में इंदौर स्मार्ट सिटी के सीईओ के पद पर कार्यरत हैं। इसके पहले वो अलीराजपुर जिले के जोबट के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी थे। वो उज्जैन के एसडीएम और मंडल में असिस्टेंट कलेक्टर भी रह चुके हैं।
अर्थ जैन का UPSC में सफलता का असली मंत्र अनुशासन, निरंतरता और आत्मविश्वास था। असफलता को सीख में बदलकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छा-शक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
IPS पिता से मिली प्रेरणा
पिता रिटायर्ड आईपीएस मुकेश जैन से ही अर्थ को प्रशासन में आने की प्रेरणा मिली। अर्थ ने तीसरी कक्षा तक जबलपुर में ही पढ़ाई की। उसके बाद बारहवीं तक की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली के संस्कृति स्कूल से की। उसके बाद आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया।
IAS Arth Jain with family
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आईआईटी के साथ ही की तैयारी
IAS Arth Jain कहते हैं कि तैयारी के दौरान उनका पहला उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना और समय का सही प्रबंधन करना था। उन्होंने जनरल स्टडीज और गणित (ऑप्शनल) के लिए बराबर समय निर्धारित किया।
रोज उत्तर लेखन का अभ्यास किया। टेस्ट सीरीज़ के प्रश्न जितना संभव हो, उतना हल किए। उनका मानना है कि इन सभी चीजों ने मिलकर उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
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यूपीएससी के अभ्यर्थियों के लिए टिप्स
- रोजाना लक्ष्य तय करें और उन्हें बिना रुके पूरा करें
- कंटेंट को संक्षिप्त रखने की कोशिश करें।
- जितना संभव हो उतना रिवीजन करें।
- घर से ज्यादा बाहर नहीं निकलें।
- टेस्ट सीरीज पर फोकस करें।
- दोस्तों, परिवार और साथी अभ्यर्थियों से बात करें।
पहले प्रयास में असफलता को बनाया ताकत
इंटरव्यू में ज्ञान से ज्यादा जरूरी होता है प्रैक्टिकल सोच
वे बताते हैं कि उनके पिता ने हमेशा यही सिखाया कि “घबराना नहीं है, स्थितियों को समझकर समाधान देना है।” यही सीख इंटरव्यू में काम आई। इंटरव्यू का आधा हिस्सा आपके DAF (डिटेल्ड एप्लिकेशन फॉर्म) से जुड़ा होता है।
आपकी रुचियां, हॉबीज़, उपलब्धियाँ यही सब कुछ सवालों का आधार बनता है। बिना घबराए, शांत दिमाग से जवाब देना है।
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समझदारी से करें सोशल मीडिया का इस्तेमाल
इसलिए वे कहते हैं कि बीच का रास्ता अपनाएँ। अनावश्यक कंटेंट से दूर रहें, लेकिन थोड़ा इस्तेमाल करते रहें। अर्थ जैन का मानना है कि ऑनलाइन उपलब्ध सामग्री UPSC तैयारी को आसान बना सकती है।
वे कहते हैं कि यूट्यूब पर फ्री क्वालिटी क्लासेस उपलब्ध हैं। कई शिक्षक ऑनलाइन बेहतरीन कंटेंट देते हैं। कोचिंग से दिशा मिल सकती है, तैयारी तो सेल्फ-स्टडी से ही होती है।
अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी
संगीत, शतरंज या हॉबीज के जरिए खुद को रीफ्रेश करें। मोटिवेशन आएगा-जाएगा, पर अनुशासन कभी नहीं टूटना चाहिए। उनकी हॉबी शतरंज और डिबेटिंग है।
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भोपाल की आईएएस सृष्टि देशमुख ने 23 साल में पहले ही प्रयास में हासिल की थी ५वीं रैंक
बार-बार रूटीन बदलना नुकसानदायक
करियर एक नजर
- नाम: अर्थ जैन
- जन्म: 14-2-1997
- जन्मस्थान: जबलपुर, मध्य प्रदेश
- एजुकेशन: बी टेक
- बैच: 2021
- कैडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
Social Accounts of IAS Arth Jain
| Platform | Profile Link |
|---|---|
| https://www.instagram.com/arthjain__/?hl=en | |
| https://www.linkedin.com/in/arth-jain-ba551b186/?originalSubdomain=in |
अर्थ जैन का UPSC में सफलता का असली मंत्र अनुशासन, निरंतरता और आत्मविश्वास था। असफलता को सीख में बदलकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छा-शक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
FAQ
- अर्थ जैन कौन हैं और उन्होंने UPSC में कैसी रैंक हासिल की?
अर्थ जैन मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने यूपीएससी CSE 2020 में AIR 16 हासिल की और 2021 बैच में IAS बने। - UPSC इंटरव्यू को लेकर अर्थ जैन क्या महत्वपूर्ण सलाह देते हैं?
वे कहते हैं कि इंटरव्यू में किताबी ज्ञान से ज्यादा प्रैक्टिकल समझ और समाधान देने की क्षमता की जरूरत होती है। शांत रहकर, बिना घबराए जवाब देना सबसे जरूरी है। - अर्थ जैन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
उन्होंने दिल्ली के Sanskriti School से 12वीं पूरी की और IIT Delhi से B.Tech किया। इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष से ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी।
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