IAS संदीप कुमार माकिन ने किया सपनों का पीछा, अफसर बनने छोड़ दिया था घर
The Sootr | May 29, 2025, 16:17 IST
ias-sandeep-kumar-makin-dream-chaser-left-home-to-become-officer
आईएएस संदीप कुमार माकिन मध्यप्रदेश कैडर के एक मेहनती और समर्पित अधिकारी हैं, जिन्होंने अफसर बनने के लिए घर छोड़कर भोपाल आकर संघर्ष किया। 1965 में कानपुर में जन्मे संदीप ने बीएससी और एमए की पढ़ाई पूरी कर प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू की।
आज की कहानी है सपनों का पीछा करने वाले एक जुझारू और मेहनती आईएएस अधिकारी संदीप कुमार माकिन की। वे मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस हैं। अफसर बनने के लिए वे घर छोड़कर भोपाल आ गए थे। राजा भोज की नगरी में मेहनत की और मुकाम पाया।
चलिए अब थोड़े पीछे चलते हैं। यह दास्तां शुरू होती है 1965 से। कानपुर की तंग गलियों में एक मध्यमवर्गीय परिवार के घर में 21 मई 1965 को एक बच्चे ने जन्म लिया। नाम रखा गया संदीप कुमार माकिन। पिता का सपना था कि बेटा बड़ा होकर प्रशासनिक अफसर बने। यह सपना सिर्फ इच्छा नहीं, बल्कि मिशन था। संदीप ने इसे अपने दिल में बसा लिया और पढ़ाई में अव्वल रहकर हर कदम पर मेहनत की।
बीएससी और एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कानपुर को अलविदा कहा और भोपाल को अपना नया ठिकाना बनाया। झीलों की इस नगरी ने संदीप को बहुत कुछ सिखाया, बताया और समझाया। यहीं संदीप ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी की। उनका संघर्ष 2010 में रंग लाया, जब वे राज्य प्रशासनिक सेवा में चुने गए। 2017 में उन्हें आईएएस अवॉर्ड हुआ।
![5a15307f-0d6]()
संदीप का सफर सिर्फ डिग्रियों और पद तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बनाई। मैदानी पदस्थापना के दौरान उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि जनता के बीच उनका नाम चलता है। निदा फाजली का शेर उनकी जिंदगी पर एकदम सटीक बैठता है-
संदीप कुमार माकिन उन गिने-चुने अधिकारियों में से हैं, जिनका नाम सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में वायरल है। उनकी छवि ने उन्हें ग्वालियर नगर निगम में दो बार पदस्थापना दिलाई। जनसुनवाई में वे हर पीड़ित की बात ध्यान से सुनते और समाधान निकालते। अगर कोई अधिकारी लापरवाही बरतता है तो संदीप उसे कड़ाई से समझाते हैं। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समाधान न होने पर उन्होंने अधिकारियों की बैठक बुलाई और लापरवाही पर फटकार लगाई। उनकी यह कार्यशैली उन्हें जनता और उच्च अधिकारियों का चहेता बनाती है।
![f1b3e38f-02e]()
यही नहीं, दतिया जिले के गोविंदपुर गांव में आदिवासी परिवारों के पास जमीन होने के बाद भी वे झुग्गियां बनाकर रहने को मजबूर थे। उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। आईएएस संदीप कुमार को जब यह बात पता चली तो उन्होंने गांव का दौरा कर पूरी स्थिति समझी और लापरवाही पर तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया। यह मामला 105 आदिवासी परिवारों से जुड़ा था। इनकी जमीन पर गांव के दबंगों ने कब्जा कर रखा था। इस तरह कार्रवाई के बाद आदिवासियों को उनकी जमीन मिली और योजनाओं का लाभ भी।
यह भी पढ़े...IAS पी नरहरि : पिता सिलते थे कपड़े, IAS बेटा लोगों का दर्द कर रहा रफू
संदीप को किताबें पढ़ने और संगीत सुनने का शौक है। पुराने गीत उनकी आत्मा को सुकून देते हैं। वे कहते हैं, संगीत वह कला है, जो हर दिल को जोड़ती है। व्यस्त जीवन में भी वे समय निकालकर किताबों और संगीत की दुनिया में खो जाते हैं।
![b34e6953-2b0]()
पिता होने के नाते संदीप महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील हैं। दतिया के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में उन्होंने पिंक अलार्म की पहल शुरू की है, जिसका मकसद महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है। यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
संदीप बच्चों से बेहद प्यार करते हैं। उनकी सलाह है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए आज से मेहनत शुरू करो। समय का सही उपयोग सीखो, क्योंकि वही तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य तक ले जाएगा।
नाम: संदीप कुमार माकिन
जन्म दिनांक: 21-05-1965
जन्म स्थान: कानपुर, उत्तरप्रदेश
एजुकेशन: B.Sc., M.A
बैच: SCS; 2010 (मध्यप्रदेश)
29 मई 2025 की स्थिति में आईएएस संदीप कुमार दतिया कलेक्टर हैं। इससे पहले वे अपर सचिव मध्यप्रदेश शासन, खेल युवा कल्याण विभाग भोपाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया, सीईओ शिवपुरी, ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर, भिंड और ग्वालियर एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
NOTE - अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
चलिए अब थोड़े पीछे चलते हैं। यह दास्तां शुरू होती है 1965 से। कानपुर की तंग गलियों में एक मध्यमवर्गीय परिवार के घर में 21 मई 1965 को एक बच्चे ने जन्म लिया। नाम रखा गया संदीप कुमार माकिन। पिता का सपना था कि बेटा बड़ा होकर प्रशासनिक अफसर बने। यह सपना सिर्फ इच्छा नहीं, बल्कि मिशन था। संदीप ने इसे अपने दिल में बसा लिया और पढ़ाई में अव्वल रहकर हर कदम पर मेहनत की।
बीएससी और एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कानपुर को अलविदा कहा और भोपाल को अपना नया ठिकाना बनाया। झीलों की इस नगरी ने संदीप को बहुत कुछ सिखाया, बताया और समझाया। यहीं संदीप ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी की। उनका संघर्ष 2010 में रंग लाया, जब वे राज्य प्रशासनिक सेवा में चुने गए। 2017 में उन्हें आईएएस अवॉर्ड हुआ।
5a15307f-0d6
संदीप का सफर सिर्फ डिग्रियों और पद तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बनाई। मैदानी पदस्थापना के दौरान उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि जनता के बीच उनका नाम चलता है। निदा फाजली का शेर उनकी जिंदगी पर एकदम सटीक बैठता है-
कोशिश भी कर, उम्मीद भी रख, रास्ता भी चुन, फिर इस के बाद थोड़ा मुकद्दर तलाश कर।
जब तहसीलदार को कर दिया सस्पेंड
f1b3e38f-02e
यही नहीं, दतिया जिले के गोविंदपुर गांव में आदिवासी परिवारों के पास जमीन होने के बाद भी वे झुग्गियां बनाकर रहने को मजबूर थे। उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। आईएएस संदीप कुमार को जब यह बात पता चली तो उन्होंने गांव का दौरा कर पूरी स्थिति समझी और लापरवाही पर तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया। यह मामला 105 आदिवासी परिवारों से जुड़ा था। इनकी जमीन पर गांव के दबंगों ने कब्जा कर रखा था। इस तरह कार्रवाई के बाद आदिवासियों को उनकी जमीन मिली और योजनाओं का लाभ भी।
यह भी पढ़े...IAS पी नरहरि : पिता सिलते थे कपड़े, IAS बेटा लोगों का दर्द कर रहा रफू
संगीत और किताबें दिल के करीब
b34e6953-2b0
पिता होने के नाते संदीप महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील हैं। दतिया के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में उन्होंने पिंक अलार्म की पहल शुरू की है, जिसका मकसद महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है। यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
संदीप बच्चों से बेहद प्यार करते हैं। उनकी सलाह है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए आज से मेहनत शुरू करो। समय का सही उपयोग सीखो, क्योंकि वही तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य तक ले जाएगा।
प्रोफाइल पर एक नजर
जन्म दिनांक: 21-05-1965
जन्म स्थान: कानपुर, उत्तरप्रदेश
एजुकेशन: B.Sc., M.A
बैच: SCS; 2010 (मध्यप्रदेश)
पदस्थापना
NOTE - अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA