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IPS Priyanka Shukla
सिविल सेवा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इसमें सफलता उन्हें ही मिलती है जो चुनौतियों का सामना कर धैर्य के साथ लगातार संघर्ष करते रहते हैं। ऐसी ही शख्सियत हैं आईपीएस प्रियंका शुक्ला। प्रियंका को अपने पहले तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिर चौथे प्रयास में आईपीएस बनकर ही रहीं।
भिंड के छोटे से गांव से हुई यात्रा शुरू
प्रियंका शुक्ला मध्यप्रदेश के भिंड जिले के छोटे से गांव मेहगांव की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई। सातवीं कक्षा तक उन्होंने गांव में रहकर पढ़ाई की। इसके बाद आगे की शिक्षा के लिए वे ग्वालियर गईं। ग्वालियर से ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी करने दिल्ली चली गईं।
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पहले दो प्रयास में प्रीलिम्स भी नहीं क्लियर हुआ
प्रियंका शुक्ला को इस परीक्षा में तीन बार असफलता का सामना करना पड़ा। पहले दो प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाईं। कई उम्मीदवारों के लिए यही वह मोड़ होता है, जहां वे कोशिश करना छोड़ देते हैं। लेकिन प्रियंका ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने हर असफलता से सीख ली और खुद पर भरोसा बनाए रखा। आखिरकार 2019 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 109 हासिल कर अपने बचपन के सपने को साकार किया।
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एक घर में हैं तीन IPS
प्रियंका के लिए वर्दी सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि एक सपना थी। उनके दादाजी एसएस शुक्ला भी IPS अधिकारी थे और मध्य प्रदेश में ADG पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
प्रियंका बताती हैं कि बचपन में जब दादाजी वर्दी पहनकर घर आते थे, तो उन्हें गर्व और खुशी दोनों महसूस होती थी। गांव में पुलिस की लाल बत्ती वाली गाड़ी जब गश्त करती थी, तो वे छत से उसे दूर तक देखती रहती थीं। वही दृश्य उनके मन में IPS बनने का बीज बो गया। उन्होंने 8-9 साल की उम्र में ही तय कर लिया था कि बड़े होकर आईएएस बनना है। उनके पिता बिजनेसमैन और मां होममेकर हैं। बड़े भाई हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं और छोटी बहन आईपीएस मिनी शुक्ला भी 2023 बैच की ऑफिसर हैं। आईपीएस प्रियंका ने अपने बैचमेट प्रमोद तिवारी से विवाह किया है। वो भारतीय रेलवे ट्रैफिक सर्विस में कार्यरत हैं।
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क्या था सक्सेस मंत्र
प्रियंका शुक्ला का मानना है कि UPSC जैसी परीक्षा का असली मंत्र है खुद पर भरोसा। हमेश सकारात्मक सोच रखें और पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करें। उसके बाद परिणाम क्या होगा इसकी बिल्कुल चिंता नहीं करें। कई बार सफलता ठीक उसी मोड़ पर खड़ी होती है, जहां इंसान हार मानने वाला होता है। जो उस वक्त खुद पर भरोसा रख लेता है, वही इतिहास रचता है।
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असफलता का एनालिसिस करें
प्रियंका कहती हैं फेलियर जीवन का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन, उसके लिए रोते रहना गलत है। हमेशा अपनी असफलता का विश्लेषण करें। गलतियों को सुधारें और आगे बढ़ें।
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आर्थिक स्थिति ज्यादा मायने नहीं रखती
आईपीएस प्रियंका कहती हैं अधिकांश लोग सोचते हैं कि यूपीएससी की परीक्षा सिर्फ अच्छी आर्थिक स्थिति के लोग ही पास कर सकते हैं। उन्हें लगता है दिल्ली जाकर महंगी कोचिंग करना जरूरी है। लेकिन यह सोच गलत है। इसमें बहुत ही बेसिक पढ़ाई की आवश्यकता होती है। कोई बहुत ज्यादा विशेषज्ञ बनने की जरूरत नहीं है। कोचिंग में पैसा खर्च करके भी आप इस परीक्षा को पास कर सकते हैं। कम किताबें पढ़ें। बस हर दिन सेल्फ-स्टडी के लिए कम से कम 5-6 घंटे जरूर निकालें।
लिखित परीक्षा पर ज्यादा ध्यान दें
IPS Priyanka Shukla का मानना है कि अंतिम चयन के सबसे जरूरी मुख्य परीक्षा में अच्छा परफॉर्म करना है। इंटरव्यू में कितने भी अच्छे नंबर हों लेकिन अगर मैन्स में नंबर अच्छे नहीं हुए तो आप चयन से दूर हो सकते हैं. इसलिए प्री के साथ ही मैन्स की तैयारी शुरू करें। आंसर राइटिंग पर ज्यादा ध्यान दें।
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IQ ही नहीं EQ भी है जरूरी
कई लोग सोचते हैं कि यूपीएससी की परीक्षा वो ही विद्यार्थी कर सकते हैं जो शुरू से टॉपर रहे हों। लेकिन, प्रियंका कहती हैं कि इस परीक्षा में आपके परसेंट कोई मायने नहीं रखते। वो खुद भी एक साधारण स्टूडेंट रही हैं। उनका मानना है यहां आपकी इंटेलिजेंस के साथ इमोशनल समझ भी काम आती है। आप परिस्थियों में किस तरह बिना घबराए रियेक्ट करते हैं, यह ज्यादा जरूरी है। यही वजह है कि जिनका EQ ज्यादा अच्छा है वो इस परीक्षा में ज्यादा अच्छा परफॉर्म कर पाते हैं।
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करियर एक नजर
नाम: आईपीएस प्रियंका शुक्ला
- जन्म: 28.09.1993
- जन्मस्थान: भिंड
- एजुकेशन: इंजीनियरिंग
- बैच: 2019
- कैडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
प्रियंका शुक्ला वर्तमान में भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर पदस्थ हैं। इससे पहले वे जबलपुर में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं।
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