बस एक इंजेक्शन और हमेशा के लिए कंट्रोल हो जाएगा कोलेस्ट्रॉल
Amresh Kushwaha | Aug 19, 2026, 12:58 IST
कंट्रोल हो जाएगा कोलेस्ट्रॉल
अमेरिकी कंपनियों ने एक ऐसी जीन एडिटिंग थेरेपी का ट्रायल डेटा जारी किया है, जो सिर्फ एक इंजेक्शन से लीवर के जीन को स्थायी रूप से बदलकर बैड कोलेस्ट्रॉल को हमेशा के लिए कंट्रोल कर सकती है। ट्रायल में यह असर 62 प्रतिशत तक मिला।
समझें क्या है पूरा मामला...
- अमेरिकीकंपनियों ने कोलेस्ट्रॉल के लिए नई जीनथेरेपी टेस्ट की है।
- इसका नाम VERVE-102है, यह एक बार काइंजेक्शन है।
- यह लीवर के PCSK9 जीन कोहमेशा के लिए बंद कर देता है।
- ट्रायल मेंबैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL62प्रतिशत तक घटा है।
- यह थेरेपी अभी शुरुआतीट्रायल में है, बाजार में आने में देरलगेगी।
अमेरिकी कंपनी एली लिली और उसकी सहायक कंपनी वर्व थेराप्युटिक्स ने एक नई जीन एडिटिंग थेरेपी का शुरुआती डेटा जारी किया है। इस थेरेपी का नाम VERVE-102 है। यह एक बार लगने वाला इंजेक्शन है। यह शरीर के PCSK9 जीन को लीवर के अंदर हमेशा के लिए बंद कर देता है। इसी जीन की वजह से खून में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
आपसे क्यों जुड़ा है यह
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पहले के इलाज विकल्प
वर्व थेराप्युटिक्स ने पहले एक थेरेपी आजमाई थी, नाम था VERVE-101। लेकिन एक मरीज में लिवर एंजाइम बढ़ने की दिक्कत सामने आई। प्लेटलेट भी गिरने लगे थे। इसके बाद कंपनी ने वह प्रोग्राम रोक दिया। कंपनी ने डिलीवरी सिस्टम बदलकर VERVE-102 पर काम शुरू किया।
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कैसे काम करती है थेरेपी
VERVE-102 mRNA (Messenger Ribonucleic Acid) आधारित तकनीक पर काम करता है। इसमें एक बेस एडिटर प्रोटीन बनाने का निर्देश होता है। साथ में एक गाइड RNA भी होता है, जो सीधे PCSK9 जीन को निशाना बनाता है। यह सब एक लिपिड नैनोपार्टिकल में पैक किया जाता है। फिर इसे नस के जरिए शरीर में चढ़ाया जाता है। एक बार अंदर जाकर यह जीन में एक अक्षर बदल देता है। बस इतना ही जीन को हमेशा के लिए बंद करने के लिए काफी है। इसे यूं समझिए। किसी फैक्ट्री की खराब मशीन को रोज बंद करने की जगह उसकी वायरिंग ही काट दी जाए।
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ट्रायल में क्या मिला नतीजा
यह डेटा 35 मरीजों पर हुए फेज 1बी ट्रायल से आया है। रिजल्ट न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में 25 मई 2026 को छपे। लंदन स्थित ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के प्रोफेसर डेविड न्यूबी इस ट्रायल के सह-लेखक हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक इलाज में असर बनाए रखने के लिए दवा लगातार लेनी पड़ती है। उनके मुताबिक इस थेरेपी में लीवर की कोशिकाओं में एक बार का बदलाव ही असर को बनाए रखता है।
कौन बना रहा है दवा
अमेरिकी FDA (Food and Drug Administration) ने इस थेरेपी को फास्ट ट्रैक दर्जा दिया है। इससे रिव्यू प्रोसेस तेज हो सकता है। दूसरी तरफ एम्जेन जैसी कंपनियां भी इस बाजार में हैं। एम्जेन का PCSK9 इनहिबिटर रिपाथा पहले से बाजार में मौजूद है। लेकिन उसे हर दो से चार हफ्ते में इंजेक्शन चाहिए होता है।
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फायदे और खतरे दोनों
अभी तक सिर्फ 18 महीने का फॉलो-अप डेटा मौजूद है। दशकों तक असर बने रहने का दावा अभी साबित होना बाकी है। खुद वर्व का पहला प्रयोग सुरक्षा कारणों से रोकना पड़ा था। इसलिए कंपनी ने सभी ट्रायल मरीजों को अगले 15 साल तक फॉलो करने की योजना बनाई है।
आगे क्या होगा अब
रोचक तथ्य जो कम पता हैं
FAQ
- VERVE-102 थेरेपी क्या है?
VERVE-102 एक जीन एडिटिंग थेरेपी है, जो सिर्फ एक बार इंजेक्शन के जरिए दी जाती है। यह लीवर के PCSK9 जीन को स्थायी रूप से बंद कर देती है। इससे खून में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर लंबे समय तक कम रहता है। यह अभी फेज 1बी ट्रायल में है और आम मरीजों के लिए बाजार में उपलब्ध नहीं है।
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