UP में नया खेल शुरू, मायावती ने कांग्रेस नेताओं को दरवाजे से लौटाया
CHAKRESH | May 25, 2026, 13:59 IST
up election 2027
लगता है UP Election 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लंबे समय से निष्क्रिय बीएसपी सुप्रीमो मायावती से मिलने कांग्रेस के दो बड़े नेता उनके घर जा पहुंचे, मगर दरवाजे से ही वापस कर दिए गए। thesootr Prime में जानिए बेआबरू होकर लौटने के पीछे का गुणा- गणित…
पहले, समझें क्या है पूरा मामला
- Congress के दो बड़े नेता Mayawati के घर पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई।
- पार्टी ने कहा यह निजी यात्रा थी, लेकिन बाद में नोटिस भी जारी किया।
- दोनों नेता SC Department से जुड़े हैं जो दलित राजनीति का केंद्र है।
- ठीक उसी दिन Rahul Gandhi Raebareli में दलित कार्यक्रमों में थे।
मामला 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जो पिछले सप्ताह चुपचाप घट गया। अगर आप भारत की राजनीति में रुचि रखते हैं तो यह खबर दिखाती है कि दलित वोट किस दिशा में जा सकता है और कौन सी पार्टी उस पर दावा ठोकने की कोशिश में है
Mayawati के दरवाजे पर Congress
यहां तक तो घटना साधारण लग सकती है। लेकिन जो explanation आई वो और ज्यादा चर्चा का विषय बन गई।
बस हाल-चाल पूछने गए थे
कांग्रेस ने खुद को किया किनारे
यह नोटिस खुद एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। Congress नेतृत्व यह दिखाना चाहता था कि SP (Samajwadi Party) के साथ गठबंधन अभी भी पहली प्राथमिकता है।
SP से गठबंधन, लेकिन दरारें भी हैं
Congress के कई नेताओं को डर है कि SP उन्हें पर्याप्त सीटें नहीं देगी। यही डर उन्हें BSP और दूसरी ताकतों की तरफ देखने पर मजबूर कर रहा है। इनकी दलील है कि संविधान, दलित अधिकार और अल्पसंख्यक मुद्दों पर सभी विपक्षी ताकतों को एकजुट होना चाहिए।
इसे ऐसे समझिए, मान लीजिए एक दुकान में दो partners हैं। ऊपर से सब ठीक दिखता है, लेकिन अंदर से एक partner सोच रहा है कि अगर यह partnership टूटे तो कोई backup तो होना चाहिए। Mayawati के दरवाजे पर यात्रा उसी बैकअप की तलाश जैसी लगती है।
राहुल गांधी उसी दिन रायबरेली में
यह टाइमिंग संयोग था या रणनीति, इस पर अलग-अलग राय है। लेकिन इतना साफ है कि Congress दलित वोटरों से सीधा संवाद बढ़ाने पर जोर दे रही है- चाहे रास्ता कोई भी हो।
BSP की अपनी चुनौतियां
BSP के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक Mayawati का ब्राह्मण वोटरों पर बढ़ता जोर एक नई रणनीति का हिस्सा है। इसका मतलब यह हो सकता है कि BSP किसी बड़े गठबंधन में जाने की बजाय अपना अलग रास्ता चुन सकती है।
मुश्किल दौर से गुजर रही हैं BSP और कांग्रेस
HARISH DIVEKAR THE SOOTR
तीन पार्टियां, एक वोट बैंक
अब Congress, SP, BSP और BJP, चारों दलित वोटर को अपनी तरफ खींचना चाहते हैं। हाल-चाल वाली यात्रा उसी बड़ी सियासत का एक छोटा-सा हिस्सा है।
एक बात जो अकसर नजरअंदाज होती है- UP की दलित राजनीति (dalit politics)अकसर वहां होती है, जहां दिखती नहीं। इस पूरे प्रकरण में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि क्या नेतृत्व को पहले से पता था और नोटिस सिर्फ बचाव की कवायद थी। जवाब अभी किसी के पास नहीं है।
आगे क्या होगा
इस छोटी घटना ने Congress के अंदर की दरारें सार्वजनिक कर दी हैं। नोटिस जारी होना दिखाता है कि नेतृत्व नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।
लंबी अवधि में 2027 करीब आते-आते यह देखना होगा कि दलित वोट किस खेमे में जाता है। अभी खुले सवाल हैं- क्या Congress वाकई BSP से बात करना चाहती है? क्या Mayawati किसी के साथ जाएंगी या अकेले लड़ेंगी?
अब आप क्या करें: UP के 2027 चुनाव में गठबंधन की खबरों पर नजर रखें। अगले कुछ महीनों में तस्वीर साफ होने लगेगी।
BSP का सबसे बड़ा पतन: UP में 403 सीटें और सिर्फ एक MLA
वोट शेयर के मोर्चे पर BSP को 12.9% वोट मिले और वह तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी, पर सीटों में वह कहीं नहीं थी। तुलना करें तो 2017 में BSP ने 22% से अधिक वोट पाए थे और 19 सीटें जीती थीं। यानी पांच साल में वोट शेयर करीब 10 प्रतिशत लुढ़क गया।
विश्लेषकों के अनुसार BSP का वोट बड़े पैमाने पर समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट हुआ। जिन सीटों पर BSP का वोट शेयर 9% से अधिक गिरा, वहां SP+ को औसतन 6% का फायदा मिला।
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1989 के बाद यह BSP का सबसे खराब वोट शेयर था। यानी पार्टी के शुरुआती संघर्ष के दिनों जैसी स्थिति। BJP ने 41.29% और SP ने 32.06% वोट शेयर के साथ क्रमशः 255 और 111 सीटें जीतीं।
संक्षेप में: करोड़ों वोट और शून्य सत्ता BSP का यह आंकड़ा बताता है कि वोट और सीट के बीच का फर्क ही किसी पार्टी की असली कहानी कहता है।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ
- Mayawati से मिलने Congress नेता क्यों गए थे?
Congress नेताओं ने कहा यह एक निजी शिष्टाचार यात्रा थी। लेकिन पार्टी ने इसे अनधिकृत बताते हुए दोनों को नोटिस दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह UP में BSP से संभावित संपर्क का संकेत हो सकता है। - क्या Congress और BSP का गठबंधन होगा?
अभी कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हुई है। Congress की आधिकारिक लाइन SP के साथ गठबंधन की है। लेकिन पार्टी के अंदर एक तबका BSP समेत अन्य दलों को जोड़ने की वकालत कर रहा है। - UP में दलित वोट का 2027 में क्या असर होगा?
UP में दलित वोटर चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं। BJP, Congress, SP और BSP- सभी इस वोट बैंक को साधने में लगी हैं। दलित वोट जिस भी गठबंधन के साथ जाएगा उसका फायदा 2027 में सीधे दिखेगा।
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स्रोत: Election Commission of India | The Print (10 मार्च 2022) | Business Standard (11 मार्च 2022) | Swarajya Mag (अप्रैल 2022) | Deccan Herald
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