क्या बीयर पीने वालों को ज्यादा काटते हैं मच्छर, वैज्ञानिकों ने खोला राज
Jinesh Jain | Jun 18, 2026, 20:01 IST
क्या आप भी मच्छर मैग्नेट?
आपने देखा होगा कि कुछ लोगों को मच्छर अधिक काटते हैं। आखिर इसका क्या राज है? वैज्ञानिकों ने अपनी ताजा रिसर्च में इसे खोज निकाला है। आइए इसकी वजह समझते हैं:
क्या आपको भी ऐसा लगता है कि महफिल में सब को छोड़कर मच्छर सिर्फ आप ही को अपना निशाना बनाते हैं? शोधकर्ता अब इस बात का पता लगा रहे हैं कि आखिर क्यों कुछ लोग मच्छर मैग्नेट (मच्छरों को खींचने वाले) होते हैं, जबकि कुछ लोग बड़ी आसानी से इनसे बच निकलते हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका जवाब हमारे शरीर की गंध, गर्मी, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और त्वचा की केमिस्ट्री के एक जटिल मिश्रण में छिपा है, जो कुछ लोगों को इन कीड़ों के लिए ज्यादा स्वादिष्ट बना देता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार मच्छरों में भी विशेष रूप से मादा मच्छर अपने अगले शिकार को खोजने के लिए कई तरह के संवेदी संकेतों (sensory cues) का इस्तेमाल करती हैं। यह बताना जरूरी है कि केवल मादा ही काटती हैं।
फ्रांस के इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च फॉर डेवलपमेंट के मेडिकल एंटोमोलॉजिस्ट (कीट वैज्ञानिक) फ्रेडरिक सिमार्ड ने बताया कि मच्छर वास्तव में कुछ लोगों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं। हालांकि यह आकर्षण समय के साथ बदल भी सकता है।
मच्छरों के लिए सबसे मजबूत सिग्नलों में से एक है कार्बन डाइऑक्साइड। स्वीडिश शोधकर्ता रिकाड इग्नेल ने बताया कि इंसान जो सांस छोड़ते हैं, मच्छर उस गैस को 100 मीटर की दूरी से भी सूंघ सकते हैं।
इग्नेल के अनुसार जैसे ही वे पास आते हैं, वे शरीर की गंध, तापमान और नमी को महसूस करने लगते हैं। इससे उन्हें सबसे आकर्षक टारगेट को पहचानने में मदद मिलती है।
हाल ही में इग्नेल के नेतृत्व में हुए एक शोध में एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह मच्छर डेंगू और येलो फीवर जैसी बीमारियां फैलाता है।
42 महिलाओं पर किए गए लैब एक्सपेरिमेंट में पाया गया कि मच्छर उन लोगों की तरफ ज्यादा भागे, जिनकी त्वचा से कुछ खास तरह के गंध वाले कंपाउंड (odour compounds) ज्यादा मात्रा में निकल रहे थे।
इस रिसर्च में एक केमिकल सबसे अलग नजर आया। इसका नाम 1-ऑक्टेन-3-ऑल (1-octen-3-ol) है। इसे अक्सर मशरूम अल्कोहल भी कहा जाता है।
यह तब बनता है जब त्वचा का तेल (स्किन ऑयल) टूटता है। यह केमिकल मच्छरों को आपकी तरफ खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी मच्छरों को दीवाना बनाने के लिए काफी है।
मच्छरों को दावत देने का एक बड़ा कारण अल्कोहल (शराब) का सेवन भी है। कई अध्ययनों ने बीयर पीने को मच्छरों के बढ़ते आकर्षण से जोड़ा है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अल्कोहल शरीर का तापमान बढ़ा देता है। यह कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ा देता है और त्वचा की गंध को बदल देता है।
बुर्किना फासो का अध्ययन: मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर पानी पीने वालों की तुलना में बीयर पीने वाले लोगों की तरफ ज्यादा आकर्षित हुए।
नीदरलैंड का अध्ययन: जिन लोगों ने पिछले 24 घंटों में बीयर पी थी, वे मच्छरों के लिए 35 प्रतिशत अधिक आकर्षक पाए गए।
इस रिसर्च ने कई पुरानी मान्यताओं को भी खारिज कर दिया है। आम दावों के विपरीत वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बात के बहुत कम सबूत हैं कि मच्छर किसी खास ब्लड ग्रुप (ओ, ए, बी) को ज्यादा पसंद करते हैं।
इसी तरह, त्वचा, आंख या बालों का रंग भी आपको मच्छरों के काटने में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाता।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण अब बीमारी फैलाने वाले मच्छर नए-नए इलाकों में पैर पसार रहे हैं। इसलिए यह समझना और भी जरूरी हो गया है कि मच्छर किसे पसंद करते हैं।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तापमान बढ़ने से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियां और बड़ी आबादी को प्रभावित कर सकती हैं।
जब तक वैज्ञानिक इसके पीछे की पूरी केमिस्ट्री सुलझा रहे हैं, तब तक एक्सपर्ट्स ने बचने के लिए कुछ आसान उपाय सुझाए हैं:
![मच्छर से बचने के कुछ आसान उपाय]()
फिलहाल वैज्ञानिक यही कहते हैं कि आपके शरीर की नेचुरल केमिस्ट्री ही तय करती है कि मच्छर आपको कितना पसंद करेंगे। यानी अगर आपको मच्छर ज्यादा काटते हैं तो इसमें आपकी कोई गलती नहीं, आपकी स्किन केमिस्ट्री ही इतनी लाजवाब है।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका जवाब हमारे शरीर की गंध, गर्मी, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और त्वचा की केमिस्ट्री के एक जटिल मिश्रण में छिपा है, जो कुछ लोगों को इन कीड़ों के लिए ज्यादा स्वादिष्ट बना देता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार मच्छरों में भी विशेष रूप से मादा मच्छर अपने अगले शिकार को खोजने के लिए कई तरह के संवेदी संकेतों (sensory cues) का इस्तेमाल करती हैं। यह बताना जरूरी है कि केवल मादा ही काटती हैं।
फ्रांस के इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च फॉर डेवलपमेंट के मेडिकल एंटोमोलॉजिस्ट (कीट वैज्ञानिक) फ्रेडरिक सिमार्ड ने बताया कि मच्छर वास्तव में कुछ लोगों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं। हालांकि यह आकर्षण समय के साथ बदल भी सकता है।
सबसे बड़ा विलेन कार्बन डाइऑक्साइड
इग्नेल के अनुसार जैसे ही वे पास आते हैं, वे शरीर की गंध, तापमान और नमी को महसूस करने लगते हैं। इससे उन्हें सबसे आकर्षक टारगेट को पहचानने में मदद मिलती है।
हाल ही में इग्नेल के नेतृत्व में हुए एक शोध में एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह मच्छर डेंगू और येलो फीवर जैसी बीमारियां फैलाता है।
42 महिलाओं पर किए गए लैब एक्सपेरिमेंट में पाया गया कि मच्छर उन लोगों की तरफ ज्यादा भागे, जिनकी त्वचा से कुछ खास तरह के गंध वाले कंपाउंड (odour compounds) ज्यादा मात्रा में निकल रहे थे।
मशरूम अल्कोहल का खेल
यह तब बनता है जब त्वचा का तेल (स्किन ऑयल) टूटता है। यह केमिकल मच्छरों को आपकी तरफ खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी मच्छरों को दीवाना बनाने के लिए काफी है।
बीयर पीना भी है एक वजह!
शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अल्कोहल शरीर का तापमान बढ़ा देता है। यह कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ा देता है और त्वचा की गंध को बदल देता है।
बुर्किना फासो का अध्ययन: मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर पानी पीने वालों की तुलना में बीयर पीने वाले लोगों की तरफ ज्यादा आकर्षित हुए।
नीदरलैंड का अध्ययन: जिन लोगों ने पिछले 24 घंटों में बीयर पी थी, वे मच्छरों के लिए 35 प्रतिशत अधिक आकर्षक पाए गए।
पुरानी धारणाएं टूटीं
इसी तरह, त्वचा, आंख या बालों का रंग भी आपको मच्छरों के काटने में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाता।
अब बताते हैं कि मच्छरों से कैसे रहें सुरक्षित?
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तापमान बढ़ने से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियां और बड़ी आबादी को प्रभावित कर सकती हैं।
जब तक वैज्ञानिक इसके पीछे की पूरी केमिस्ट्री सुलझा रहे हैं, तब तक एक्सपर्ट्स ने बचने के लिए कुछ आसान उपाय सुझाए हैं:
मच्छर से बचने के कुछ आसान उपाय
फिलहाल वैज्ञानिक यही कहते हैं कि आपके शरीर की नेचुरल केमिस्ट्री ही तय करती है कि मच्छर आपको कितना पसंद करेंगे। यानी अगर आपको मच्छर ज्यादा काटते हैं तो इसमें आपकी कोई गलती नहीं, आपकी स्किन केमिस्ट्री ही इतनी लाजवाब है।
FAQ
- किस तरह मच्छर इंसान को काटता है?
वैज्ञानिकों के अनुसार मच्छरों में विशेषकर मादा ही इंसान को काटती हैं। वे अपने शिकार को खोजने के लिए कई तरह के संवेदी संकेतों (sensory cues) का इस्तेमाल करती हैं। - मच्छर कुछ लोगों को बार-बार क्यों काटते हैं?
वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका जवाब हमारे शरीर की गंध, गर्मी, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और त्वचा की केमिस्ट्री के एक जटिल मिश्रण में छिपा है। ये कुछ लोगों को इन कीड़ों के लिए ज्यादा स्वादिष्ट बना देता है। - मच्छर कैसे अपना शिकार आसानी से खोज लेते हैं?
वैज्ञानिकों का कहना है कि मच्छरों के लिए सबसे मजबूत सिग्नलों में से एक है कार्बन डाइऑक्साइड। स्वीडिश शोधकर्ता रिकाड इग्नेल ने बताया कि इंसान जो सांस छोड़ते हैं, मच्छर उस गैस को 100 मीटर की दूरी से भी सूंघ सकते हैं।
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