TheSootr Prime : कोविड-19 वैक्सीन से मौत होने पर सरकार की सफाई- सुरक्षित और प्रभावी है वैक्सीनेशन

CHAKRESH | Jul 02, 2025, 16:40 IST
Share
thesootr-prime-government-clarification
Photograph: (THESOOTR)

केंद्र सरकार ने COVID-19 वैक्सीन और अचानक मौतों के बीच कोई संबंध न होने का कारण स्पष्ट किया है। ICMR और NCDC के अध्ययन के अनुसार वैक्सीनेशन सुरक्षित और प्रभावी है।

केंद्र सरकार ने हाल ही में स्पष्ट किया कि कोविड-19 वैक्सीनेशन और अचानक मौतों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) द्वारा किए गए अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि कोविड-19 वैक्सीनेशन भारत में सुरक्षित और प्रभावी है, और इसके गंभीर साइड इफेक्ट्स के मामले बेहद दुर्लभ हैं।

कर्नाटक सीएम के बयान के बाद केंद्र का स्पष्टीकरण

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा हसन जिले में दिल से जुड़ी मौतों को कोविड-19 वैक्सीन से जोड़ने के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 जुलाई 2025 को एक बयान जारी किया।

मंत्रालय ने कहा कि ICMR और AIIMS द्वारा किए गए विस्तृत अध्ययन में यह सिद्ध हो चुका है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन और अचानक मौतों के बीच कोई संबंध नहीं है।

सिद्धारमैया ने 1 जुलाई को कहा था कि कोविड-19 वैक्सीन की "जल्दबाजी में स्वीकृति और वितरण" इन मौतों का कारण हो सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया था कि अगर उन्हें सीने में दर्द या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों के अनुसार, कोविड-19 वैक्सीनेशन संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। भारत में 220 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज़ लगाई जा चुकी हैं, जिससे करोड़ों लोगों की जान बची है। मौजूदा वैक्सीन और बूस्टर डोज नए JN.1 जैसे वेरिएंट्स के खिलाफ भी काफी हद तक प्रभावी हैं।

कोविड-19 वैक्सीनेशन से मौतों का अध्ययन

केंद्र सरकार ने कहा कि अचानक होने वाली मौतों की जांच देशभर की विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई है और इन अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन का इन मौतों से कोई सीधा संबंध नहीं है।

ICMR और NCDC के अध्ययन बताते हैं कि कोविड-19 वैक्सीनेशन भारत में सुरक्षित और प्रभावी है, और इसके गंभीर साइड इफेक्ट्स बहुत ही दुर्लभ हैं।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि अचानक कार्डियक मौतें विभिन्न कारणों से हो सकती हैं, जिनमें जेनेटिक्स, जीवनशैली, पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियाँ, और कोविड-19 के बाद के प्रभाव शामिल हैं।

ICMR और NCDC के अध्ययन के निष्कर्ष

ICMR के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE) द्वारा किए गए पहले अध्ययन में यह पाया गया कि कोविड-19 वैक्सीनेशन युवा वयस्कों (18-45 वर्ष) में अचानक होने वाली मौतों का कारण नहीं है।

यह अध्ययन मई से अगस्त 2023 तक 47 तृतीयक देखभाल अस्पतालों में किया गया था।
इसके बाद AIIMS द्वारा किए गए अध्ययन ने यह स्पष्ट किया कि युवाओं में अचानक मौतों का मुख्य कारण मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (दिल का दौरा) है, न कि वैक्सीनेशन। इस अध्ययन में, कोविड-19 वैक्सीनेशन से संबंधित कोई स्पष्ट लिंक नहीं पाया गया।

कोविड-19 वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट्स और जोखिम

इन दोनों अध्ययनों से यह निष्कर्ष निकला है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन अचानक मौतों के जोखिम को नहीं बढ़ाता है। इसके बजाय, बुनियादी स्वास्थ्य समस्याएं, जेनेटिक प्रवृत्तियाँ, और अस्वस्थ जीवनशैली इन मौतों के कारण हो सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि वैज्ञानिक विशेषज्ञों ने यह दोहराया है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन को अचानक मौतों से जोड़ने वाले बयान गलत और भ्रामक हैं, और उन्हें वैज्ञानिक सहमति द्वारा समर्थन नहीं मिलता है।

कोविड-19 वैक्सीनेशन और जनविश्वास

केंद्र सरकार ने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के अटकलों को फैलाने से वैक्सीनेशन पर जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है, जो महामारी के दौरान लाखों जीवन बचाने में सहायक रहा है।

ऐसे आधारहीन आरोप और दावे वैक्सीनेशन के प्रति हिचकिचाहट को बढ़ा सकते हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वह अपने नागरिकों की भलाई को सुरक्षित रखने के लिए साक्ष्य-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा देती रहेगी।

मुख्यमंत्री का बयान और जांच समिति का गठन

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा था कि हसन जिले में पिछले महीने अकेले 20 से अधिक लोगों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई है। इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है और एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जो इन मौतों के वास्तविक कारण का पता लगाएगी और 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करेगी।

निष्कर्ष

केंद्र सरकार और विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन से अचानक मौतों का कोई संबंध नहीं है, और यह लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति सही जानकारी प्रदान करने का समय है, ताकि किसी भी भ्रम या गलतफहमी से बचा जा सके।

अधिकृत तथ्य और निष्कर्ष

  • ICMR और NCDC के अध्ययन के अनुसार, भारत में कोविड-19 वैक्सीनेशन सुरक्षित और प्रभावी है। गंभीर साइड इफेक्ट्स के मामले बहुत दुर्लभ हैं।
  • ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE) द्वारा 18-45 वर्ष के युवाओं पर किए गए अध्ययन (मई-अगस्त 2023) में यह स्पष्ट हुआ कि कोविड-19 वैक्सीनेशन और अचानक मौतों के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया।
  • AIIMS द्वारा चल रहे अध्ययन में पाया गया कि युवाओं में अचानक मौतों का मुख्य कारण मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (दिल का दौरा) है, न कि वैक्सीनेशन।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 जुलाई 2025 को स्पष्ट किया कि कोविड-19 वैक्सीनेशन और अचानक मौतों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।
  • वैज्ञानिक विशेषज्ञों का मत है कि वैक्सीनेशन को अचानक मौतों से जोड़ना भ्रामक है और इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

Thesootr Prime की ये खबरें भी पढ़ें...

फोकट की नेतागिरी करने वाली लेटर पैड पार्टियां अब चुनाव आयोग के रडार पर

जन औषधि योजना की जेनेरिक दवाइयों ने बदल दिया भारत का बाजार

1168 यूनिवर्सिटी के देश में क्यों नहीं वर्ल्ड क्लास एजुकेशन, भारतीय विश्वविद्यालय टॉप 100 में ही नहीं

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

AIIMS कोविड स्टडी | कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स | The sootr Prime Podcast | the sootr

Tags:
  • कोविड-19
  • कोविड-19 वैक्सीन
  • ICMR
  • NCDC
  • the sootr
  • The sootr Prime Podcast
  • AIIMS कोविड स्टडी
  • कोविड-19 वैक्सीनेशन से मौत
  • कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा