व्हाट्सएप का बड़ा बदलाव, सरकार को क्यों दिख रहा साइबर खतरा?

Rajesh Lahoti | Jul 04, 2026, 18:10 IST
Share
व्हाट्सएप का बड़ा बदलाव 2026
व्हाट्सएप का बड़ा बदलाव 2026

WhatsApp जल्द ही ऐसा फीचर ला सकता है, जिसमें यूजर्स मोबाइल नंबर की बजाय यूनिक यूजरनेम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। इस बदलाव का उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाना और बिना नंबर साझा किए बातचीत की सुविधा देना है।

एक समय था जब किसी से दोस्ती करनी हो, बिजनेस करना हो या पहली बार बात शुरू करनी हो, तो सबसे पहला सवाल होता था-आपका मोबाइल नंबर क्या है? अब यह सवाल शायद इतिहास बनने वाला है। आने वाले दिनों में लोग नंबर नहीं, बल्कि आपका व्हाट्सएप यूजरनेम पूछेंगे। बिल्कुल वैसे ही जैसे आज इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और एक्स पर पूछा जाता है। सुनने में यह बदलाव जितना आधुनिक और सुविधाजनक लगता है, उतना ही बड़ा विवाद भी अपने साथ लेकर आया है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने अपने करोड़ों यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने के लिए यूजरनेम फीचर लाने की तैयारी की, लेकिन भारत सरकार ने इस फीचर पर सवालों की लंबी सूची थमा दी। सरकार को डर है कि कहीं यही सुविधा साइबर अपराधियों के लिए नया हथियार न बन जाए। यही वजह है कि फीचर के लांच से पहले मेटा से विस्तृत जवाब मांगा गया है। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या है इस छोटे से यूजरनेम में जिसने सरकार, साइबर विशेषज्ञों और करोड़ों यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

मोबाइल नंबर की जगह लेगा यूजरनेम

व्हाट्सएप पिछले कई वर्षों से केवल मोबाइल नंबर के आधार पर काम करता आया है। किसी से बातचीत शुरू करनी हो तो उसका नंबर आपके पास होना जरूरी है। प्रस्तावित फीचर इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। यूजर अपने लिए एक यूनिक यूजरनेम चुन सकेंगे और उसी के जरिए लोग उन्हें व्हाट्सएप पर खोज पाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बातचीत शुरू करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यानी आपकी निजी जानकारी पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित रह सकेगी। मेटा का दावा है कि यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अजनबियों, ग्राहकों या प्रोफेशनल संपर्कों से बात तो करना चाहते हैं, लेकिन अपना निजी नंबर सार्वजनिक नहीं करना चाहते।

प्राइवेसी का नया दौर या नई परेशानी

पहली नजर में यह फीचर बेहद आकर्षक दिखाई देता है। मोबाइल नंबर आज केवल कॉल करने का माध्यम नहीं रह गया है। यही नंबर बैंक खाते, यूपीआई, आधार लिंकिंग, सोशल मीडिया, सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन पहचान का आधार बन चुका है। ऐसे में यदि आपका नंबर किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाए तो स्पैम कॉल, फर्जी लिंक, साइबर ठगी और डेटा चोरी जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। व्हाट्सएप का मानना है कि यूजरनेम इस खतरे को काफी हद तक कम कर देगा क्योंकि सामने वाले व्यक्ति को आपका वास्तविक नंबर दिखाई ही नहीं देगा। हालांकि जहां सुविधा होती है, वहीं जोखिम भी होती हैं और यहीं से सरकार की चिंता शुरू होती है।

सरकार को आखिर डर किस बात का

केंद्र सरकार का मानना है कि यूजरनेम जितना सरल दिखाई देता है, उसका दुरुपयोग उतना ही आसान हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को प्रसिद्ध लोगों, सरकारी संस्थाओं या बड़ी कंपनियों से मिलता-जुलता यूजरनेम रखने की अनुमति मिल जाती है, तो आम लोगों को भ्रमित करना बेहद आसान हो जाएगा। कोई भी व्यक्ति किसी अधिकारी, बैंक, पुलिस या सरकारी विभाग जैसा यूजरनेम बनाकर लोगों का विश्वास जीत सकता है। मोबाइल नंबर छिप जाने के बाद सामने वाले के लिए यह पहचानना और मुश्किल हो जाएगा कि वह सही व्यक्ति से बात कर रहा है या किसी साइबर ठग से। यही कारण है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा से यह स्पष्ट करने को कहा है कि ऐसी परिस्थितियों में पहचान की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और फर्जी अकाउंट्स पर किस प्रकार नियंत्रण रखा जाएगा।

नया खतरा....फर्जी पहचान

साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत तकनीक नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास होता है। वे अक्सर किसी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या प्रतिष्ठित संस्था का रूप धारण करके लोगों को जाल में फंसाते हैं। अब तक यह काम फर्जी वेबसाइट, नकली ई-मेल या सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए होता था। यदि व्हाट्सएप पर भी किसी प्रसिद्ध व्यक्ति जैसा यूजरनेम बनाना आसान हो गया तो यह खतरा कई गुना बढ़ सकता है। कल्पना कीजिए कि किसी व्यक्ति को किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, मंत्री, पत्रकार या बड़ी कंपनी के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम मिल जाए। अधिकांश लोग बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए उस अकाउंट पर भरोसा कर सकते हैं। यही भरोसा साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बन सकता है।

ये खबरें भी पढ़ें...

व्हाट्सएप का नया फीचर: अब बच्चों के अकाउंट पर रहेगा माता-पिता कंट्रोल, जानें कैसे

WhatsApp Privacy Settings: यूजरनेम अपडेट तो अटका, पर काम आएंगे ये 7 धांसू फीचर्स

whatsapp new feature: पर भारत सरकार ने लगाई रोक, मेटा को नोटिस भेज मांगा जवाब

WhatsApp Update: बिना नंबर के चलेगा व्हाट्सऐप? जानिए कैसे

Tags:
  • केंद्र सरकार
  • भारत सरकार
  • whatsapp new feature
  • व्हाट्सएप
  • साइबर अपराध
  • व्हाट्सएप का नया फीचर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा