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आज के दिन की कहानी: आज से ठीक 416 साल पहले, 7 जनवरी 1610 की वह सर्द रात बहुत ही खास थी। इटली के महान वैज्ञानिक गैलीलियो गैलीली अपनी बनाई एक छोटी सी दूरबीन लेकर बैठे थे। उन्होंने उस रात जब अपनी दूरबीन आसमान की तरफ मोड़ी, तो इतिहास हमेशा के लिए बदल गया।
उस समय दुनिया मानती थी कि हर चीज धरती के चारों ओर घूमती है। गैलीलियो ने उस रात वह देखा जो पहले किसी इंसान ने कभी नहीं देखा था। उन्होंने अंतरिक्ष में इंसानियत की पहली सच्ची आंख बनकर आसमान के गहरे राज खोल दिए। आइए जानें 7 जनवरी का इतिहास...
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गैलीलियो की वो जादुई टेलीस्कोप
गैलीलियो कोई साधारण इंसान नहीं थे, उनमें चीजों को गहराई से समझने का बड़ा जुनून था। गैलीलियो ने ये दूरबीन खुद बनाई थी, जो चीजों को कई गुना बड़ा दिखाती थी। उन्होंने जब बृहस्पति (Jupiter) ग्रह को देखा, तो उन्हें तीन छोटे चमकीले बिंदु दिखे।
पहले गैलीलियो को लगा कि ये केवल छोटे तारे हैं जो ग्रह के पास खड़े हैं। लेकिन कुछ रातों तक लगातार देखने पर उन्हें असली चमत्कार समझ में आने लगा। वो बिंदु असल में बृहस्पति के चारों ओर चक्कर लगा रहे छोटे चंद्रमा (Moons) थे। उन्होंने अपनी डायरी में इन जादुई पलों को बहुत ही विस्तार से दर्ज किया।
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बृहस्पति के चार चंद्रमा
7 जनवरी 1610 को गैलीलियो ने बृहस्पति के पास तीन छोटे और बहुत चमकदार सितारे देखे। गैलीलियो ने कुल चार चंद्रमा खोजे जिन्हें आज 'गैलीलियन मून्स' के नाम से जानते हैं। इतिहासकारों के मुताबिक, इनके नाम आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनिमिड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) रखे गए हैं।
ये खोज उस समय के धर्म गुरुओं और पुरानी सोच के लिए एक बड़ा झटका थी। इसने साबित कर दिया कि ब्रह्मांड की हर चीज पृथ्वी के चारों ओर नहीं घूमती।
अगर चंद्रमा बृहस्पति के चक्कर लगा सकते हैं, तो पृथ्वी भी सूरज के चक्कर लगाती है। इस एक सच ने सदियों पुरानी गलत मान्यताओं की जड़ें पूरी तरह से हिला दीं।
मुश्किलों का सामना: जब सच बोलने पर मिली कड़ी सजा
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गैलीलियो का रास्ता आसान नहीं था क्योंकि उस समय चर्च का बहुत कड़ा शासन था। चर्च के लोग मानते थे कि पृथ्वी ही इस पूरे ब्रह्मांड का इकलौता केंद्र है। जब गैलीलियो ने अपनी खोज दुनिया को बताई, तो उन्हें बहुत विरोध का सामना करना पड़ा।
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गैलीलियो को नजरबंद कर दिया गया। अपनी बात वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन सत्य को दबाया नहीं जा सकता था क्योंकि उनकी दूरबीन ने सच दिखा दिया था। आज गैलीलियो को 'Father of Modern Astronomy' मानकर पूरी दुनिया गर्व से याद करती है।
अंतरिक्ष मिशनों के लिए कैसे रास्ते खोले
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गैलीलियो की 1610 की खोज ने खगोल विज्ञान को एक नई ऊंचाई पर पहुचाया। आज हम मंगल पर घर बसाने और ब्लैक होल की फोटो खींचने की बात करते हैं। यह सब उसी एक दूरबीन और गैलीलियो के अजेय साहस की वजह से संभव हुआ।
गैलीलियो ने सिखाया कि केवल किताबों पर भरोसा न करें। बल्कि अपनी आंखों से देखें। उनकी इस खोज के बाद ही न्यूटन और आइंस्टीन जैसे वैज्ञानिकों ने आगे काम किया। विज्ञान की इस नींव पर ही आज के आधुनिक सैटेलाइट और स्पेस स्टेशन टिके हैं।
आज के युग में गैलीलियो की खोज का महत्व
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आज के डिजिटल दौर में हमारे पास बहुत शक्तिशाली और बड़े स्पेस टेलीस्कोप मौजूद हैं। नासा (NASA) ने गैलीलियो के सम्मान में उनके नाम पर एक अंतरिक्ष यान भी भेजा। वह यान बृहस्पति के पास गया और हमें वहां की अद्भुत और रंगीन तस्वीरें भेजीं।
गैलीलियो की वह पुरानी धुंधली तस्वीर आज की हाई-डेफिनिशन तस्वीरों की असली प्रेरणा बनी। वह हमें सिखाते हैं कि जिज्ञासा ही इंसान को महान और बुद्धिमान प्रजाति बनाती है। हमें हमेशा सवाल पूछने चाहिए और सच की तलाश में कभी नहीं रुकना चाहिए।
Reference Links:
07 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 07 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 07 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1297: फ्रांसेस्को ग्रिमाल्डी ने भिक्षु के वेश में मोनाको के किले पर कब्जा कर अपने परिवार का शासन स्थापित किया।
1558: फ्रांस के ड्यूक ऑफ गुइज ने इंग्लैंड के कब्जे वाले अंतिम क्षेत्र 'कैलिस' को वापस जीत लिया।
1610: गैलीलियो गैलीली ने पहली बार टेलीस्कोप से बृहस्पति (Jupiter) के चार चंद्रमाओं का अवलोकन किया।
1714: हेनरी मिल ने इंग्लैंड में दुनिया के पहले टाइपराइटर का आविष्कार किया।
1761: पानीपत की तीसरी लड़ाई में अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को पराजित किया।
1782: अमेरिका का पहला कमर्शियल बैंक 'बैंक ऑफ नॉर्थ अमेरिका' फिलाडेल्फिया में खुला।
1785: जीन-पियरे ब्लांचर्ड और जॉन जेफ्रीस ने गर्म हवा के गुब्बारे से पहली बार इंग्लिश चैनल पार किया।
1789: अमेरिका में देश के पहले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए जनता ने मतदान किया।
1793: स्वीडन में प्रसिद्ध 'ईबेल दंगे' की शुरुआत हुई।
1797: सिसाडेन गणराज्य की सरकार ने पहली बार आधिकारिक इतालवी तिरंगे झंडे को अपनाया।
1890: विलियम बी. परविस को फाउंटेन पेन के आविष्कार के लिए अमेरिकी पेटेंट मिला।
1927: न्यूयॉर्क और लंदन के बीच पहली ट्रांस-एटलांटिक कमर्शियल टेलीफोन सेवा शुरू हुई।
1937: नीदरलैंड की राजकुमारी जुलियाना ने प्रिंस बर्नहार्ड से विवाह किया।
1940: शीतकालीन युद्ध में फिनलैंड की सेना ने सोवियत संघ की भारी सेना को धूल चटाई।
1943: वाई-फाई और बिजली के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले निकोला टेस्ला का निधन हुआ।
1948: पायलट थॉमस मेंटल की यूएफओ (UFO) का पीछा करते समय विमान दुर्घटना में मृत्यु हुई।
1950: अमेरिका के आयोवा में एक अस्पताल में आग लगने से 41 मरीजों की जान चली गई।
1953: अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने आधिकारिक तौर पर हाइड्रोजन बम बनाने की घोषणा की।
1972: स्पेन के इबीसा में विमान दुर्घटना के कारण 108 यात्रियों की दुखद मृत्यु हुई।
1979: वियतनामी सेना ने कम्बोडिया की राजधानी फ्नोम पेन्ह पर कब्जा कर पोल पॉट शासन का अंत किया।
1985: सेलनेट ने यूनाइटेड किंगडम में सेल्युलर नेटवर्क सेवा का शुभारंभ किया।
1986: राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने आतंकवाद के मुद्दे पर लीबिया के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाए।
1989: जापान के सम्राट हिरोहितो की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अकिहितो ने गद्दी संभाली।
1990: पीसा की प्रसिद्ध 'झुकती हुई मीनार' (Leaning Tower of Pisa) को 800 साल में पहली बार जनता के लिए बंद किया गया।
1993: जेरी रॉव्लिंग्स ने घाना के चौथे गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
1994: दक्षिण अफ्रीका ने सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को रोमांचक मुकाबले में 5 रन से हराया।
1999: न्यूट गिंगरिच को दोबारा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House) का स्पीकर चुना गया।
2007: पोलैंड के आर्कबिशप स्टानिस्लाव विल्गस ने कम्युनिस्ट पुलिस के साथ सहयोग के आरोपों के कारण इस्तीफा दिया।
2009: रूसी पीएम व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के रास्ते यूरोप जाने वाली गैस सप्लाई बंद करने का फैसला किया।
2010: मिस्र में क्रिसमस समारोह के बाद कॉप्टिक ईसाइयों पर हुए हमले में 8 लोगों की मौत हुई।
2011: कतर में एएफसी (AFC) एशियाई कप फुटबॉल टूर्नामेंट की आधिकारिक शुरुआत हुई।
2011: ट्यूनीशिया में बेरोजगारी और राजनीतिक मुद्दों को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।
2012: न्यूजीलैंड में बिजली की तारों से टकराकर हॉट एयर बैलून क्रैश होने से 11 लोगों की मौत हुई।
2013: राष्ट्रपति ओबामा ने चक हागेल को रक्षा सचिव और जॉन ओ. ब्रेनन को सीआईए निदेशक नामित किया।
2014: शेख हसीना ने बांग्लादेश के आम चुनावों में भारी जीत दर्ज की।
2015: पेरिस में पत्रिका ‘चार्ली आब्दो’ के दफ्तर पर आतंकी हमला हुआ, जिसमें 12 लोग मारे गए।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं
1980: आपातकाल के बाद हुए चुनाव में भारी बहुमत के साथ इंदिरा गांधी ने सत्ता में वापसी की।
2003: जापान ने भारत के विकास कार्यों के लिए 90 करोड़ डॉलर की सहायता देने की घोषणा की।
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