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आज के दिन की कहानी: पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को मथुरा के नगला चंद्रभान में हुआ था। उनके बचपन का समय काफी संघर्षों और दुखों से भरा हुआ बीता था।
दीनदयाल ने बहुत छोटी उम्र में ही अपने माता और पिता दोनों को खो दिया था। लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई को कभी भी अपने दुखों के आगे रुकने नहीं दिया। वे बचपन से ही पढ़ने में बहुत तेज और होनहार छात्र माने जाते थे।
अपनी मेहनत के दम पर दीनदयाल ने कई स्वर्ण पदक और छात्रवृत्तियां हासिल की थीं। सादगी भरा जीवन जीना उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी और खास पहचान बनी रही। उनके मन में देश सेवा का जज्बा बचपन से ही कूट-कूट कर भरा था।
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भारतीय जनसंघ का उदय
कॉलेज के दिनों में पंडित जी (Pandit Deendayal Upadhyay) का संपर्क राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से हुआ था। संघ की विचारधारा ने उनके जीवन की दिशा को पूरी तरह से बदल दिया था। उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर देश की सेवा करने का बड़ा फैसला लिया था।
साल 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर जनसंघ की शुरुआत की। वे भारतीय जनसंघ के महासचिव बने और संगठन को गांव-गांव तक पहुँचा दिया था।
उनके संगठन कौशल को देखकर मुखर्जी भी उनके बहुत बड़े प्रशंसक बन गए थे। उन्होंने राजनीति को सत्ता का साधन नहीं बल्कि सेवा का माध्यम माना था।
आजादी के बाद, जब देश एक नई राजनीतिक दिशा तलाश रहा था, तब 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक नए राजनीतिक विकल्प की नींव रखी, जिसका नाम था भारतीय जनसंघ। पंडित दीनदयाल जी इसके संस्थापक सदस्य बने।
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15 साल का लंबा सफर: उन्होंने 1952 से 1967 तक पार्टी के महामंत्री (General Secretary) के रूप में काम किया।
संगठन का विस्तार: उन्होंने जनसंघ को केवल शहरों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि अपनी साइकिल और सादगी के दम पर इसे भारत के दूर-दराज के गांवों तक पहुंचाया।
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एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन
पंडित जी ने दुनिया को एकात्म मानववाद (Integral Humanism) जैसा महान विचार दिया था। उनका मानना था कि भारत का विकास केवल पश्चिमी विचारों से संभव नहीं है। उन्होंने अंत्योदय का नारा दिया जिसका मतलब समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान है।
वे चाहते थे कि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिले। उनका आर्थिक दर्शन स्वदेशी और विकेंद्रीकरण पर पूरी तरह से आधारित रहा था।
आज भी सरकार की कई बड़ी योजनाएं उनके इसी अंत्योदय विचार पर चलती हैं। उनके विचार आज के दौर में भी उतने ही सटीक और जरूरी लगते हैं।
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मुगलसराय स्टेशन का वो रहस्यमयी अंत
11 फरवरी 1968 की वो रात भारतीय राजनीति के लिए एक काला अध्याय बनी। पंडित जी का शव मुगलसराय रेलवे स्टेशन के पास रेल की पटरियों पर मिला। उनकी रहस्यमयी मौत ने पूरे देश को हिलाकर और स्तब्ध कर रख दिया था। आज भी उनकी मौत की गुत्थी पूरी तरह से सुलझ नहीं पाई है।
उनकी याद में मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय कर दिया गया है। उनके त्याग और बलिदान को देश कभी भी भुला नहीं सकता है। वे मरकर भी अपने महान विचारों के जरिए आज भी हमारे बीच जीवित हैं।
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11 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 11 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 11 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
ईसा पूर्व 660: जापान की परंपरा के अनुसार, सम्राट जिममु ने जापान राष्ट्र की स्थापना की और यमाटो को अपनी राजधानी बनाया।
1250: सातवें धर्मयुद्ध के दौरान, मिस्र की अय्यूब सेना ने अल-मंसूराह पर हमला करने वाले हमलावरों को सफलतापूर्वक पीछे धकेला।
1715: 'टस्कारारा युद्ध' का अंत हुआ; टस्कारारा और उनके सहयोगियों ने कैरोलिना प्रांत के साथ शांति संधि पर हस्ताक्षर किए।
1809: रॉबर्ट फुल्टन ने अमेरिका में पहली स्टीमबोट (भाप से चलने वाली नाव) का पेटेंट कराया।
1826: इंग्लैंड के लंदन में पहले धर्मनिरपेक्ष (Secular) विश्वविद्यालय, 'यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन' की स्थापना हुई।
1847: महान अमेरिकी आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन का जन्म हुआ, जिन्होंने बल्ब और फोनोग्राफ जैसे नायाब आविष्कार किए।
1852: लंदन की बेडफोर्ड स्ट्रीट में महिलाओं के लिए ब्रिटेन का पहला सार्वजनिक शौचालय खोला गया।
1919: फ्रेडरिक एबर्ट को जर्मनी के वीमर गणराज्य का पहला राष्ट्रपति चुना गया।
1929: इटली और वेटिकन सिटी के बीच 'लेटरन संधि' हुई, जिससे वेटिकन सिटी को एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता मिली।
1938: बीबीसी ने पहली बार किसी 'साइंस फिक्शन' (विज्ञान कथा) टीवी कार्यक्रम (नाटक आर.यू.आर.) का प्रसारण किया।
1953: सोवियत संघ ने इजरायल के साथ अपने कूटनीतिक संबंध समाप्त कर दिए।
1963: मशहूर अमेरिकी कवयित्री सील्विया प्लाथ ने लंदन में आत्महत्या कर ली।
1970: जापान ने अपना पहला उपग्रह 'योसुमि' (Ohsumi) सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्च किया।
1978: चीन ने अरस्तू, शेक्सपियर और डिकेंस जैसे महान लेखकों की रचनाओं पर लगा वर्षों पुराना प्रतिबंध हटाया।
1979: ईरान की सेना के 'तटस्थ' होने के बाद पहलवी राजवंश का पतन हुआ और आयतुल्ला खमेनी सत्ता में आए।
1987: ब्रिटिश एयरवेज का निजीकरण हुआ और उसे लंदन स्टॉक एक्सचेंज में शामिल किया गया।
1990: दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद विरोधी नायक नेल्सन मंडेला को 27 साल की लंबी कैद के बाद विक्टर वेरस्टर जेल से रिहाई मिली।
2001: दुनिया भर में 'अन्ना कुरनिकोवा' कंप्यूटर वायरस फैला, जिसने लाखों ई-मेल सिस्टम को प्रभावित किया।
2011: मिस्र की जनक्रांति के दबाव में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने 30 साल के शासन के बाद इस्तीफा दिया।
2012: मशहूर अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री व्हिटनी ह्यूस्टन का 48 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं...
1955: भारत के प्रेस इतिहास में एक बड़ा दिन, जब कुछ प्रमुख समाचार पत्रों के नए संस्करणों का प्रकाशन और वितरण व्यवस्थित रूप से शुरू हुआ।
1968: भारतीय जनसंघ के संस्थापक और विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का निधन मुगलसराय स्टेशन के पास रहस्यमयी परिस्थितियों में हुआ।
2014: भारतीय एथलीटों को 2014 शीतकालीन ओलंपिक में भारतीय ध्वज के नीचे खेलने की अनुमति मिली (इससे पहले भ्रष्टाचार के चलते आईओसी ने प्रतिबंध लगाया था)।
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