/sootr/media/media_files/2026/02/11/history-2026-02-11-16-24-18.jpg)
आज के दिन की कहानी: दोस्तों, आज हम एक ऐसी कहानी पर बात करेंगे जिसने भारत की किस्मत बदल दी। इसी साल भारत ने खुद को दुनिया की सबसे घातक बीमारी चेचक से मुक्त किया। भारत सरकार और WHO ने मिलकर घर-घर जाकर लोगों को ढूंढकर टीके लगाए थे।
24 मई 1975 को भारत में चेचक का आखिरी मामला बिहार में पाया गया था। इसके बाद भारत ने दुनिया के सामने खुद को पूरी तरह चेचक मुक्त घोषित कर दिया। यह जंग किसी सीमा पर नहीं बल्कि एक जानलेवा बीमारी के खिलाफ लड़ी गई थी।
उस समय चेचक यानी स्मॉलपॉक्स (Smallpox) या चिकेनपॉक्स का नाम सुनकर ही लोगों की रूह कांप जाती थी। लेकिन 12 फरवरी 1975 में भारत ने खुद को चेचक मुक्त घोषित कर दुनिया को चौंका दिया। आइए जानें कैसे...
/sootr/media/post_attachments/content/dam/media/global/images/2025/history-disease-outbreaks-vaccine-timeline/Edward-Jenner-child-smallpox-2208x1472-creativecommons-465565.jpg)
चेचक का वो खौफनाक दौर
आज की पीढ़ी शायद चेचक यानी चिकेनपॉक्स के असली खौफ को महसूस न कर पाए। उस जमाने में चेचक का मतलब सीधा मौत या फिर उम्र भर की कुरूपता होता था।
गांव के गांव इस चिकेनपॉक्स की बीमारी की चपेट में आकर पूरी तरह से खत्म हो जाते थे। लोग इसे बड़ी माता कहते थे और इसके डर से कांपते रहते थे। इसे लोग शीतला माता का प्रकोप मानकर इलाज करवाने से अक्सर बहुत ज्यादा डरते थे।
भारत में हर साल हजारों लोग इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा देते थे। 1970 के दशक की शुरुआत में भारत चेचक का दुनिया में सबसे बड़ा केंद्र था।
/sootr/media/post_attachments/images/default-source/departments/department-of-communications/spotlights/history-of-vaccines/history-of-smallpox-vaccination/smallpox-unknown-india-image.tmb-1920v-377452.jpg?Culture=en&sfvrsn=5e5e931d_1)
जब शुरू हुआ चेचक के खिलाफ महायुद्ध
साल 1973 में भारत सरकार और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि अब बचाव नहीं, बल्कि चेचक को पूरी तरह खत्म करना होगा। इस मिशन को नाम दिया गया Target Zero। इसकी रणनीति बहुत ही अलग थी।
स्वास्थ्य कर्मियों की हजारों टीमें बनाई गईं जो देश के हर एक घर तक पहुंचीं। उन्होंने हर उस व्यक्ति को ढूंढ निकाला जिसे चेचक था या जिसके लक्षण दिख रहे थे। डॉक्टरों ने पहाड़ों, जंगलों और दूर-दराज के गांवों में पैदल चलकर वैक्सीनेशन का काम किया।
/sootr/media/post_attachments/sites/default/files/styles/social_facebook/public/2019-07/smallpox-hero-795791.jpg?h=d3adff86&itok=lKs5R7nb)
वो जादुई फॉर्मूला जिसने काम कर दिखाया
इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत थी सर्च एंड कंटेनमेंट की बेहतरीन और सटीक रणनीति। अगर किसी एक गांव में एक भी मरीज मिलता, तो पूरे इलाके को घेर लिया जाता।
मरीज के संपर्क में आए हर इंसान को फौरन टीका लगा दिया जाता था। सरकार ने चेचक के मरीज की खबर देने वाले को नकद इनाम देने की घोषणा की।
इस लालच और जागरूकता ने लोगों को छिपने के बजाय सामने आने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे चेचक के मामले कम होने लगे और मौत का आंकड़ा भी गिरने लगा।
/sootr/media/post_attachments/image-handler/ts/20210301082118/ri/200/picture/2021/3/shutterstock_1338554249-934363.jpg)
भारत का आखिरी चेचक केस
तारीख थी 24 मई 1975, जब बिहार के कटिहार में सईबान बीबी अंतिम मरीज मिलीं। सईबान बीबी भारत में चेचक की आखिरी मरीज थीं जिन्हें सही इलाज देकर ठीक किया गया।
इसके बाद महीनों तक पूरे भारत में एक भी नया केस सामने नहीं आया। जुलाई 1975 में भारत ने आधिकारिक तौर पर खुद को स्मॉलपॉक्स फ्री घोषित कर दिया।
ये पूरी दुनिया के लिए एक बहुत ही बड़ा और हैरान कर देने वाला चमत्कार था। भारत की इस सफलता ने साबित कर दिया कि एकता और मेहनत से कुछ भी मुमकिन है।
/sootr/media/post_attachments/sites/default/files/styles/image_1050x460/public/File:Edward_Jenner_vaccinating_his_young_child-428938.png?itok=LNaqtkcm)
चेचक की जीत से मिलने वाली बड़ी सीख
चेचक पर भारत की जीत हमें सिखाती है कि वैक्सीनेशन और विज्ञान ही हमारा सुरक्षा कवच है। 1975 की उस सफलता ने भारत के हेल्थ सिस्टम को एक नई और मजबूत पहचान दी।
आज हम पोलियो और कोरोना जैसी बीमारियों से लड़ने की हिम्मत वहीं से पाते हैं। हमारे डॉक्टरों और ग्राउंड वर्कर्स की वो मेहनत आज भी हर हिंदुस्तानी के लिए गर्व है।
हमें हमेशा विज्ञान पर भरोसा रखना चाहिए और अफवाहों से कोसों दूर रहना चाहिए। भारत की यह ऐतिहासिक जीत आने वाली हर पीढ़ी को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
/sootr/media/post_attachments/images/2021/01/15/multimedia/00xp-vaccine-drives-edwardjenner/00xp-vaccine-drives-edwardjenner-articleLarge-564419.jpg?quality=75&auto=webp&disable=upscale)
चिकनपॉक्स के मुख्य लक्षण
- मुख्य लक्षण: इसकी शुरुआत हल्के बुखार, थकान और सिरदर्द से होती है। इसके बाद शरीर (चेहरे, छाती और पीठ) पर लाल, खुजलीदार दाने उभरते हैं जो बाद में तरल पदार्थ से भरे फफोलों में बदल जाते हैं।
फैलने का कारण: यह 'वेरिसेला-जॉस्टर' वायरस के कारण होता है। यह हवा (खांसी, छींक) या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बहुत तेजी से फैलता है।
संक्रमण की अवधि: मरीज दाने निकलने से 1-2 दिन पहले से लेकर, सभी फफोलों के सूखकर पपड़ी बनने तक (लगभग 7-10 दिन) दूसरों को संक्रमित कर सकता है।
बचाव और रोकथाम: चिकनपॉक्स से बचने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण (Vaccination) है। संक्रमण होने पर मरीज को सबसे अलग (Isolation) रखना चाहिए ताकि परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित रहें।
इलाज और देखभाल: खुजली कम करने के लिए कैलामाइन लोशन या नीम के पानी का उपयोग करें। दानों को बिल्कुल न खुजलाएं क्योंकि इससे संक्रमण बढ़ सकता है और चेहरे पर निशान पड़ सकते हैं।
क्या करें और क्या न करें: पर्याप्त आराम करें और हल्का, सुपाच्य भोजन लें। मसालेदार खाने से बचें और संक्रमित व्यक्ति के कपड़े या बर्तन साझा न करें। गंभीर स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Reference Links
World Health Organization (WHO):
The Smallpox Eradication Programme National Library of Medicine (NIH):
Smallpox Eradication in India BBC News Archive:
How India managed to eradicate Smallpox Scientific American:
Lessons from Smallpox Eradication in India
12 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 12 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 12 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1541: पेड्रो डी वल्दिविया ने चिली की वर्तमान राजधानी 'सैंटियागो' की स्थापना की।
1719: नीदरलैंड की सबसे पुरानी जीवन बीमा कंपनी 'ओडरलिंगे वैन 1719' की शुरुआत हुई।
1771: गुस्ताव III स्वीडन के नए राजा के रूप में सिंहासन पर बैठे।
1804: प्रसिद्ध जर्मन दार्शनिक और विचारक इमैनुएल कांट का 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
1809: अमेरिका के 16वें और सबसे प्रभावशाली राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का जन्म हुआ।
1817: चैकाबुको की लड़ाई में अर्जेंटीना और चिली की सेना ने स्पेनिश सेना को पराजित किया।
1818: दक्षिण अमेरिकी देश चिली को आधिकारिक तौर पर स्पेन से पूर्ण स्वतंत्रता मिली।
1855: मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई, जो अमेरिका का पहला कृषि महाविद्यालय था।
1877: अमेरिकी रेलवे बिल्डर्स ने मजदूरी में कटौती के विरोध में ऐतिहासिक हड़ताल की।
1912: चीन ने आधिकारिक रूप से ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपनाकर नए युग की शुरुआत की।
1912: अंतिम चीनी सम्राट पुई ने गद्दी छोड़ी और चीन में किंग राजवंश का अंत होकर गणतंत्र बना।
1914: वाशिंगटन डी.सी. में ऐतिहासिक 'लिंकन मेमोरियल' की पहली आधारशिला रखी गई।
1946: अमेरिकी सेना के दिग्गज आइजैक वुडार्ड पर पुलिसिया हमले ने नागरिक अधिकार आंदोलन को जन्म दिया।
1947: डिजाइनर क्रिश्चियन डायर के 'न्यू लुक' ने पेरिस को दुनिया का फैशन केंद्र बना दिया।
1947: साइबेरिया के सिख-अलीन क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा लोहे का उल्कापिंड गिरा।
1948: इखवानुल मुसलमीन के संस्थापक हसन-अल-बन्ना की मिस्र में साजिश के तहत हत्या कर दी गई।
1951: ईरान के मोहम्मद रजा शाह ने सोराया ऐस्पेन्डीरी बख्तियार के साथ विवाह किया।
1974: रूसी लेखक अलेक्सांद्र सोल्जेनित्सिन को सोवियत संघ ने गिरफ्तार कर देश निकाला दिया।
1988: एंथोनी कैनेडी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला।
1993: इंग्लैंड में दो 10 वर्षीय लड़कों द्वारा जेम्स बुलगर की हत्या ने पूरे विश्व को दहला दिया।
1994: नॉर्वे की नेशनल गैलरी से एडवर्ड मुंक की मशहूर पेंटिंग 'द स्क्रीम' चोरी हो गई।
1995: मार्क फोस्टर ने 50 मीटर बटरफ्लाई तैराकी में 23.55 सेकंड का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
1999: अमेरिकी सीनेट ने लेविंस्की मामले में राष्ट्रपति क्लिंटन के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई की।
2001: नासा का 'NEAR शूमेकर' अंतरिक्ष यान इरोस क्षुद्रग्रह पर उतरने वाला पहला यान बना।
2002: ईरान में विमान दुर्घटना के कारण 119 यात्रियों की दर्दनाक मौत हुई।
2006: अमेरिकी उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने शिकार के दौरान अनजाने में अपने दोस्त को गोली मार दी।
2009: मॉर्गन त्वांगिराई ने रॉबर्ट मुगाबे के साथ समझौता कर जिम्बाब्वे के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
2009: न्यूयॉर्क में कोगन एयर फ्लाइट 3407 के दुर्घटनाग्रस्त होने से विमान और घर के 50 लोग मारे गए।
2010: कनाडा के वैंकूवर में 21वें शीतकालीन ओलंपिक खेलों का भव्य शुभारंभ हुआ।
2010: उत्तरी यमन में हौथी विद्रोहियों और यमन सरकार के बीच युद्ध विराम की घोषणा हुई।
2011: अल्जीरिया में राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बुटीफ्लिका के खिलाफ हजारों लोगों ने विद्रोह प्रदर्शन किया।
2012: ब्रिटिश गायिका एडेल को ग्रैमी अवार्ड्स में 'एल्बम ऑफ द ईयर' सहित कई पुरस्कार मिले।
2013: उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद तीसरा सफल भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
2013: अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने 2020 ओलंपिक से कुश्ती के खेल को बाहर करने का फैसला सुनाया।
2014: स्विस बैंकों से तानाशाही फर्डिनेंड मार्कोस के 29 मिलियन डॉलर वापस फिलीपीन सरकार को मिले।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं...
1871: महान समाज सुधारक और शिक्षाविद् चार्ल्स फ्रीर एंड्रयूज का इंग्लैंड में जन्म हुआ।
1901: वायसराय लॉर्ड कर्जन ने पंजाब में 'उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत' (NWFP) का गठन किया।
1975: भारत ने आधिकारिक तौर पर स्वयं को घातक बीमारी 'चेचक' (Chickenpox) से मुक्त घोषित किया।
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
12 जनवरी का इतिहास: National Youth Day, जानें विवेकानंद का भारतीय दर्शन
11 जनवरी का इतिहास: ताशकंद में क्या हुआ था, पढ़ें शास्त्री जी के निधन की कहानी
आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us