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आज के दिन की कहानी: तारीख थी 13 जनवरी 1948, जब पूरा देश आजादी का जश्न मनाने के साथ-साथ विभाजन के गहरे जख्मों से भी जूझ रहा था। चारों तरफ सांप्रदायिक हिंसा की आग लगी थी। लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो रहे थे।
ऐसे में महात्मा गांधी ने दिल्ली के बिड़ला हाउस में अपनी सबसे बड़ी शक्ति अहिंसा का आखिरी बार उपयोग करने का फैसला किया। उन्होंने एलान किया कि जब तक दिल्ली में शांति और भाईचारा वापस नहीं आता वे अन्न का एक दाना भी नहीं लेंगे। ये केवल एक अनशन नहीं था, बल्कि मानवता को बचाने के लिए एक संत की अंतिम पुकार थी। आइए जानें महात्मा गांधी का जीवन परिचय...
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क्यों उठाना पड़ा इतना बड़ा कदम
अगस्त 1947 में भारत को आजादी तो मिली, लेकिन विभाजन ने लाखों लोगों के घर उजाड़ दिए थे। पाकिस्तान से आए शरणार्थी और दिल्ली के स्थानीय लोगों के बीच तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया था।
दिल्ली की मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। सड़कों पर लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे। गांधी जी का दिल ये सब देखकर बहुत ज्यादा दुखी था क्योंकि उन्होंने एक अखंड भारत का सपना देखा था।
गांधी जी को लगा कि भाषणों से ज्यादा अब खुद के बलिदान के जरिए ही लोगों के दिल बदले जा सकते हैं। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने अपने जीवन का पंद्रहवां और सबसे महत्वपूर्ण आमरण अनशन शुरू करने का निर्णय लिया।
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बापू की शर्तों से प्रशासन में मची खलबली
गांधी जी ने अनशन तोड़ने के लिए दिल्ली के नेताओं और जनता के सामने सात कड़ी शर्तें रखी थीं। इनमें मुख्य शर्त यह थी कि दिल्ली में मुसलमानों को उनके घरों में सुरक्षित रहने की पूरी आजादी मिले।
दूसरी बड़ी मांग पाकिस्तान को उसके हिस्से के 55 करोड़ रुपये का भुगतान करने की थी, जो उस समय रुका हुआ था। भारत सरकार इस बात को लेकर शुरू में हिचकिचा रही थी। ऐसा इसलिए, क्योंकि कश्मीर के हालात उस समय ठीक नहीं थे।
जैसे-जैसे गांधी जी की हालत बिगड़ने लगी, पूरी सरकार और जनता के बीच बड़ी बेचैनी फैल गई। नेहरू और पटेल समेत सभी बड़े नेता बापू के जीवन को बचाने के लिए समाधान निकालने में जुट गए।
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जनता का हृदय परिवर्तन और एकता की नई मिसाल
जैसे-जैसे दिन बीते, गांधी जी की कमजोरी बढ़ने लगी। डॉक्टरों ने उनके अंगों पर पड़ने वाले दबाव की चेतावनी दी। बिड़ला हाउस के बाहर 'हमे बचा लो' और 'बापू को मरने नहीं देंगे' के नारे लगने शुरू हो गए थे।
जो लोग पहले गुस्से में थे, बापू की बिगड़ती हालत देख उनका पत्थर जैसा दिल भी पूरी तरह पिघलने लगा। सभी समुदायों के नेताओं ने मिलकर एक शांति घोषणापत्र तैयार किया। गांधी जी को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया।
दिल्ली की सड़कों पर हिंदू, मुस्लिम और सिख भाई-चारे के साथ एक-दूसरे के गले मिलते हुए नजर आने लगे थे। यह गांधी जी के आत्मबल की ही जीत थी कि लोगों ने हिंसा छोड़कर फिर से शांति का रास्ता चुना।
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18 जनवरी 1948: अनशन का अंत और शांति की जीत
लगातार छह दिनों तक चले इस कठिन अनशन के बाद आखिरकार दिल्ली में शांति की बहाली के पुख्ता इंतजाम हो गए। 18 जनवरी को मौलाना आजाद और अन्य नेताओं की उपस्थिति में 78 साल के गांधी जी ने संतरे का रस पीकर अपना उपवास तोड़ा।
सरकार ने पाकिस्तान की मदद करने का फैसला भी मान लिया। दिल्ली की फिजां में फिर भाईचारा लौटा। हालांकि, इस फैसले से कुछ कट्टरपंथी लोग बहुत नाराज हो भी गए। लेकिन गांधी जी के लिए मानवता की रक्षा सर्वोपरि थी।
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अहिंसा के पुजारी की अंतिम विदाई
18 जनवरी को अनशन टूटने के बाद बापू बेहद कमजोर हो गए थे। लेकिन उनके चेहरे पर एक अजब सा संतोष था। अनशन टूटने के ठीक 12 दिन बाद, 30 जनवरी 1948 की शाम जब बापू बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा की ओर बढ़ रहे थे। तभी नाथूराम गोडसे ने उनके सीने में तीन गोलियां दाग दीं।
'हे राम' कहते हुए सत्य और अहिंसा का वह सूरज हमेशा के लिए अस्त हो गया। बापू की शहादत ने पूरे विश्व को झकझोर दिया। लेकिन उनका वह आखिरी अनशन आज भी हमें सिखाता है कि नफरत का जवाब सिर्फ प्यार और बलिदान से ही दिया जा सकता है।
References
13 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 13 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 13 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
896: चीन में तांग राजवंश के पतन के बाद सम्राट झाओ ज़ोंग ने ली कीयोंग को जिन का राजकुमार नियुक्त किया।
1559: एलिजाबेथ प्रथम का इंग्लैंड की साम्राज्ञी के रूप में राज्याभिषेक हुआ।
1610: गैलीलियो गैलिली ने बृहस्पति के चौथे उपग्रह 'कैलिस्टो' की खोज की।
1750: स्पेन और पुर्तगाल के बीच मैड्रिड की संधि हुई, जिससे ब्राजील की सीमाओं का विस्तार हुआ।
1794: अमेरिकी कांग्रेस ने देश के झंडे में बदलाव कर 15 सितारे और 15 पट्टियाँ शामिल कीं।
1797: फ्रांसीसी क्रांतिकारी युद्ध के दौरान नौसैनिक संघर्ष में 900 से अधिक लोगों की मौत हुई।
1815: 1812 के युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिकों ने जॉर्जिया के 'फोर्ट पीटर' पर कब्जा कर लिया।
1818: मेवाड़ की रक्षा के लिए उदयपुर के राणा ने ब्रिटेन के साथ संरक्षण समझौता किया।
1822: ग्रीस की नेशनल असेंबली ने देश के वर्तमान झंडे के डिजाइन को पहली बार अपनाया।
1842: एंग्लो-अफगान युद्ध के दौरान डॉ. विलियम ब्रायडन जलालाबाद पहुंचे, जो नरसंहार से बचने वाले इकलौते यूरोपीय थे।
1874: होनोलूलू के राजा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सैनिकों को वहां भेजा गया।
1893: यूनाइटेड किंगडम में 'इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी' की पहली बैठक आयोजित की गई।
1898: फ्रांसीसी लेखक एमिल जोला ने राष्ट्रपति को खुला पत्र लिखकर 'ड्रेफस अफेयर' की सच्चाई उजागर की।
1910: न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन ओपेरा हाउस से दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण भेजा गया।
1915: इटली के एवेज्जानो शहर में आए भीषण भूकंप में करीब 30,000 लोगों (96% आबादी) की मौत हुई।
1930: दुनिया की सबसे लोकप्रिय 'मिकी माउस' कॉमिक स्ट्रिप का पहली बार प्रकाशन हुआ।
1953: सोवियत संघ के अखबार 'प्रावदा' ने यहूदी डॉक्टरों पर नेताओं को जहर देने की साजिश का आरोप लगाया।
1953: मार्शल जोसिप ब्रोज टीटो यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति चुने गए।
1961: पूर्व ब्रिटिश विमान वाहक HMS 'वेंजेंस' को ब्राजील की नौसेना में शामिल किया गया।
1966: अमेरिका ने नेवादा रेगिस्तान में अपना भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
1967: जनरल ग्नसिंगबे आइडामा ने टोगो में तख्तापलट कर सत्ता हासिल की।
1968: गायक जॉनी कैश ने कैलिफोर्निया की जेल में अपना मशहूर लाइव एल्बम 'एट फॉल्सम प्रिजन' रिकॉर्ड किया।
1978: नासा (NASA) ने अंतरिक्ष मिशन के लिए पहली बार अमेरिकी महिला अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया।
1986: दक्षिण यमन में गृह युद्ध शुरू हुआ, जिसके कारण हजारों लोग हताहत हुए।
1990: डगलस वाइल्डर वर्जीनिया के गवर्नर बने, जो अमेरिका के पहले निर्वाचित अफ्रीकी-अमेरिकी गवर्नर थे।
1993: इराक में 'नो फ्लाई ज़ोन' लागू करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों ने हवाई हमले शुरू किए।
1995: 'अमेरिका-3' की महिला चालक दल ने प्रतिष्ठित 'अमेरिका कप' रेस जीतकर इतिहास रचा।
2001: अल साल्वाडोर में आए भीषण भूकंप और भूस्खलन में 850 से ज्यादा लोगों की जान गई।
2009: दो साल की सैन्य कार्रवाई के बाद इथियोपिया की सेना ने सोमालिया से वापसी शुरू की।
2012: टस्कनी के तट पर इतालवी क्रूज जहाज 'कोस्टा कॉनकॉर्डिया' चट्टान से टकराकर डूब गया।
2013: 70वें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स में फिल्म 'आर्गो' ने सर्वश्रेष्ठ ड्रामा और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता।
2014: प्यूर्टो रिको के तट पर 6.5 तीव्रता के भूकंप से भारी जान-माल का नुकसान हुआ।
भारत की प्रमुख घटनाएं...
1450: पुर्तगाली नाविक बारथोलोमियु डेयाज़ का जन्म हुआ, जिनके खोजे रास्ते से वास्को डी गामा भारत पहुंचे।
- 1948: जब गांधी ने शांति के लिए लगाया अपने प्राणों का दांव।
1949: अंतरिक्ष में कदम रखने वाले पहले भारतीय विंग कमांडर राकेश शर्मा का जन्म पंजाब के पटियाला में हुआ।
2009: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को नेशनल कॉन्फ्रेंस का अध्यक्ष बनाया गया।
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