15 जुलाई का इतिहास: मोरारजी देसाई की बायोग्राफी और उनके अनोखे जीवन के सच
Kaushiki | Jul 15, 2026, 08:00 IST
Morarji Desai Biography
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई अपने राजनीतिक फैसलों से ज्यादा अपनी अनोखी लाइफस्टाइल के लिए दुनिया भर में मशहूर थे। 1979 में आज ही के दिन उन्होंने पीएम पद से इस्तीफा दिया था। आइए जानते हैं उनकी इस दिलचस्प जीवन यात्रा को।
Morarji Desai Biography: भारत के इतिहास में कई ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्होंने अपने फैसलों से देश को बदला। लेकिन इनमें से एक नाम ऐसा भी है जो अपनी खास आदतों के लिए जाना गया। हम बात कर रहे हैं देश के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की।
मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी 1896 को गुजरात के भदेली गांव में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे और घर का माहौल बहुत ही अनुशासित था। बचपन से ही मोरारजी देसाई के जीवन पर इस अनुशासन का गहरा प्रभाव पड़ा था।
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अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मोरारजी देसाई ने सरकारी नौकरी शुरू की थी। उन्होंने मुंबई प्रोविंशियल सिविल सर्विस में डिप्टी कलेक्टर के रूप में काम किया था। करीब बारह साल तक उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के तहत अपनी सेवाएं दी थीं।
लेकिन साल 1930 में महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वे पूरी तरह से आजादी के आंदोलन में कूद पड़े थे। उन्होंने कई बार जेल यात्रा भी की और कांग्रेस के बड़े नेता बने।
![मोरारजी देसाई पर लगे 'देशद्रोह' के आरोप के पीछे की कहानी और कांग्रेस द्वारा जयशंकर को निशाना बनाने के लिए इसे फिर से क्यों उठाया जा रहा है]()
देश आजाद होने के बाद मोरारजी देसाई ने मुंबई राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला। उनके कड़े अनुशासन और प्रशासनिक फैसलों की वजह से वे काफी चर्चा में रहे। इसके बाद वे देश के गृह मंत्री और वित्त मंत्री भी बने थे।
वह हमेशा खुद को देश का अगला प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहते थे। लेकिन लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी के रहते उनका यह सपना पूरा न हो सका। बाद में इंदिरा गांधी से मतभेदों के बाद वे उनसे अलग हो गए।
![पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि | भारत समाचार - न्यूज़18]()
साल 1975 में जब देश में इमरजेंसी लगी तो उन्हें भी जेल में डाल दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने जनता पार्टी का गठन करने में मदद की। साल 1977 में देश में ऐतिहासिक चुनाव हुए और कांग्रेस की करारी हार हुई।
इसके बाद मोरारजी देसाई देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बनने में सफल रहे। उनकी सरकार ने इमरजेंसी के दौरान किए गए कई गलत फैसलों को तुरंत बदला। लेकिन जनता पार्टी के अंदर आपसी कलह लगातार बढ़ती चली गई।
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पार्टी के भीतर मतभेद इतने बढ़ गए कि सरकार खतरे में आ गई थी। चौधरी चरण सिंह और जगजीवन राम जैसे नेताओं के साथ उनका तालमेल बिगड़ गया। इसके बाद मोरारजी देसाई ने अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
यह ऐतिहासिक इस्तीफा उन्होंने 15 जुलाई 1979 को राष्ट्रपति को सौंप दिया था। इस तरह देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार सिर्फ ढाई साल में ही गिर गई। इसके बाद देश की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिला था।
![पहले गुजराती पीएम जो थे पाकिस्तान के चहेते - BBC News हिंदी]()
मोरारजी देसाई जितने अपनी राजनीति के लिए जाने गए, उससे ज्यादा अपनी जीवनशैली के लिए चर्चित रहे। वे अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहते थे और कड़े नियम अपनाते थे। उनका मानना था कि इंसान को हमेशा कुदरती चीजों का सेवन करना चाहिए।
वे अपने पूरे जीवन में केवल शाकाहारी और सादा भोजन ही करते थे। वे लहसुन, प्याज और मसालों से हमेशा दूरी बनाकर रखना पसंद करते थे। वे हर दिन ताजे फलों का रस और दूध का सेवन नियमित रूप से करते थे।
![जब मोरारजी देसाई की अमेरिकी यात्रा के दौरान उनका मूत्र घाटी में चर्चा का विषय बन गया - द इकोनॉमिक टाइम्स]()
पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सबसे चर्चित आदत उनकी स्वमूत्र चिकित्सा यानी 'यूरिन थेरेपी' थी। वे खुलकर स्वीकार करते थे कि वे खुद के मूत्र का सेवन करते हैं। उनके इस दावे ने पूरी दुनिया के मीडिया का ध्यान खींचा था।
उनका मानना था कि यह थेरेपी कई बड़ी बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकती है। अमेरिकी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस पर खुलकर बात की थी। उनके इस अनोखे नुस्खे की चर्चा आज भी पूरी दुनिया में की जाती है।
![चित्र:Morarji Desai During his visit to the United States of America (cropped).jpg - विकिपीडिया]()
मोरारजी देसाई दुनिया के इकलौते ऐसे नेता हैं जिन्हें दो बड़े सम्मान मिले। उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' प्रदान किया गया था। इसके साथ ही उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान 'निशान-ए-पाकिस्तान' भी मिला।
दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने के लिए उन्हें यह सम्मान मिला था। मोरारजी देसाई का निधन 10 अप्रैल 1995 को 99 वर्ष की आयु में हुआ था। वह आज भी अपने सिद्धांतों और कड़े नियमों के लिए याद किए जाते हैं।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 15 जुलाई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 15 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी 1896 को गुजरात के भदेली गांव में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे और घर का माहौल बहुत ही अनुशासित था। बचपन से ही मोरारजी देसाई के जीवन पर इस अनुशासन का गहरा प्रभाव पड़ा था।
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डिप्टी कलेक्टर से शुरू हुआ सफर
लेकिन साल 1930 में महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वे पूरी तरह से आजादी के आंदोलन में कूद पड़े थे। उन्होंने कई बार जेल यात्रा भी की और कांग्रेस के बड़े नेता बने।
मोरारजी देसाई पर लगे 'देशद्रोह' के आरोप के पीछे की कहानी और कांग्रेस द्वारा जयशंकर को निशाना बनाने के लिए इसे फिर से क्यों उठाया जा रहा है
आजादी के बाद बड़ी राजनीतिक भूमिका
वह हमेशा खुद को देश का अगला प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहते थे। लेकिन लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी के रहते उनका यह सपना पूरा न हो सका। बाद में इंदिरा गांधी से मतभेदों के बाद वे उनसे अलग हो गए।
पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि | भारत समाचार - न्यूज़18
पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने
इसके बाद मोरारजी देसाई देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बनने में सफल रहे। उनकी सरकार ने इमरजेंसी के दौरान किए गए कई गलत फैसलों को तुरंत बदला। लेकिन जनता पार्टी के अंदर आपसी कलह लगातार बढ़ती चली गई।
मैंने तीन सदियाँ देखी हैं – 115 | Chauthi Duniya
पीएम पद से ऐतिहासिक इस्तीफा
यह ऐतिहासिक इस्तीफा उन्होंने 15 जुलाई 1979 को राष्ट्रपति को सौंप दिया था। इस तरह देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार सिर्फ ढाई साल में ही गिर गई। इसके बाद देश की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिला था।
पहले गुजराती पीएम जो थे पाकिस्तान के चहेते - BBC News हिंदी
अनोखी लाइफस्टाइल और खान-पान
वे अपने पूरे जीवन में केवल शाकाहारी और सादा भोजन ही करते थे। वे लहसुन, प्याज और मसालों से हमेशा दूरी बनाकर रखना पसंद करते थे। वे हर दिन ताजे फलों का रस और दूध का सेवन नियमित रूप से करते थे।
जब मोरारजी देसाई की अमेरिकी यात्रा के दौरान उनका मूत्र घाटी में चर्चा का विषय बन गया - द इकोनॉमिक टाइम्स
स्वमूत्र चिकित्सा का अनोखा दावा
उनका मानना था कि यह थेरेपी कई बड़ी बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकती है। अमेरिकी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस पर खुलकर बात की थी। उनके इस अनोखे नुस्खे की चर्चा आज भी पूरी दुनिया में की जाती है।
चित्र:Morarji Desai During his visit to the United States of America (cropped).jpg - विकिपीडिया
दोनों देशों के सर्वोच्च सम्मान
दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने के लिए उन्हें यह सम्मान मिला था। मोरारजी देसाई का निधन 10 अप्रैल 1995 को 99 वर्ष की आयु में हुआ था। वह आज भी अपने सिद्धांतों और कड़े नियमों के लिए याद किए जाते हैं।
Reference Links:
- भारत सरकार का आधिकारिक पोर्टल (पीएम इंडिया): pmindia.gov.in/en/former-prime-ministers/
- Britannica: britannica.com/biography/Morarji-Desai
- The New York Times: nytimes.com/1995/04/11/obituaries/morarji-desai-dies-at-99-defeated-indira-gandhi.html
- The Indian Express History: indianexpress.com/article/research/morarji-desai-birth-anniversary-the-first-non-congress-prime-minister-of-india-5599818/
15 जुलाई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 15 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1999: चीन ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि उसके पास न्यूट्रॉन बम बनाने की पूरी क्षमता मौजूद है।
- 2000: सिएरा लियोन में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत बंधक बनाए गए सभी भारतीय सैनिकों को सेना ने सुरक्षित मुक्त कराया।
- 2002: अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के मामले में पाकिस्तानी अदालत ने आतंकी उमर शेख को मौत की सजा सुनाई।
- 2004: नेपाल के प्रधानमंत्री ने देश में माओवादियों से शांति वार्ता के लिए विदेशी मध्यस्थता की मांग को मंजूरी दे दी थी।
- 2005: श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और लिट्टे के बीच हुए सुनामी राहत सामग्री के समझौते पर अस्थायी रोक लगा दी थी।
- 2008: नेपाल के वामपंथी दलों में देश के पहले राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद की नियुक्तियों को लेकर आपसी सहमति बन गई थी।
- 2011: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने पीएसएलवी सी-17 रॉकेट के जरिए जीसैट-12ए उपग्रह का श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण किया था।
- 1611: आमेर के प्रतापी राजा और मुगल साम्राज्य के बेहद शक्तिशाली व वरिष्ठ सेनापति मिर्जा राजा जयसिंह का जन्म हुआ था।
- 1840: ब्रिटिश काल के एक बेहतरीन शिक्षाविद, प्रसिद्ध ग्रंथकार और सांख्यिकीविज्ञ अंग्रेज अधिकारी विलियम विलसन हन्टर का जन्म हुआ था।
- 1883: भारत के प्रसिद्ध और अत्यंत धनी व्यवसायी जमशेद जी जीजाभाई का जन्म हुआ था, जो अपनी दानवीरता के लिए जाने जाते थे।
- 1885: आधुनिक केरल प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता पत्तम थानु पिल्लई का जन्म हुआ था।
- 1902: भारत के आठवें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में देश की न्यायपालिका को संभालने वाले कोका सुब्बा राव का जन्म हुआ था।
- 1903: भारत रत्न से सम्मानित महान स्वतंत्रता सेनानी और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी कामराज (के. कामराज) का जन्म हुआ था।
- 1909: आंध्र प्रदेश की पहली प्रमुख महिला राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गाबाई देशमुख का जन्म आज ही हुआ था।
- 1909: महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सदस्य और बम्बई विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य गनपतराव देवजी तापसे का जन्म हुआ था।
- 1912: भारत-पाकिस्तान के पहले युद्ध (1947-48) में अदम्य साहस दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जांबाज सैन्य अधिकारी मोहम्मद उस्मान का जन्म हुआ था।
- 1925: भारतीय रंगमंच के प्रसिद्ध अभिनेता, बेमिसाल नाटककार, कुशल निर्देशक और नए सिद्धांतों के जनक बादल सरकार का जन्म हुआ था।
- 1927: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के दिग्गज नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके सी. एच. मुहम्मद कोया का जन्म हुआ था।
- 1933: मलयालम साहित्य की दुनिया के बेहद मशहूर, प्रतिष्ठित और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित लेखक एम. टी. वासुदेव नायर का जन्म हुआ था।
- 1936: संस्कृत भाषा के जाने-माने प्रकांड विद्वान, प्रसिद्ध भाषाविद् और कई किताबों के लेखक कलानाथ शास्त्री का जन्म आज ही हुआ था।
- 1947: ओडिशा की रहने वाली प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता तुलसी मुण्डा का जन्म हुआ था, जिन्होंने आदिवासी शिक्षा के लिए बड़ा काम किया।
- 1957: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के जालौन से सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा का जन्म आज ही हुआ था।
- 1959: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रसिद्ध हिंदी कवि रमेश पोखरियाल 'निशंक' का जन्म हुआ था।
- 1962: गुजरात के बेहद कुशल, शांत स्वभाव के राजनीतिज्ञ और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
- 1974: भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी और मरणोपरांत 'महावीर चक्र' से सम्मानित कैप्टन नीकेझाकू का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
- 1978: भारत के मशहूर युवा उद्यमी विजय शेखर शर्मा का जन्म हुआ था, जिन्होंने देश में डिजिटल क्रांति लाते हुए पेटीएम (Paytm) की शुरुआत की।
- 1967: मराठी रंगमंच के महान नायक, अद्वितीय अभिनेता और अपनी सुरीली आवाज के लिए प्रसिद्ध गायक बाल गन्धर्व का निधन हुआ था।
- 2004: भारत की प्रसिद्ध चिकित्सा वैज्ञानिक और देश में परिवार नियोजन अभियान की विशेषज्ञ डॉक्टर बानो जहांगीर कोयाजी का निधन हुआ था।
- 2017: गणित की दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान 'फील्ड्स मेडल' जीतने वाली विश्व की पहली महिला गणितज्ञ मरियम मिर्ज़ाख़ानी का असमय निधन हुआ था।
2 जुलाई का इतिहास: जब मोहम्मद जियाउद्दीन बनकर अंग्रेजों की कैद से भागे थे नेताजी
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