16 मई का इतिहास: अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की सरकार से देश का भाग्य बदलने तक का पूरा सफर

Kaushiki | May 16, 2026, 08:00 IST
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atal bihari vajpayee political journey
atal bihari vajpayee political journey

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के एक चमकते सितारे थे। वह नेहरू के बाद लगातार तीन बार चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता बने। 13 दिन की सरकार से लेकर पूर्ण कार्यकाल तक, उनका सफर प्रेरणा और संघर्ष से भरा रहा।

अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी:भारतीय राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसा नाम है जो सबके दिलों में बसता है। उनका व्यक्तित्व इतना बड़ा था कि उनके विरोधी भी उनका सम्मान करते थे। वह एक शानदार वक्ता, कवी और दूरदर्शी नेता थे।

अटल बिहारी वाजपेयी की आवाज में वो जादू था कि संसद में सन्नाटा छा जाता था। एमपी के ग्वालियर की गलियों से शुरू हुआ उनका सफर दिल्ली के सिंहासन तक पहुंचा। उन्होंने हार नहीं मानी और भाजपा को शून्य से शिखर तक पहुंचाया। आइए डिटेल में जानें उनके प्रधानमंत्री बनने की कहानी...

Atal Bihari Vajpayee passes away: India mourns former PM's demise
Atal Bihari Vajpayee passes away: India mourns former PM's demise


नेहरू की ऐतिहासिक भविष्यवाणी

जब अटलजी पहली बार संसद पहुंचे, तो उनकी चर्चा हर तरफ होने लगी। उनके तर्क और भाषा शैली ने सबको काफी प्रभावित किया था। उस समय देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी मौजूद थे।

अटलजी का भाषण सुनकर नेहरू जी बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे। उन्होंने तभी भविष्यवाणी कर दी थी कि यह युवक एक दिन प्रधानमंत्री बनेगा। सालों बाद नेहरू जी की वह बात बिल्कुल सच साबित हुई।

जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, 'मुझे वोट मत देना', प्रतिद्वंद्वी को वोट देने  की अपील की, जमानत तक हो गई थी जब्‍त - atal bihari vajpayee contested first  lok sabha election
जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, 'मुझे वोट मत देना', प्रतिद्वंद्वी को वोट देने की अपील की, जमानत तक हो गई थी जब्‍त - atal bihari vajpayee contested first lok sabha election


अटलजी की 13 दिन की सरकार

साल 1996 अटल बिहारी वाजपेयी का पहला चुनाव था। वे पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन बहुमत न होने के कारण उनकी सरकार सिर्फ 13 दिन चली। सदन में विश्वास मत के दौरान उन्होंने एक ऐतिहासिक भाषण दिया था।

अटलजी ने कहा था कि वह सत्ता के भूखे नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। यह उनकी ईमानदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों का सबसे बड़ा उदाहरण था।

जब संख्याबल के आगे झुक गए थे अटल, 1996 का वो ऐतिहासिक भाषण - atal bihari  vajpayee 1996 resign famous speech former pm - AajTak
जब संख्याबल के आगे झुक गए थे अटल, 1996 का वो ऐतिहासिक भाषण - atal bihari vajpayee 1996 resign famous speech former pm - AajTak


13 महीने और फिर पूर्ण कार्यकाल का सफर

साल 1998 में वे दोबारा प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे। इस बार उनकी सरकार 13 महीने तक बहुत अच्छे से चली। लेकिन जयललिता की पार्टी के समर्थन वापस लेने से सरकार गिर गई।

सिर्फ एक वोट की कमी के कारण उनकी सरकार को जाना पड़ा। इसके बाद साल 1999 में उन्होंने शानदार वापसी की और पूर्ण कार्यकाल किया। वह नेहरू के बाद पहले ऐसे नेता बने जिन्होंने लगातार जीत दर्ज की।

First nuclear test held in 1974 pokhran - News18 हिंदी
First nuclear test held in 1974 pokhran - News18 हिंदी


पोखरण परमाणु परीक्षण से दुनिया को दिखाई ताकत

अटलजी के साहसी फैसलों ने भारत की तस्वीर और तकदीर बदल दी। साल 1998 में उन्होंने राजस्थान के पोखरण में गुप्त परमाणु परीक्षण किया।

अमेरिका और बड़े देशों को इसकी कानो-कान खबर तक नहीं हुई। इस परीक्षण के बाद भारत दुनिया में एक परमाणु शक्ति बन गया। दुनियाभर ने भारत पर कई आर्थिक पाबंदियां भी लगा दी थीं। लेकिन अटलजी नहीं डरे और देश को आत्मनिर्भर बनाए रखा। इसके जरिए अटलजी ने दुनिया को बता दिया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी पर निर्भर नहीं है।

अमेरिका की सीआईए जैसी खुफिया एजेंसियां भी इस परीक्षण का पता नहीं लगा पाई थीं। हालांकि इसके बाद भारत पर कई कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन अटलजी के नेतृत्व में भारत डटा रहा और अंततः दुनिया ने भारत को एक परमाणु संपन्न राष्ट्र के रूप में मान्यता दी।

Kargil War: भारत पाकिस्तान कारगिल युद्ध में अचार की अनकही कहानी, प्वाइंट  4875 जीतने की खुशी और खाने में जहर से लेकर नमक का कुछ ऐसा रहा कनेक्शन |  Jansatta
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कारगिल युद्ध से पाकिस्तान को सिखाया सबक

अटलजी हमेशा पड़ोसियों के साथ शांति और दोस्ती चाहते थे। उन्होंने लाहौर बस सेवा शुरू की ताकि रिश्ते सुधर सकें। लेकिन पाकिस्तान ने पीठ पीछे छुरा घोंपा और कारगिल में घुसपैठ की। इसके बाद अटलजी ने सेना को खुली छूट दे दी। भारतीय जांबाजों ने पहाड़ियों से दुश्मनों को खदेड़ कर बाहर किया। कारगिल की जीत ने अटलजी की लोकप्रियता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।

वेंकैया नायडू लिखते हैं: अटल बिहारी वाजपेयी, मेरे मार्गदर्शक, मेरे शिक्षक |  द इंडियन एक्सप्रेस
वेंकैया नायडू लिखते हैं: अटल बिहारी वाजपेयी, मेरे मार्गदर्शक, मेरे शिक्षक | द इंडियन एक्सप्रेस


सड़कों और शिक्षा पर जोर

अटलजी का मानना था कि सड़कें ही देश के विकास की असली नसें हैं। उन्होंने स्वर्ण चतुर्भुज योजना शुरू कर बड़े शहरों को आपस में जोड़ा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा गया। इसके साथ ही उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान (स्कूल चलें हम (School Chale Hum)) की शुरुआत की।

स्कूल चले हम वाल पेंटिंग
स्कूल चले हम वाल पेंटिंग


अटलजी का नारा था कि हर बच्चा स्कूल जाए और देश शिक्षित बने। इन योजनाओं का लाभ आज भी पूरा देश उठा रहा है। राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी को आजाद शत्रु कहा जाता था क्योंकि उनका कोई दुश्मन नहीं था। वे एक ऐसे नेता थे जिनका सम्मान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों समान रूप से करते थे।

अटलजी की शालीनता, तर्कपूर्ण भाषा और राष्ट्र प्रथम की भावना के कारण उनके कट्टर विरोधी भी उनकी प्रशंसा करते थे। संसद के भीतर और बाहर, उन्होंने हमेशा मर्यादित राजनीति की और व्यक्तिगत हमलों से परहेज किया, जो उन्हें एक सर्वमान्य जननेता बनाता था।

Atal Bihari Vajpayee Jayanti: पोखरण से सर्व शिक्षा अभियान तक
Atal Bihari Vajpayee Jayanti: पोखरण से सर्व शिक्षा अभियान तक


भाजपा के असली शिल्पकार

अटलजी ने लालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर भाजपा की नींव रखी थी। साल 1980 में उन्होंने कहा था कि अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा। उनकी यह बात सच हुई और भाजपा आज दुनिया की बड़ी पार्टी है। वह खाली समय में कविताएं लिखना और पढ़ना बहुत पसंद करते थे।

अटलजी की कविताएं 'हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा' आज भी प्रेरणा देती हैं। वे एक कवी हृदय वाले राजनेता थे, जिन्होंने सत्ता को कभी सिद्धांतों से ऊपर नहीं रखा। उनकी कहानी हार न मानने वाले जज्बे और करोड़ों भारतीयों के भरोसे की महागाथा है।

राजनीति और अटल जी का संदेश | Jansatta
राजनीति और अटल जी का संदेश | Jansatta


कौन थे अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह और देश के 10वें प्रधानमंत्री थे। इनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी एक अध्यापक और कवि थे। इनसे इन्हें कविता और साहित्य की प्रेरणा मिली।

अटलजी एक प्रखर वक्ता, निडर पत्रकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य संस्थापक थे। उन्होंने न केवल भारत को परमाणु शक्ति बनाया, बल्कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को धूल भी चटाई। उनकी दूरदर्शिता और सबको साथ लेकर चलने वाली गठबंधन राजनीति के कारण उन्हें 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

अटलजी की सादगी और देशभक्ति आज भी युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। जब वे संसद में बोलते थे, तो मानों वक्त ठहर जाता था। पिन-ड्रॉप साइलेंस के बीच उनकी पॉज लेने की कला विरोधियों को भी उनका मुरीद बना देती थी।

Reference Links:

16 मई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 16 मई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 16 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1606: रूस में विद्रोह के दौरान लगभग दो हजार विदेशी नागरिकों की हत्या कर दी गई।
  • 1747: प्रिंस विलियम V ने नीदरलैंड के एडमिरल-जनरल के रूप में कार्यभार संभाला।
  • 1770: मैरी एंटोनेट और फ्रांस के भावी राजा लुई XVI का विवाह संपन्न हुआ।
  • 1771: उत्तरी कैरोलिना में कराधान के विरोध में 'अलमांस की लड़ाई' लड़ी गई।
  • 1795: हेजेज की संधि के साथ बाताफ्स गणराज्य, फ्रांसीसी राज्य के अधीन हो गया।
  • 1811: प्रायद्वीपीय युद्ध के दौरान अल्बुएरा की लड़ाई में फ्रांसीसी और संबद्ध सेनाओं के बीच संघर्ष हुआ।
  • 1812: बुखारेस्ट की संधि से रूस-तुर्की युद्ध समाप्त हुआ और बेस्सारबिया रूस में शामिल हुआ।
  • 1817: अमेरिका की प्रसिद्ध मिसिसिपी नदी पर पहली बार स्टीमबोट सेवा शुरू की गई।
  • 1843: मिसौरी से ओरेगन ट्रेल के लिए पहली बड़ी वैगन ट्रेन (प्रवासियों का जत्था) रवाना हुई।
  • 1862: जीन जोसेफ एटिनी लेनोयर ने विश्व का पहला सफल ऑटोमोबाइल इंजन तैयार किया।
  • 1869: सिनसिनाटी रेड्स ने अपना पहला पेशेवर बेसबॉल मैच 41-7 के विशाल अंतर से जीता।
  • 1872: मेट्रोपॉलिटन गैस कंपनी द्वारा पहली बार गैस का लैंप जलाया गया।
  • 1875: वेनेजुएला और कोलंबिया में आए विनाशकारी भूकंप में 16 हजार लोगों की जान गई।
  • 1877: फ्रांस में एक बड़े राजनीतिक संकट की शुरुआत हुई।
  • 1916: ब्रिटेन और फ्रांस के बीच मध्य पूर्व की सीमाएं तय करने वाला गुप्त 'साइक्स-पिकोट समझौता' हुआ।
  • 1918: अमेरिका में सरकार या सेना के अपमान को रोकने के लिए 'सेडिशन एक्ट' पारित हुआ।
  • 1919: अमेरिकी नौसेना का विमान कर्टिस NC-4 ट्रांसअटलांटिक उड़ान पूरी करने वाला पहला विमान बना।
  • 1920: स्विट्जरलैंड ने जनमत संग्रह के बाद 'लीग ऑफ नेशंस' में शामिल होने का निर्णय लिया।
  • 1929: हॉलीवुड के रूजवेल्ट होटल में पहले 'एकेडमी अवॉर्ड्स' (ऑस्कर) का आयोजन हुआ।
  • 1943: द्वितीय विश्व युद्ध में रॉयल एयर फोर्स ने जर्मन बांधों को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन चेस्टाइज' चलाया।
  • 1948: चेम वीज़ामेन को नवनिर्मित देश इजरायल के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना गया।
  • 1960: थियोडोर मैमन ने कैलिफोर्निया में दुनिया के पहले 'रूबी लेजर' का सफल परीक्षण किया।
  • 1961: दक्षिण कोरिया में जनरल पार्क चुंग-ही के नेतृत्व में सैन्य तख्तापलट हुआ।
  • 1966: माओत्से तुंग ने चीन में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव के लिए 'सांस्कृतिक क्रांति' शुरू की।
  • 1969: सोवियत संघ का अंतरिक्ष यान 'वेनेरा 5' शुक्र ग्रह के वायुमंडल की जानकारी जुटाने के लिए उतरा।
  • 1974: जोसिप ब्रोज़ टीटो को यूगोस्लाविया का 'आजीवन राष्ट्रपति' घोषित किया गया।
  • 1975: जापानी पर्वतारोही जुनको ताबेई माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने वाली पहली महिला बनीं।
  • 1991: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने वाली पहली ब्रिटिश साम्राज्ञी बनीं।
  • 1997: अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 'टस्केजी सिफलिस अध्ययन' के पीड़ितों से आधिकारिक माफी मांगी।
  • 2005: कुवैत की नेशनल असेंबली ने महिलाओं को मतदान का अधिकार देने वाला बिल पारित किया।
  • 2006: न्यूजीलैंड के मार्क इंजलिस कृत्रिम पैरों के सहारे एवरेस्ट फतह करने वाले पहले पर्वतारोही बने।
  • 2007: निकोलस सरकोजी ने फ्रांस के 23वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया।
  • 2011: अंतरिक्ष शटल 'एंडेवर' ने अपने अंतिम मिशन के लिए उड़ान भरी।
  • 2013: शौहरत मितालिपोव की टीम ने पहली बार मानव स्टेम सेल क्लोन बनाने की प्रक्रिया प्रकाशित की।

भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1960: भारत और इंग्लैंड के बीच पहली बार 'टेलेक्स सेवा' की शुरुआत की गई।
  • 1975: जनमत संग्रह के आधार पर सिक्किम आधिकारिक रूप से भारत का 22वां राज्य बना।
  • 1996: अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार भारत के 10वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
  • 2014: 16वीं लोकसभा चुनाव के परिणाम आए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 282 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया।

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