18 मई का इतिहास: Operation Smiling Buddha सीक्रेट मिशन, जिसने भारत को बनाया परमाणु सुपरपावर
Kaushiki | May 18, 2026, 08:00 IST
Operation Smiling Buddha
साल 1974 में भारत ने राजस्थान के पोखरण में अपना पहला सफल भूमिगत परमाणु परीक्षण किया था। स्माइलिंग बुद्धा कोड नेम वाले इस सीक्रेट मिशन ने भारत को दुनिया की बड़ी परमाणु शक्तियों में शामिल कर दिया।
यह कहानी आधुनिक भारत के इतिहास के सबसे गर्वित कर देने वाले पल की है। आज से ठीक 52 साल पहले भारत ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया था, जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए थे।
तारीख थी 18 मई 1974 और दिन था बुद्ध पूर्णिमा का। सुबह के समय जब पूरा देश रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तब राजस्थान के तपते रेगिस्तान में कुछ बहुत बड़ा होने जा रहा था।
पोखरण की सूनी जमीन के नीचे भारतीय वैज्ञानिकों ने एक महाविस्फोट की तैयारी पूरी कर ली थी। इस सीक्रेट मिशन का कोडनेम स्माइलिंग बुद्धा दिया गया था यानी मुस्कुराते बुद्ध।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन भारत ने परमाणु क्षमता हासिल की थी। इसीलिए इस मिशन का नाम भगवान बुद्ध से जोड़ा गया। जैसे ही वैज्ञानिकों ने बटन दबाया, धरती तेजी से कांप उठी। इसके साथ ही भारत दुनिया का छठा परमाणु समृद्ध देश बन गया। आइए डिटेल में इसे जानें...
![ऑपरेशन Smiling Buddha क्या है? कैसे एक मिशन ने भारत की बदल दी तकदीर । What is Operation Smiling Buddha How one mission changed the fate of India - India TV Hindi]()
इस मिशन को अंजाम देने के लिए वैज्ञानिकों ने राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोखरण को चुना। इसके पीछे कई बड़े महत्वपूर्ण भौगोलिक कारण थे।
पोखरण का इलाका मानव आबादी से कोसों दूर एक सुनसान रेगिस्तान है। यहां की जमीन के नीचे सूखी रेत और पत्थरों की मजबूत परतें मौजूद हैं। ये मजबूत बनावट परमाणु विस्फोट के बाद निकलने वाले खतरनाक रेडिएशन को बाहर आने से रोकती है।
![smiling buddha mission - TaazaTadka]()
वैज्ञानिकों को एक ऐसी ही जगह की तलाश थी, जहां कोई नुकसान न हो। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस मिशन को हरी झंडी दिखाई थी। उनका मानना था कि देश की सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है।
इस परमाणु परीक्षण का मकसद पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, जिसे 'पीसफुल न्यूक्लियर एक्सप्लोजन' कहा गया। भारत दुनिया को यह बताना चाहता था कि वह इस तकनीक का इस्तेमाल ऊर्जा और विकास के लिए करेगा।
![Operation Smiling Buddha : 49 साल पहले भारत के इस Operation से दुनिया रह गई थी दंग, नहीं लगी थी किसी को भनक | Operation Smiling Buddha 49th Anniversary Of Nuclear Bomb]()
इस पूरे मिशन की कमान देश के बेहतरीन वैज्ञानिकों की कोर टीम के हाथों में थी। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के तत्कालीन निदेशक डॉ. राजा रमन्ना इस मिशन के मुख्य सूत्रधार थे। उनके साथ डॉ. आर. चिदंबरम और डॉ. नागचौधरी जैसे दिग्गज वैज्ञानिक शामिल थे।
इन वैज्ञानिकों ने कई महीनों तक सेना के जवानों के साथ मिलकर रेगिस्तान की भीषण गर्मी में काम किया। वे रात के अंधेरे में सेना की वर्दी पहनकर साइट पर जाते थे ताकि विदेशी सैटेलाइट्स को कोई शक न हो।
![Operation Smiling Buddha -UPSC Current Affairs - IAS GYAN]()
जीपों और ट्रकों की आवाजाही को भी छुपाया जाता था। परमाणु बम को जमीन से लगभग 107 मीटर नीचे एक गहरे कुएं नुमा गड्ढे में रखा गया था।
जैसे ही सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर धमाका हुआ, पोखरण की रेत का एक बड़ा पहाड़ हवा में उठ गया। वैज्ञानिकों की मेहनत पूरी तरह सफल हो चुकी थी।
![Operation Smiling Buddha : Daily Current Affairs]()
पोखरण परमाणु टेस्टधमाका सफल होते ही डॉ. राजा रमन्ना ने तुरंत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को फोन लगाया। उन्होंने फोन पर सिर्फ एक कोड लाइन कही, "बुद्ध मुस्कुराए" या "द बुद्धा हैज स्माइल्ड"।
ये सुनते ही दिल्ली में बैठे अधिकारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बुद्ध पूर्णिमा के दिन धमाका होने की वजह से ही इस ऑपरेशन का कोड नेम 'स्माइलिंग बुद्धा' चुना गया था। इस सफल परीक्षण के बाद पूरी दुनिया हैरान रह गई थी।
![On this Day: आज ही के दिन भारत ने किया था पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण, जानें इतिहास में दर्ज 18 मई की महत्वपूर्ण घटनाएं | On this day India did the first]()
अमेरिका, पाकिस्तान और चीन जैसे देशों ने भारत के इस कदम (Pokhran nuclear test)पर कड़ी आपत्ति जताई थी। कई पश्चिमी देशों ने भारत पर कड़े आर्थिक और तकनीकी प्रतिबंध भी लगा दिए। लेकिन भारत अपने फैसले पर पूरी तरह से अडिग रहा।
भारतीय वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया कि वे बिना किसी बाहरी मदद के भी दुनिया की सबसे जटिल तकनीक विकसित कर सकते हैं। इस एक धमाके ने वैश्विक राजनीति में भारत को एक नया और बेहद मजबूत मुकाम दिला दिया।
इसके बाद साल 1998 में भारत ने पोखरण में ही दूसरा सफल परीक्षण (पोखरण-2) किया, जिसे 'ऑपरेशन शक्ति' नाम दिया गया था। लेकिन 1974 की उस नींव ने ही भारत को महाशक्ति बनाने का रास्ता खोला था।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 18 मई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 18 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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तारीख थी 18 मई 1974 और दिन था बुद्ध पूर्णिमा का। सुबह के समय जब पूरा देश रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तब राजस्थान के तपते रेगिस्तान में कुछ बहुत बड़ा होने जा रहा था।
पोखरण की सूनी जमीन के नीचे भारतीय वैज्ञानिकों ने एक महाविस्फोट की तैयारी पूरी कर ली थी। इस सीक्रेट मिशन का कोडनेम स्माइलिंग बुद्धा दिया गया था यानी मुस्कुराते बुद्ध।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन भारत ने परमाणु क्षमता हासिल की थी। इसीलिए इस मिशन का नाम भगवान बुद्ध से जोड़ा गया। जैसे ही वैज्ञानिकों ने बटन दबाया, धरती तेजी से कांप उठी। इसके साथ ही भारत दुनिया का छठा परमाणु समृद्ध देश बन गया। आइए डिटेल में इसे जानें...
ऑपरेशन Smiling Buddha क्या है? कैसे एक मिशन ने भारत की बदल दी तकदीर । What is Operation Smiling Buddha How one mission changed the fate of India - India TV Hindi
पोखरण में ही क्यों किया गया पहला परमाणु परीक्षण
पोखरण का इलाका मानव आबादी से कोसों दूर एक सुनसान रेगिस्तान है। यहां की जमीन के नीचे सूखी रेत और पत्थरों की मजबूत परतें मौजूद हैं। ये मजबूत बनावट परमाणु विस्फोट के बाद निकलने वाले खतरनाक रेडिएशन को बाहर आने से रोकती है।
smiling buddha mission - TaazaTadka
वैज्ञानिकों को एक ऐसी ही जगह की तलाश थी, जहां कोई नुकसान न हो। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस मिशन को हरी झंडी दिखाई थी। उनका मानना था कि देश की सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है।
इस परमाणु परीक्षण का मकसद पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, जिसे 'पीसफुल न्यूक्लियर एक्सप्लोजन' कहा गया। भारत दुनिया को यह बताना चाहता था कि वह इस तकनीक का इस्तेमाल ऊर्जा और विकास के लिए करेगा।
Operation Smiling Buddha : 49 साल पहले भारत के इस Operation से दुनिया रह गई थी दंग, नहीं लगी थी किसी को भनक | Operation Smiling Buddha 49th Anniversary Of Nuclear Bomb
वैज्ञानिकों का सीक्रेट कॉम्बिनेशन
इन वैज्ञानिकों ने कई महीनों तक सेना के जवानों के साथ मिलकर रेगिस्तान की भीषण गर्मी में काम किया। वे रात के अंधेरे में सेना की वर्दी पहनकर साइट पर जाते थे ताकि विदेशी सैटेलाइट्स को कोई शक न हो।
Operation Smiling Buddha -UPSC Current Affairs - IAS GYAN
जीपों और ट्रकों की आवाजाही को भी छुपाया जाता था। परमाणु बम को जमीन से लगभग 107 मीटर नीचे एक गहरे कुएं नुमा गड्ढे में रखा गया था।
जैसे ही सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर धमाका हुआ, पोखरण की रेत का एक बड़ा पहाड़ हवा में उठ गया। वैज्ञानिकों की मेहनत पूरी तरह सफल हो चुकी थी।
Operation Smiling Buddha : Daily Current Affairs
धमाके के बाद इंदिरा गांधी को क्या संदेश मिला
ये सुनते ही दिल्ली में बैठे अधिकारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बुद्ध पूर्णिमा के दिन धमाका होने की वजह से ही इस ऑपरेशन का कोड नेम 'स्माइलिंग बुद्धा' चुना गया था। इस सफल परीक्षण के बाद पूरी दुनिया हैरान रह गई थी।
On this Day: आज ही के दिन भारत ने किया था पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण, जानें इतिहास में दर्ज 18 मई की महत्वपूर्ण घटनाएं | On this day India did the first
अमेरिका, चीन ने जताई थी कड़ी आपत्ति
भारतीय वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया कि वे बिना किसी बाहरी मदद के भी दुनिया की सबसे जटिल तकनीक विकसित कर सकते हैं। इस एक धमाके ने वैश्विक राजनीति में भारत को एक नया और बेहद मजबूत मुकाम दिला दिया।
इसके बाद साल 1998 में भारत ने पोखरण में ही दूसरा सफल परीक्षण (पोखरण-2) किया, जिसे 'ऑपरेशन शक्ति' नाम दिया गया था। लेकिन 1974 की उस नींव ने ही भारत को महाशक्ति बनाने का रास्ता खोला था।
Reference Links:
- भारत का पहला परमाणु परीक्षण ऊर्जा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट: https://dae.gov.in
- भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) का इतिहास खंड: https://www.barc.gov.in
- प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (PIB) इंडिया आर्काइव्स: https://pib.gov.in
- भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) का ऐतिहासिक दस्तावेज खंड: https://www.mea.gov.in
18 मई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 18 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1388: बुचुर झील की लड़ाई में चीनी सेना ने मंगोल गिरोह को बुरी तरह कुचल दिया था।
- 1703: डच और अंग्रेज सैनिकों ने मिलकर जर्मनी के खूबसूरत कोलोन शहर पर अपना कब्जा किया था।
- 1756: ग्रेट ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर फ्रांस के खिलाफ बड़े युद्ध की घोषणा की थी।
- 1794: ट्रेकोइंग की लड़ाई में फ्रांसीसी सैनिकों ने ब्रिटिश सेना को बुरी तरह हरा दिया था।
- 1803: ग्रेट ब्रिटेन ने फ्रांस पर हमला किया, जिसके बाद नेपोलियन से युद्ध की शुरुआत हुई।
- 1804: फ्रेंच सीनेट द्वारा महान नेपोलियन बोनापार्ट को फ्रांस का सम्राट घोषित किया गया था।
- 1852: अमेरिका के मैसाचुसेट्स में सभी बच्चों के लिए स्कूल जाना कानूनी रूप से जरूरी किया गया।
- 1860: अब्राहम लिंकन को रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना गया था।
- 1863: अमेरिकी गृह युद्ध के दौरान जनरल उलेइसेस एस ग्रांट ने विक्सबर्ग की घेराबंदी शुरू की थी।
- 1865: दुनिया भर में पहली बार विश्व संचार दिवस मनाने की आधिकारिक शुरुआत हुई थी।
- 1869: हकोडेट की लड़ाई में आत्मसमर्पण के बाद एज़ो गणराज्य का जापानी बलों में विलय हुआ।
- 1888: अमेरिका में पहली बार जनता के सामने पहला ग्रामोफोन रिकॉर्ड बजाकर दिखाया गया था।
- 1896: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने लैंडमार्क केस में 'अलग लेकिन समान' के तहत नस्लीय अलगाव को हरी झंडी दी।
- 1917: अमेरिका में चयनात्मक सेवा अधिनियम पास हुआ, जिसके तहत प्रथम विश्व युद्ध के लिए सेना जुटाई गई।
- 1927: मिशिगन के एक प्राथमिक स्कूल में एंड्रयू केहो ने विस्फोट किया, जिसमें 45 लोगों की मौत हुई।
- 1936: जापान में साडा आबे ने अपने प्रेमी का गला घोंटा, जो उस वक्त का सबसे चर्चित अपराध बना।
- 1940: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी की क्रूर सेना ने ब्रूसेल्स शहर पर पूरी तरह कब्जा कर लिया।
- 1944: मित्र राष्ट्रों के हवाई हमलों के बाद मोंटे कैसिनो की प्रसिद्ध लड़ाई आखिरकार समाप्त हो गई थी।
- 1944: पोलिश बलों ने चार महीने के लंबे अंतराल के बाद मोंटे कैसिनो, इटली पर अपना कब्जा जमाया।
- 1944: सोवियत संघ ने तातार की पूरी आबादी को जबरन उज्बेक और अन्य जगहों पर निर्वासित कर दिया।
- 1950: अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा के लिए 12 नाटो देशों ने स्थाई संगठन बनाने पर सहमति जताई।
- 1953: अमेरिकी जैकलीन कोचरन जेट विमान उड़ाकर ध्वनि की रफ्तार (साउंड बैरियर) तोड़ने वाली पहली महिला पायलट बनीं।
- 1955: प्रथम इंडोचाइना युद्ध की समाप्ति के बाद वियतनामी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का मिशन खत्म हुआ।
- 1956: दुनिया के चौथे सबसे ऊंचे पर्वत ल्होत्से पर पहली बार स्विस टीम के पर्वतारोही चढ़ने में सफल रहे।
- 1965: इजरायल के मशहूर जासूस एली कोहेन को सीरिया में पकड़े जाने के बाद सरेआम फांसी दी गई थी।
- 1969: नासा ने अपोलो 10 मिशन लॉन्च किया, जिसने सबसे तेज गति से चलने वाले मानव वाहन का रिकॉर्ड बनाया।
- 1980: वाशिंगटन में माउंट सेंट हेलेंस ज्वालामुखी फटा, जिससे 57 लोग मारे गए और भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
- 1991: हेलेन शर्मन सोवियत सोयुज अंतरिक्ष कैप्सूल से उड़ान भरकर ब्रिटेन की पहली अंतरिक्ष यात्री बनीं।
- 1991: सोमालीलैंड ने खुद को सोमालिया के गृह युद्ध के बाद एक स्वतंत्र राज्य घोषित कर दिया था।
- 2004: इस्रायली सैनिकों ने राफा विस्थापित कैंप में कार्रवाई करते हुए 19 फिलीस्तीनियों को मार गिराया था।
- 2005: हबल स्पेस टेलीस्कोप ने प्लूटो ग्रह के दो नए चंद्रमाओं (निक्स और हाइड्रा) की खोज की पुष्टि की।
- 2006: नेपाल की संसद ने सर्वसम्मति से राजा ज्ञानेंद्र की कई बड़ी शक्तियों को हटाने के लिए मतदान किया।
- 2006: नेपाल में 18 मई अधिनियम पारित हुआ, जिसे नेपाल का मैग्ना कार्टा कहा जाता है। इसने देश को धर्मनिरपेक्ष बनाया।
- 2009: श्रीलंकाई सेना ने तमिल टाइगर्स (LTTE) को हराकर 26 साल से चले आ रहे गृहयुद्ध को हमेशा के लिए खत्म किया।
- 2012: दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग कंपनी फेसबुक ने नास्डैक शेयर बाजार में अपनी ट्रेडिंग शुरू की।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1912: भारत की पहली फीचर लेंथ फिल्म 'श्री पुंडलिक' आज ही के दिन मुंबई में रिलीज हुई थी।
- 1912: इस फिल्म को दादासाहेब तोरणे ने बनाया था, जिसने भारतीय सिनेमा की मजबूत नींव रखी।
- 1974: भारत ने राजस्थान के ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा पोखरण में अपना पहला सफल भूमिगत परमाणु परीक्षण (स्माइलिंग बुद्धा) किया।
- 1974: तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राज में यह ऐतिहासिक और बेहद सीक्रेट मिशन पूरा हुआ था।
- 1974: इस धमाके के बाद भारत दुनिया का छठा और यूएन सुरक्षा परिषद से बाहर का पहला परमाणु शक्ति संपन्न देश बना।
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