19 जुलाई का इतिहास: Banks Nationalisation 1969, जब बदल गई देश की आर्थिक दिशा

Kaushiki | Jul 19, 2026, 08:00 IST
Share
Banks Nationalisation 1969
Banks Nationalisation 1969

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 19 जुलाई 1969 को देश के 14 बड़े प्राइवेट बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सेवा को आम जनता, गरीब किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से पहुंचाना था।

Banks Nationalisation 1969: यह कहानी आज से कई साल पुरानी है। तारीख थी 19 जुलाई 1969। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अचानक ऑल इंडिया रेडियो पर देश को संबोधित किया। उन्होंने एक ऐसा ऐलान किया जिसने पूरे देश के बिजनेस जगत को चौंका दिया। उन्होंने देश के 14 बड़े प्राइवेट बैंकों को सरकारी बनाने की घोषणा की।

इस एक फैसले ने भारत की आर्थिक दिशा को हमेशा के लिए बदल दिया। उस समय देश के ज्यादातर बड़े बैंक कुछ अमीर परिवारों के हाथ में थे। ये बैंक आम लोगों को लोन या मदद नहीं देते थे। इंदिरा गांधी का यह कदम सीधे तौर पर देश के गरीब लोगों के लिए था। इसे भारतीय इतिहास का सबसे साहसिक आर्थिक फैसला माना जाता है।

56 Years Of Bank Nationalisation: 19 जुलाई 1969 का वो दिन जब Indira Gandhi  सरकार ने किया था 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पढ़िए आखिर क्यों लिया गया था ये  बड़ा फैसला -
56 Years Of Bank Nationalisation: 19 जुलाई 1969 का वो दिन जब Indira Gandhi सरकार ने किया था 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पढ़िए आखिर क्यों लिया गया था ये बड़ा फैसला -


इस फैसले के पीछे की असली वजह क्या थी

आखिर इंदिरा गांधी को यह बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा, यह जानना जरूरी है। आजादी के बाद भी भारत के गांवों में बैंकिंग सेवाएं नहीं पहुंच पाई थीं। प्राइवेट बैंक सिर्फ बड़े उद्योगपतियों को ही लोन दिया करते थे। गरीब किसानों और छोटे दुकानदारों को कोई भी बैंक घास नहीं डालता था।

देश में कृषि और ग्रामीण विकास पूरी तरह से रुका हुआ था। किसान पैसों के लिए साहूकारों के जाल में फंस जाते थे। इंदिरा गांधी इस व्यवस्था को पूरी तरह से बदलना चाहती थीं। वह चाहती थीं कि बैंक का पैसा देश के विकास में काम आए। इसलिए उन्होंने इन बैंकों का मालिकाना हक सरकार के हाथ में ले लिया।

बैंकों के राष्ट्रीयकरण को आज हुए 50 साल, गरीबों को फायदा पहुंचाना था मकसद -  50 Years Of Bank Nationalisation, Was Done For The Betterment Of Poor -  Amar Ujala Hindi News Live
बैंकों के राष्ट्रीयकरण को आज हुए 50 साल, गरीबों को फायदा पहुंचाना था मकसद - 50 Years Of Bank Nationalisation, Was Done For The Betterment Of Poor - Amar Ujala Hindi News Live


प्राइवेट से सरकारी बनने वाले 14 बैंक कौन से थे

इस ऐतिहासिक फैसले के तहत देश के 14 बड़े बैंकों को चुना गया था। ये वो बैंक थे जिनके पास 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की जमा पूंजी थी। आइए जानें उन 14 बैंकों के नाम जो उस रात सरकारी हो गए थे:

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India)
  • बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)
  • पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank)
  • बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)
  • यूको बैंक (UCO Bank)
  • कैनरा बैंक (Canara Bank)
  • यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (United Bank of India)
  • देना बैंक (Dena Bank)
  • सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank)
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India)
  • इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank)
  • इंडियन बैंक (Indian Bank)
  • इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank)
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra)
ये सभी बैंक (Government Banks)उस समय देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा नियंत्रण रखते थे।

साल 2017 में बैंकिंग सेक्‍टर में हुए ये बड़े बदलाव, नए साल में सुधारों को  आगे बढ़ाने पर सरकार का रहेगा जोर - India TV Hindi
साल 2017 में बैंकिंग सेक्‍टर में हुए ये बड़े बदलाव, नए साल में सुधारों को आगे बढ़ाने पर सरकार का रहेगा जोर - India TV Hindi


इस फैसले को कैसे और किस तरह लागू किया गया

इस बड़े फैसले को लागू करना इतना आसान काम नहीं था। इसके लिए बहुत ही गुपचुप तरीके से तैयारी की गई थी। इंदिरा गांधी ने अध्यादेश (Ordinance) के जरिए इस कानून को पास कराया था। उस समय देश के राष्ट्रपति वीवी गिरी थे, जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए थे। इस फैसले की भनक बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी नहीं लगने दी गई थी। सरकार के इस कदम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी। लेकिन सरकार ने बाद में संसद में बकायदा कानून पास करा लिया। इस तरह 14 बैंकों पर पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण आ गया।

4e03c483-64a
4e03c483-64a


आम जनता और किसानों पर इसका क्या असर हुआ

भारतीय बैंकिंग सिस्टम के सरकारी होने के बाद देश में एक नया बदलाव आया। अब बैंकों के दरवाजे आम जनता और किसानों के लिए खुल गए थे। बैंकों को आदेश दिया गया कि वे ग्रामीण इलाकों में अपनी शाखाएं खोलें। इसके बाद गांवों में तेजी से बैंकों की नई ब्रांच खुलने लगीं।

किसानों को खेती के लिए बहुत ही कम ब्याज पर लोन मिलने लगा। छोटे व्यापारियों को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद मिलने लगी। इससे देश में हरित क्रांति को बहुत बड़ी सफलता मिली। बैंकों का पैसा अब मुट्ठी भर लोगों के बजाय पूरे देश के काम आने लगा।

56 Years Of Bank Nationalisation: 19 जुलाई 1969 का वो दिन जब Indira Gandhi  सरकार ने किया था 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पढ़िए आखिर क्यों लिया गया था ये  बड़ा फैसला -
56 Years Of Bank Nationalisation: 19 जुलाई 1969 का वो दिन जब Indira Gandhi सरकार ने किया था 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पढ़िए आखिर क्यों लिया गया था ये बड़ा फैसला -


फैसले के पक्ष और विपक्ष में उठे थे सवाल

इस ऐतिहासिक फैसले का जहां एक तरफ स्वागत हुआ, वहीं आलोचना भी हुई। कई बड़े अर्थशास्त्रियों का मानना था कि इससे प्राइवेट इन्वेस्टमेंट कम हो जाएगा। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी दखल बढ़ने से भ्रष्टाचार की आशंका भी जताई गई थी। राजनीतिक तौर पर भी इंदिरा गांधी को कई विरोधियों का सामना करना पड़ा।

लेकिन इंदिरा गांधी अपने इस फैसले पर पूरी तरह से अडिग रहीं। वह इसे समाजवाद और गरीबों के कल्याण के लिए जरूरी मानती थीं। समय के साथ इस फैसले ने साबित किया कि यह देशहित में था। आज भी ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क इसी फैसले की वजह से मजबूत है।

1a58e048-eb1
1a58e048-eb1


आज के समय में इस फैसले की क्या अहमियत है

आज के डिजिटल युग में भी 1969 के इस फैसले का असर दिखता है। जनधन खाते और सरकारी सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में आना इसी की देन है। अगर बैंक सरकारी न होते तो शायद गांवों तक बैंकिंग कभी न पहुंचती। यह फैसला भारतीय बैंकिंग इतिहास का एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है।

प्राइवेट बैंकों का राष्ट्रीयकरण करना एक बहुत ही साहसिक राजनीतिक कदम था। इसने साबित किया कि सरकार चाहे तो बड़े कॉर्पोरेट पर लगाम लगा सकती है। आज भी जब हम सरकारी बैंकों में जाते हैं, तो इस फैसले को याद किया जाता है। इसने देश के आर्थिक ढांचे को एक बहुत ही मजबूत आधार दिया।

References:

  • ऑल इंडिया रेडियो आर्काइव्स (All India Radio Archives Historic Speech)
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बैंकिंग इतिहास दस्तावेज
  • भारत सरकार का गजट नोटिफिकेशन (1969)

19 जुलाई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 19 जुलाई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 19 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1995 - रूस और चेचेन्या गणराज्य के बीच महासंघ में संप्रभु दर्जा देने का समझौता हुआ।
  • 2001 - नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
  • 2001 - अफगानिस्तान में ताश, लिपस्टिक, नेल पॉलिश और शतरंज समेत 30 वस्तुएं बैन हुईं।
  • 2003 - रूस के यूरी माले थान्को अंतरिक्ष में शादी करने वाले पहले व्यक्ति बने।
  • 2004 - दुनिया का सबसे बड़ा दूरसंचार उपग्रह लेकर एरियन-5 फ्रेंच गुयाना से रवाना हुआ।
  • 2005 - भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया था।
  • 2006 - लेबनान में इजरायली हमले के दौरान 3 भारतीयों सहित 55 लोग मारे गए थे।
  • 2007 - अमेरिकी सैनिक ट्रेंट थॉमस को इराक में विकलांग बच्चों की हत्या का दोषी पाया गया।
  • 2008 - अमेरिका ने प्रशांत महासागर में लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल का परीक्षण किया।
  • 1827 - महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
  • 1894 - बंगाल के प्रसिद्ध मुस्लिम नेताओं में से एक ख्वाजा नजीमुद्दीन का जन्म हुआ था।
  • 1900 - छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन के नेता और साहित्यकार खूबचंद बघेल का जन्म हुआ था।
  • 1909 - मलयालम भाषा की मशहूर और प्रसिद्ध कवियित्री नालापत बालमणि अम्मा का जन्म हुआ था।
  • 1925 - कई बार लोकसभा सदस्य रहे प्रसिद्ध राजनेता दिनेश सिंह का जन्म हुआ था।
  • 1938 - भारत के जाने-माने प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक जयंत विष्णु नार्लीकर का जन्म हुआ था।
  • 1948 - भारत के भूतपूर्व 39वें मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर का जन्म आज ही हुआ था।
  • 1948 - मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री राधाबिनोद कोइजाम का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
  • 1956 - भारत की प्रसिद्ध और जानी-मानी कानूनी सलाहकार जिया मोदी का जन्म हुआ था।
  • 1963 - भारत की संविधान सभा की सम्मानित सदस्य एनी मसकैरिनी का निधन हुआ था।
  • 1988 - महावीर चक्र से सम्मानित वीर भारतीय सैन्य अधिकारी राजीव संधू का निधन हुआ था।
  • 2018 - हिंदी साहित्य के महान कवि और फिल्मों के गीत लेखक गोपालदास नीरज का निधन हुआ था।
इतिहास से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें....

2 जुलाई का इतिहास: जब मोहम्मद जियाउद्दीन बनकर अंग्रेजों की कैद से भागे थे नेताजी

3 जुलाई का इतिहास: कब और किसने की International Plastic Bag Free Day की शुरुआत?

01 जुलाई का इतिहास: क्यों मनाया जाता है National Doctors Day

24 मई का इतिहास: आज ही के दिन हुआ था इतिहास की सबसे ताकतवर महारानी विक्टोरिया का जन्म

Tags:
  • इंदिरा गांधी
  • Government Banks
  • प्राइवेट बैंक
  • भारतीय बैंकिंग सिस्टम
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By Umeshwari Baghel

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?

By Arohi Raj

वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड

By Umeshwari Baghel

हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर

By Sanjay Gupta

बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर