27 जून का इतिहास: एक राजघराने से निकलकर आरडी बर्मन कैसे बने संगीत के सुल्तान
Kaushiki | Jun 27, 2026, 08:00 IST
RD Burman Indian music director
मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन यानी पंचम दा का जन्म 1939 में हुआ था। एक शाही राजघराने से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने संगीत की दुनिया को चुना। उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में ऐसा जादुई संगीत दिया जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
RD Burman Birth Anniversary: भारतीय सिनेमा में संगीत को एक नया रंग देने वाले कई नाम आए। लेकिन जो जादू आरडी बर्मन ने बिखेरा वह आज भी अनोखा है। उन्हें दुनिया प्यार से पंचम दा कहकर बुलाती है। उनका जन्म 27 जून 1939 को हुआ था।
क्या आप जानते हैं कि वह एक राजा के बेटे थे? उनका नाता त्रिपुरा के शाही राजवंश से था। उनके पिता सचिन देव बर्मन भी बहुत बड़े संगीतकार थे। मां मीरा बर्मन भी एक बेहतरीन गायिका थीं। इस तरह संगीत उनके खून में ही बह रहा था।
शाही परिवार में जन्म लेने के बाद भी उनका जीवन आसान नहीं था। उन्हें अपनी पहचान खुद बनानी थी। उन्होंने संगीत के लिए अपना राजसी ठाठ-बाठ छोड़ दिया। वह मुंबई आए और कड़ी मेहनत शुरू की। इसके बाद उन्होंने जो इतिहास रचा वह सबके सामने है।
![RD Burman]()
आरडी बर्मन का बचपन कोलकाता में बीता था। उन्हें बचपन से ही संगीत से बहुत प्यार था। वह हर आवाज को बहुत ध्यान से सुनते थे। उनके पिता एसडी बर्मन साहब संगीत के बहुत सख्त उस्ताद थे।
उन्होंने पंचम दा को संगीत की बारीकियां सिखाईं। पंचम दा ने बहुत कम उम्र में ही धुन बनाना सीख लिया था। उनकी बनाई एक धुन उनके पिता को बहुत पसंद आई थी। उस धुन का इस्तेमाल फिल्म 'प्यासा' के एक गाने में हुआ था।
गाना था 'सर जो तेरा चकराए'। यह गाना आज भी बहुत मशहूर है। तब लोगों को अंदाजा हो गया था कि यह लड़का कमाल करेगा। बाद में वह अपने पिता के सहायक के रूप में काम करने लगे।
![चुरा लिया है तुमने जो दिल को...आज भी गूंजती है आरडी बर्मन की आवाज - rd burman bollywood news-mobile]()
आरडी बर्मन को पंचम दा कहने के पीछे एक दिलचस्प किस्सा है। कहा जाता है कि बचपन में वह जब भी रोते थे तो पंचम सुर में रोते थे। संगीत में पांचवें सुर को पंचम कहा जाता है। इस वजह से अभिनेता अशोक कुमार ने उन्हें पंचम नाम दिया था।
एक और किस्सा है कि वह हमेशा पा शब्द का उच्चारण करते थे। इसलिए भी लोग उन्हें पंचम बुलाने लगे। यह नाम उनकी पहचान बन गया। बॉलीवुड में आज भी उन्हें इसी नाम से याद किया जाता है। उनका यह नाम उनके संगीत की तरह ही अमर हो गया।
![मौत से पहले क्यों अकेले रह गए थे आर डी बर्मन? - BBC News हिंदी]()
सहायक के रूप में काम करने के बाद उन्हें बड़ा मौका मिला। साल 1961 में फिल्म 'छोटे नवाब' आई। इस फिल्म में उन्होंने पहली बार स्वतंत्र संगीतकार के रूप में काम किया।
इसके बाद साल 1966 में फिल्म तीसरी मंजिल आई। इस फिल्म के संगीत ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। फिल्म के सारे गाने ब्लॉकबस्टर साबित हुए। युवाओं को उनका वेस्टर्न स्टाइल बहुत पसंद आया।
उन्होंने भारतीय संगीत में रॉक और जैज का तड़का लगाया। उन्होंने संगीत में कई नए प्रयोग किए। वह माचिस की डिब्बी और कांच की बोतलों से भी धुन बना (आर.डी. बर्मन जन्मदिन) लेते थे। उनकी यही खूबी उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी।
![कौन थीं आरडी बर्मन की पहली पत्नी? फैन से बनी बीवी, सिर्फ 5 साल में टूट रिश्ता, तब बना 'मुसाफिर हूं यारों' - News18 हिंदी]()
पंचम दा ने अपने सफर में कई बेहतरीन गाने बनाए। आइए उनके 10 सबसे सदाबहार गानों के बारे में जानते हैं।
![आरडी बर्मन: अमर धुन बनाने की ललक में पूरा जीवन लगाने वाला जीनियस - विवेचना - BBC News हिंदी]()
![कौन थीं आरडी बर्मन की पहली पत्नी? फैन से बनी बीवी, सिर्फ 5 साल में टूट रिश्ता, तब बना 'मुसाफिर हूं यारों' - News18 हिंदी]()
आर डी बर्मन (RD. Burman Birthday) ने अपने जीवन में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ बांग्ला, तमिल और तेलुगु में भी संगीत दिया। उन्होंने पार्श्व गायिका आशा भोसले से शादी की थी। दोनों की जोड़ी ने संगीत जगत को कई शानदार तोहफे दिए।
साल 1994 में 4 जनवरी को इस महान संगीतकार ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन उनका संगीत आज भी हमारे बीच मौजूद है। नया दौर के रीमिक्स गानों में भी उनकी धुनें साफ सुनाई देती हैं।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 27 जून का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 27 जून (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
जब PV Narasimha Rao ने देश की कमान संभाली, बदल गया भारत
1793 का फ्रेंच कॉन्स्टिट्यूशन, जानें हमारे संविधान से कनेक्शन
आखिर क्यों था किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन का दुनिया में ऐसा क्रेज
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
क्या आप जानते हैं कि वह एक राजा के बेटे थे? उनका नाता त्रिपुरा के शाही राजवंश से था। उनके पिता सचिन देव बर्मन भी बहुत बड़े संगीतकार थे। मां मीरा बर्मन भी एक बेहतरीन गायिका थीं। इस तरह संगीत उनके खून में ही बह रहा था।
शाही परिवार में जन्म लेने के बाद भी उनका जीवन आसान नहीं था। उन्हें अपनी पहचान खुद बनानी थी। उन्होंने संगीत के लिए अपना राजसी ठाठ-बाठ छोड़ दिया। वह मुंबई आए और कड़ी मेहनत शुरू की। इसके बाद उन्होंने जो इतिहास रचा वह सबके सामने है।
RD Burman
संगीत की दुनिया में पंचम दा का आना
उन्होंने पंचम दा को संगीत की बारीकियां सिखाईं। पंचम दा ने बहुत कम उम्र में ही धुन बनाना सीख लिया था। उनकी बनाई एक धुन उनके पिता को बहुत पसंद आई थी। उस धुन का इस्तेमाल फिल्म 'प्यासा' के एक गाने में हुआ था।
गाना था 'सर जो तेरा चकराए'। यह गाना आज भी बहुत मशहूर है। तब लोगों को अंदाजा हो गया था कि यह लड़का कमाल करेगा। बाद में वह अपने पिता के सहायक के रूप में काम करने लगे।
चुरा लिया है तुमने जो दिल को...आज भी गूंजती है आरडी बर्मन की आवाज - rd burman bollywood news-mobile
कैसे मिला उन्हें पंचम नाम
एक और किस्सा है कि वह हमेशा पा शब्द का उच्चारण करते थे। इसलिए भी लोग उन्हें पंचम बुलाने लगे। यह नाम उनकी पहचान बन गया। बॉलीवुड में आज भी उन्हें इसी नाम से याद किया जाता है। उनका यह नाम उनके संगीत की तरह ही अमर हो गया।
मौत से पहले क्यों अकेले रह गए थे आर डी बर्मन? - BBC News हिंदी
जब शुरू हुआ खुद का जादुई सफर
इसके बाद साल 1966 में फिल्म तीसरी मंजिल आई। इस फिल्म के संगीत ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। फिल्म के सारे गाने ब्लॉकबस्टर साबित हुए। युवाओं को उनका वेस्टर्न स्टाइल बहुत पसंद आया।
उन्होंने भारतीय संगीत में रॉक और जैज का तड़का लगाया। उन्होंने संगीत में कई नए प्रयोग किए। वह माचिस की डिब्बी और कांच की बोतलों से भी धुन बना (आर.डी. बर्मन जन्मदिन) लेते थे। उनकी यही खूबी उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी।
कौन थीं आरडी बर्मन की पहली पत्नी? फैन से बनी बीवी, सिर्फ 5 साल में टूट रिश्ता, तब बना 'मुसाफिर हूं यारों' - News18 हिंदी
पंचम दा के एवरग्रीन गाने
- चुरा लिया है तुमने जो दिल को (यादों की बारात):
इस गाने में कांच के गिलासों की आवाज का अनोखा इस्तेमाल हुआ है। यह आज भी हर प्रेमी का पसंदीदा गाना है। - ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे (शोले):
दोस्ती की मिसाल बना यह गाना आज भी हर महफिल में गाया जाता है। इसकी धुन बहुत ही जोश से भरी है। - दम मारो दम (हरे रामा हरे कृष्णा):
इस गाने ने भारतीय संगीत में वेस्टर्न रॉक को लाकर तहलका मचा दिया था। आशा भोसले की आवाज इसमें जादू कर गई। - ओ मेरे दिल के चैन (मेरे जीवन साथी):
किशोर कुमार की आवाज और पंचम दा की धुन का यह बेहतरीन नमूना है। यह गाना दिल को सुकून देता है।
आरडी बर्मन: अमर धुन बनाने की ललक में पूरा जीवन लगाने वाला जीनियस - विवेचना - BBC News हिंदी
- प्यार दीवाना होता है (कटी पतंग):
इस गाने की सादगी और धुन लोगों को बहुत पसंद आती है। यह आज भी एक बड़ा हिट है। - तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नहीं (आंधी):
गुलजार के लिखे इस गाने को पंचम दा ने बहुत ही संजीदगी से सजाया था। यह एक बेहद भावुक गाना है। - चला जाता हूं किसी की धुन में (मेरे जीवन साथी):
इस गाने की रफ्तार और ताजगी युवाओं को झूमने पर मजबूर कर देती है। - मुसाफिर हूं यारों (परिचय):
जिंदगी के सफर को बयां करता यह गाना बेहद सादगी से भरा हुआ है। इसकी धुन बहुत शांत है। - मेहबूबा मेहबूबा (शोले):
इस गाने में खुद आर.डी. बर्मन ने अपनी अनोखी आवाज दी थी। यह गाना आज भी डांस फ्लोर पर बजता है। - कुछ ना कहो (1942: ए लव स्टोरी):
यह बर्मन दा के जीवन का आखिरी सबसे बड़ा हिट गाना माना जाता है। इस गाने में गजब की गहराई है।
कौन थीं आरडी बर्मन की पहली पत्नी? फैन से बनी बीवी, सिर्फ 5 साल में टूट रिश्ता, तब बना 'मुसाफिर हूं यारों' - News18 हिंदी
संगीत के जरिए अमर हुए पंचम दा
साल 1994 में 4 जनवरी को इस महान संगीतकार ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन उनका संगीत आज भी हमारे बीच मौजूद है। नया दौर के रीमिक्स गानों में भी उनकी धुनें साफ सुनाई देती हैं।
27 जून की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 27 जून (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 2002: जी-8 देश परमाणु हथियारों को नष्ट करने की रूसी योजना पर पूरी तरह सहमत हुए।
- 2003: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में समलैंगिकता पर लगे पुराने प्रतिबंध को रद्द किया गया।
- 2004: अमेरिका और यूरोपीय संघ ने जीपीएस गैलीलियो के विकास में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- 2005: ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की वीटो रहित स्थायी सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया।
- 2006: गुयेन मिन्ह ट्रयेट को वियतनाम देश का नया राष्ट्रपति चुना गया था।
- 2007: जेम्स गार्डन ब्राउन ने आधिकारिक रूप से ब्रिटिश प्रधानमंत्री का पद संभाला था।
- 2007: ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने महारानी एलिजाबेथ को अपना त्याग पत्र सौंपा।
- 2008: भारत और पाकिस्तान ने ईरान गैस पाइप लाइन परियोजना की रुकावटों को मिलकर हल किया।
- 2008: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सहअध्यक्ष आसिफ अली जरदारी अपनी तुर्की यात्रा पर रवाना हुए।
- 2015: संयुक्त राष्ट्र ने अपने मुख्यालय में दिग्गज भारतीय फिल्म डायरेक्टर सत्यजीत रे की तस्वीर लगाई।
- 1964: भारत की मशहूर एथलीट और उड़न परी पी. टी. उषा का जन्म हुआ था।
- 1955: भारतीय पत्रकारिता जगत की जानी-मानी हस्ती पूर्णिमा वर्मन का जन्म हुआ था।
- 1950: हिंदी सिनेमा के बेहद लोकप्रिय और प्रसिद्ध पाश्व गायक नितिन मुकेश का जन्म हुआ।
- 1939: बॉलीवुड को जादुई धुनें देने वाले महान संगीतकार राहुल देव बर्मन का जन्म हुआ।
- 1928: भारत के पूर्व और बेहद कुशल केंद्रीय गृह सचिव आर. डी. प्रधान का जन्म हुआ।
- 1922: तमिल भाषा के बेहद लोकप्रिय और सम्मानित साहित्यकार अकिलन का जन्म हुआ था।
- 1919: भारत की मशहूर और दिग्गज नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर अमला शंकर का जन्म हुआ।
- 1839: सिख साम्राज्य की नींव रखने वाले और इतिहास के प्रसिद्ध महाराजा रणजीत सिंह का निधन हुआ।
- 2008: 1971 के भारत-पाक युद्ध के महानायक और भूतपूर्व सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का निधन हुआ।
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
1793 का फ्रेंच कॉन्स्टिट्यूशन, जानें हमारे संविधान से कनेक्शन
आखिर क्यों था किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन का दुनिया में ऐसा क्रेज
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari