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आज के दिन की कहानी: ये कहानी उस दौर की है जब हिंदुस्तान में कलम की ताकत से पहली बार किसी ने सत्ता को चुनौती दी थी। साल 1780 में कोलकाता से हिक्की बंगाल गजट शुरू हुआ था। ये केवल कागज का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय पत्रकारिता की पहली दहाड़ थी।
एक साधारण आयरिश प्रिंटर जेम्स हिक्की ने पुरानी मशीन से ब्रिटिश हुकूमत के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। उन्होंने अपने अखबार के जरिए गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स के काले कारनामों को जनता के सामने ला दिया।
जेल की सजा और भारी जुल्म भी हिक्की की आवाज को दबा न सके। भले ही ये अखबार दो साल में बंद हो गया, लेकिन इसकी गूंज बहुत दूर तक गई।
इसने भारत में निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता की ऐसी नींव रखी जो आज भी हमारा मार्गदर्शन करती है। हिक्की ने इसे पूरी तरह स्वतंत्र रखने का वादा किया और काम शुरू किया।
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हिक्की का विजन और अखबार की शुरुआत
जेम्स हिक्की कोई अमीर आदमी नहीं थे बल्कि वे एक साहसी प्रेस ऑपरेटर थे। उन्होंने पुरानी प्रिंटिंग मशीन खरीदी और खुद ही सारा काम संभालना शुरू किया।
29 जनवरी 1780 को भारत की पत्रकारिता का आधिकारिक तौर पर जन्म हुआ था। हिक्की का मानना था कि अखबार को किसी के दबाव में नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने अखबार के जरिए लोगों को जानकारी देना अपना असली मकसद बनाया।
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जब ब्रिटिश हुकूमत की नींद उड़ गई
हिक्की के अखबार ने जल्द ही ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ लिखना शुरू किया। उन्होंने गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स के भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी थी।
हिक्की ने अधिकारियों के प्राइवेट जीवन और उनके गलत कामों को उजागर किया। इससे ब्रिटिश अफसर बौखला गए और हिक्की को अपना दुश्मन मानने लगे। अखबार में छपने वाली गॉसिप और खुलासे पूरे कोलकाता में चर्चा का विषय थे।
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संघर्ष और जेल की सलाखें
वारेन हेस्टिंग्स ने हिक्की को दबाने के लिए कई कानूनी मुकदमे दर्ज किए। हिक्की पर भारी जुर्माना लगाया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। जेल में होने के बावजूद हिक्की ने अखबार लिखना और छापना बंद नहीं किया।
हिक्की की हिम्मत देखकर अंग्रेज हैरान थे कि एक आदमी उनसे कैसे लड़ रहा है। हिक्की ने साफ कहा कि वे प्रेस की आजादी से समझौता नहीं करेंगे।
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अखबार का अंत और हिक्की की विरासत
आखिरकार 1782 में अंग्रेजों ने हिक्की की प्रिंटिंग प्रेस को जब्त कर लिया। इस तरह भारत के पहले अखबार का सफर मात्र दो साल में थम गया। लेकिन हिक्की ने जो आग जलाई थी।
वह अब बुझने वाली नहीं थी। उनके बाद कई और अखबार शुरू हुए जिन्होंने आजादी की लड़ाई में साथ दिया। हिक्की को आज भारतीय प्रेस का पिता (Father of Indian Press) कहा जाता है।
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हिक्की गजट की कुछ खास बातें
ये अखबार (Hickey Budget) उस समय के समाज का आईना था जिसमें विज्ञापन (डिजिटल पत्रकारिता) भी छपते थे। इसमें यूरोप की खबरें, कविताएं और स्थानीय राजनीति की चर्चा हुआ करती थी।
हिक्की ने खुद को एक निष्पक्ष पत्रकार के रूप में हमेशा स्थापित रखा। उनकी बहादुरी ने सिखाया कि पत्रकारिता का असली धर्म सच बोलना ही होता है। आज भी पत्रकारिता के छात्र हिक्की के संघर्षों से बहुत कुछ सीखते हैं।
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भारतीय प्रेस का सफर
1780: जेम्स ऑगस्टस हिक्की (journalism) ने बंगाल गजट शुरू किया (भारत का पहला अखबार)।
1818: दिग्दर्शन की शुरुआत हुई, जो पहला भारतीय भाषा (बंगाली) का समाचार पत्र था।
1822: राजा राममोहन राय ने मिरात-उल-अखबार (फारसी) शुरू किया। उन्हें भारतीय पत्रकारिता का अग्रदूत माना जाता है।
1826: उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन हुआ जो भारत का पहला हिंदी समाचार पत्र था।
1861: द टाइम्स ऑफ इंडिया का प्रकाशन शुरू हुआ (शुरुआत में 'बॉम्बे टाइम्स' के नाम से)।
1878: अंग्रेजों ने प्रेस को दबाने के लिए वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट लागू किया जिसका कड़ा विरोध हुआ।
1947: आजादी के बाद भारतीय प्रेस पूरी तरह स्वतंत्र हुआ और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बना।
1966: प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की स्थापना हुई ताकि पत्रकारिता के मानकों को बनाए रखा जा सके।
Reference Links
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29 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 29 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 29 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1693: शास्त्रीय संगीत के जनक फ्रांसीसी संगीतकार जॉन फिलिप रैमो का जन्म हुआ।
1728: लंदन में प्रसिद्ध 'बेगर्स ओपेरा' का पहली बार भव्य उद्घाटन किया गया।
1730: अन्ना इवानोवाना रूस की महारानी बनीं, जो इतिहास में 'अन्ना ऑफ रशिया' कहलाईं।
1845: एडगर एलन पो की मशहूर कविता 'द रेवेन' पहली बार न्यूयॉर्क में प्रकाशित हुई।
1856: ब्रिटेन की रानी विक्टोरिया ने वीरता के सर्वोच्च सम्मान 'विक्टोरिया क्रॉस' की स्थापना की।
1886: कार्ल बेंज ने दुनिया की पहली गैसोलीन से चलने वाली कार का पेटेंट कराया।
1891: रानी लिलियुओलानी हवाई राज्य की अंतिम और एकमात्र महिला शासक बनीं।
1916: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने फ्रांस पर पहली बार हवाई हमला किया।
1921: मलिक फैसल प्रथम को ब्रिटेन की मदद से इराक का नया राजा चुना गया।
1963: फ्रांस के वीटो के चलते ब्रिटेन यूरोपीय साझा बाजार (EEC) में शामिल नहीं हो सका।
1984: कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री पियरे इलियट ट्रूडो ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा की।
1996: क्रिकेट वर्ल्ड कप में केन्या ने दिग्गज टीम वेस्टइंडीज को हराकर बड़ा उलटफेर किया।
2000: मोजाम्बिक में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचाई, करीब 700 लोगों की जान गई।
2002: राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ईरान, इराक और उत्तरी कोरिया को 'दुष्टता की धुरी' कहा।
2012: वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज का ट्यूमर हटाने के लिए सफल ऑपरेशन हुआ।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं...
1528: मुगल शासक बाबर ने चंदेरी के किले पर कब्जा कर राणा सांगा को हराया था।
1780: जेम्स हिक्की ने भारत का पहला अखबार 'बंगाल गजट' कोलकाता से शुरू किया।
1896: भारत सेवा आश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणबानंद महाराज का जन्म हुआ।
1953: संगीत और कला को बढ़ावा देने के लिए 'संगीत नाटक अकादमी' की स्थापना हुई।
1979: भारत की पहली दो इंजन वाली जंबो ट्रेन 'तमिलनाडु एक्सप्रेस' दिल्ली से रवाना हुई।
2006: इरफान पठान टेस्ट मैच के पहले ओवर में हैट्रिक लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने।
2010: भारत-रूस के संयुक्त 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट का पहला सफल परीक्षण हुआ।
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