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आज के दिन की कहानी: बात 1963 की है जब भारत अपनी नई पहचान को मजबूती दे रहा था। आजाद भारत की सरकार ने एक ऐसा फैसला सुनाया जिसने प्रकृति के सबसे हसीन रंग को देश की पहचान बना दिया। ये वो दौर था जब भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए एक राष्ट्रीय पक्षी की तलाश में था।
ऊंचे हिमालय से लेकर कन्याकुमारी के तटों तक। हर जगह अपनी शाही मौजूदगी दर्ज कराने वाले नीलकंठ मोर ने इस दौड़ में सारस और हंस को पछाड़कर जीत हासिल की। मोर की सुंदरता और उसकी शाही चाल ने सबका मन मोह लिया था।
भगवान कृष्ण के मुकुट की शोभा। कार्तिकेय की सवारी। मोर को महज उसकी खूबसूरती के लिए नहीं जाना जाता। उसके सदियों पुराने गौरवशाली इतिहास और भारतीय मिट्टी से जुड़ाव के कारण राष्ट्रीय प्रतीक का ताज पहनाया गया। आखिरकार 31 जनवरी 1963 को मोर को नेशनल बर्ड घोषित कर दिया गया।
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मोर को ही क्यों चुना गया
राष्ट्रीय पक्षी का चुनाव करना कोई आसान काम बिल्कुल भी नहीं था। इसके लिए सरकार ने कुछ बहुत ही खास और कड़े नियम बनाए थे। पक्षी ऐसा होना चाहिए था जो पूरे देश के हर कोने में पाया जाए।
उसे आम आदमी आसानी से पहचान सके और वह भारतीय संस्कृति का हिस्सा हो। मोर इन सभी पैमानों पर पूरी तरह से खरा उतरने वाला अकेला पक्षी था। इसकी धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं भी इसे सबसे अलग बनाती थीं।
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सारस और हंस भी थे दौड़ में
शुरुआत में राष्ट्रीय पक्षी की इस दौड़ में कई और नाम भी शामिल थे। सारस (Cranes), हंस और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जैसे पक्षियों पर भी विचार हुआ था। लेकिन मोर की तरह उनकी पहुंच पूरे देश में एक जैसी नहीं थी।
मोर न केवल सुंदर था बल्कि वह भारतीय लोक कथाओं का राजा भी था। भगवान कृष्ण के मुकुट से लेकर सम्राट अशोक के सिक्कों तक मोर मौजूद था। यही वजह थी कि मोर ने बाकी सभी पक्षियों को पीछे छोड़ दिया।
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1963 का ऐतिहासिक फैसला
जब 1963 में मोर को चुना गया तो उसके संरक्षण की बात उठी। सरकार ने इसे भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सुरक्षा प्रदान की। अब मोर का शिकार करना भारत में एक बहुत बड़ा कानूनी अपराध है।
मोर को मारना या नुकसान पहुंचाना सीधे जेल की हवा खिला सकता है। ये कानून मोर की आबादी को बचाने के लिए बहुत ही जरूरी कदम था। आज मोर पूरे गर्व के साथ हमारे जंगलों और गांवों में नाचते हैं।
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धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
भारतीय इतिहास में मोर का स्थान हमेशा से बहुत ही ऊंचा रहा है। हिंदू धर्म में मोर को भगवान कार्तिकेय का वाहन माना जाता है। वहीं भगवान श्री कृष्ण हमेशा अपने माथे पर मोर पंख सजाते थे।
बौद्ध और जैन धर्म की कलाकृतियों में भी मोर के चित्र मिलते हैं। मोर केवल एक पक्षी नहीं बल्कि हमारी गहरी आध्यात्मिक पहचान बन गया। इसकी गूंज हमारी कविताओं, गीतों और प्राचीन वास्तुकला में साफ सुनाई देती है।
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मोर की कुछ ऐसी अनोखी बातें
राष्ट्रीय पक्षी मोर के बारे में कुछ ऐसी अनोखी बातें हैं जो इसे वाकई पक्षियों का राजा बनाती हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि मोर के पंखों का रंग नीला या हरा नहीं होता। उनके पंखों पर मौजूद सूक्ष्म छिद्र प्रकाश को इस तरह परावर्तित करते हैं कि हमें वे चमकीले रंग दिखाई देते हैं।इसे विज्ञान में Optical Interference कहते हैं।
एक और रोचक तथ्य यह है कि मोर दुनिया के सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षियों में से एक हैं। वे रात के समय शिकारियों से बचने के लिए ऊंचे पेड़ों की टहनियों पर जाकर सोते हैं।
बारिश के समय जब मोर नाचता है, तो वह केवल अपनी खुशी नहीं मनाता। बल्कि अपने पंखों की आंखों को फड़फड़ाकर एक खास तरह की लो-फ्रीक्वेंसी ध्वनि पैदा करता है। इसे इंसान नहीं सुन सकते लेकिन मोरनियां मीलों दूर से महसूस कर लेती हैं।
मोर सिर्फ अपनी सुंदरता के लिए नहीं बल्कि अपने गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव और अद्वितीय प्राकृतिक खूबियों के कारण भारत का गौरव है। 1963 का वह ऐतिहासिक फैसला आज भी हमारी राष्ट्रीय पहचान को प्रकृति के रंगों से संजोए हुए है।
Reference Links
Know India (Govt Portal):
National Bird Info The Hindu:
History of National Symbols Ministry of Culture:
National Symbols of India Wildlife Trust of India:
Conservation of Peacock
31 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 31 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 31 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1578: अस्सी साल के युद्ध में स्पेन ने गेम्ब्लौक्स की लड़ाई में विद्रोहियों पर बड़ी जीत हासिल की।
1747: लंदन में दुनिया का पहला 'वेनेरियल डिजीज' (गुप्तरोग) क्लीनिक 'लंदन लॉक हॉस्पिटल' खुला।
1801: जॉन मार्शल अमेरिका के चौथे मुख्य न्यायाधीश बने, जिन्होंने संवैधानिक कानून की नींव रखी।
1814: गेरवासिओ एंटोनियो डे पोसडास को अर्जेंटीना का मुख्य निदेशक चुना गया।
1846: विस्कॉन्सिन के दो पड़ोसी शहरों ने मिलकर 'विल्मूकी' शहर का निर्माण किया।
1850: चीन में 'ताए पींगहा' नाम का सबसे बड़ा जन-आंदोलन शुरू हुआ।
1862: खगोलशास्त्री अल्वान क्लार्क ने पहली बार सीरियस तारे के 'सफेद बौने' साथी को देखा।
1897: प्राग में चेकोस्लोवाक ट्रेड यूनियन एसोसिएशन की स्थापना की गई।
1900: उत्तरी बोर्नियो के विद्रोही नेता दातू मुहम्मद सलेह की गोली मारकर हत्या हुई।
1915: प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी ने रूस के खिलाफ पहली बार जहरीली गैस का इस्तेमाल किया।
1919: ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में दंगे भड़कने पर ब्रिटिश सरकार ने टैंक तैनात किए।
1942: द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र देशों की सेनाएं सिंगापुर की ओर पीछे हटने पर मजबूर हुईं।
1946: सोवियत मॉडल के आधार पर युगोस्लाविया का छह अलग-अलग देशों में विघटन हुआ।
1951: अमेरिका की अंतिम संकीर्ण गेज वाली यात्री ट्रेन 'सैन जुआन एक्सप्रेस' बंद हुई।
1953: आयरिश समुद्र में नौका दुर्घटना में 130 यात्रियों और नाविकों की जान चली गई।
1958: अमेरिका ने अपना पहला उपग्रह 'एक्सप्लोरर-1' सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्च किया।
1961: 'हैम' नाम का चिंपैंजी अंतरिक्ष में जाने वाला पहला होमिनिड (मानव जैसा जीव) बना।
1971: वियतनाम युद्ध के अत्याचारों को उजागर करने के लिए 'विंटर सोल्जर इन्वेस्टिगेशन' शुरू हुआ।
1971: पूर्वी और पश्चिमी बर्लिन के बीच 19 साल बाद फिर से टेलीफोन सेवा बहाल हुई।
1972: बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह को नेपाल का 12वां राजा घोषित किया गया।
1983: ब्रिटेन में ड्राइवरों और आगे बैठने वाले यात्रियों के लिए सीटबेल्ट अनिवार्य की गई।
1990: रूस की राजधानी मॉस्को में दुनिया का सबसे बड़ा 'मैकडोनाल्ड' स्टोर खोला गया।
1994: स्पेन का प्रसिद्ध ग्रैंड थिएटर 'ग्रैन टेरलो डी लिको' तकनीकी खराबी से जल गया।
1996: जापानी खगोलशास्त्री ने 'हयाकुटेक' धूमकेतु की खोज की, जो पृथ्वी के बहुत करीब था।
1996: श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आत्मघाती हमले में 91 लोगों की मौत हुई।
2000: अलास्का एयरलाइंस का विमान प्रशांत महासागर में क्रैश हुआ, जिसमें 88 लोग मारे गए।
2010: फिल्म 'अवतार' दुनिया भर में $2 बिलियन से अधिक कमाने वाली पहली फिल्म बनी।
2011: म्यांमार (बर्मा) ने वर्षों बाद अपनी नई संसद की पहली बैठक आयोजित की।
2013: नासा ने चंद्रमा पर ईंधन और पानी खोजने वाले 'लूनर माइनिंग रोबोट' का खुलासा किया।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं...
1599: ब्रिटेन की रानी एलिज़ाबेथ प्रथम के आदेश पर पहली 'ईस्ट इंडिया कंपनी' की स्थापना हुई।
1963: भारत सरकार ने मोर (Peacock birds) को आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्रीय पक्षी' घोषित किया।
2007: टाटा स्टील ने कोरस का अधिग्रहण कर विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी स्टील कंपनी बनने का गौरव पाया।
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