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आज के दिन की कहानी:इतिहास के पन्नों को पलटें तो साल 1498 की वो सुबह बेहद रहस्यमयी थी। नीले समंदर की उफनती लहरों के बीच लकड़ी के चार पुर्तगाली जहाज। ये जहाज किसी जादुई मंजिल की तलाश में थे। इन जहाजों की कमान थामी थी निडर वास्को दा गामा ने।
वे यूरोप से भारत का नया रास्ता ढूंढ रहे थे। लंबी यात्रा के बाद उनका बेड़ा दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका के मोजाम्बिक पहुंचा। यह एक छोटा सा लेकिन बहुत सुंदर द्वीप था।
यहीं से इतिहास की एक नई स्क्रिप्ट लिखी गई। इस यात्रा ने पूरी दुनिया का नक्शा बदल दिया। आइए जानें इस रोमांचक सफर की पूरी कहानी।
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मसालों की तलाश और एक बड़ा सपना
आज से सैंकड़ों साल पहले, यूरोप में भारतीय मसालों की कीमत सोने जैसी थी। लेकिन भारत पहुंचने का पुराना रास्ता बहुत खतरनाक और लंबा हुआ करता था। पुर्तगाल के राजा ने एक बड़ा रिस्क लेने का फैसला किया।
पुर्तगाल के राजा ने वास्को दा गामा नाम के एक निडर नाविक को चुना। जुलाई 1497 में गामा चार जहाजों के साथ लिस्बन से निकले। उनका मिशन था - समंदर के रास्ते भारत का नया मैप तैयार करना।
महीनों तक वे तूफानी लहरों और अंजान रास्तों से लड़ते रहे। अफ्रीका का Cape of Good Hope पार करना उनके लिए एक बड़ी जीत थी।
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धोखे और पहचान की अनोखी कहानी
तारीख थी 2 मार्च 1498, जब गामा का बेड़ा मोजाम्बिक के तट पर पहुंचा। ये द्वीप व्यापार का बहुत बड़ा अड्डा था। यहां गामा ने पहली बार अरब व्यापारियों के साथ सोने-चांदी का खेल देखा।
दिलचस्प बात ये थी कि मोजाम्बिक के सुल्तान ने पुर्तगालियों को मुसलमान समझ लिया। शुरुआत में उन्हें काफी वीआईपी ट्रीटमेंट मिला और कीमती तोहफे भी दिए गए। लेकिन जैसे ही सच सामने आया कि वे ईसाई हैं, सुल्तान और स्थानीय लोग नाराज हो गए। गामा के लिए ये जगह अब सुरक्षित नहीं थी।
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समंदर में टकराव और तोपों की गूंज
अरब व्यापारियों को डर था कि पुर्तगाली उनके बिजनेस पर कब्जा कर लेंगे। मोजाम्बिक में तनाव इतना बढ़ा कि वास्को दा गामा को वहां से भागना पड़ा। अपनी जान बचाने के लिए पुर्तगाली जहाजों ने किनारे पर तोपें चलाईं।
यह पहली बार था जब उस शांत समुद्री इलाके में बारूद की गूंज सुनाई दी थी। इस घटना ने गामा को सिखा दिया कि भारत पहुंचने का सफर फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों भरा होने वाला है। उन्हें अब बेहतर प्लानिंग और ताकत की जरूरत थी।
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मिलिंदी का फरिश्ता और भारत का रास्ता
मोजाम्बिक से निकलने के बाद, वे केन्या के मिलिंदी शहर पहुंचे। यहां का सुल्तान पुर्तगालियों से काफी प्रभावित हुआ। उसने गामा की मदद के लिए एक शानदार गाइड दिया, जिसका नाम अहमद इब्न मजीद था।
वह समंदर का पुराना खिलाड़ी था और उसे हिंद महासागर की रग-रग का पता था। मजीद की मदद से पुर्तगाली जहाज अब बिना भटके सीधे भारत की ओर मुड़ चुके थे। यह वह मोड़ था जिसने वास्को दा गामा की तकदीर बदल दी।
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जब कालीकट की मिट्टी पर रखा पहला कदम
20 मई 1498 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। वास्को दा गामा का बेड़ा कालीकट (अब कोझिकोड) पहुंचा। वहां के राजा जमोरिन ने उनका स्वागत तो किया, लेकिन पुर्तगालियों के पास देने के लिए कोई बहुत कीमती तोहफा नहीं था।
फिर भी, गामा ने वहां से मसालों और कीमती जड़ी-बूटियों का सौदा किया। जब वे वापस पुर्तगाल लौटे, तो उनके जहाजों में लदे सामान की कीमत उनके पूरे सफर के खर्च से 60 गुना ज्यादा थी।
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एक यात्रा जिसने दुनिया का नक्शा बदल दिया
वास्को दा गामा की इस खोज ने पूरी दुनिया में उपनिवेशवाद (Colonialism) का बीज बो दिया। पुर्तगाल ने मोजाम्बिक और भारत के कई हिस्सों पर अपने ठिकाने बना लिए। मोजाम्बिक द्वीप सालों तक पुर्तगालियों का स्टॉप-ओवर पॉइंट बना रहा।
आज भी वहां की इमारतों में उस दौर की झलक मिलती है। इस एक यात्रा ने व्यापार के पुराने नियमों को तोड़कर समंदर पर यूरोप का राज शुरू कर दिया। वास्को दा गामा आज भी इतिहास के सबसे इन्फ्लुएंटीएल इन्वेंटर्स में से एक माने जाते हैं।
Reference Links
02 मार्च की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 02 मार्च का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 02 मार्च (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1444: स्कैंडेबेग ने अल्बानियाई रियासतों के पहले एकीकृत गठबंधन लीग ऑफ लीजे का आयोजन किया।
1484: लंदन में शाही चार्टर द्वारा द कॉलेज ऑफ आर्म्स की स्थापना की गई।
- 1498: पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को दा गामा का बेड़ा भारत की अपनी पहली यात्रा पर मोजाम्बिक द्वीप पर पहुंचा।
1717: इंग्लैंड में 'द लव ऑफ़ मार्स और वीनस' का पहला बैले शो प्रदर्शित हुआ।
1776: अमेरिकी मिलिशिया ने सवाना में ब्रिटिश आपूर्ति जहाजों को जब्त करने की कोशिश का विरोध किया।
1776: अमेरिकी क्रांतिकारियों ने बोस्टन में ब्रिटिश सैनिकों पर गोलाबारी शुरू की।
1791: क्लॉड चैपे ने विजुअल सिग्नल भेजने वाली पहली 'सेमीफोर लाइन' का सफल परीक्षण किया।
1807: अमेरिकी कांग्रेस ने देश में गुलामों के आयात पर रोक लगाने का ऐतिहासिक कानून पास किया।
1825: कैरिबियन के अंतिम सफल समुद्री डाकू रॉबर्टो कॉफ्रेसि को युद्ध में हराकर पकड़ा गया।
1835: फर्डिनेंड ऑस्ट्रिया के नए सम्राट (राजा) के रूप में सिंहासन पर बैठे।
1836: टेक्सास ने मैक्सिको से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करते हुए 'टेक्सास गणराज्य' की स्थापना की।
1852: अमेरिका में पहली बार प्रायोगिक भाप से चलने वाले फायर इंजन का परीक्षण हुआ।
1853: मशहूर कपड़ा कंपनी 'लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी' की संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थापना हुई।
1865: ब्रिटिश समाचार पत्र "मॉर्निंग क्रॉनिकल" का प्रकाशन पहली बार शुरू किया गया।
1866: एक्सेलसियर कंपनी ने सिलाई मशीन की सुइयों का उत्पादन शुरू किया।
1877: चुनाव आयोग के फैसले के बाद रदरफोर्ड बी. हेस अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए।
1882: रानी विक्टोरिया पर रॉड्रिक मैक्लीन ने हमला किया, जिसमें वे बाल-बाल बच गईं।
1899: वाशिंगटन राज्य में 'माउंट रेनियर नेशनल पार्क' की स्थापना की गई।
1901: हवाई में दुनिया की पहली वायरलेस टेलीग्राफ कंपनी की शुरुआत हुई।
1903: न्यूयॉर्क में महिलाओं के लिए पहला विशेष होटल 'मार्था वाशिंगटन' शुरू हुआ।
1919: कम्युनिस्ट इंटरनेशनल की स्थापना के लिए मॉस्को में क्रांतिकारी प्रतिनिधियों की बैठक हुई।
1933: ऐतिहासिक फिल्म 'किंग कांग' का न्यूयॉर्क के रेडियो सिटी म्यूजिक हॉल में प्रीमियर हुआ।
1935: ऑस्ट्रिया में विस्फोटक तस्करी के आरोप में 17 नाजियों को मौत की सजा दी गई।
1937: स्टील वर्कर्स कमेटी ने यू.एस. स्टील के साथ पहली बार सामूहिक सौदेबाजी का समझौता किया।
1939: इतालवी कार्डिनल यूजेनियो पैसेली को 'पोप पायस XII' के रूप में चुना गया।
1946: हो ची मिन्ह वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए।
1949: 'लकी लेडी II' हवाई जहाज ने 94 घंटे में बिना रुके दुनिया का पहला चक्कर पूरा किया।
1956: मोरक्को ने फ्रांस से अपनी पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा की।
1962: बास्केटबॉल खिलाड़ी विल्ट चेम्बरलेन ने एक ही मैच में ऐतिहासिक 100 अंक बनाए।
1965: अमेरिका ने वियतनाम युद्ध के दौरान 'ऑपरेशन रोलिंग थंडर' (बमबारी अभियान) शुरू किया।
1965: मशहूर फिल्म 'द साउंड ऑफ म्यूज़िक' का न्यूयॉर्क में प्रीमियर किया गया।
1970: अफ्रीकी देश रोडेशिया (अब जिम्बाब्वे) आधिकारिक तौर पर एक स्वतंत्र गणराज्य बना।
1978: व्लादिमीर रीमेक अंतरिक्ष में जाने वाले पहले गैर-सोवियत और गैर-अमेरिकी व्यक्ति बने।
1981: कराची से उड़ान भरने वाले पाकिस्तानी विमान फ्लाईट 326 का बंदूकधारियों ने अपहरण किया।
1987: क्रिसलर कॉरपोरेशन ने अमेरिकन मोटर्स (AMC) का अधिग्रहण किया।
1991: कोलंबो में कार बम धमाके में श्रीलंका के रक्षा उपमंत्री रंजन विजयरत्ने सहित 19 लोग मारे गए।
1992: माइक्रोसॉफ्ट ने अपने प्रसिद्ध ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज़ 3.1 को रिलीज किया।
1993: लेखक सलमान रुश्दी और उनकी पत्नी मैरिएन विगिन्स का तलाक हुआ।
1995: बारिंग्स बैंक के पतन के जिम्मेदार ब्रिटिश व्यापारी निक लेसेन को गिरफ्तार किया गया।
1996: श्रीलंका में 'रानीबीमा रॉयल कॉलेज' की स्थापना की गई।
1997: सऊदी अरबपति प्रिंस अल-वलीद ने एप्पल कंप्यूटर की 5% हिस्सेदारी खरीदी।
1999: लास वेगास में भव्य 'मंडालय बे होटल और कैसीनो' का उद्घाटन हुआ।
2004: इराक में अलकायदा के हमलों में 170 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए।
2009: गिनी-बिसाऊ के राष्ट्रपति जोआओ बर्नार्डो विएरा की उनके घर पर हत्या कर दी गई।
2010: फ्रांस में रवांडा नरसंहार की आरोपी अगाथे हाबरिमाना को गिरफ्तार किया गया।
2010: सिडनी ओपेरा हाउस के सामने 5000 लोगों ने एक फोटोग्राफी प्रोजेक्ट के लिए पोज दिया।
2011: पोप बेनेडिक्ट XVI ने यहूदियों को ईसा मसीह की मृत्यु के आरोप से मुक्त घोषित किया।
2012: नासा (NASA) ने खुलासा किया कि उसके सर्वर को पिछले साल 13 बार हैक किया गया था।
2013: शोध में पता चला कि रोजाना 90 मिनट कम बैठने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा घटता है।
2014: 'ग्रेविटी' और '12 इयर्स ए स्लेव' ने 86वें ऑस्कर समारोह में बड़ी जीत हासिल की।
2014: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी सेना को यूक्रेन भेजने का निर्णय लिया।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1949: भारत की कोकिला कही जाने वाली प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू का निधन हुआ।
1996: सचिन तेंदुलकर ने विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ शानदार 137 रन बनाए, हालांकि भारत मैच हार गया।
1999: अमेरिका ने भारत के साथ CTBT परमाणु संधि पर किसी भी गुप्त समझौते की खबर को नकारा।
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