8 दिसंबर का इतिहास: जब एक दंगे ने खत्म कर दिया था MP की पहली महिला मुख्यमंत्री उमा भारती का कार्यकाल
Kaushiki | Dec 08, 2025, 08:00 IST
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उमा भारती ने 8 दिसंबर 2003 को मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। लेकिन हुबली में तिरंगा फहराने से जुड़े एक फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने 2003 में दिग्विजय सिंह के कांग्रेस राज को खत्म किया।
ये कहानी है मध्यप्रदेश की राजनीति के उस ऐतिहासिक मोड़ की। जब एक फायर ब्रांड नेता ने कांग्रेस के लगभग एकतरफा राज को खत्म कर दिया था। हम बात कर रहे हैं उमा भारती की, जो मध्य प्रदेश की पहली और एकमात्र महिला मुख्यमंत्री बनी थीं।
2003 तक, राज्य में कांग्रेस का शासन था। दिग्विजय सिंह लगातार 10 साल से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान थे। भाजपा ने दिग्विजय सिंह के शासनकाल को 'बंटाधार' कहकर जनता के बीच प्रचारित किया। इस अभियान का मुख्य चेहरा बनीं उमा भारती।
उनका आक्रामक प्रचार और हिंदुत्व के साथ विकास का मुद्दा जनता को खूब भाया। उमा भारती के नेतृत्व में, 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बम्पर बहुमत मिला।
230 सीटों में से भाजपा ने 173 सीटें जीतीं। जबकि कांग्रेस मात्र 38 सीटों पर सिमट गई थी। यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक जीत थी।
![जब 8 महीने में छिन गई थी मध्यप्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री की कुर्सी - Story Of Ex Chief Minister Of Mp Uma Bharti - Amar Ujala Hindi News Live]()
विजय के बाद, 8 दिसंबर 2003 की तारीख मध्य प्रदेश के इतिहास में दर्ज हो गई। भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में, तत्कालीन राज्यपाल राम प्रकाश गुप्ता ने उमा भारती को राज्य के मुखिया के रूप में शपथ दिलाई।
पारंपरिक भगवा परिधान में शपथ लेते हुए, उमा भारती ने दिग्विजय सिंह के 10 साल के राज को समाप्त किया। इस शपथ ग्रहण समारोह में तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लाल किशनचंद आडवाणी समेत भाजपा के सभी बड़े नेता मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री बनते ही उमा भारती ने तुरंत एक्शन मोड में काम करना शुरू कर दिया था। अपनी पहली कैबिनेट बैठक में, उन्होंने 28 हजार दैनिक वेतन भोगियों को बहाल करने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
दिग्विजय राज के आदी हो चुके अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए उन्होंने प्रमुख सचिव आरएस सिरोही को खाली खजाने का हवाला देने पर उनके पद से हटा दिया था।
उन्होंने श्यामला हिल्स स्थित सीएम आवास पर जनता दरबार लगाना शुरू किया। हालांकि, बेरोजगारी की भारी भीड़ के कारण उन्हें बाद में यह बंद करना पड़ा। उमा भारती का सत्ता में आना मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए एक असामान्य और बोल्ड कदम था।
![First Woman CM of Madhya Pradesh: उमा भारती ऐसे बनी थीं मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री, जानिए क्यों छोड़नी पड़ी थी कुर्सी - First Woman CM of Madhya Pradesh how Uma]()
उमा भारती का सत्ता सुख बहुत लंबा नहीं चला। वह केवल 258 दिन (करीब 8 महीने) ही मुख्यमंत्री पद पर रह सकीं। 21 अगस्त 2004 को उन्हें मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। इसके पीछे की कहानी एक गैर जमानती वारंट से जुड़ी हुई है।
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मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए गिरफ्तारी से बचने के लिए और तिरंगे के नाम पर कुर्बानी का संदेश देने के लिए 23 अगस्त 2004 को उमा भारती को इस्तीफा देना पड़ा।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह फैसला उन्हें और बड़ा नेता बनाने की उम्मीद में लिया गया था। लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक गलती साबित हुई।
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उमा भारती के इस्तीफे के बाद, मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पहली पसंद शिवराज सिंह चौहान थें। लेकिन उमा भारती ने अपने सबसे भरोसेमंद नेता बाबूलाल गौर को कुर्सी पर बिठाया।
उमा भारती ने बाबूलाल गौर को सीएम पद की शपथ दिलाने से पहले, सीएम हाउस में बने 21 देवी-देवताओं के मंदिर में, गंगाजल हाथ में लेकर कसम दिलाई थी।
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जब वह जेल से छूटकर आएंगी और कहेंगी, तब बाबूलाल गौर इस्तीफा दे देंगे। बाबूलाल गौर करीब 16 महीने तक सीएम रहे। लेकिन जब उमा भारती ने उनसे इस्तीफा मांगा, तो उन्होंने कहा कि "आपने मुझे जब आप कहें, तब इस्तीफा देने की कसम दिलाई थी।
इस बात की नहीं कि मैं इस्तीफा कब नहीं दे सकता।" हालात ऐसे बने कि भाजपा हाईकमान ने बाबूलाल गौर को हटाकर शिवराज सिंह चौहान को सीएम बनाया। उमा भारती को ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
इस तरह मध्य प्रदेश की सत्ता की कमान शिवराज सिंह चौहान के हाथों में आ गई, जो लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहे। इस तरह, उमा भारती का मुख्यमंत्री बनने का सफर इतिहास में तो दर्ज हो गया, लेकिन यह एक अल्पकालिक और विवादों से भरा अध्याय रहा।
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हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है और 08 दिसंबर का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है।
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 08 दिसंबर (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
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2003 तक, राज्य में कांग्रेस का शासन था। दिग्विजय सिंह लगातार 10 साल से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान थे। भाजपा ने दिग्विजय सिंह के शासनकाल को 'बंटाधार' कहकर जनता के बीच प्रचारित किया। इस अभियान का मुख्य चेहरा बनीं उमा भारती।
उनका आक्रामक प्रचार और हिंदुत्व के साथ विकास का मुद्दा जनता को खूब भाया। उमा भारती के नेतृत्व में, 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बम्पर बहुमत मिला।
230 सीटों में से भाजपा ने 173 सीटें जीतीं। जबकि कांग्रेस मात्र 38 सीटों पर सिमट गई थी। यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक जीत थी।
जब 8 महीने में छिन गई थी मध्यप्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री की कुर्सी - Story Of Ex Chief Minister Of Mp Uma Bharti - Amar Ujala Hindi News Live
8 दिसंबर 2003: CM कुर्सी पर एक साध्वी
पारंपरिक भगवा परिधान में शपथ लेते हुए, उमा भारती ने दिग्विजय सिंह के 10 साल के राज को समाप्त किया। इस शपथ ग्रहण समारोह में तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लाल किशनचंद आडवाणी समेत भाजपा के सभी बड़े नेता मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री बनते ही उमा भारती ने तुरंत एक्शन मोड में काम करना शुरू कर दिया था। अपनी पहली कैबिनेट बैठक में, उन्होंने 28 हजार दैनिक वेतन भोगियों को बहाल करने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
दिग्विजय राज के आदी हो चुके अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए उन्होंने प्रमुख सचिव आरएस सिरोही को खाली खजाने का हवाला देने पर उनके पद से हटा दिया था।
उन्होंने श्यामला हिल्स स्थित सीएम आवास पर जनता दरबार लगाना शुरू किया। हालांकि, बेरोजगारी की भारी भीड़ के कारण उन्हें बाद में यह बंद करना पड़ा। उमा भारती का सत्ता में आना मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए एक असामान्य और बोल्ड कदम था।
First Woman CM of Madhya Pradesh: उमा भारती ऐसे बनी थीं मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री, जानिए क्यों छोड़नी पड़ी थी कुर्सी - First Woman CM of Madhya Pradesh how Uma
मात्र 8 महीने में क्यों देना पड़ा इस्तीफा
- हुबली घटना:
मामला 15 अगस्त 1994 का था, जब उमा भारती ने कर्नाटक के हुबली स्थित एक विवादित ईदगाह मैदान में तिरंगा झंडा फहराया था। - दंगा और केस:
इस घटना के बाद हुबली में दंगा भड़क गया था। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी और उमा भारती के नाम पर केस दर्ज हुआ था। - वारंट जारी:
दस साल पुराने इस मामले में हुबली की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।
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इस्तीफे का कारण
राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह फैसला उन्हें और बड़ा नेता बनाने की उम्मीद में लिया गया था। लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक गलती साबित हुई।
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इस्तीफे के बाद की कहानी
उमा भारती ने बाबूलाल गौर को सीएम पद की शपथ दिलाने से पहले, सीएम हाउस में बने 21 देवी-देवताओं के मंदिर में, गंगाजल हाथ में लेकर कसम दिलाई थी।
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जब वह जेल से छूटकर आएंगी और कहेंगी, तब बाबूलाल गौर इस्तीफा दे देंगे। बाबूलाल गौर करीब 16 महीने तक सीएम रहे। लेकिन जब उमा भारती ने उनसे इस्तीफा मांगा, तो उन्होंने कहा कि "आपने मुझे जब आप कहें, तब इस्तीफा देने की कसम दिलाई थी।
इस बात की नहीं कि मैं इस्तीफा कब नहीं दे सकता।" हालात ऐसे बने कि भाजपा हाईकमान ने बाबूलाल गौर को हटाकर शिवराज सिंह चौहान को सीएम बनाया। उमा भारती को ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
इस तरह मध्य प्रदेश की सत्ता की कमान शिवराज सिंह चौहान के हाथों में आ गई, जो लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहे। इस तरह, उमा भारती का मुख्यमंत्री बनने का सफर इतिहास में तो दर्ज हो गया, लेकिन यह एक अल्पकालिक और विवादों से भरा अध्याय रहा।
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों की सूची
- उमा भारती
कार्यकाल: 8 दिसंबर 2003 से 23 अगस्त 2004 - बाबूलाल गौर
कार्यकाल: 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 - शिवराज सिंह चौहान (पहला लंबा कार्यकाल)
कार्यकाल: 29 नवम्बर 2005 से 17 दिसंबर 2018 - कमल नाथ
कार्यकाल: 17 दिसंबर 2018 से 23 मार्च 2020 - शिवराज सिंह चौहान (दूसरा कार्यकाल)
कार्यकाल: 23 मार्च 2020 से 13दिसंबर 2023 तक - सीएम मोहन यादव
- कार्यकाल: दिसंबर 2023 से अब तक
References:
- Election Commission of India - MP Assembly Election Results 2003
- The Hindu: Uma Bharti resigns
- India Today: Uma Bharti was Madhya Pradesh CM for eight months
- Indian Express: The story of Babulal Gaur and Uma Bharti's 'Gangaajal' oath
08 दिसंबर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 08 दिसंबर (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं
- 43 ईसा पूर्व: रोम के महान संस्थापक और स्टाइलिस्टों में से एक सिसरो को राज्य के दुश्मन के रूप में मुकदमा चलाने के बाद मार दिया गया था।
- 1813: बीथोवेन के सिम्फनी नंबर 7 का प्रीमियर वियना में हुआ, जिसका संचालन स्वयं संगीतकार ने किया था।
- 1854: पोप पायस IX ने बेदाग गर्भाधान (Immaculate Conception) की हठधर्मिता की घोषणा की।
- 1863: चिली की राजधानी सेंटियागो के जेसूइट चर्च में भीषण आग लगने से 2,500 लोगों की मौत हुई।
- 1881: ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में एक थियेटर में आग लगने से 800 से अधिक लोगों की मौत हुई।
- 1914: एटलांटिक महासागर में फॉकलैंड का जल युद्ध ब्रिटेन और जर्मनी के बीच लड़ा गया।
- 1923: भारी बाढ़ के कारण रोम के कई इतालवी बेघर हुए; तिबर नदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँची।
- 1923: जर्मनी और अमेरिका के बीच मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए गए।
- 1931: दूरसंचार में उपयोग होने वाले कोएक्सिएल केबल का अमेरिका में पेटेंट कराया गया।
- 1934: इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच साप्ताहिक एयर मेल सेवा शुरू हुई।
- 1941: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जापानी सेना ने हांगकांग पर आक्रमण किया।
- 1941: होलोकॉस्ट-द चेल्मनो भगाने वाले शिविर में, यहूदियों को मारने वाला पहला नाजी शिविर संचालित होने लगा।
- 1941: अमेरिका और ब्रिटेन ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
- 1943: वेरा का युद्ध मित्र देशों की जीत में समाप्त हुआ।
- 1960: हयाटो इकादा ने जापान के प्रधानमंत्री के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया।
- 1963: पैन एम फ्लाइट 214 बिजली गिरने से प्रभावित होने के बाद मैरीलैंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे सभी 81 लोग मारे गए।
- 1965: नस्ल, रंग या जातीय मूल के आधार पर भेदभाव को रोकने के लिए एक नया रेस रिलेशंस एक्ट लागू किया गया।
- 1972: अपोलो 17 अंतरिक्ष यान के चालक दल ने प्रसिद्ध 'द ब्लू मार्बल' तस्वीर खींची।
- 1980: न्यूयॉर्क शहर में मार्क डेविड चैपमैन ने मशहूर संगीतकार जॉन लेनन को गोली मार दी।
- 1982: कोलंबिया के लेखक गैब्रिएल गार्सिया मार्केज को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया।
- 1987: अरब-इजरायल संघर्ष शुरू हुआ; एक इजरायली सैन्य वाहन की टक्कर में चार फिलिस्तीनी मारे गए, जिससे पहली इंतिफादा की शुरुआत हुई।
- 1987: मेलबोर्न में ऑस्ट्रेलिया पोस्टबिल्डिंग में एक व्यक्ति ने गोलीबारी कर आठ लोगों की हत्या कर दी।
- 1987: अमरीका और सोवियत संघ के नेताओं ने भूमि आधारित परमाणु हथियारों के ज़खीरे को कम करने की पहली संधि पर हस्ताक्षर किए।
- 1991: बेलारूस, रूस और यूक्रेन ने बेलवेजहाकार्ड्स पर हस्ताक्षर करके सोवियत संघ को भंग करने की सहमति दी।
- 1993: अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौते नाफ्टा (NAFTA) को पारित किया।
- 1999: RIAA ने पीयर-टू-पीयर फ़ाइल साझाकरण नेटवर्क नैप्स्टर के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया।
- 2006: गंभीर उष्णकटिबंधीय तूफान यूटोर के कारण फिलीपींस में होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में देरी हुई।
- 2007: अमेरिका की गठबंधन सेना और नाटो ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के मूसा कला ज़िले में तालिबानी आतंकवादियों पर हमला किया।
- 2007: सीआईए टेपों के विस्मरण की जाँच के लिए यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस और सीआईए ने जाँच शुरू की।
- 2007: दक्षिण कोरिया में एक क्रेन बजरा तेल टैंकर से टकरा गया, जिससे देश का सबसे खराब तेल रिसाव हुआ।
- 2009: होंडुरास में एंटी ड्रग ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रमुख जूलियन एरिस्टाइड्स गोंजालेज की हत्या हुई।
- 2009: इराक के बगदाद में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक द्वारा किए गए बम विस्फोटों में 127 लोग मारे गए।
- 2010: जापानी प्रायोगिक अंतरिक्ष यान IKAROS शुक्र द्वारा पारित हुआ, जिसने सौर पाल प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया।
- 2011: एमएफ ग्लोबल के पूर्व सीईओ, जॉन कॉर्ज़िन, ग्राहकों के लाखों डॉलर के गायब होने से अनभिज्ञ रहे।
- 2012: फिलीपींस के राष्ट्रपति बेनिग्नो एक्विनो ने टायफून बोफा के बाद देश में आपातकाल की स्थिति की घोषणा की।
- 2014: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नस्लीय रिपोर्टिंग पर नए प्रतिबंधों का खुलासा किया।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं
- 1900: भारत के आधुनिक नृत्य के जन्मदाता नर्तक एवं नृत्य निर्देशक पंडित उदय शंकर का जन्म हुआ।
- 1967: पहली पनडुब्बी आईएनएस कालवरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
- 2010: भारत के पूर्व दूरसंचार मंत्री और उनके साझेदारों के घर पर एक भ्रष्टाचार घोटाले के संबंध में सीबीआई द्वारा छापा मारा गया।
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