/sootr/media/media_files/2026/02/12/sarojini-naidu-2026-02-12-15-52-37.jpg)
आज के दिन की कहानी: आज जब हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, तो एक नाम सबसे पहले आता है। वो नाम है सरोजिनी नायडू, जिन्हें दुनिया नाइटेंगिल ऑफ इंडिया के नाम से जानती है।
सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद के एक बहुत ही विद्वान परिवार में हुआ था। उनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय एक वैज्ञानिक थे और मां वरदा सुंदरी एक कवयित्री थीं।
बचपन से ही सरोजिनी के मन में ज्ञान और कविताओं के प्रति गहरा लगाव था। उन्होंने अपनी प्रतिभा से बहुत ही कम उम्र में पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था।
सरोजिनी नायडू की कहानी केवल एक राजनेता की नहीं बल्कि एक महान कवयित्री की भी है। आइए, उनकी इस अद्भुत जीवन यात्रा को विस्तार से समझते हैं।
/sootr/media/post_attachments/wp-content/uploads/2024/02/Untitled-design-12-1-998439.jpg?impolicy=Medium_Widthonly&w=400)
मात्र 12 साल की उम्र में रचा इतिहास
सरोजिनी नायडू (सरोजिनी नायडू भारत की स्वर कोकिला) बचपन से ही बहुत तेज दिमाग वाली और मेधावी छात्रा हुआ करती थीं। उन्होंने महज 12 साल की उम्र में मद्रास यूनिवर्सिटी से अपनी मैट्रिक परीक्षा टॉप की। ये उस दौर में एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड माना जाता था।
सरोजिनी की बुद्धि को देखकर हैदराबाद के निजाम ने उन्हें विदेश में पढ़ने की स्कॉलरशिप दी। उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज और फिर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के गिरटन कॉलेज से पढ़ाई की।
विदेश में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात महान कवियों और साहित्यकारों से हुई थी। वहां रहकर उन्होंने अंग्रेजी भाषा और साहित्य पर अपनी बहुत ही जबरदस्त पकड़ बना ली। उनकी कविताओं में भारतीय मिट्टी की महक और भावनाओं का बहुत सुंदर मिश्रण होता था।
/sootr/media/post_attachments/punjabkesari/2025-02-13/v2mk5pg3/Top-10-Classic-Sarojini-Naidu-Poems-of-All-Time-454497.jpg)
जब भारत कोकिला बनीं आजादी की बुलंद आवाज
सरोजिनी नायडू की आवाज और उनकी कविताओं में शहद जैसी बहुत ही मीठी मिठास थी। इसी कारण राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें नाइटेंगिल ऑफ इंडिया या भारत कोकिला कहा। लेकिन उनकी भूमिका केवल मंचों पर कविताएं सुनाने तक ही बिल्कुल सीमित नहीं रही।
साल 1905 में बंगाल विभाजन के समय वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में पूरी तरह कूद पड़ीं। उनकी मुलाकात गोपाल कृष्ण गोखले और महात्मा गांधी जैसे महान क्रांतिकारी नेताओं से हुई थी।
सरोजिनी नायडू ने महिलाओं को घर से बाहर निकलने और देश के लिए लड़ने हेतु प्रेरित किया। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव रखती हैं। उन्होंने नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़कर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
/sootr/media/post_attachments/multimedia/13_01_003548393sarojini-naidu-1-313726.jpg)
देश की पहली महिला राज्यपाल
आजादी के बाद जब भारत का नया स्वरूप बना, तो सरोजिनी नायडू ने इतिहास रचा। उन्हें उत्तर प्रदेश (तब संयुक्त प्रांत) का पहला महिला राज्यपाल नियुक्त किया गया था। वे स्वतंत्र भारत में राज्यपाल का पद संभालने वाली देश की सबसे पहली महिला थीं।
सरोजिनी नायडू ने प्रशासनिक कार्यों को बहुत ही कुशलता और पूरी पारदर्शिता के साथ बखूबी अंजाम दिया। वह मानती थीं कि राज्यपाल का पद केवल औपचारिक नहीं बल्कि जनता की सेवा है।
उनके कार्यकाल के दौरान महिलाओं की स्थिति में काफी सकारात्मक बदलाव और सुधार देखे गए। सरोजिनी नायडू हमेशा ही हिंदू-मुस्लिम एकता की एक बहुत बड़ी और मजबूत पैरोकार रहीं। उनके विचार आज के दौर में भी समाज के लिए बहुत सटीक और सही हैं।
/sootr/media/post_attachments/images/w-412,imgid-01e0ygch89rf3f1x3zh1tr572e,imgname-01-jpg-121343.jpg)
सरोजिनी नायडू के जीवन की कुछ रोचक बातें
सरोजिनी नायडू का जीवन अद्भुत प्रेरणाओं से भरा है। उन्होंने महज 13 साल की उम्र में 1300 पंक्तियों की कविता 'द लेडी ऑफ द लेक' लिखकर अपनी प्रतिभा साबित की।
वे फारसी, उर्दू और अंग्रेजी जैसी कई भाषाओं की विद्वान थीं। गांधीजी से उनकी गहरी दोस्ती थी, जिन्हें वे प्यार से मिकी माउस कहती थीं।
सरोजिनी नायडू ने न केवल महिलाओं के वोटिंग अधिकार के लिए लंबी लड़ाई लड़ी, बल्कि डॉ. गोविंदराजुलु नायडू से अंतरजातीय विवाह कर समाज की रूढ़ियों को भी तोड़ा। उनकी रचनाएं द गोल्डन थ्रेशहोल्ड आज भी साहित्य जगत की अनमोल धरोहर हैं।
/sootr/media/post_attachments/sarkarnama/2024-03/8511b267-ef6f-4a92-a68c-0da59632af11/9__17_-394922.jpg?rect=0%2C0%2C562%2C749)
राष्ट्रीय महिला दिवस
सरोजिनी नायडू का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा और साहस से कुछ भी संभव है। उन्होंने उस दौर में सफलता पाई जब महिलाओं का घर से निकलना भी कठिन था। उनकी जयंती को भारत में राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में बड़े गर्व से मनाया जाता है।
सरोजिनी नायडू की कविताएं आज भी हमारे कानों में देशप्रेम की एक मधुर मिश्री सी घोलती हैं। वह एक ऐसी नायिका थीं जिन्होंने कलम और कर्म दोनों से देश को संवारा।
आज की युवा पीढ़ी को उनके निडर और विद्वान व्यक्तित्व से बहुत कुछ सीखना चाहिए। भारत कोकिला की ये यादें हमारे दिलों में हमेशा हमेशा के लिए अमर ही रहेंगी।
Reference Links:
National Portal of India:
https://www.india.gov.in/spotlight/sarojini-naidu-brightest-star-indian-renaissance
Indian National Congress:
https://www.inc.in/about-us/past-party-presidents/sarojini-naidu Sarojini Naidu Nightingale of India
Raj Bhavan, Uttar Pradesh:
https://uprajbhavan.gov.in/en/page/former-governors National Women's Day
Britannica Encyclopedia:
13 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 13 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 13 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1542: इंग्लैंड के राजा हेनरी VIII की पांचवीं पत्नी कैथरीन हॉवर्ड को व्यभिचार के आरोप में मृत्युदंड दिया गया।
1575: फ्रांस के राजा हेनरी तृतीय का रेम्स में भव्य राज्याभिषेक संपन्न हुआ।
1660: मात्र पांच वर्ष की अल्पायु में चार्ल्स इलेवन स्वीडन के नए राजा बने।
1689: ब्रिटिश संसद में 'बिल ऑफ राइट्स' पढ़ा गया, जिससे ब्रिटेन में सशर्त राजशाही की शुरुआत हुई।
1689: मैरी स्टुअर्ट और विलियम III को इंग्लैंड तथा आयरलैंड का सह-शासक घोषित किया गया।
1706: फ्रॉस्टड की लड़ाई में स्वीडिश सेना ने रूसी सेना को करारी शिकस्त दी।
1741: एंड्रयू बेडफोर्ड द्वारा पहली अमेरिकी पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया गया।
1755: जावा का मातरम् राज्य विभाजित होकर योगाकार्टा और सुरकार्ता सल्तनत में बदल गया।
1766: बेंजामिन फ्रैंकलिन की मदद से जॉन मिल्स को रॉयल सोसाइटी का फेलो चुना गया।
1786: अब्राहम बाल्डविन को जॉर्जिया विश्वविद्यालय के पहले अध्यक्ष के रूप में चुना गया।
1795: अमेरिका में पहली स्टेट यूनिवर्सिटी उत्तरी कैरोलिना में शिक्षा के लिए खुली।
1799: मैसाचुसेट्स विधायिका ने अमेरिका का पहला बीमा कानून सफलतापूर्वक पारित किया।
1812: चिली का पहला अखबार 'अरोड़ा डी चिली' राजनीतिक दर्शन के प्रसार हेतु प्रकाशित हुआ।
1815: दुनिया की सबसे पुरानी डिबेटिंग सोसाइटी 'कैम्ब्रिज यूनियन सोसाइटी' की इंग्लैंड में स्थापना हुई।
1867: ब्रुसेल्स में जलमार्ग प्रबंधन के लिए सेने नदी को कवर करने का कार्य शुरू हुआ।
1880: थॉमस एडिसन ने 'एडिसन प्रभाव' की खोज की, जो वैक्यूम ट्यूब डायोड का आधार बना।
1883: प्रसिद्ध जर्मन संगीतकार रिचर्ड वैगनर का इटली के वेनिस में निधन हो गया।
1891: ईरान में विदेशी नियंत्रण के खिलाफ ऐतिहासिक तंबाकू विरोधी अभियान शुरू किया गया।
1917: पेरिस में जासूसी के आरोप में कुख्यात नर्तकी माता हरि को गिरफ्तार किया गया।
1945: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सोवियत संघ ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पर कब्जा किया।
1945: जर्मनी के सैक्सोनी में मित्र राष्ट्रों की बमबारी से हजारों नागरिक मारे गए।
1960: टेनेसी में अफ्रीकी अमेरिकी छात्रों ने नस्लीय भेदभाव के खिलाफ 'नशविले सिट-इन' शुरू किया।
1961: अमेरिकी भूवैज्ञानिकों को एक प्राचीन चट्टान के अंदर रहस्यमयी स्पार्क प्लग जैसा यंत्र मिला।
1970: रॉक बैंड 'ब्लैक सब्बाथ' ने अपना पहला एल्बम जारी किया, जिससे हैवी मेटल संगीत का जन्म हुआ।
1973: अमेरिकी डॉलर के मूल्य में आधिकारिक रूप से 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई।
1974: नोबेल विजेता अलेक्जेंडर सोलजेनिट्सिन को उनकी विचारधारा के कारण सोवियत संघ से निष्कासित किया गया।
1976: नाइजीरिया में सैन्य तख्तापलट के दौरान जनरल मुर्तला मोहम्मद की हत्या कर दी गई।
1978: सिडनी के हिल्टन होटल के बाहर बम विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान गई।
1980: न्यूयॉर्क के लेक प्लेसिड में शीतकालीन ओलंपिक खेलों का भव्य आयोजन हुआ।
1981: केंटकी में सीवर गैसों के प्रज्वलन से 3 किलोमीटर लंबी सड़कों पर भयानक विस्फोट हुए।
1983: इटली के ट्यूरिन शहर के एक सिनेमाघर में आग लगने से 64 लोगों की मृत्यु हुई।
1991: खाड़ी युद्ध के दौरान अमेरिका की बमबारी में इराक के सैकड़ों नागरिक मारे गए।
1997: अंतरिक्ष यान डिस्कवरी ने मरम्मत और सर्विसिंग के लिए हबल टेलिस्कोप को सफलतापूर्वक पकड़ा।
2001: अल सल्वाडोर में आए 6.6 तीव्रता के भीषण भूकंप से लगभग 400 लोगों की मौत हुई।
2008: ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड ने स्वदेशी आदिवासियों और 'चोरी की पीढ़ी' से औपचारिक माफी मांगी।
2010: वैंकूवर ओलंपिक की शुरुआत से पहले जॉर्जियाई खिलाड़ी नोडर की अभ्यास के दौरान मृत्यु हुई।
2011: मिस्र की क्रांति से प्रेरित होकर ईरान में सरकार विरोधी रैलियों की योजना बनाई गई।
2011: लेडी एंटेबेलम ने 'नीड यू नाउ' के लिए रिकॉर्ड और सॉन्ग ऑफ द ईयर का ग्रैमी जीता।
2012: क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने ब्रिटेन और फ्रांस की रेटिंग पर नकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।
2014: चीन के कैली शहर में एक अवैध जुआ घर में हुए विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई।
2014: वेनेजुएला में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान निकोलस मदुरा प्रशासन ने कई गिरफ्तारियां कीं।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं...
1879: भारत की महान कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू का जन्म हैदराबाद में हुआ।
1931: वायसराय लॉर्ड इरविन ने आधिकारिक रूप से नई दिल्ली का ब्रिटिश भारत की राजधानी के रूप में उद्घाटन किया।
2010: महाराष्ट्र के पुणे में जर्मन बेकरी बम विस्फोट हुआ, जिसमें 17 लोगों की दुखद मृत्यु हुई।
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
12 जनवरी का इतिहास: National Youth Day, जानें विवेकानंद का भारतीय दर्शन
11 जनवरी का इतिहास: ताशकंद में क्या हुआ था, पढ़ें शास्त्री जी के निधन की कहानी
आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us