19 फरवरी का इतिहास : मराठा साम्राज्य के महान नायक को कैसे मिली छत्रपति की उपाधी
Kaushiki | Feb 19, 2026, 08:00 IST
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19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। उनकी वीरता और 'स्वराज' की प्रेरक कहानी आज भी हर भारतीय को प्रेरित करती है। यहां पूरी कहानी पढ़ें।
आज के दिन की कहानी: साल 1630 का समय भारत के लिए बहुत कठिन था। चारों ओर विदेशी आक्रमणकारियों का बहुत आतंक फैला हुआ था। तब आज से करीब 396 साल पहले भारत की धरती पर एक शेर जन्मा। पुणे के पास जुन्नर के शिवनेरी दुर्ग में खुशियां मनाई जा रही थीं।
तारीख थी 19 फरवरी 1630, जब वीर शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। माता जीजाबाई ने उनका नाम शिवाजी देवी शिवाई के नाम पर रखा। उनके पिता शाहजी राजे भोसले बीजापुर रियासत में एक बड़े सेनापति थे।
बचपन से ही शिवाजी के मन में स्वराज का सपना पल रहा था। उन्होंने मुगलों के सामने कभी अपना सिर नहीं झुकाया। शिवाजी ने बचपन में ही स्वराज का महान सपना देखा था। उनके साहस की कहानी आज भी हमें बहुत प्रेरित करती है। चलिए शिवाजी महाराज जयंती पर पढ़ते हैं उस महान योद्धा के जन्म की पूरी कहानी।
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शिवनेरी दुर्ग उस समय सुरक्षा के लिहाज से बहुत अखंडनीय किला था। चारों ओर पहाड़ों की ढलान और मजबूत दीवारों का पहरा रहता था। 1630 में इसी सुरक्षित स्थान पर बालक शिवाजी का जन्म हुआ।
माता जीजाबाई उन्हें बचपन से ही रामायण और महाभारत सुनाती थीं। उन्होंने शिवाजी को धर्म और देश की रक्षा करना सिखाया था। शिवाजी महाराज ने बचपन में ही युद्ध कौशल और घुड़सवारी सीखी। उनके गुरु दादोजी कोंडदेव ने उन्हें शासन चलाने की शिक्षा दी। बचपन के खेल भी अक्सर किलों को जीतने के ही होते थे।
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मात्र 16 साल की उम्र में शिवाजी ने साहसी फैसला लिया। उन्होंने मुगलों और आदिलशाही के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत दिखाई। शिवाजी ने अपने मावले दोस्तों के साथ रायेश्वर मंदिर में प्रतिज्ञा ली। यह प्रतिज्ञा हिंदवी स्वराज यानी अपना खुद का शासन स्थापित करना था। 1646 में उन्होंने बीजापुर के अधीन तोरण किले पर कब्जा कर लिया।
यह उनके महान मिलिट्री ऑपरेशन्स की पहली सबसे बड़ी जीत थी। इसके बाद उन्होंने एक-एक करके कई मजबूत किलों को जीता। उनकी रणनीति हमेशा से छापामार युद्ध यानी गनिमी कावा की रही।
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शिवाजी महाराज की वीरता के किस्से पूरी दुनिया में मशहूर हैं। बीजापुर के सुल्तान ने उन्हें रोकने के लिए अफजल खान को भेजा। अफजल खान बहुत विशाल शरीर वाला और बेहद चालाक सेनापति था।
वह धोखे से शिवाजी को गले लगाकर मारना चाहता था। लेकिन शिवाजी महाराज उसकी चाल को पहले से ही समझ गए थे। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए वाघ नख (शेर के नाखून) (छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख) पहने थे। जैसे ही खान ने हमला किया, शिवाजी ने उसका पेट चीर दिया। इस घटना ने साबित किया कि शिवाजी बुद्धि और बल दोनों में श्रेष्ठ थे।
![जिसने 15 की उम्र में कर डाला 'किला फतह', वो शिवाजी कैसे बने 'छत्रपति' जानिए छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन इतिहास]()
दिल्ली की गद्दी पर बैठे औरंगजेब के लिए शिवाजी बड़ी चुनौती थे। औरंगजेब ने मिर्जा राजा जयसिंह को बड़ी सेना के साथ भेजा। मजबूरन शिवाजी को पुरंदर की संधि करनी पड़ी और आगरा जाना पड़ा।
वहां औरंगजेब ने उन्हें धोखे से नजरबंद कर दिया था। लेकिन शिवाजी महाराज को कैद करना मुमकिन नहीं था। वे फलों की टोकरी में छिपकर कैद से बाहर निकल आए। यह उनकी बुद्धिमानी का सबसे बड़ा और रोमांचक उदाहरण माना जाता है। इस घटना ने पूरे मुगल साम्राज्य की नींव हिला दी थी।
![छत्रपति शिवाजी महाराज: जीवनी, युद्ध, प्रशासन और मराठा साम्राज्य - Janbal]()
साल 1674 में रायगढ़ के किले में उनका भव्य राज्याभिषेक हुआ। विद्वान गागा भट्ट ने उन्हें छत्रपति की उपाधि से नवाजा था। इसका अर्थ है वह राजा जिसके ऊपर धर्म और न्याय का छत्र हो। उन्होंने प्रशासन में मराठी और संस्कृत भाषा को बढ़ावा दिया। शिवाजी महाराज ने अष्टप्रधान मंडल बनाया जो शासन में मदद करता था।
वे महिलाओं का सम्मान करने वाले एक बहुत ही न्यायप्रिय राजा थे। उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए भी कई नियम बनाए थे। उनकी नौसेना ने समुद्री सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया। इसी वजह से उन्हें भारतीय नौसेना का जनक भी कहते हैं।
![इतिहास की राह पर: कैद से साहसिक पलायन के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज के कारनामे]()
3 अप्रैल 1680 को रायगढ़ किले में इस महानायक का निधन हुआ। लेकिन उनके विचार और स्वराज की भावना आज भी जीवित है। शिवाजी महाराज ने सिखाया कि आजादी बलिदान और साहस से मिलती है।
वे केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि समाज के रक्षक भी थे। उनका जीवन हर युवा के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत है। हमें उनके बताए न्याय और स्वाभिमान के रास्ते पर चलना चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम इतिहास में हमेशा चमकता रहेगा।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 19 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 19 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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तारीख थी 19 फरवरी 1630, जब वीर शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। माता जीजाबाई ने उनका नाम शिवाजी देवी शिवाई के नाम पर रखा। उनके पिता शाहजी राजे भोसले बीजापुर रियासत में एक बड़े सेनापति थे।
बचपन से ही शिवाजी के मन में स्वराज का सपना पल रहा था। उन्होंने मुगलों के सामने कभी अपना सिर नहीं झुकाया। शिवाजी ने बचपन में ही स्वराज का महान सपना देखा था। उनके साहस की कहानी आज भी हमें बहुत प्रेरित करती है। चलिए शिवाजी महाराज जयंती पर पढ़ते हैं उस महान योद्धा के जन्म की पूरी कहानी।
Hindi- Chhatrapati Shivaji Maharaj: Biography, History and Administration
शिवनेरी दुर्ग की वह ऐतिहासिक सुबह
माता जीजाबाई उन्हें बचपन से ही रामायण और महाभारत सुनाती थीं। उन्होंने शिवाजी को धर्म और देश की रक्षा करना सिखाया था। शिवाजी महाराज ने बचपन में ही युद्ध कौशल और घुड़सवारी सीखी। उनके गुरु दादोजी कोंडदेव ने उन्हें शासन चलाने की शिक्षा दी। बचपन के खेल भी अक्सर किलों को जीतने के ही होते थे।
छत्रपति शिवाजी की निर्माता-वीरमाता जीजाबाई - हिंदी विवेक
स्वराज की प्रतिज्ञा
यह उनके महान मिलिट्री ऑपरेशन्स की पहली सबसे बड़ी जीत थी। इसके बाद उन्होंने एक-एक करके कई मजबूत किलों को जीता। उनकी रणनीति हमेशा से छापामार युद्ध यानी गनिमी कावा की रही।
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वीरता की मिसाल
वह धोखे से शिवाजी को गले लगाकर मारना चाहता था। लेकिन शिवाजी महाराज उसकी चाल को पहले से ही समझ गए थे। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए वाघ नख (शेर के नाखून) (छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख) पहने थे। जैसे ही खान ने हमला किया, शिवाजी ने उसका पेट चीर दिया। इस घटना ने साबित किया कि शिवाजी बुद्धि और बल दोनों में श्रेष्ठ थे।
जिसने 15 की उम्र में कर डाला 'किला फतह', वो शिवाजी कैसे बने 'छत्रपति' जानिए छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन इतिहास
मुगल साम्राज्य को कड़ी चुनौती
वहां औरंगजेब ने उन्हें धोखे से नजरबंद कर दिया था। लेकिन शिवाजी महाराज को कैद करना मुमकिन नहीं था। वे फलों की टोकरी में छिपकर कैद से बाहर निकल आए। यह उनकी बुद्धिमानी का सबसे बड़ा और रोमांचक उदाहरण माना जाता है। इस घटना ने पूरे मुगल साम्राज्य की नींव हिला दी थी।
छत्रपति शिवाजी महाराज: जीवनी, युद्ध, प्रशासन और मराठा साम्राज्य - Janbal
छत्रपति के रूप में राज्याभिषेक
वे महिलाओं का सम्मान करने वाले एक बहुत ही न्यायप्रिय राजा थे। उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए भी कई नियम बनाए थे। उनकी नौसेना ने समुद्री सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया। इसी वजह से उन्हें भारतीय नौसेना का जनक भी कहते हैं।
इतिहास की राह पर: कैद से साहसिक पलायन के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज के कारनामे
आज भी जीवित हैं उनके विचार
वे केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि समाज के रक्षक भी थे। उनका जीवन हर युवा के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत है। हमें उनके बताए न्याय और स्वाभिमान के रास्ते पर चलना चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम इतिहास में हमेशा चमकता रहेगा।
Reference Links
- Cultural Maharashtra - History of Chhatrapati Shivaji Maharaj
- Archeological Survey of India - Shivneri Fort Records
- National Portal of India - Chhatrapati Shivaji Maharaj Biography
- Shivaji birth anniversary, Official Raigad District Website - History Section
19 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 19 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1473: प्रसिद्ध खगोलशास्त्री निकोलस कॉपरनिकस का जन्म हॉलैंड में हुआ।
- 1600: दक्षिण अमेरिका के पेरू में हुआयनापुटिना ज्वालामुखी में अब तक का सबसे भीषण विस्फोट हुआ।
- 1674: वेस्टमिंस्टर की संधि के साथ तीसरा एंग्लो-डच युद्ध समाप्त हुआ, न्यूयॉर्क इंग्लैंड के पास गया।
- 1807: अमेरिकी पूर्व उपराष्ट्रपति आरोन बूर को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- 1807: अलबामा में आरोन बोर के खिलाफ साजिश की कोशिश विफल रही और वे निर्दोष साबित हुए।
- 1811: गेबोरा के युद्ध में फ्रांसीसी सेना ने स्पेनिश सेना को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया।
- 1828: अमेरिका में चिकित्सा सुधार के लिए 'बोस्टन सोसायटी' की स्थापना की गई।
- 1881: कान्सास अमेरिका का पहला ऐसा राज्य बना जिसने शराब (मादक पेय) पर पूरी तरह रोक लगाई।
- 1884: दक्षिणी अमेरिका में 60 से अधिक भीषण बवंडर आए, जो इतिहास की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक था।
- 1910: मैनचेस्टर यूनाइटेड और लिवरपूल के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में पहला फुटबॉल मैच खेला गया।
- 1920: अमेरिकी सीनेट ने वर्साय की संधि को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया।
- 1937: इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में इतालवी वायसराय की हत्या का प्रयास विफल रहा।
- 1942: राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने आदेश 9066 पर हस्ताक्षर कर जापानी अमेरिकियों को बंदी शिविरों में भेजने का निर्देश दिया।
- 1942: ऑस्ट्रेलियाई शहर डार्विन पर जापानी लड़ाकू विमानों के हमले में 243 लोग मारे गए।
- 1943: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ऐतिहासिक 'खारकोव की तीसरी लड़ाई' शुरू हुई।
- 1959: यूनान, तुर्की और ब्रिटेन के बीच साइप्रस की स्वतंत्रता को लेकर अहम समझौता हुआ।
- 1963: नारीवाद (Feminism) को बढ़ावा देने वाली किताब 'द फेमिनिन मिस्टिक' अमेरिका में प्रकाशित हुई।
- 1965: वियतनाम में गुयेन खान की सरकार के खिलाफ तख्तापलट का असफल प्रयास किया गया।
- 1966: यूनाइटेड किंगडम के नौसैनिक मंत्री क्रिस्टोफर मेयू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
- 1986: सोवियत संघ ने अंतरिक्ष में पहला दीर्घकालिक स्टेशन 'मीर' (Mir) लॉन्च किया।
- 1992: न्यूयॉर्क के शटबर्ट थियेटर में मशहूर संगीतमय नाटक "क्रेजी फॉर यू" का प्रीमियर हुआ।
- 1993: केन्या मूर को 42वीं 'मिस यूएसए' के ताज से नवाजा गया।
- 1993: हैती के पास समुद्र में 1500 यात्रियों के साथ एक बड़ा जहाज डूब गया।
- 1996: 'हॉवर्ड स्टर्न रेडियो शो' का पहला प्रीमियर यॉर्क और पेंसिल्वेनिया में आयोजित हुआ।
- 1997: अमेरिकी FCC ने 311 नंबर को गैर-आपातकालीन और 711 को दिव्यांगों की सहायता के लिए जारी किया।
- 1997: चीन के महान नेता और आर्थिक सुधारक डेंग ज़ियाओ पेंग का 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
- 1999: डेनमार्क की वैज्ञानिक डॉ. लेन वेस्टरगार्ड ने प्रकाश की गति को धीमा करने में सफलता पाई।
- 2003: ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड की सैन्य उड़ान क्रैश होने से 275 लोगों की मौत हुई।
- 2006: मेक्सिको की कोयला खदान में मिथेन गैस विस्फोट से 65 खनिकों की जान गई।
- 2010: वेटिकन सिटी ने मैरी मैक किलाप को ऑस्ट्रेलिया के पहले संत के रूप में मंजूरी दी।
- 2011: चीन में राजनीतिक बदलाव के लिए 'जैस्मिन रिवोल्यूशन' की मांग ऑनलाइन तेजी से फैली।
- 2011: सिंगापुर में तांग राजवंश की प्राचीन कलाकृतियों का एक बड़ा संग्रह प्रदर्शनी के लिए रखा गया।
- 2012: ब्राजील के रियो कार्निवल की एक पार्टी में रिकॉर्ड 2.2 मिलियन (22 लाख) लोग शामिल हुए।
- 2012: मेक्सिको की एक जेल में हुए भीषण दंगे में 44 कैदी मारे गए।
- 2013: सॉफ्टवेयर अपडेट में खराबी के कारण नासा का अंतरिक्ष स्टेशन से 3 घंटे तक संपर्क टूटा रहा।
- 2014: फेसबुक ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप 'व्हाट्सएप' को 19 बिलियन डॉलर में खरीदने की घोषणा की।
भारत की प्रमुख घटनाएं...
- 1630: मराठा साम्राज्य के गौरव
छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म पुणे के शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। - 1986: भारतीय रेलवे ने पहली बार देश में कम्प्यूटरीकृत आरक्षण टिकट (Computerized Tickets) की शुरुआत की।
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