27 फरवरी का इतिहास: गोधरा कांड 2002, जब धूं-धूं कर जल उठा साबरमती का S-6 डिब्बा
Kaushiki | Feb 27, 2026, 08:00 IST
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27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के S-6 डिब्बे में आग लगी। इसमें 59 कारसेवकों की मौत हुई। इसके बाद पूरे गुजरात में भीषण दंगे भड़क उठे।
आज के दिन की कहानी: भारतीय इतिहास में 27 फरवरी 2002 की तारीख एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। इस ट्रेन में सैकड़ों कारसेवक सवार होकर लौट रहे थे। वे सभी अयोध्या में एक धार्मिक कार्यक्रम में गए थे।
सुबह के करीब सात बज रहे थे और ट्रेन गोधरा पहुंची। स्टेशन पर अचानक माहौल बहुत ज्यादा तनावपूर्ण होने लगा। वहां ट्रेन के रुकते ही कुछ विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते वहां बहुत बड़ी भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने ट्रेन को चारों तरफ से घेर लिया था।
इस घटना की आग सिर्फ ट्रेन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके बाद पूरे गुजरात में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। आज भी इस त्रासदी की यादें लोगों के दिलों में जख्म की तरह ताजा हैं। आइए जानें उस दिन की पूरी कहानी और उसके बाद के घटनाक्रम का सच।
![बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच, गुजरात की अदालत ने 2002 के दंगों के 22 आरोपियों को बरी किया | भारत समाचार | मनोरमा इंग्लिश]()
तभी अचानक साबरमती एक्सप्रेस के S-6 डिब्बे में आग लगी। भीड़ ने ट्रेन पर पथराव करना शुरू कर दिया था। डिब्बे के अंदर धुआं और आग की लपटें फैल गईं। लोग अपनी जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन डिब्बे के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए गए।
उस आग में करीब 59 कारसेवकों की मौत हो गई। मरने वालों में कई महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल थे। ये नजारा बहुत ही ज्यादा डरावना और दुखद था। पूरे देश में इस खबर से मातम छा गया था।
![सुप्रीम कोर्ट 2002 गोधरा ट्रेन दहन मामले की अंतिम सुनवाई शुरू करेगा - द सीएसआर जर्नल]()
गोधरा की इस घटना ने पूरे राज्य को दहला दिया। जैसे ही यह खबर फैली, गुजरात में दंगे भड़क गए। लोग सड़कों पर उतर आए और हिंसा शुरू हो गई। अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत में हालात बहुत खराब हो गए। कई दिनों तक राज्य में कर्फ्यू लगा रहा था।
दंगों में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। पुलिस और सेना ने स्थिति संभालने की पूरी कोशिश की। लेकिन नफरत की आग बुझने में काफी वक्त लगा। यह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बहुत बुरा दौर था।
![गोधरा हत्याकांड के 15 साल बाद भी हमें नहीं पता कि आग किसने लगाई थी | हिंदुस्तान टाइम्स]()
गोधरा कांड की जांच के लिए कई कमेटियां बनीं। नानावती-मेहता आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि आग एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस ने कई सौ लोगों को इस मामले में पकड़ा।
विशेष अदालत ने 2011 में अपना बड़ा फैसला सुनाया। इसमें 31 लोगों को दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने 11 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। बाकी 20 लोगों को उम्रकैद की सजा मिली थी। बाद में हाईकोर्ट ने फांसी को उम्रकैद में बदल दिया।
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गोधरा कांड (गोधरा कांड का सच) आज भी देश के दिल में चुभता है। यह घटना हमें धार्मिक सहिष्णुता की अहमियत सिखाती है। नफरत और हिंसा से कभी किसी का भला नहीं हुआ।साबरमती एक्सप्रेस का वो जला डिब्बा आज भी याद है।
पीड़ित परिवार आज भी उस सुबह को भूल नहीं पाए। देश की अदालतों ने न्याय करने की पूरी कोशिश की। हमें ऐसी घटनाओं से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा। समाज में भाईचारा बनाए रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इतिहास के ये पन्ने हमें शांति की याद दिलाते हैं।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 27 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 27 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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सुबह के करीब सात बज रहे थे और ट्रेन गोधरा पहुंची। स्टेशन पर अचानक माहौल बहुत ज्यादा तनावपूर्ण होने लगा। वहां ट्रेन के रुकते ही कुछ विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते वहां बहुत बड़ी भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने ट्रेन को चारों तरफ से घेर लिया था।
इस घटना की आग सिर्फ ट्रेन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके बाद पूरे गुजरात में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। आज भी इस त्रासदी की यादें लोगों के दिलों में जख्म की तरह ताजा हैं। आइए जानें उस दिन की पूरी कहानी और उसके बाद के घटनाक्रम का सच।
बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच, गुजरात की अदालत ने 2002 के दंगों के 22 आरोपियों को बरी किया | भारत समाचार | मनोरमा इंग्लिश
साबरमती एक्सप्रेस का वो जलता हुआ डिब्बा
उस आग में करीब 59 कारसेवकों की मौत हो गई। मरने वालों में कई महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल थे। ये नजारा बहुत ही ज्यादा डरावना और दुखद था। पूरे देश में इस खबर से मातम छा गया था।
सुप्रीम कोर्ट 2002 गोधरा ट्रेन दहन मामले की अंतिम सुनवाई शुरू करेगा - द सीएसआर जर्नल
हिंसा की आग में झुलस गया पूरा गुजरात
दंगों में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। पुलिस और सेना ने स्थिति संभालने की पूरी कोशिश की। लेकिन नफरत की आग बुझने में काफी वक्त लगा। यह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बहुत बुरा दौर था।
गोधरा हत्याकांड के 15 साल बाद भी हमें नहीं पता कि आग किसने लगाई थी | हिंदुस्तान टाइम्स
जांच और अदालती कार्यवाही का लंबा दौर
विशेष अदालत ने 2011 में अपना बड़ा फैसला सुनाया। इसमें 31 लोगों को दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने 11 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। बाकी 20 लोगों को उम्रकैद की सजा मिली थी। बाद में हाईकोर्ट ने फांसी को उम्रकैद में बदल दिया।
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इतिहास का वो सबक जो भुलाया नहीं जा सकता
पीड़ित परिवार आज भी उस सुबह को भूल नहीं पाए। देश की अदालतों ने न्याय करने की पूरी कोशिश की। हमें ऐसी घटनाओं से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा। समाज में भाईचारा बनाए रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इतिहास के ये पन्ने हमें शांति की याद दिलाते हैं।
Reference Links
- The Hindu: Godhra Verdict Timeline, Sabarmati Express accident
- BBC Hindi: गोधरा कांड की पूरी कहानी
- NDTV India: Gujarat Riots and Godhra Case Analysis
- Official Website of Indian Courts: Gujarat High Court Judgments
27 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 27 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1560: बेरेविक की संधि हुई, जिससे अंग्रेजी सेना को स्कॉटलैंड में प्रवेश मिला।
- 1594: हेनरी IV को आधिकारिक तौर पर फ्रांस के राजा के रूप में ताज पहनाया गया।
- 1700: विलियम डैम्पियर ने पश्चिमी प्रशांत महासागर में 'न्यू ब्रिटेन' द्वीप की खोज की।
- 1776: अमेरिकी क्रांति के दौरान पैट्रियट्स ने मोहन ब्रिज की लड़ाई में जीत हासिल की।
- 1801: वाशिंगटन शहर को अमेरिकी कांग्रेस के सीधे अधिकार क्षेत्र में लाया गया था।
- 1812: मैनुएल बेलग्रानो ने पहली बार अर्जेंटीना के राष्ट्रीय ध्वज को हवा में फहराया।
- 1816: नेपोलियन की हार के बाद डच सेना ने सूमरनाम पर अपना कब्जा वापस पाया।
- 1829: कोलंबिया और पेरू की सेनाओं के बीच 'तारकी की लड़ाई' लड़ी गई थी।
- 1870: जापानी व्यापारी जहाजों के लिए वर्तमान झंडे को पहली बार राष्ट्रीय ध्वज चुना गया।
- 1874: इंग्लैंड के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर पहली बार बेसबॉल का खेल खेला गया।
- 1900: जर्मनी के मशहूर फुटबॉल क्लब 'एफसी बेयर्न म्यूनिख' की स्थापना ग्यारह खिलाड़ियों ने की।
- 1902: प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक और नोबेल विजेता जॉन स्टाइनबेक का आज ही जन्म हुआ था।
- 1921: वियना शहर में 'इंटरनेशनल वर्किंग यूनियन ऑफ सोशलिस्ट पार्टी' की नींव रखी गई।
- 1933: जर्मनी की संसद 'रीचस्टैग' की इमारत में आग लगाई गई, जो नाजी शासन की शुरुआत थी।
- 1940: मार्टिन कामेन और सैम रूबेन ने रेडियोधर्मी 'कार्बन-14' की खोज कर विज्ञान बदल दिया।
- 1951: अमेरिकी संविधान में संशोधन कर राष्ट्रपति के लिए केवल दो कार्यकाल तय किए गए।
- 1956: मिस्र की सरकार ने पहली बार देश की महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया।
- 1962: वियतनाम में राष्ट्रपति की हत्या के असफल प्रयास में इंडिपेंडेंस पैलेस पर बमबारी हुई।
- 1963: तानाशाही खत्म होने के बाद जुआन बॉश डोमिनिकन रिपब्लिक के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति बने।
- 1976: पश्चिमी सहारा क्षेत्र ने खुद को 'सहरावी अरब लोकतांत्रिक गणराज्य' के रूप में स्वतंत्र घोषित किया।
- 1988: अजरबैजान के सुमगत शहर में अर्मेनियाई समुदाय के खिलाफ भीषण हिंसा भड़क उठी थी।
- 1989: वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में आर्थिक सुधारों के खिलाफ बड़े दंगे और लूटपाट हुई।
- 1991: खाड़ी युद्ध के दौरान राष्ट्रपति बुश ने इराक पर विजय और संघर्ष विराम की घोषणा की।
- 1996: दुनिया भर में मशहूर 'पोकेमॉन' वीडियो गेम का पहला संस्करण जापान में लॉन्च हुआ।
- 1998: एफबीआई ने सबसे खतरनाक सीरियल किलर टोनी रे को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
- 2010: चिली में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया और सुनामी की चेतावनी जारी की गई।
- 2011: संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के शासन पर कड़े प्रतिबंध लगाए।
- 2015: रूस के विपक्षी नेता बोरिस नेमत्सोव की मास्को में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- 380: ईसाई धर्म को आधिकारिक तौर पर रोमन साम्राज्य का राजकीय धर्म घोषित किया गया था।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1956: भारतीय लोकसभा के पहले सम्मानित स्पीकर जी. वी. मावलंकर का आज ही निधन हुआ।
- 2002: गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस के S-6 कोच में आग लगी, जिसमें 59 कारसेवक मारे गए।
- 2002: गोधरा कांड के बाद पूरे गुजरात में भयानक सांप्रदायिक दंगे भड़के, जिसमें भारी जान-माल की हानि हुई।
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
11 जनवरी का इतिहास: ताशकंद में क्या हुआ था, पढ़ें शास्त्री जी के निधन की कहानी
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