आज का इतिहास: UNWTO ने विश्व पर्यटन दिवस को कैसे दिलाई पहचान, जानें एमपी के बेस्ट 5 टूरिस्ट डेस्टिनेशन
Dablu Kumar | Sept 27, 2025, 08:00 IST
27 sept
विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन पर्यटन के महत्व को उजागर करता है, जो सांस्कृतिक और सामाजिक परिवर्तन के बारे में बताता है।
हर साल 27 सितंबर को, दुनिया भर में एक खास दिन मनाया जाता है। यह सिर्फ यात्रा से जुड़ा दिन नहीं है, बल्कि एक ऐसा अवसर है जो हमें याद दिलाता है कि हम अपनी दुनिया को बेहतर कैसे बना सकते हैं। इस दिन को "विश्व पर्यटन दिवस" कहते हैं। ऐसे में आज विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश उन जगहों के बारे में जानेंगे, जहां घुमने के लिए काफी बेहतर जगह है। साथ ही, यह भी जानेंगे कि विश्व पर्यटन दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य क्या है।
यह दिन दुनिया भर में पर्यटन की शक्ति को उजागर करता है और यह हमें दिखाता है कि पर्यटन केवल यात्रा नहीं, बल्कि संस्कृतियों के बीच पुल, अर्थव्यवस्था के इंजन और पर्यावरणीय जागरूकता का एक माध्यम भी है।
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इस विशेष दिन की कहानी 1970 से शुरू होती है, जब संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने पहली बार पर्यटन को एक वैश्विक उद्योग के रूप में पहचानने का कदम उठाया। 27 सितंबर 1970 को मैक्सिको सिटी में UNWTO के कानून (Statutes) अपनाए गए, जो पर्यटन के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुए। इसके कुछ साल बाद, 1979 में स्पेन के टोरेमोलिनोस में UNWTO की तीसरी महासभा ने विश्व पर्यटन दिवस घोषित करने का फैसला किया। फिर 1980 में, दुनिया ने पहली बार इसे मनाया और उस समय पर्यटन को शांति और विकास का एक साधन माना गया।
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विश्व पर्यटन दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत जैसे विविध देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत ने इस क्षेत्र में अपनी भूमिका को काफी मजबूत किया है। 1980 के दशक में भारत ने UNWTO के साथ सहयोग करना शुरू किया। "इनक्रेडिबल इंडिया" अभियान के तहत, भारतीय पर्यटन ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। भारत में 43 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के साथ, यह देश दुनिया भर में अपने सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण राजदूत बन चुका है।
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विश्व पर्यटन दिवस पर भारत का हृदय कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में भी कई सारी जगह घूमने के लिए है। ऐसे में हम मध्यपदेश के ऐतिहासिक , सांस्कृतिक और प्राकृतिक आकर्षणों का खजाना है। यहां राज्य के पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों की झलक, जो हर यात्री को लुभाते हैं।
खजुराहो: मंदिरों की नक्काशी में बसी कला
![Famous-Hindu-Temples-Of-Khajuraho-tips-780956]()
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो अपने 10वीं-11वीं सदी के चंदेलकालीन मंदिरों के लिए विश्वविख्यात है। कंदारिया महादेव, लक्ष्मण और विश्वनाथ मंदिरों की कामुक मूर्तिकला और स्थापत्य कला पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करती है। खजुराहो हवाई और रेल मार्ग से सुगम है।
सांची: बौद्ध विरासत का गौरव
![साँची का महान स्तूप - UPSC Current Affairs 2025]()
सांची का महास्तूप, सम्राट अशोक द्वारा निर्मित, बौद्ध स्थापत्य का प्रतीक है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में अशोक स्तंभ और प्राचीन मठ भी दर्शनीय हैं। भोपाल से मात्र 46 किमी दूर, सanchi सड़क और रेल से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
ग्वालियर: किले और संगीत का शहर
![ग्वालियर किला - समय, प्रवेश शुल्क, इतिहास | ऑप्टिमा ट्रैवल्स]()
ग्वालियर का ऐतिहासिक किला मध्यकालीन वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। जय विलास पैलेस और तानसेन का मकबरा भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ग्वालियर हवाई और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है।
उज्जैन: आध्यात्मिकता का केंद्र
![Mahakaleshwar-235663]()
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और कुंभ मेले के लिए प्रसिद्ध उज्जैन धार्मिक यात्रियों का प्रमुख गंतव्य है। काल भैरव मंदिर और शिप्रा नदी का घाट भी दर्शनीय हैं। इंदौर निकटतम हवाई अड्डा है, और उज्जैन रेल-सड़क मार्ग से सुगम है। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर घूमने के लिए भक्त देश के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं।
पचमढ़ी: सतपुड़ा की रानी
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मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर है। धूपगढ़, बी फॉल, पांडव गुफाएँ और सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। पिपरिया निकटतम रेलवे स्टेशन है, और भोपाल से सड़क मार्ग सुविधाजनक है।ये पांच स्थल मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत और प्राकृतिक वैभव को दर्शाते हैं, जो हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित पर्यटन स्थलों की आधिकारिक वेबसाइट्स देखें।
पर्यटन का महत्व केवल छुट्टियों के समय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक विकास का चालक है। दुनिया भर में पर्यटन का 10% वैश्विक जीडीपी में योगदान है, और यह 330 मिलियन नौकरियों का सृजन करता है। खासकर विकासशील देशों के लिए, पर्यटन एक वरदान साबित होता है, क्योंकि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है।
सांस्कृतिक दृष्टिकोण से, पर्यटन न केवल दर्शनीय स्थलों को देखने का मौका देता है, बल्कि यह लोगों को एक दूसरे की सांस्कृतिक धरोहर, भाषा, रीति-रिवाज और खानपान के बारे में जागरूक भी करता है। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से, पर्यटन दुनिया भर में जागरूकता फैलाता है, लेकिन इसके साथ-साथ ओवरटूरिज्म की समस्याएं भी आती हैं, जैसे प्रदूषण और संसाधनों की अधिक खपत।
यह दिवस इन पहलुओं को उजागर करता है और हमें यह याद दिलाता है कि यह केवल एक यात्रा का अवसर नहीं है, बल्कि एक सामाजिक बदलाव का भी हिस्सा है। यह दिवस हमें यह समझाने का प्रयास करता है कि पर्यटन कैसे शांति, समृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देता है।
2025 का विश्व पर्यटन दिवस पर्यटन और सतत परिवर्तन (Tourism and Sustainable Transformation) के तहत मनाया जाएगा। यह थीम पर्यटन को सकारात्मक बदलाव के रूप में देखती है, जो लोगों, समुदायों और पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकता है। UNWTO का मानना है कि यह थीम जलवायु संकट के दौर में पर्यटन को हरित निवेश की दिशा में मोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें पर्यटकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इको-फ्रेंडली आवास चुनें, अपशिष्ट कम करें और स्थानीय संस्कृतियों का सम्मान करें।
विश्व पर्यटन दिवस पर दुनिया भर में उत्सव मनाए जाते हैं। 2025 में, मलेशिया पर्यटन का मेज़बान देश होगा, जहां ग्रीन इन्वेस्टमेंट पर फोकस किया जाएगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कैसे पर्यटन इको-फ्रेंडली विकल्पों को अपनाते हुए पर्यावरण की रक्षा कर सकता है।
यूनेस्को द्वारा संचालित विशेष टूर, और विभिन्न देशों में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने वाली पहलें भी इस दिन के खास कार्यक्रमों का हिस्सा होंगी। अफ्रीकी देशों में वाइल्डलाइफ कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारत में, इस दिन को "इनक्रेडिबल इंडिया" अभियान के तहत बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। राजस्थान, केरल और हिमाचल प्रदेश में इको-फेस्टिवल आयोजित होते हैं, जहां पर्यटकों को भारत की सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता से अवगत कराया जाता है। जयपुर में सांस्कृतिक प्रदर्शनियाँ, दिल्ली में सेमिनार, और गोवा में बीच क्लीन-अप ड्राइव जैसे कार्यक्रम होते हैं।
भारत के पर्यटन मंत्रालय का लक्ष्य है कि 2030 तक पर्यटन से देश की जीडीपी में 10% का योगदान बढ़ाया जाए। साथ ही, इसने "स्वदेश दर्शन 2.0" योजना भी शुरू की है, जिसके तहत 15 थीम-आधारित सर्किट विकसित किए जाएंगे, जैसे योग और वेलनेस पर्यटन।
हालांकि, पर्यटन के बढ़ते प्रभाव के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। ओवरटूरिज्म के कारण वेनिस जैसे शहरों में प्रदूषण बढ़ रहा है, और जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्री स्तर में वृद्धि हो रही है, जो तटीय पर्यटन को प्रभावित कर रही है।
इसके बावजूद, 2025 की थीम इन समस्याओं का समाधान सुझाती है, जैसे ग्रीन इन्वेस्टमेंट के जरिए पर्यटन को और अधिक सतत बनाया जा सकता है। भविष्य में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) पर्यटन को क्रांतिकारी बना सकते हैं, लेकिन सतत प्रथाएँ हमेशा प्राथमिकता पर रहेंगी।
विश्व पर्यटन दिवस हमें यह सिखाता है कि हर यात्रा एक अवसर है – दुनिया को समझने का, समुदायों को जोड़ने का, और पर्यावरण की रक्षा करने का। 2025 में "सतत परिवर्तन" की थीम के साथ, यह समय है कि हम अपने यात्रा के तरीके को बदलें, और एक जिम्मेदार पर्यटक बनें। आइए हम इस दिन को केवल मनाने के रूप में न देखें, बल्कि इसे एक बदलाव लाने का अवसर मानें।
हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है और 27 सितंबर का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है।
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 27 सितंबर को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
यह दिन दुनिया भर में पर्यटन की शक्ति को उजागर करता है और यह हमें दिखाता है कि पर्यटन केवल यात्रा नहीं, बल्कि संस्कृतियों के बीच पुल, अर्थव्यवस्था के इंजन और पर्यावरणीय जागरूकता का एक माध्यम भी है।
विश्व पर्यटन दिवस मनाने की कहानी
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इस विशेष दिन की कहानी 1970 से शुरू होती है, जब संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने पहली बार पर्यटन को एक वैश्विक उद्योग के रूप में पहचानने का कदम उठाया। 27 सितंबर 1970 को मैक्सिको सिटी में UNWTO के कानून (Statutes) अपनाए गए, जो पर्यटन के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुए। इसके कुछ साल बाद, 1979 में स्पेन के टोरेमोलिनोस में UNWTO की तीसरी महासभा ने विश्व पर्यटन दिवस घोषित करने का फैसला किया। फिर 1980 में, दुनिया ने पहली बार इसे मनाया और उस समय पर्यटन को शांति और विकास का एक साधन माना गया।
भारत का योगदान
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विश्व पर्यटन दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत जैसे विविध देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत ने इस क्षेत्र में अपनी भूमिका को काफी मजबूत किया है। 1980 के दशक में भारत ने UNWTO के साथ सहयोग करना शुरू किया। "इनक्रेडिबल इंडिया" अभियान के तहत, भारतीय पर्यटन ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। भारत में 43 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के साथ, यह देश दुनिया भर में अपने सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण राजदूत बन चुका है।
विश्व पर्यटन दिवस पर एमपी में कहां घूमे
World-Tourism-Day-572076
विश्व पर्यटन दिवस पर भारत का हृदय कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में भी कई सारी जगह घूमने के लिए है। ऐसे में हम मध्यपदेश के ऐतिहासिक , सांस्कृतिक और प्राकृतिक आकर्षणों का खजाना है। यहां राज्य के पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों की झलक, जो हर यात्री को लुभाते हैं।
खजुराहो: मंदिरों की नक्काशी में बसी कला
Famous-Hindu-Temples-Of-Khajuraho-tips-780956
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो अपने 10वीं-11वीं सदी के चंदेलकालीन मंदिरों के लिए विश्वविख्यात है। कंदारिया महादेव, लक्ष्मण और विश्वनाथ मंदिरों की कामुक मूर्तिकला और स्थापत्य कला पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करती है। खजुराहो हवाई और रेल मार्ग से सुगम है।
सांची: बौद्ध विरासत का गौरव
साँची का महान स्तूप - UPSC Current Affairs 2025
सांची का महास्तूप, सम्राट अशोक द्वारा निर्मित, बौद्ध स्थापत्य का प्रतीक है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में अशोक स्तंभ और प्राचीन मठ भी दर्शनीय हैं। भोपाल से मात्र 46 किमी दूर, सanchi सड़क और रेल से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
ग्वालियर: किले और संगीत का शहर
ग्वालियर किला - समय, प्रवेश शुल्क, इतिहास | ऑप्टिमा ट्रैवल्स
ग्वालियर का ऐतिहासिक किला मध्यकालीन वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। जय विलास पैलेस और तानसेन का मकबरा भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ग्वालियर हवाई और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है।
उज्जैन: आध्यात्मिकता का केंद्र
Mahakaleshwar-235663
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और कुंभ मेले के लिए प्रसिद्ध उज्जैन धार्मिक यात्रियों का प्रमुख गंतव्य है। काल भैरव मंदिर और शिप्रा नदी का घाट भी दर्शनीय हैं। इंदौर निकटतम हवाई अड्डा है, और उज्जैन रेल-सड़क मार्ग से सुगम है। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर घूमने के लिए भक्त देश के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं।
पचमढ़ी: सतपुड़ा की रानी
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मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर है। धूपगढ़, बी फॉल, पांडव गुफाएँ और सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। पिपरिया निकटतम रेलवे स्टेशन है, और भोपाल से सड़क मार्ग सुविधाजनक है।ये पांच स्थल मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत और प्राकृतिक वैभव को दर्शाते हैं, जो हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित पर्यटन स्थलों की आधिकारिक वेबसाइट्स देखें।
पर्यटन का महत्व
सांस्कृतिक दृष्टिकोण से, पर्यटन न केवल दर्शनीय स्थलों को देखने का मौका देता है, बल्कि यह लोगों को एक दूसरे की सांस्कृतिक धरोहर, भाषा, रीति-रिवाज और खानपान के बारे में जागरूक भी करता है। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से, पर्यटन दुनिया भर में जागरूकता फैलाता है, लेकिन इसके साथ-साथ ओवरटूरिज्म की समस्याएं भी आती हैं, जैसे प्रदूषण और संसाधनों की अधिक खपत।
यह दिवस इन पहलुओं को उजागर करता है और हमें यह याद दिलाता है कि यह केवल एक यात्रा का अवसर नहीं है, बल्कि एक सामाजिक बदलाव का भी हिस्सा है। यह दिवस हमें यह समझाने का प्रयास करता है कि पर्यटन कैसे शांति, समृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देता है।
2025 की थीम: पर्यटन और सतत परिवर्तन
वैश्विक उत्सव
यूनेस्को द्वारा संचालित विशेष टूर, और विभिन्न देशों में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने वाली पहलें भी इस दिन के खास कार्यक्रमों का हिस्सा होंगी। अफ्रीकी देशों में वाइल्डलाइफ कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारत में उत्सव
भारत के पर्यटन मंत्रालय का लक्ष्य है कि 2030 तक पर्यटन से देश की जीडीपी में 10% का योगदान बढ़ाया जाए। साथ ही, इसने "स्वदेश दर्शन 2.0" योजना भी शुरू की है, जिसके तहत 15 थीम-आधारित सर्किट विकसित किए जाएंगे, जैसे योग और वेलनेस पर्यटन।
चुनौतियां और भविष्य
इसके बावजूद, 2025 की थीम इन समस्याओं का समाधान सुझाती है, जैसे ग्रीन इन्वेस्टमेंट के जरिए पर्यटन को और अधिक सतत बनाया जा सकता है। भविष्य में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) पर्यटन को क्रांतिकारी बना सकते हैं, लेकिन सतत प्रथाएँ हमेशा प्राथमिकता पर रहेंगी।
निष्कर्ष
27 सितंबर का इतिहास
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 27 सितंबर को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
27 सितंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं विश्व में
- 2014 - संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने LGBT अधिकारों के पक्ष में मतदान किया।
- 2013 - एक जहाज जो जावा द्वीप से दूर था, इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया में शरणार्थियों को ले जा रहा था। तीस लोग लापता हैं, जबकि 22 शव बरामद किए गए हैं और 31 लोगों को बचा लिया गया।
- 2012 - अमेरिका ने घोषणा की कि वह म्यांमार से आयातित वस्तुओं पर लगाया गया एक प्रतिबंध हटाने की मांग करेगा।
- 2011 - पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कल्लर कहार में एक स्कूल बस दुर्घटना में 30 स्कूली बच्चों सहित कम से कम 37 लोग मारे गए और एक सत्तर गंभीर रूप से घायल हुए।
- 2010 - एंग्लो-डच उपभोक्ता उत्पादों की दिग्गज कंपनी यूनिलीवर पीएलसी ने अल्बर्टो-कुल्वर को 3.7 बिलियन डॉलर में खरीदा। अल्बर्टो-पुलवर बालों और त्वचा देखभाल उत्पादों का निर्माता है।
- 2007 - नासा ने अंतरिक्ष यान डॉन को मुख्य-बेल्ट क्षुद्रग्रहों वेस्ता और सेरेस का पता लगाने के लिए लॉन्च किया।
- 2007 - नासा ने केप प्रोवेंसल, फ्लोरिडा से डॉन मिशन को लॉन्च किया, जो आयन प्रणोदन का उपयोग करता है।
- 2005 - दो जापानी वैज्ञानिकों ने एक जीवित विशाल स्क्विड की 500 से अधिक तस्वीरें लीं और उनके दो सबसे लंबे तम्बूओं में से एक को पुनर्प्राप्त किया।
- 1998 - गूगल, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है, की शुरुआत हुई।
- 1996 - तालिबान के लड़ाकों ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया।
- 1993 - अबखज़िया में युद्ध के दौरान, अबकाज़ी सेनाओं ने सुखूमी शहर पर कब्जा किया और बड़ी संख्या में जॉर्जियाई नागरिकों की हत्या कर दी।
- 1988 - लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता आंग सान सू की के नेतृत्व में बर्मा में राजनीतिक दल नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की स्थापना की गई।
- 1983 - सॉफ्टवेयर डेवलपर रिचर्ड स्टालमैन ने GNU ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए योजनाओं की घोषणा की, जो एक मुक्त सॉफ़्टवेयर परियोजना थी।
- 1980 - दुनिया के दो सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों के बीच संघर्ष तेज हो गया। पश्चिमी देशों को तेल आपूर्ति को लेकर चिंता होने लगी।
- 1971 - जापानी सम्राट हिरोहिता विदेश यात्रा पर निकले।
- 1968 - मार्सेलो कैटानो पुर्तगाल के प्रधानमंत्री बने।
- 1964 - ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन TSR-2, एक उन्नत शीत युद्ध हड़ताल और टोही विमान, ने अपनी पहली उड़ान भरी।
- 1961 - सिएरा लियोन संयुक्त राष्ट्र का सौवां सदस्य बना।
- 1949 - बीजिंग शहर को चीन की नई राजधानी चुना गया। यह शहर चीन के राजनैतिक, आर्थिक, और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है।
- 1941 - संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के लिए बनाए गए 2,751 लिबर्टी जहाजों में से पहला एसएस पैट्रिक हेनरी लॉन्च किया गया था।
- 1939 - पोलैंड ने 26 दिनों के भयंकर युद्ध के बाद जर्मनी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जर्मन सेना ने लगभग 140,000 पोलिश सैनिकों को बंदी बना लिया था।
- 1924 - डाकुओं ने ओडेसा में मास्को ट्रेन पर हमला किया, जिसे ओडेसा एक्सप्रेस कहा जाता है। ज्यादातर यात्री डाकुओं द्वारा मारे गए या घायल हुए।
- 1916 - इथियोपिया के सम्राट पद के लिज इयासू को उनकी चाची, जेवडिटु के लिए अपदस्थ किया गया।
- 1908 - हेनरी फोर्ड ने डेट्रायट, मिशिगन में फोर्ड स्किटी एवेन्यू प्लांट में अपना पहला मॉडल टी ऑटोमोबाइल तैयार किया।
- 1908 - फोर्ड मॉडल टी ऑटोमोबाइल का पहला उत्पादन डेट्रायट, मिशिगन में पिकेटेट प्लांट में किया गया।
- 1905 - महान वैज्ञानिक अल्फ्रेड आइंस्टीन का प्रसिद्ध सिद्धांत E=mc² प्रकाशित हुआ।
- 1875 - एलेन साउथहार्ड इंग्लैंड के लिवरपूल में एक तूफान में बह गए, और संयुक्त राज्य अमेरिका की कांग्रेस ने बाद में लाइफबोट पुरुषों को 27 स्वर्ण पदक दिए जिन्होंने उसके चालक दल को बचाया।
- 1830 - बेल्जियम की क्रांति ने नीदरलैंड के यूनाइटेड किंगडम से ब्रुसेल्स को मुक्त कराया।
- 1825 - इंग्लैंड में स्टॉकटन-डार्लिंगटन लाइन के साथ दुनिया का पहला सार्वजनिक रेल परिवहन शुरू हुआ।
- 1825 - दुनिया का पहला आधुनिक रेलवे, स्टॉकटन और डार्लिंग्टन रेलवे इंग्लैंड में खोला गया।
- 1825 - लोकोमिशन नंबर 1 ने स्टोकल्टन और डार्लिंग्टन रेलवे पर पहली बार ट्रेन चलाई, जो स्टीमलोकोमोटिव्स का उपयोग करने वाला पहला सार्वजनिक रेलवे था।
- 1822 - पेरिस एकेडेमी डे शिलालेख एट बेल्स-लेट्रेस को लिखे गए पत्र में, जीन-फ्रांकोइस चैंपियन ने रोसेटा स्टोन के लिए अपनी प्रारंभिक सफलता की घोषणा की।
- 1821 - मैक्सिको को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
- 1779 - जॉन एडम्स ने ग्रेट ब्रिटेन के साथ क्रांतिकारी युद्ध शांति शर्तों पर बातचीत की।
- 1777 - अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध के दौरान, लैंकेस्टर, पेंसिल्वेनिया एक दिन के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की राजधानी बन गया क्योंकि कॉन्टिनेंटल कांग्रेस के सदस्य फिलाडेल्फिया भाग गए थे, जिन्हें अंग्रेजों ने पकड़ लिया था।
- 1605 - पोलिश-स्वीडिश युद्ध के दौरान, किर्चोलम की लड़ाई पोलिश-लिथुआनियाई सेना की निर्णायक जीत में समाप्त हुई और यह राष्ट्रमंडल घुड़सवार सेना की सबसे बड़ी विजय के रूप में याद की जाती है।
- 1590 - पोप अर्बन सप्तम का निधन हुआ, जो सबसे कम समय तक पोप रहे थे।
- 1422 - मेलनो की संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो पोलिशियन-लिथुआनियाई सीमा की स्थापना करती है, जो बाद में 500 वर्षों तक अपरिवर्तित रही।
- 1290 - चीन के चिली की खाड़ी में भूकंप से करीब एक लाख लोगों की मौत हुई।
27 सितंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं भारत में
- 2008 - भारत के मशहूर पार्श्व गायक महेंद्र कपूर का निधन हुआ।
- 2001 - जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना चित्रकूट, उत्तर प्रदेश, भारत में की गई। यह विश्वविद्यालय विशेष रूप से विकलांगों के लिए है।
- 1972 - भारतीय गणितज्ञ एस. आर. रंगनाथन का निधन हुआ। वे भारत के पुस्तकालय जगत के जनक थे और उन्होंने कोलन वर्गीकरण तथा क्लासिफाइड केटलाग कोड बनाया।
- 1958 - मिहिर सेन ब्रिटिश चैनल को तैरकर पार करने वाले पहले भारतीय बने।
- 1932 - भारतीय फिल्मों के रोमांस किंग यश चोपड़ा का जन्म हुआ।
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