/sootr/media/media_files/2026/02/27/ithaass-2026-02-27-17-23-20.jpg)
आज के दिन की कहानी: बात साल 1921 की है, जब सीवी रमन समुद्री जहाज से लंदन जा रहे थे। उन्होंने देखा कि मेडिटरेनीयन सी का पानी बहुत गहरा नीला दिखाई दे रहा है। उनके मन में सवाल उठा कि आखिर पानी नीला क्यों नजर आता है?
उस समय वैज्ञानिकों का मानना था कि यह केवल आकाश का रिफ्लेक्शन है। रमन ने इस बात को चुनौती देने का मन बना लिया था। उन्होंने जहाज पर ही कुछ सरल उपकरणों से प्रकाश का अध्ययन शुरू किया। भारत लौटकर उन्होंने कलकत्ता की लैब में अपना रिसर्च काम बढ़ा दिया।
/sootr/media/post_attachments/aajtak/images/story/202302/c_v_raman_2-sixteen_nine-237211.jpg?size=1200:675)
28 फरवरी का वह ऐतिहासिक दिन
लगातार सात साल की कड़ी मेहनत के बाद वह ऐतिहासिक पल आया। 28 फरवरी 1928 को रमन ने प्रकाश के प्रकीर्णन (scattering of light) की खोज की। उन्होंने पाया कि प्रकाश जब ट्रांसपेरेंट मीडियम से गुजरता है, रंग बदलता है। प्रकाश के कणों की ऊर्जा में आने वाले बदलाव को Raman effect कहा गया।
इस खोज ने साबित किया कि प्रकाश की प्रकृति बदल सकती है। यह उस दौर की सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धियों में से एक थी। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस अद्भुत भारतीय खोज को देखकर हैरान रह गए।
/sootr/media/post_attachments/assets/images/2022/02/28/national-science-day-2022_1646034728-336412.jpeg?w=750)
महज 200 रुपए के जुगाड़ से किया चमत्कार
आजकल की बड़ी लैब में करोड़ों रुपए के भारी उपकरण मौजूद होते हैं। लेकिन सर सीवी रमन ने यह खोज बहुत मामूली संसाधनों से की। उन्होंने केवल 200 रुपये के स्पेक्ट्रोग्राफ जैसे छोटे डिवाइस का यूज किया।
यह उनकी बुद्धि और कड़ी मेहनत का ही सबसे बड़ा परिणाम था। उन्होंने साबित किया कि बड़े इन्वेंशन के लिए केवल पैसा नहीं चाहिए। इसके लिए गहरी सोच और अटूट संकल्प की जरूरत होती है। भारतीय विज्ञान जगत के लिए यह पल गर्व से भरा हुआ था।
/sootr/media/post_attachments/article/73082-kynbqybweq-1509973734-377205.jpg)
नेशनल साइंस डे की शुरुआत
रमन प्रभाव की खोज के लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला। वह विज्ञान में नोबेल जीतने वाले पहले एशियाई और भारतीय बने। साल 1986 में भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया।
सर रमन की खोज की याद में 28 फरवरी को खास बनाया। तब से हर साल इस दिन नेशनल साइंस डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देश के बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ाना है। यह दिन हमें रमन साहब के महान योगदान की याद दिलाता है।
/sootr/media/post_attachments/assets/images/2022/02/28/national-science-day-2022_1646034511-255137.jpeg?q=70&w=480&dpr=2.6)
आज की दुनिया में रमन प्रभाव का बड़ा महत्व
आज रमन इफेक्ट का इस्तेमाल दुनिया की हर बड़ी लैब में होता है। रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी की मदद से पदार्थों की पहचान बहुत आसान हो गई है। इसका उपयोग कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाने के लिए भी होता है।
दवाइयों की शुद्धता जांचने में भी रमन प्रभाव बहुत काम आता है। फॉरेंसिक साइंस और सुरक्षा जांच में भी यह तकनीक बहुत मददगार है। सर सीवी रमन का वह छोटा सा प्रयोग आज क्रांति बन चुका है। हमें अपनी मिट्टी के इस महान वैज्ञानिक पर हमेशा गर्व रहेगा।
/sootr/media/post_attachments/cs/12/087c64901fd011eaa59d31af0875fe47/EvR38G0VgAISi1t-1614495942577-953246.png?mode=crop&crop=faces&ar=2%3A1&format=auto&w=1920&q=85)
सर सीवी रमन की महान वैज्ञानिक खोजें
वाद्य यंत्रों का जादुई संगीत (Physics of Indian Drums)
रमन साहब को संगीत से बहुत ज्यादा लगाव था। उन्होंने तबला और मृदंगम जैसे यंत्रों पर रिसर्च की। उन्होंने बताया कि इनसे इतनी सुरीली आवाज क्यों निकलती है। उन्होंने इनके हार्मोनिक रेजोनेंस के पीछे का विज्ञान दुनिया को समझाया। रमन ने भारतीय संगीत के पीछे छिपे गणित को उजागर किया।
रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी की आधुनिक तकनीक (Raman Spectroscopy)
रमन प्रभाव की खोज से एक नई तकनीक बनी। इसे आज दुनिया रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के नाम से जानती है। इसकी मदद से किसी भी केमिकल की पहचान आसान है। यह बिना छुए पदार्थ की अंदरूनी बनावट बता देती है। आज यह तकनीक कैंसर जैसी बीमारी ढूंढने में जरूरी है।
प्रकाश का मुड़ना यानी विवर्तन (Diffraction of Light)
रमन ने प्रकाश के विवर्तन पर बहुत काम किया। उन्होंने बताया कि प्रकाश की किरणें कैसे मुड़ती हैं। उन्होंने लिक्विड पदार्थों में प्रकाश के व्यवहार को समझाया। उनकी थ्योरी ने ऑप्टिक्स यानी प्रकाश विज्ञान को बदला। इससे चश्मों और कैमरों के लेंस को बेहतर बनाया गया।
चुंबक और प्रकाश का अनोखा रिश्ता (Magneto-optics)
उन्होंने चुंबक और प्रकाश के मेल पर रिसर्च की। रमन ने देखा कि चुंबक प्रकाश को प्रभावित करती है। उन्होंने मैग्नेटो-ऑप्टिक इफेक्ट को बहुत सरल तरीके से समझाया। उनकी इस रिसर्च ने इलेक्ट्रॉनिक्स के नए रास्ते खोले। इससे डेटा स्टोर करने वाली आधुनिक तकनीक को मदद मिली।
हीरों की चमक और क्रिस्टल का सच (Physics of Crystals)
रमन साहब को हीरों की चमक बहुत लुभाती थी। उन्होंने रिसर्च की कि हीरे इतने ज्यादा क्यों चमकते हैं। उन्होंने क्रिस्टल डायनेमिक्स पर कई महत्वपूर्ण रिसर्च पेपर लिखे। उन्होंने बताया कि एटम्स के कंपन से चमक बढ़ती है। उनकी यह खोज रत्नों की शुद्धता जांचने के काम आती है।
Reference Links
28 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 28 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 28 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1728: पालखेड की जंग में मराठा पेशवा बाजीराव प्रथम ने निजाम-उल-मुल्क को धूल चटाई।
1749: मशहूर उपन्यास "टॉम जोन्स" का पहला संस्करण प्रकाशित हुआ था।
1759: पोप क्लेमेंट XIII ने बाइबल का अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद करने की मंजूरी दी।
1767: किंग ताकसिन थाईलैंड के नए राजा बने और थोनबुरी को राजधानी बनाया।
1845: अमेरिकी कांग्रेस ने टेक्सास को अपने साथ मिलाने (अधिग्रहण) को हरी झंडी दी।
1854: अमेरिका में आज ही के दिन औपचारिक रूप से 'रिपब्लिकन पार्टी' का गठन हुआ।
1935: वैज्ञानिक वालेस कैरोज़र्स ने दुनिया के पहले सिंथेटिक फाइबर 'नायलॉन' का आविष्कार किया।
1950: 'द पीक डिस्ट्रिक्ट' को ब्रिटेन का सबसे पहला नेशनल पार्क घोषित किया गया।
1972: अमेरिका और चीन के बीच शंघाई कोमुनिके जारी हुआ, जिससे रिश्ते सुधरने लगे।
1982: कंप्यूटर की दुनिया की दिग्गज कंपनी 'एडोब सिस्टम' (Adobe) की स्थापना हुई।
1986: स्वीडन के प्रधानमंत्री ओलोफ पाल्मे की स्टॉकहोम में सरेआम गोली मारकर हत्या हुई।
1991: खाड़ी युद्ध के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने युद्धविराम का ऐलान किया।
2003: संयुक्त राष्ट्र ने साफ किया कि इराक के पास तबाही मचाने वाले हथियार नहीं मिले।
2012: दिग्गज टेक कंपनी IBM ने दुनिया का पहला 'क्वांटम कंप्यूटर' बनाने की घोषणा की।
2013: वैज्ञानिकों ने अवसाद और ऑटिज्म जैसे मानसिक विकारों के बीच जेनेटिक लिंक खोजा।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1885: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला ऐतिहासिक अधिवेशन बंबई (मुंबई) में संपन्न हुआ।
1896: कलकत्ता अधिवेशन में पहली बार गर्व के साथ 'वंदे मातरम' गीत गाया गया।
1928:भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमन ने 'रमन प्रभाव' खोजा, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला।
1963: भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का आज ही के दिन निधन हुआ।
2002: गुजरात दंगों के दौरान नरोदा पाटिया और चमनपुरा में हिंसक वारदातें हुईं।
2014: महिंद्रा एंड महिंद्रा ने प्रदूषण कम करने के लिए भूटान में इलेक्ट्रिक कार e2o लॉन्च की।
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
12 जनवरी का इतिहास: National Youth Day, जानें विवेकानंद का भारतीय दर्शन
11 जनवरी का इतिहास: ताशकंद में क्या हुआ था, पढ़ें शास्त्री जी के निधन की कहानी
आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us