9 नवंबर का इतिहास: राम जन्मभूमि से बाबरी मस्जिद तक, क्या थी अयोध्या विवाद की 134 साल पुरानी कहानी

Kaushiki | Nov 09, 2025, 08:00 IST
Share
Today-history-9-november-ayodhya-dispute-supreme-court-historic-verdict-2019
Today-history-9-november-ayodhya-dispute-supreme-court-historic-verdict-2019

अयोध्या विवाद पर 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस फैसले से 134 साल पुराना विवाद खत्म हो गया। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। भारत के इतिहास का यह एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण दिन था।

आज के दिन की कहानी: अयोध्या का नाम सुनते ही सबसे पहले भगवान राम और उनके जन्मस्थान का विचार आता है। लेकिन इसी पवित्र भूमि पर लगभग डेढ़ सदी से एक कड़वा विवाद चल रहा था। विवाद की कहानी आज की नहीं है। यह तो 134 साल पुरानी कानूनी उलझन थी।

यह विवाद राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के बीच की जमीन को लेकर था। इस विवाद की जड़ें 18वीं शताब्दी तक जाती हैं, पर कानूनी लड़ाई 1885 में शुरू हुई थी। 1885 में पहली बार यह मामला कोर्ट में पहुंचा था।

तब से लेकर 2019 तक यह मामला चलता रहा। इस दौरान आस्था और कानून के बीच एक लंबा संघर्ष देखने को मिला। कई सामाजिक और राजनीतिक मोड़ भी आए।

यह भारत की धर्मनिरपेक्षता, इतिहास और आस्था का सबसे बड़ा टेस्ट था। यह मामला कई दशकों तक देश की राजनीति और सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करता रहा। आइए जानें इस इतिहास के बारे में...

अयोध्या मामले में 134 साल पहले दायर हुई थी याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने आज  सुनाया ऐतिहासिक फैसला - chronology of events in ram janmabhoomi babri  masjid land dispute case - AajTak
अयोध्या मामले में 134 साल पहले दायर हुई थी याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनाया ऐतिहासिक फैसला - chronology of events in ram janmabhoomi babri masjid land dispute case - AajTak


सुप्रीम कोर्ट में दशकों तक चली सुनवाई

इस विवाद पर सबसे अंतिम और निर्णायक सुनवाई भारत के सुप्रीम कोर्ट में हुई। कोर्ट में यह मामला कई सालों तक चला था।

राम मंदिर पर फैसला देने वाले पांचों जजों को मिला निमंत्रण, VIP लिस्ट में  नाम | 2019 Supreme Court verdict on Ayodhya dispute 5 judges invited in ram  mandir pran pratistha inauguration ayodhya
राम मंदिर पर फैसला देने वाले पांचों जजों को मिला निमंत्रण, VIP लिस्ट में नाम | 2019 Supreme Court verdict on Ayodhya dispute 5 judges invited in ram mandir pran pratistha inauguration ayodhya


  • 5 जजों की बेंच:
    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में यह सुनवाई हुई थी। इस सुनवाई के लिए पाँच न्यायाधीशों की एक विशेष संवैधानिक पीठ बनाई गई थी।
Ayodhya Case 2019: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर किसने क्या कहा
Ayodhya Case 2019: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर किसने क्या कहा


  • 40 दिनों की लगातार सुनवाई:
    सुप्रीम कोर्ट ने इस जटिल मामले पर 40 दिनों तक लगातार सुनवाई की थी। यह कोर्ट के इतिहास में सबसे लंबी दैनिक सुनवाई में से एक थी।
  • पेश किए गए सबूत:
    हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों की ओर से पुरातत्व, इतिहास और कानून से जुड़े विभिन्न दस्तावेज़ पेश किए गए थे। एएसआई (Archaeological Survey of India) की रिपोर्ट बहुत महत्वपूर्ण मानी गई थी।
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा, अयोध्या पर फैसला किसने  लिखा? - इंडिया टुडे
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा, अयोध्या पर फैसला किसने लिखा? - इंडिया टुडे


9 नवंबर 2019: जब आया ऐतिहासिक फैसला

वह दिन था 9 नवंबर 2019, शनिवार का। पूरे देश की सांसें थमी हुई थीं। सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाना शुरू किया। यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:

  • जन्मभूमि का अधिकार (The Land Title):
    सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान (राम मंदिर) को सौंप दी। कोर्ट ने कहा कि हिंदुओं की आस्था यह बताती है कि यह भगवान राम का जन्मस्थान है। एएसआई की रिपोर्ट में भी मंदिर के ढांचे के सबूत मिले थे।
Everything you need to know about Babri Masjid demolition and the trial  thereafter
Everything you need to know about Babri Masjid demolition and the trial thereafter


  • मस्जिद के लिए जमीन (Land for Mosque):
    कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही किसी अन्य जगह पर मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया। यह निर्णय सद्भाव और न्याय पर आधारित था।
  • ट्रस्ट का निर्माण (Formation of Trust):
    कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया। इस ट्रस्ट को ही राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस फैसले का पूरे देश में स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की थी। यह फैसला भारत के इतिहास में न्यायपालिका की शक्ति और महत्व को दर्शाता है।

Ayodhya Ram Mandir: नागर शैली में बना है अयोध्या का राम मंदिर, जानिए इस  शैली की खासियत और क्यों चुना गया | Moneycontrol Hindi
Ayodhya Ram Mandir: नागर शैली में बना है अयोध्या का राम मंदिर, जानिए इस शैली की खासियत और क्यों चुना गया | Moneycontrol Hindi


क्या हुआ फैसले के बाद

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद भारत ने एक मैच्योर डेमोक्रेसी का परिचय दिया। दशकों पुराना विवाद शांति और कानून के दायरे में खत्म हुआ।

मुस्लिम पक्ष ने भी फैसले का सम्मान किया। इस फैसले से राम मंदिर के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। अयोध्या का यह ऐतिहासिक फैसला हमें बताता है कि भारत में संविधान और न्यायपालिका ही सबसे ऊपर हैं।

  • राम मंदिर का काम:
    केंद्र सरकार ने तुरंत 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का निर्माण किया। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य राम मंदिर का भूमि पूजन किया (Ram Janmabhoomi case)।
Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) / Posts / X
Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) / Posts / X


  • वर्तमान स्थिति:
    आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह मंदिर हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक बनने जा रहा है।
  • नई मस्जिद:
    सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन दी गई है। वहां एक नई मस्जिद, अस्पताल और सांस्कृतिक केंद्र बनाने का काम शुरू होगा।
इस ऐतिहासिक (अयोध्या का राममंदिर) फैसले ने न केवल एक विवाद खत्म किया, बल्कि देश में एकता और सौहार्द का संदेश भी दिया। अयोध्या (Ram Janmabhoomi)आज एक नये दौर में प्रवेश कर चुकी है।

Reference Links

  • Supreme Court of India Official Website (For judgment details)
  • Press Information Bureau (PIB) India (For official government statements and trust formation)
  • Archaeological Survey of India (ASI) Reports (Related to the historical findings)
  • Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust Official Updates (For current construction status)

9 नवम्बर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है और 9 नवम्बर का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है।

इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 9 नवम्बर (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।

विश्व इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं

  • 1330: व्लाकिया के बसाराब I और हंगरी के चार्ल्स I रॉबर्ट के बीच पोसाडा की लड़ाई शुरू हुई।
  • 1576: हैब्सबर्ग नीदरलैंड्स के प्रांतों ने गेन्ट के पासीफिकेशन पर हस्ताक्षर किए।
  • 1644: शिंगज़ी सम्राट, किंग राजवंश के पहले सम्राट, ने बीजिंग में शासन करना शुरू किया।
  • 1729: स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन ने सेविले के संधि पर हस्ताक्षर किए।
  • 1799: नेपोलियन बोनापार्ट ने सरकार के विरुद्ध तख्तापलट कर स्वयं को फ्रांस का तानाशाह घोषित किया।
  • 1857: 'अटलांटिक मासिक' पत्रिका की पहली प्रति प्रकाशित की गई।
  • 1861: अमेरिकी नागरिक युद्ध के दौरान, यूएसएस सैन जैसिंटो ने ब्रिटिश मेलशिप ट्रेंट को रोककर दो कॉन्फेडरेट दूतों को गिरफ्तार किया (ट्रेंट अफेयर)।
  • 1867: जापान के अंतिम शोगुन, तोकुगावा योशिनोबु ने सम्राट मीजी को अपना शासन सौंपा।
  • 1888: कुख्यात सीरियल किलर जैक द रिपर की पांचवीं और अंतिम शिकार, मैरी जेन केली की लंदन में हत्या कर दी गई।
  • 1905: अल्बर्टा, कनाडा के प्रांत में पहला आम चुनाव हुआ।
  • 1913: 'द बिग ब्लो' तूफान उत्तरी अमेरिका के ग्रेट लेक्स बेसिन में अपनी अधिकतम तीव्रता पर पहुंचा, जिससे 19 जहाज नष्ट हुए।
  • 1921: अल्बर्ट आइंस्टीन को "फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के कानून" की खोज के लिए भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • 1937: जापानी सेना ने चीन के शंघाई शहर पर कब्जा जमाया।
  • 1945: कनाडा ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर की पुष्टि की।
  • 1953: कंबोडिया को फ्रांस से स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
  • 1963: जापान की मीके कोयला खदानों में विस्फोट से 458 लोग मारे गए।
  • 1964: यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ कॉमन्स ने हत्या के लिए मौत की सजा को समाप्त करने के लिए वोट किया।
  • 1965: बिजली व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण कनाडा और पूर्वोत्तर अमेरिकी राज्यों में 30 मिलियन लोग प्रभावित हुए।
  • 1967: अमेरिकी पत्रकार डोरोथी किलगलेन अपने न्यूयॉर्क शहर के टाउनहाउस में मृत पाई गईं।
  • 1967: फ्रेंच कॉमिक बुक के नायक वेलेरियन और लॉरेलीन ने पहली बार पाइलट पत्रिका के पन्नों पर छपा।
  • 1967: संगीत और लोकप्रिय संस्कृति के लिए अमेरिकी पत्रिका रोलिंग-स्टोन का पहला अंक प्रकाशित किया गया।
  • 1967: अमेरिका ने केप कैनेडी, फ्लोरिडा से मानवरहित अंतरिक्षयान अपोलो 4 का प्रक्षेपण किया।
  • 1985: 22 साल की उम्र में गैरी कास्परोव, अनातोली कारपोव को हराकर सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन बने।
  • 1987: उत्तरी आयरलैंड के एनीस्किलन में एक बम विस्फोट हुआ, जिसमें ग्यारह लोग मारे गए।
  • 1989: पूर्वी जर्मनी ने बर्लिन की दीवार के भीतर जर्मन सीमा को खोलने की घोषणा की।
  • 1989: ब्रिटेन में मृत्यु-दण्ड की सज़ा पर पूरी तरह से रोक लगाई गई।
  • 1994: रासायनिक तत्व डार्मस्टे​डटियम की खोज की गई।
  • 1998: मानवाधिकार अधिनियम के पारित होने के साथ, यूनाइटेड किंगडम में सभी आपराधिक अपराधों के लिए मृत्युदंड की सजा समाप्त हुई।
  • 2003: सऊदी अरब के रियाद में हुए आत्मघाती आतंकवादी हमले में 17 लोगों की मौत हुई।
  • 2005: यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने वीनस एक्सप्रेस मिशन शुरू किया।
  • 2007: पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना उन खिलौनों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है जिनमें जहरीला रसायन 1,4-ब्यूटेनियोल पाया गया था।
  • 2008: आयरलैंड के तट से 750 मिलियन € का कोकीन जब्त किया गया।
  • 2010: संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया ने बर्मा, ईरान और सीरिया को परमाणु तकनीक प्रदान की है।
  • 2012: छह लोगों को ले जा रहा एक अल्जीरियाई C-295 सैन्य परिवहन दक्षिणी फ्रांस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
  • 2013: संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना द्वारा दुनिया के सबसे तकनीकी रूप से उन्नत जहाज, यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड का उद्घाटन किया गया।
  • 2014: अफ्रीका के शीर्ष कारोबारी नेताओं ने इबोला से ​निपटने के लिए आपात कोष स्थापित किया।

भारत के इतिहास में 09 नवम्बर

  • 1914: प्रथम विश्व युद्ध में, ऑस्ट्रेलियाई क्रूजर HMAS सिडनी ने कोकोस द्वीप समूह में जर्मन युद्धपोत एसएमएस एम्डेन को डुबो दिया।
  • 1947: भारतीय सेना ने जूनागढ़ रियासत पर हमला करके उसे भारत में मिला लिया।
  • 1960: भारत के पहले वायु सेना प्रमुख, सुब्रतो मुखर्जी का निधन हो गया।
  • 2019: सुप्रीम कोर्ट ने 134 साल पुराने अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाया।


आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...

आज का इतिहास: बेनजीर भुट्टो को क्यों कहा जाता है पाकिस्तान की आयरन लेडी, दो बार बनी थीं प्रधानमंत्री

आज का इतिहास: 137 साल तक कलकत्ता क्यों रहा ब्रिटिश भारत की राजधानी, जानें रेगुलेटिंग एक्ट का खेल

आज का इतिहास: भारत का पहला मून मिशन जिसने चांद पर खोजा पानी, जानें ISRO की सबसे बड़ी जीत

आज का इतिहास: कौन थी अंग्रेजों को धूल चटाने वाली भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी रानी चेन्नम्मा

Tags:
  • Supreme Court
  • अयोध्या
  • Ram Janmabhoomi case
  • Ram Janmabhoomi
  • राम जन्मभूमि
  • अयोध्या का राममंदिर
  • आज का इतिहास
  • आज की तारीख का इतिहास
  • आज की यादगार घटनाएं
  • आज के दिन की कहानी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि