आज का इतिहास: जापान के टोक्यो से शुरू हुई विश्व डाक दिवस मनाने की कहानी, स्विट्जरलैंड से भी है गहरा नाता
Dablu Kumar | Oct 08, 2025, 15:51 IST
world post day
विश्व डाक दिवस हर साल 9 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1874 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के बनने की याद में मनाया जाता है, जिसने दुनिया भर में डाक सेवाओं को बेहतर बनाया। 1969 में टोक्यो में UPU ने इसे विश्व डाक दिवस घोषित किया।
विश्व डाक दिवस हर साल 9 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन डाक सेवाओं को सम्मान देने और उनके महत्व को समझने के लिए है। डाक सेवा लोगों को जोड़ती है, चाहे वे शहर में हों या गांव में। आज के डिजिटल समय में, जब हम ईमेल और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तब भी डाक का महत्व बरकरार है। यह न सिर्फ पत्र पहुंचाती है, बल्कि ई-कॉमर्स, बैंकिंग और आपातकालीन मदद जैसे क्षेत्रों में भी काम करती है। 2025 में विश्व डाक दिवस 9 अक्टूबर, गुरुवार को होगा और इस बार की थीम है "#PostForPeople: Local Service. Global Reach." यानी डाक सेवा स्थानीय स्तर पर लोगों की मदद करती है और वैश्विक स्तर पर जोड़ती है।इस आर्टिकल में हम विश्व डाक दिवस का इतिहास, इसका महत्व, इसे कैसे मनाया जाता है, भारत में इसकी भूमिका और 2025 की खासियत को आसान भाषा में समझेंगे। ![World Postal Day: क्या है 'विश्व डाक दिवस' का इतिहास, महत्व और विजन ? | N7 India News]()
डाक सेवा बहुत पुरानी है। प्राचीन समय में लोग संदेशवाहकों के जरिए पत्र भेजते थे। भारत में महाभारत के समय से ही पत्र भेजने का जिक्र मिलता है। चंद्रगुप्त मौर्य के समय में डाक व्यवस्था को और बेहतर किया गया। लेकिन आधुनिक डाक सेवा 17वीं-18वीं सदी में यूरोप में शुरू हुई।9 अक्टूबर 1874 को स्विट्जरलैंड के बर्न शहर में 22 देशों ने मिलकर 'जनरल पोस्टल यूनियन' बनाई। इसका मकसद था कि दुनिया के किसी भी कोने में एक ही दर पर पत्र भेजा जा सके। 1878 में इसका नाम 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' (UPU) रखा गया। यह आज संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी है।
![जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व डाक दिवस, क्या है इसका महत्व]()
1969 में जापान के टोक्यो में UPU की बैठक में 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस घोषित किया गया। यह प्रस्ताव भारत के प्रतिनिधि आनंद मोहन नारुला ने रखा था। तब से हर साल यह दिन मनाया जाता है।भारत में डाक सेवा का इतिहास भी खास है। 1766 में ब्रिटिश काल में लॉर्ड क्लाइव ने डाक व्यवस्था शुरू की। 1774 में कोलकाता में पहला डाकघर खुला। फिर 1786 में चेन्नई और 1793 में मुंबई में डाकघर बने। 1854 में लॉर्ड डलहौजी ने डाक टिकट शुरू किए। भारत 1876 में UPU का सदस्य बना, जो एशिया का पहला देश था। आजादी के बाद डाक विभाग ने गांवों को जोड़ने और बचत योजनाओं में बड़ी भूमिका निभाई।
इसकी शुरुआत 1874 में हुई, जब स्विट्जरलैंड के शहर बर्न में 'यूनिवर्सल डाक संघ' (UPU) नाम का संगठन बनाया गया। तब कई देशों ने मिलकर फैसला किया कि डाक को पूरी दुनिया में एक जैसा और आसान बनाया जाए। पहले, दूसरे देशों को चिट्ठी भेजना बहुत मुश्किल और महंगा था, क्योंकि हर देश की अपनी-अपनी डाक व्यवस्था होती थी। UPU ने इसे सरल, सस्ता और भरोसेमंद बना दिया, ताकि लोग आसानी से जुड़ सकें। यह दिन आधिकारिक तौर पर 1969 में टोक्यो में UPU की बैठक में घोषित किया गया। इसका मकसद UPU की शुरुआत की याद में डाक सेवाओं की अच्छाई बताना था। तब से हर साल दुनिया के देश इस दिन पर कार्यक्रम करते हैं, जैसे लोगों को जागरूक करना, प्रदर्शनियां लगाना और डाक को नई तकनीक से बेहतर बनाने पर बातें।डाक सेवा सिर्फ चिट्ठी भेजने की नहीं है। यह व्यापार, अर्थव्यवस्था और लोगों के आपसी संपर्क को मजबूत करती है। आज के मोबाइल और इंटरनेट के जमाने में भी, गाँवों और दूर के इलाकों में डाक बहुत जरूरी है। ![विश्व डाक दिवस: संचार के हृदय का उत्सव - सीपीएस ग्लोबल]()
इस दौरान डाक टिकट प्रदर्शनियां, जागरूकता शिविर और नई सेवाओं का लॉन्च होता है। 2024 में डाक विभाग ने 'डाक e-Passbook' ऐप शुरू किया था। 2025 में ग्रामीण डाक सेवाओं पर ज्यादा ध्यान होगा।भारत की डाक सेवा ने आजादी की लड़ाई में भी मदद की थी। क्रांतिकारी गुप्त पत्रों से बात करते थे। आज यह 3.5 लाख कर्मचारियों के साथ 6 लाख गांवों को जोड़ती है। ![जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व डाक दिवस, क्या है इसका महत्व]()
2025 में UPU की स्थापना के 151 साल पूरे होंगे। थीम "#PostForPeople: Local Service. Global Reach." डाकघरों को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर जोड़ने की बात करती है। सोशल मीडिया पर लोग डाक की कहानियां शेयर करेंगे। पर्यावरण को बचाने के लिए सस्टेनेबल डाक सेवाओं पर जोर होगा। भारत में डाक विभाग ड्रोन से डिलीवरी शुरू करने की कोशिश कर सकता है। यह हमें बताता है कि डाक सेवा सिर्फ पत्र पहुंचाने की चीज नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का एक मजबूत पुल है। पुराने समय से लेकर आज तक, डाक ने हमारी जिंदगी को आसान बनाया है। 2025 में यह दिन हमें स्थानीय और वैश्विक डाक सेवाओं का महत्व समझाएगा। भारत में डाक विभाग गांवों को मजबूत करने और डिजिटल इंडिया को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाएगा। आइए, इस बार एक पत्र लिखकर डाक सेवा को सम्मान दें। हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है और 9 अक्टूबर का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है।
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 9 अक्टूबर को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
विश्व डाक दिवस का इतिहास
World Postal Day: क्या है 'विश्व डाक दिवस' का इतिहास, महत्व और विजन ? | N7 India News
डाक सेवा बहुत पुरानी है। प्राचीन समय में लोग संदेशवाहकों के जरिए पत्र भेजते थे। भारत में महाभारत के समय से ही पत्र भेजने का जिक्र मिलता है। चंद्रगुप्त मौर्य के समय में डाक व्यवस्था को और बेहतर किया गया। लेकिन आधुनिक डाक सेवा 17वीं-18वीं सदी में यूरोप में शुरू हुई।9 अक्टूबर 1874 को स्विट्जरलैंड के बर्न शहर में 22 देशों ने मिलकर 'जनरल पोस्टल यूनियन' बनाई। इसका मकसद था कि दुनिया के किसी भी कोने में एक ही दर पर पत्र भेजा जा सके। 1878 में इसका नाम 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' (UPU) रखा गया। यह आज संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी है।
जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व डाक दिवस, क्या है इसका महत्व
1969 में जापान के टोक्यो में UPU की बैठक में 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस घोषित किया गया। यह प्रस्ताव भारत के प्रतिनिधि आनंद मोहन नारुला ने रखा था। तब से हर साल यह दिन मनाया जाता है।भारत में डाक सेवा का इतिहास भी खास है। 1766 में ब्रिटिश काल में लॉर्ड क्लाइव ने डाक व्यवस्था शुरू की। 1774 में कोलकाता में पहला डाकघर खुला। फिर 1786 में चेन्नई और 1793 में मुंबई में डाकघर बने। 1854 में लॉर्ड डलहौजी ने डाक टिकट शुरू किए। भारत 1876 में UPU का सदस्य बना, जो एशिया का पहला देश था। आजादी के बाद डाक विभाग ने गांवों को जोड़ने और बचत योजनाओं में बड़ी भूमिका निभाई।
विश्व डाक दिवस मनाने के पीछे की कहानी
World Post Day: क्या है 'विश्व डाक दिवस' का इतिहास, जानिए इसका महत्व और विजन? | Patrika News | हिन्दी न्यूज
इसकी शुरुआत 1874 में हुई, जब स्विट्जरलैंड के शहर बर्न में 'यूनिवर्सल डाक संघ' (UPU) नाम का संगठन बनाया गया। तब कई देशों ने मिलकर फैसला किया कि डाक को पूरी दुनिया में एक जैसा और आसान बनाया जाए। पहले, दूसरे देशों को चिट्ठी भेजना बहुत मुश्किल और महंगा था, क्योंकि हर देश की अपनी-अपनी डाक व्यवस्था होती थी। UPU ने इसे सरल, सस्ता और भरोसेमंद बना दिया, ताकि लोग आसानी से जुड़ सकें। यह दिन आधिकारिक तौर पर 1969 में टोक्यो में UPU की बैठक में घोषित किया गया। इसका मकसद UPU की शुरुआत की याद में डाक सेवाओं की अच्छाई बताना था। तब से हर साल दुनिया के देश इस दिन पर कार्यक्रम करते हैं, जैसे लोगों को जागरूक करना, प्रदर्शनियां लगाना और डाक को नई तकनीक से बेहतर बनाने पर बातें।डाक सेवा सिर्फ चिट्ठी भेजने की नहीं है। यह व्यापार, अर्थव्यवस्था और लोगों के आपसी संपर्क को मजबूत करती है। आज के मोबाइल और इंटरनेट के जमाने में भी, गाँवों और दूर के इलाकों में डाक बहुत जरूरी है।
इसके कई फायदे हैं:
विश्व डाक दिवस: संचार के हृदय का उत्सव - सीपीएस ग्लोबल
- लोगों को जोड़ना: डाक सेवा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में संचार का मुख्य जरिया है, जहां इंटरनेट नहीं पहुंचता। यह पत्र, पार्सल और पैसे भेजने में मदद करती है।
- आर्थिक विकास: डाक सेवा ई-कॉमर्स को सपोर्ट करती है। ऑनलाइन शॉपिंग के सामान डाकघरों के जरिए पहुंचते हैं। यह लाखों लोगों को रोजगार देती है और अर्थव्यवस्था में योगदान देती है।
- सामाजिक योगदान: डाक सेवा शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन में मदद करती है। जैसे, कोरोना महामारी में डाकघरों ने दवाएं और राहत सामग्री पहुंचाई। यह पर्यावरण के लिए भी काम करती है, जैसे इलेक्ट्रॉनिक डाक से कागज बचता है।
इन कामों पर रहता है ध्यान
World Post Day 2022 Theme History Significance Importance Of Indian Post Interesting Facts In Hindi - Amar Ujala Hindi News Live - World Post Day 2022:क्यों और कैसे हुई विश्व डाक दिवस
- डाकघरों में ओपन डे: लोग डाकघरों में जाकर देख सकते हैं कि पत्र कैसे छांटे जाते हैं और स्टाम्प कैसे बनते हैं।
- डाक टिकट प्रदर्शनी: कई देश इस दिन खास डाक टिकट जारी करते हैं। जैसे, 1998 में रूस ने विश्व डाक दिवस के लिए टिकट निकाला।
- प्रतियोगिताएं: स्कूलों में पत्र लेखन और ड्राइंग प्रतियोगिताएं होती हैं।
- जागरूकता अभियान: सोशल मीडिया पर #PostForPeople जैसे हैशटैग से लोग डाक की कहानियां साझा करते हैं।
- कर्मचारी सम्मान: अच्छा काम करने वाले डाक कर्मियों को पुरस्कार मिलते हैं।
| दिन | तारीख | थीम |
|---|---|---|
| विश्व डाक दिवस | 9 अक्टूबर | डाक का वैश्विक महत्व |
| राष्ट्रीय डाक दिवस | 10 अक्टूबर | भारतीय डाक का इतिहास |
| मेल सप्ताह | 11 अक्टूबर | पत्र वितरण की प्रक्रिया |
| बचत दिवस | 12 अक्टूबर | डाक बचत योजनाएं |
| परिवार कल्याण दिवस | 13 अक्टूबर | डाक और परिवार |
| संस्कृति दिवस | 14 अक्टूबर | डाक और संस्कृति |
| डाक कर्मचारी दिवस | 15 अक्टूबर | डाक कर्मियों का सम्मान |
2025 में डाक दिवस
जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व डाक दिवस, क्या है इसका महत्व
2025 में UPU की स्थापना के 151 साल पूरे होंगे। थीम "#PostForPeople: Local Service. Global Reach." डाकघरों को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर जोड़ने की बात करती है। सोशल मीडिया पर लोग डाक की कहानियां शेयर करेंगे। पर्यावरण को बचाने के लिए सस्टेनेबल डाक सेवाओं पर जोर होगा। भारत में डाक विभाग ड्रोन से डिलीवरी शुरू करने की कोशिश कर सकता है। यह हमें बताता है कि डाक सेवा सिर्फ पत्र पहुंचाने की चीज नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का एक मजबूत पुल है। पुराने समय से लेकर आज तक, डाक ने हमारी जिंदगी को आसान बनाया है। 2025 में यह दिन हमें स्थानीय और वैश्विक डाक सेवाओं का महत्व समझाएगा। भारत में डाक विभाग गांवों को मजबूत करने और डिजिटल इंडिया को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाएगा। आइए, इस बार एक पत्र लिखकर डाक सेवा को सम्मान दें।
9 अक्टूबर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 9 अक्टूबर को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
विश्व में महत्वपूर्ण घटनाएं
- 2014: अमेरिकी शेयर बाजार में तेज़ गिरावट आई, जिसमें एस एंड पी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 2% कम हो गए।
- 2013: जूनो अंतरिक्ष यान बृहस्पति की ओर जाते समय पृथ्वी के पास से गुजरा, लेकिन फ्लाई-बाय के दौरान एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण सुरक्षित मोड (safe mode) में चला गया।
- 2012: पाकिस्तानी कार्यकर्ता मलाला यूसुफ़ज़ई पर तालिबान के एक बंदूकधारी ने असफल जानलेवा हमला किया और उन्हें गोली मार दी।
- 2012: जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के ग्रीस दौरे के विरोध में एथेंस में लगभग 25,000 लोगों ने प्रदर्शन किया।
- 2011: स्पेन के कैनरी द्वीपसमूह में एल हायरो के दक्षिणी तट पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप बढ़ते मैग्मा के कारण हुआ, जिससे एक संभावित ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका के कारण लोगों को वहाँ से हटाना पड़ा था।
- 2010: नाटो और अफगान सेना के साथ गोलीबारी में एक वरिष्ठ तालिबान कमांडर को दो अन्य क्रांतिकारियों के साथ मुर्गब जिले में मार गिराया गया।
- 2009: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा की सतह का निरीक्षण करने वाला उपग्रह एलसीआरओएसएस (LCROSS) लॉन्च किया।
- 2008: उत्तर कोरिया ने पीले सागर के एक क्षेत्र में जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया क्योंकि वह 10 छोटी दूरी की मिसाइलों को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा था।
- 2006: उत्तर कोरिया ने कथित तौर पर अपने पहले परमाणु उपकरण का परीक्षण किया।
- 2006: गूगल ने यूट्यूब (YouTube) को खरीदने की घोषणा की।
- 2005: यूरोपीय उपग्रह 'क्रायोसेट' का प्रक्षेपण असफल रहा।
- 2005: एंग्लिकन और कैथोलिक नेताओं ने मिलकर इच्छामृत्यु (euthanasia) के बारे में अपनी चिंताएं सामने रखीं, क्योंकि हाउस ऑफ लॉर्ड्स इस पर कानून बनाने की तैयारी कर रहा था।
- 2004: अफ़ग़ानिस्तान में पहला लोकतांत्रिक चुनाव हुआ, जिसमें देश के लगभग 75% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
- 1998 : पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने इस्लामी शरीयत कानून को देश के सर्वोच्च कानून के रूप में मंजूरी दी।
- 1986: एंड्रयू लॉयड वेबर का संगीत नाटक "द फैंटम ऑफ़ द ओपेरा" (The Phantom of the Opera), जो ब्रॉडवे इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाला शो बना, लंदन के वेस्ट एंड में शुरू हुआ।
- 1983: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति चुन डू-ह्वान, बर्मा (अब म्यांमार) के रंगून में हुए एक बम हमले में बाल-बाल बच गए।
- 1983: अमेरिका में बेरोज़गारी दर कई महीनों से बढ़ रही थी, पिछले महीने यह 9.3% दर्ज की गई, जो उस समय 42 वर्षों में सबसे अधिक (दिसंबर में 10.8%) थी।
- 1970: कंबोडिया में जनरल लोन नोल और प्रिंस सिरिक मटक के नेतृत्व में खमेर गणराज्य की घोषणा की गई।
- 1963: उत्तरी इटली के वाजोंट डैम से हुए भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में पानी विस्थापित हुआ, जिससे आई लहरों और बाढ़ ने दूर-दूर के गाँवों को बहा दिया और लगभग 2,000 लोग मारे गए।
- 1953: ब्रिटिश सरकार ने गुयाना के संविधान को निलंबित कर दिया।
- 1946: वर्जीनिया के पीट्सबर्ग में पहले इलेक्ट्रिक कंबल की बिक्री हुई।
- 1930: अमेरिका की पहली महिला पायलट लॉरा इंगल्स अकेली, अंतरमहाद्वीपीय उड़ान पूरी करके कैलिफोर्निया के ग्लेनडेल में उतरीं।
- 1919: मेजर लीग बेसबॉल में, सिनसिनाटी रेड्स ने शिकागो व्हाइट सोक्स के ऊपर वर्ल्ड सीरीज 5-3 से जीती। (बाद में पता चला कि व्हाइट सोक्स के खिलाड़ियों ने जानबूझकर हारने के लिए पैसे लिए थे)।
- 1914: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, एंटवर्प में बेल्जियम के सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे जर्मन सेना ने शहर पर कब्जा कर लिया।
- 1913: उत्तरी अटलांटिक में एसएस वोल्तर्नो नामक जहाज में आग लग गई और वह डूब गया, जिससे लगभग 130 लोग मारे गए।
- 1888: वाशिंगटन डी.सी. में स्थित वाशिंगटन स्मारक, जो उस समय दुनिया की सबसे ऊँची इमारत थी, आधिकारिक तौर पर आम जनता के लिए खोल दिया गया।
- 1876: स्कॉटिश वैज्ञानिक अलेक्जेंडर ग्राहम बेल और उनके सहयोगी थॉमस वॉटसन ने पहली बार लगभग दो मील (3.2 किमी) की दूरी से सफलतापूर्वक टेलीफोन पर बातचीत की।
- 1874: यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (Universal Postal Union - UPU), जिसे तब जनरल पोस्टल यूनियन के नाम से जाना जाता था, की स्थापना बर्न की संधि पर हस्ताक्षर के साथ हुई। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मेल के मुफ्त आदान-प्रदान के लिए डाक सेवाओं और नियमों का मानकीकरण करना था।
- 1874: सभी देशों के बीच पत्रों के आवागमन और जनरल पोस्टल यूनियन के गठन हेतु स्विटजरलैंड के बर्न में 22 देशों ने एक संधि पर हस्ताक्षर किए। तभी से 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
- 1845 एंग्लिकन पादरी जॉन हेनरी न्यूमैन, जो कई कैथोलिक मान्यताओं के कारण इंग्लैंड के चर्च में लौटना चाहते थे, को औपचारिक रूप से रोमन कैथोलिक चर्च में स्वीकार कर लिया गया।
- 1831: ग्रीस के राज्य प्रमुख आयोनिस कपोडिस्ट्रिएस की हत्या नैसफिनियन ने कर दी थी।
- 1812: 1812 के युद्ध के दौरान, लेफ्टिनेंट जेसी डंकन इलियट के नेतृत्व में अमेरिकी नौसेना बलों ने दो ब्रिटिश युद्धपोतों, एचएमएस डेट्रायट और एचएमएस कैलेडोनिया को पकड़ लिया।
- 1806: श्लेज़ की लड़ाई: फ्रांको-प्रशियाई संघर्ष की पहली झड़प हुई, जिसमें फ्रांसीसी सेना ने प्रशियाई सेना को आसानी से हरा दिया।
- 1771: व्यापारी जहाज व्होवा मारिया फिनलैंड के तट के पास डूब गया।
- 1740: डच गवर्नर-जनरल एड्रियान वाल्केनियर ने बताविआ (Batavia) में 8,000 चीनी निवासियों की हत्या की अनुमति दी।
- 1708: महान उत्तरी युद्ध के दौरान, रूस ने वर्तमान बेलारूस में लेस्नाया की लड़ाई में स्वीडन को हराया।
- 1708: स्वीडन और रूस के बीच हुई विश्व विख्यात डिनाइपर की लड़ाई, स्वीडन की हार के साथ समाप्त हुई।
- 1701: कनेक्टिकट के कॉलेजिएट स्कूल (जो बाद में येल यूनिवर्सिटी बना) को अमेरिका के ओल्ड सेब्रुक, कनेक्टिकट में चार्टर्ड किया गया था।
- 1701: येल यूनिवर्सिटी की स्थापना न्यू हेवन में की गई।
- 1514 : मैरी ट्यूडर, इंग्लैंड के हेनरी अष्टम की बहन, फ्रांस की कंसोर्ट कंसोर्ट (रानी) बनीं।
- 1446 : कोरियाई हंगल वर्णमाला का पहली बार कोरिया में प्रकाशन हुआ।
भारत में महत्वपूर्ण घटनाएं
- 2009 भारत देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे माओवादी नक्सली विद्रोहियों के खिलाफ एक नए हमले की रणनीति बनाता है।
- 1949 स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर सी. राजगोपालाचारी ने आधिकारिक रूप से प्रादेशिक सेना का उद्घाटन किया।
- 1945 प्रसिद्ध भारतीय सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान का जन्म हुआ।
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