भोपाल गैस त्रासदी : जानें इस भयावह घटना की सिलसिलेवार कहानी
भोपाल गैस त्रासदी : जानें इस भयावह घटना की सिलसिलेवार कहानी

02 Dec 2024

By Ravi Singh

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए गैस रिसाव ने न केवल भोपाल बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और इसका असर आज भी जारी है। आइए इस घटना को और विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि यह कैसे हुआ, इसके क्या परिणाम हुए और इसके बाद क्या हुआ...

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए गैस रिसाव ने न केवल भोपाल बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और इसका असर आज भी जारी है। आइए इस घटना को और विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि यह कैसे हुआ, इसके क्या परिणाम हुए और इसके बाद क्या हुआ...

Mandideep Gas Leakage : मंडीदीप गेल प्लांट से गैस लीक, 10 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया
Mandideep Gas Leakage : मंडीदीप गेल प्लांट से गैस लीक, 10 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया

23 Apr 2025

By Reena Sharma Vijayvargiya

भोपाल के नजदीक मंडीदीप में मंगलवार और बुधवार की रात लगभग 12 बजे गेल प्लांट से गैस लीक होने की घटना घटी। घटना की जानकारी मिलते ही फायर सेफ्टी टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

भोपाल के नजदीक मंडीदीप में मंगलवार और बुधवार की रात लगभग 12 बजे गेल प्लांट से गैस लीक होने की घटना घटी। घटना की जानकारी मिलते ही फायर सेफ्टी टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

कांग्रेस दो मुंही बात न करे, कचरा निष्पादन प्रक्रिया पर खुलकर बोले CM
कांग्रेस दो मुंही बात न करे, कचरा निष्पादन प्रक्रिया पर खुलकर बोले CM

02 Jan 2025

By Raj Singh

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1984 में हुई भोपाल गैस त्रासदी, भारत के इतिहास की सबसे भयानक औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है। इस आपदा ने कितनों की जान ले ली थी।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1984 में हुई भोपाल गैस त्रासदी, भारत के इतिहास की सबसे भयानक औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है। इस आपदा ने कितनों की जान ले ली थी।

3 दिसंबर का इतिहास: 41 साल बाद भी जिंदा है भोपाल गैस कांड की दर्दनाक यादें, जानें 1984 का वो काला अध्याय
3 दिसंबर का इतिहास: 41 साल बाद भी जिंदा है भोपाल गैस कांड की दर्दनाक यादें, जानें 1984 का वो काला अध्याय

03 Dec 2025

By Kaushiki

3 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ। इस गैस रिसाव ने हजारों लोगों की जान ले ली और यह दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा बन गई।

3 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ। इस गैस रिसाव ने हजारों लोगों की जान ले ली और यह दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा बन गई।

🔴 Sootrdhar Live | यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा | क्या MP सरकार ने कोर्ट में लगाए झूठे शपथ पत्र ?
🔴 Sootrdhar Live | यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा | क्या MP सरकार ने कोर्ट में लगाए झूठे शपथ पत्र ?

27 Feb 2025

By The Sootr

आज भी रिस रहे हैं भोपाल गैस त्रासदी के जख्म, दोषी कंपनी डाउ केमिकल के प्रतिनिधि आज अपना पक्ष रखने के लिए होंगे पेश
आज भी रिस रहे हैं भोपाल गैस त्रासदी के जख्म, दोषी कंपनी डाउ केमिकल के प्रतिनिधि आज अपना पक्ष रखने के लिए होंगे पेश

03 Oct 2023

By Pratibha Rana

भोपाल गैस कांड की दोषी कंपनी डाउ केमिकल के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसी के देश अमेरिका की सांसदों में उठी मांग का असर दिखने लगा है

भोपाल गैस कांड की दोषी कंपनी डाउ केमिकल के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसी के देश अमेरिका की सांसदों में उठी मांग का असर दिखने लगा है

भोपाल गैस त्रासदी के मामले में अंतिम सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
भोपाल गैस त्रासदी के मामले में अंतिम सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

07 Jan 2024

By Vikram Jain

भोपाल गैस कांड के मामले में अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

भोपाल गैस कांड के मामले में अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

अकेली MIC ही नहीं थी हत्यारी, गैसों ने मचाया था भोपाल में मौत का तांडव
अकेली MIC ही नहीं थी हत्यारी, गैसों ने मचाया था भोपाल में मौत का तांडव

03 Dec 2024

By Sanjay Sharma

3 दिसम्बर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड के टैंक से गैस रिसाव से हजारों मौत के बारे में सोचकर कलेजा कांप उठता है, लेकिन इस भीषण त्रासदी पर सरकारों की लापरवाही भी अमानवीयता से कम नहीं है।

3 दिसम्बर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड के टैंक से गैस रिसाव से हजारों मौत के बारे में सोचकर कलेजा कांप उठता है, लेकिन इस भीषण त्रासदी पर सरकारों की लापरवाही भी अमानवीयता से कम नहीं है।

भोपाल गैस त्रासदी:मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन में देरी पर हाइकोर्ट सख्त
भोपाल गैस त्रासदी:मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन में देरी पर हाइकोर्ट सख्त

09 Jan 2025

By Neel Tiwari

हाईकोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट का कहना है कि इस देरी की वजह से पीड़ितों को स्वास्थ्य सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हाईकोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट का कहना है कि इस देरी की वजह से पीड़ितों को स्वास्थ्य सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Bhopal Gas Tragedy का जहरीला कचरा Pithampur पहुंचा, स्थानीय लोगों संग सैलाना विधायक धरने पर

03 Jan 2025

By The Sootr

मानसून की विदाई के साथ MP-CG और राजस्थान में बदला मौसम: कहीं तेज धूप, तो कहीं हल्की बारिश और गुलाबी ठंड की दस्तक
मानसून की विदाई के साथ MP-CG और राजस्थान में बदला मौसम: कहीं तेज धूप, तो कहीं हल्की बारिश और गुलाबी ठंड की दस्तक

05 Oct 2026

By Amresh Kushwaha

मानसून की विदाई के साथ मध्य भारत में मौसम के मिजाज बदल गए हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अब दिन तप रहे हैं। वहीं रात के समय हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। राजस्थान के पिलानी में पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी दिन में तेज धूप और उमस परेशान कर रही है।

मानसून की विदाई के साथ मध्य भारत में मौसम के मिजाज बदल गए हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अब दिन तप रहे हैं। वहीं रात के समय हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। राजस्थान के पिलानी में पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी दिन में तेज धूप और उमस परेशान कर रही है।

अरबपति हो या रिक्शे वाला, सबका वोट बराबर; SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भुइयां का बड़ा बयान
अरबपति हो या रिक्शे वाला, सबका वोट बराबर; SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भुइयां का बड़ा बयान

04 Oct 2026

By Sumit Kumar

SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां (Justice Ujjal Bhuyan)ने मताधिकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी नागरिक की आर्थिक या सामाजिक हैसियत उसके वोट की कीमत तय नहीं करती। अरबपति हो या रिक्शा चलाने वाला, दोनों के वोट का मूल्य बराबर है।

SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां (Justice Ujjal Bhuyan)ने मताधिकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी नागरिक की आर्थिक या सामाजिक हैसियत उसके वोट की कीमत तय नहीं करती। अरबपति हो या रिक्शा चलाने वाला, दोनों के वोट का मूल्य बराबर है।

मंडला में बनेगा टाइगर सफारी जू, सीएम मोहन यादव की घोषणा, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला 36 करोड़ का बोनस
मंडला में बनेगा टाइगर सफारी जू, सीएम मोहन यादव की घोषणा, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला 36 करोड़ का बोनस

04 Oct 2026

By Sanjay Dhiman

मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को यह एलान किया। खैरी गांव में 9 लाख 4 हजार 126 संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस मिला। कुल बोनस राशि 36 करोड़ 17 लाख रुपए से ज्यादा रही। 84 वन समितियों को काष्ठ लाभांश भी मिला। जिले को 74 विकास कार्यों की सौगात भी दी गई। मेडिकल कॉलेज और पान की खेती पर एलान हुए।

मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को यह एलान किया। खैरी गांव में 9 लाख 4 हजार 126 संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस मिला। कुल बोनस राशि 36 करोड़ 17 लाख रुपए से ज्यादा रही। 84 वन समितियों को काष्ठ लाभांश भी मिला। जिले को 74 विकास कार्यों की सौगात भी दी गई। मेडिकल कॉलेज और पान की खेती पर एलान हुए।

बच्चों के भोजन का अधिकार: आधार नहीं तो भी मिले आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन, भोपाल अधिवेशन में उठी मांग
बच्चों के भोजन का अधिकार: आधार नहीं तो भी मिले आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन, भोपाल अधिवेशन में उठी मांग

04 Oct 2026

By Sandeep Kumar

भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक बच्चों के भोजन का अधिकार अधिवेशन चला। इसमें 18 राज्यों के 400 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। आधार कार्ड न होने पर बच्चा आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन से वंचित न हो। फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी बंद करने की मांग भी उठी। गर्म पका भोजन देने और निजीकरण रोकने की मांग भी हुई। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भी मौजूद रहे।

भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक बच्चों के भोजन का अधिकार अधिवेशन चला। इसमें 18 राज्यों के 400 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। आधार कार्ड न होने पर बच्चा आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन से वंचित न हो। फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी बंद करने की मांग भी उठी। गर्म पका भोजन देने और निजीकरण रोकने की मांग भी हुई। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भी मौजूद रहे।

125 साल से जल रहा बल्ब: लिवरमोर फायर स्टेशन में लगे बल्ब ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, आखिर क्यों नहीं हुआ फ्यूज
125 साल से जल रहा बल्ब: लिवरमोर फायर स्टेशन में लगे बल्ब ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, आखिर क्यों नहीं हुआ फ्यूज

04 Oct 2026

By Manya Jain

कैलिफोर्निया के लिवरमोर के फायर स्टेशन नंबर 6 में 1901 का बल्ब आज भी जल रहा है। इसे Centennial Light Bulb कहते हैं। यह कार्बन फिलामेंट वाला हाथ से बना बल्ब है। इसे ओहायो की शेल्बी इलेक्ट्रिक कंपनी ने बनाया था। यह 1901 में फायर डिपार्टमेंट को दान दिया गया था। गिनीज बुक में इसका नाम दर्ज है। इसकी निगरानी के लिए लगे तीन वेबकैम खराब हो चुके हैं।

कैलिफोर्निया के लिवरमोर के फायर स्टेशन नंबर 6 में 1901 का बल्ब आज भी जल रहा है। इसे Centennial Light Bulb कहते हैं। यह कार्बन फिलामेंट वाला हाथ से बना बल्ब है। इसे ओहायो की शेल्बी इलेक्ट्रिक कंपनी ने बनाया था। यह 1901 में फायर डिपार्टमेंट को दान दिया गया था। गिनीज बुक में इसका नाम दर्ज है। इसकी निगरानी के लिए लगे तीन वेबकैम खराब हो चुके हैं।