Ego छोड़ भीड़ से पहले जाग जाएं और AI सीखना शुरू कर दें, क्योंकि Something Big Is Happening

मैट शूमर AI विशेषज्ञ हैं। पिछले छह साल से AI स्टार्टअप बना रहे हैं और इसमें निवेश कर रहे हैं। उनका लेख Something big is Happening इन दिनों टेक वर्ल्ड में बेहद चर्चा में है। thesootr आपके लिए इस लेख का संक्षिप्त वर्जन उपलब्ध करवा रहा है…

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एआई न्यूज:फरवरी 2020 को याद कीजिए। उस समय कहीं दूर एक वायरस के बारे में खबरें आ रही थीं। अधिकांश लोगों ने उन्हें नजरअंदाज किया। शेयर बाजार ठीक चल रहा था। बच्चे स्कूल जा रहे थे। 

लोग ऑफिस, रेस्टोरेंट और शादी‑समारोहों में जा रहे थे। अगर कोई कहता कि वह घर में टॉयलेट पेपर या राशन का स्टॉक जमा कर रहा है, तो आप शायद हंसते। लेकिन कुछ हफ्तों बाद सब बदल गया। ऑफिस बंद हो गए, बच्चे घर पर रहे, बाहर निकलना बंद हो गया। उस समय की जिंदगी जो नॉर्मल लग रही थी। 

एक महीने में इतनी बदल गई कि अगर किसी ने आपको पहले बताया होता तो शायद आप यकीन नहीं करते। अब हम फिर से उसी शुरुआती दौर में हैं, जहां लोग चीजों को “ओवरहाइप” कहकर नजरअंदाज कर रहे हैं। इस बार कारण कोविड नहीं, बल्कि AI है। और इस बार होने वाला बदलाव महामारी से भी कहीं बड़ा हो सकता है।

AI की दुनिया से आ रही है आवाज

मेरे दोस्त जो टेक्नोलॉजी से दूर हैं, हर बार पूछते हैं - “AI में चल क्या रहा है, असली बात क्या है?”

मैं अबतक हल्के जवाब देता था - थोड़ा समझाना, थोड़ा मजाक, ताकि सामने वाला घबराए भी नहीं और बोर भी न हो। लेकिन अब जो महसूस हो रहा है, वह इतना बड़ा हो गया कि अब चुप नहीं रह सकता। 

AI इंडस्ट्री में होने के बावजूद, जो हो रहा है उस पर लगभग किसी का कोई कंट्रोल नहीं है। दुनियाभर में कुछ सौ रिसर्चर और गिनी‑चुनी कंपनियां दिशा तय कर रही हैं। जैसे OpenAI, Anthropic, Google DeepMind… इन कंपनियों द्वारा बनाए गए AI मॉडल टेक्नोलॉजी की दिशा बदलने का काम कर रहे हैं।

AI ने पहले हमारी नौकरियों से शुरू किया

AI की प्रगति अब बहुत तेजी से हो रही है। पहले AI एक सहायक के रूप में काम करता था। जैसे ड्राफ्ट, आइडिया, कोड सजेशन आदि। लेकिन अब AI ने उन कामों को खुद करना शुरू कर दिया है, जिनके लिए वे खुद को एक्सपर्ट मानते थे।

5 फरवरी 2026 को जब OpenAI का GPT‑5.3 Codex और Anthropic का Opus 4.6 आए। तो महसूस हुआ कि AI अब सिर्फ लोगों की मदद नहीं कर रहे है, बल्कि उनका मूल काम ही करने लगे हैं। पहले हमें AI के साथ बातचीत करनी पड़ती थी, लेकिन अब सीधे नतीजे बताते हैं।

AI के पास अब निर्णय और परीक्षण की क्षमता है

GPT‑5.3 Codex जैसे मॉडल अब सिर्फ निर्देश नहीं मानते, बल्कि वे खुद निर्णय लेते हैं, डिजाइन चुनते हैं, और फीचर्स में बदलाव करते हैं। यह बात उन लोगों के लिए हैरान करने वाली है, जो मानते थे कि AI के पास कभी जजमेंट या क्रिएटिव टेस्ट नहीं होगा। अब यह बदलाव सिर्फ इंजीनियरों और डेवलपरों तक सीमित नहीं रहेगा। यह बदलाव दूसरे सेक्टरों में भी आना शुरू हो गया है।

एक उदाहरण दूं, ताकि आप ठीक‑ठीक समझ सकें कि ये व्यवहार में कैसा दिखता है।

मैं AI से कहता हूं: “मुझे ऐसा‑ऐसा ऐप बनाना है। ये काम करेगा, roughly ऐसा दिखेगा। तुम user flow, design, सब खुद तय कर लो।” और वो कर देता है।

वो दसियों हजार लाइन का कोड लिखता है। फिर, और ये वो हिस्सा है जो एक साल पहले अकल्पनीय था, वो खुद ही उस ऐप को खोलता है। वो खुद बटन क्लिक करता है, फीचर टेस्ट करता है।

ऐप को वैसे ही इस्तेमाल करता है जैसे कोई इंसान करता। अगर उसे कुछ चीज अच्छी नहीं लगती - दिखने में या इस्तेमाल में - तो वो खुद वापस जाता है और सुधार कर देता है।

वो ऐसे‑ऐसे बदलाव करता है जैसे कोई डेवलपर करता है। बार‑बार सुधार, fine‑tuning करता है जब तक वो खुद संतुष्ट न हो जाए। और जब उसे खुद लगता है कि अब ऐप उसकी अपनी क्वालिटी स्टैंडर्ड पर पूरा उतरता है, तभी वो मुझे कहता है: “अब आप टेस्ट करिए, ये तैयार है।”

और जब मैं टेस्ट करता हूं, तो ज्यादातर समय वो सच में लगभग परफेक्ट होता है। मैं बढ़ा‑चढ़ाकर नहीं कह रहा। मेरा इस हफ्ते का सोमवार ऐसा ही बीता।

पहले कोडिंग और अब हर दिमागी काम

AI कंपनियों ने सबसे पहले कोड लिखने पर ध्यान केंद्रित किया, क्योंकि इसके लिए बहुत सारा कोड चाहिए था। लेकिन अब वही टेक्नोलॉजी कानून, फाइनेंस, अकाउंटिंग, मेडिकल, राइटिंग, डिजाइन, कस्टमर सपोर्ट, कंसल्टिंग जैसे व्हाइट‑कॉलर प्रोफेशन में पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है। 

यह परिवर्तन 10-15 साल बाद की बात नहीं है। बड़े रिसर्च लैब्स के प्रमुख मानते हैं कि अगले 1-5 साल में AI “अधिकतर इंसानों से स्मार्ट” हो जाएगा।

AI के साथ काम करने का तरीका बदल चुका है

अब लोग पुराने अनुभव से AI को जज नहीं कर सकते। आजकल के AI मॉडल पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट हो चुके हैं, और फ्री वर्जन से AI का जजमेंट करना गलत होगा। जो लोग पेड वर्जन का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे जानते हैं कि AI का स्तर पहले से कहीं अधिक बेहतर हो चुका है।

नौकरियों पर सीधी चोट

डारियो अमोडेई जैसे शोधकर्ताओं का मानना है कि अगले 1-5 साल में एंट्री‑लेवल व्हाइट‑कॉलर नौकरियों का लगभग 50% काम AI कर सकती है। यह सिर्फ ऑटोमेशन की लहर नहीं है, बल्कि यह सीधे दिमागी कामों पर हमला है, जैसे पढ़ना, लिखना, एनालिसिस, प्लानिंग, रिपोर्टिंग और निर्णय लेना…

AI अब अगली AI खुद बना रही है

GPT‑5.3 Codex के टेक्निकल डोक्युमेंटेशन में एक अहम लाइन थी - इस मॉडल के पुराने वर्जन ने खुद अपनी ट्रेनिंग सेटअप को debug किया, deployment संभाली और evaluation के नतीजों का विश्लेषण किया। यह दिखाता है कि AI अब अगली पीढ़ी की AI को बनाने में सक्रिय रूप से शामिल हो चुका है।

तो आप क्या कर सकते हैं?

मेरा उद्देश्य लोगों को डराकर पंगु बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें समय पर जागरूक करना है। अब सबसे बड़ा एडवांटेज यही है - 
आप बाकी भीड़ से पहले जाग जाएं और सीखना शुरू कर दें।

  • व्यावहारिक कदम:

    टॉप‑क्लास AI मॉडल का इस्तेमाल करें

    फ्री वर्जन से ऊपर उठकर पेड, स्टेट‑ऑफ‑द‑आर्ट मॉडल का इस्तेमाल करें।

  • हर दिन प्रयोग की आदत डालें

    रोज कम से कम एक घंटा सिर्फ यह टेस्ट करने में लगाएं कि AI आपके काम में कौन‑कौन से हिस्से संभाल सकती है।

  • फाइनेंशियल सुरक्षा पर ध्यान दें

    नए उधार में सावधानी रखें और कुछ बचत करें ताकि आप भविष्य में सहारा पा सकें।

  • बच्चों की तैयारी का पैटर्न बदलिए

    सिर्फ “मार्क्स-डिग्री-स्टेबल जॉब” वाली लकीर पर उन्हें मत दौड़ाइए।

  • अपने असली शौक और प्रोजेक्ट पर काम शुरू करें

    जिन चीजों के लिए आप कह रहे थे कि “स्किल/पैसा/टाइम नहीं है” - ऐप, किताब, कोर्स, रिसर्च - अब AI इनका टेक्निकल और भाषा वाला हिस्सा उठा सकती है।

आपके काम के लिए इसका क्या मतलब है

मैं सीधे‑सीधे बोलूंगा, क्योंकि मुझे लगता है कि आप सच्चाई के हकदार हैं, सिर्फ आरामदायक शब्दों के नहीं।
डारियो अमोडेई - जो AI इंडस्ट्री के सबसे सुरक्षा‑केन्द्रित CEOs में से एक माने जाते हैं - ने सार्वजनिक रूप से अनुमान लगाया है कि AI अगले 1-5 साल में entry‑level white‑collar नौकरियों का 50% खत्म कर देगी।

इंडस्ट्री में बहुत लोग मानते हैं कि वो भी conservative अंदाजा है। जो काम आज के नए मॉडल कर सकते हैं, उन्हें देखकर लगता है कि बड़े स्तर की हिलाहट की क्षमता इस साल के अंत तक मौजूद हो सकती है। इकोनॉमी तक असर पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन असली क्षमता अब पहुंच रही है। 

ये हर पिछली ऑटोमेशन वेव से अलग है, और इसे समझना जरूरी है। AI सिर्फ किसी एक स्किल को रीप्लस नहीं कर रही। ये कुल मिलाकर दिमागी काम का विकल्प बन रही है। ये हर चीज में एक साथ बेहतर होती जाती है। जब फैक्ट्रियों में ऑटोमेशन आया, तो मजदूर ऑफिस की नौकरी में retrain हो सके। जब इंटरनेट ने retail को बदला, तो लोग logistics या services में चले गए।

लेकिन AI कोई खाली जगह नहीं छोड़ रही, जिसमें आप आराम से शिफ्ट हो जाएं। आप जो भी नया सीखने जाएं, AI भी उसी में तेजी से बेहतर होती जा रही है।
कुछ ठोस उदाहरण देते हैं (लेकिन ध्यान रहे, ये सूची पूरी नहीं है, अगर आपका काम यहां नहीं है, इसका मतलब ये नहीं कि वो सुरक्षित है):

  • कानूनी काम - कॉन्ट्रैक्ट पढ़ना, केस‑लॉ का सार निकालना, ड्राफ्ट तैयार करना, रिसर्च करना… AI ये सब अभी भी जूनियर एसोसिएट के स्तर पर कर रही है। और तेजी से बेहतर हो रही है। वो managing partner, जिसका मैंने ज़िक्र किया, वो मज़े के लिए नहीं, बल्कि इसलिए AI का इस्तेमाल कर रहा है क्योंकि ये कई कामों में उसके associates से बेहतर output दे रही है।

  • फाइनेंशियल एनालिसिस - financial models बनाना, डेटा analyze करना, investment memos लिखना, reports तैयार करना - AI इन सबको काफी अच्छे से कर रही है और तेजी से सुधार कर रही है।

  • लेखन और कंटेंट - मार्केटिंग कॉपी, रिपोर्ट, journalism, technical writing - आज की गुणवत्ता ऐसी है कि कई प्रोफेशनल लोग अक्सर नहीं पहचान पाते कि ये इंसान ने लिखा है या AI ने।

  • सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग - एक साल पहले तक AI मुश्किल से कुछ लाइन code बिना गलती के लिख पाती थी। आज वो लाखों लाइनों का code लिख रही है जो काम करता है। काम का बड़ा हिस्सा, सिर्फ छोटे tasks नहीं बल्कि complex multi‑day projects तक, पहले से ही automate हो रहे हैं। कुछ सालों में programming की नौकरियां आज की तुलना में कहीं कम होंगी।

  • मेडिकल एनालिसिस - स्कैन पढ़ना, lab reports देखना, संभावित diagnosis सुझाना, research papers समझना - कई क्षेत्रों में AI मानव प्रदर्शन के बराबर या आगे पहुँच रही है।

  • कस्टमर सर्विस - वो पुराने वाले परेशान करने वाले चैटबॉट्स नहीं, बल्कि सच में सक्षम AI agents, जो multi‑step complex problems हैंडल कर रहे हैं, अभी deploy हो रहे हैं।

बहुत लोग इस सोच से संतोष लेते हैं कि AI “grunt work” कर लेगी, लेकिन judgement, creativity, strategy, empathy जैसी चीज़ों में इंसान की जरूरत रहेगी। विचार मंथन द सूत्र

मैं खुद भी पहले यही कहता था। अब मैं उतना आश्वस्त नहीं हूं।

नए मॉडल ऐसे फैसले लेते हैं जो जजमेंट जैसे लगते हैं। उनमें taste जैसा कुछ दिखता है - सिर्फ technically सही विकल्प नहीं, बल्कि “सही महसूस” होने वाला विकल्प। एक साल पहले ये सोच भी नहीं सकते थे।

अब मेरा thumb rule ये है: अगर कोई मॉडल आज किसी क्षमता की हल्की झलक भी दिखा दे, तो अगली पीढ़ी उस काम में बहुत अच्छी हो जाएगी। ये चीजें सीधी रेखा की तरह नहीं, एक्स्पोनेन्शियल कर्व की तरह बढ़ती हैं।

क्या AI कभी गहरी मानव एम्पथी की जगह ले पाएगी? क्या वो उन रिश्तों की जगह ले सकती है जो सालों की भरोसे पर बने हैं? मुझे नहीं पता। शायद नहीं। लेकिन मैंने पहले ही देखा है कि कितने लोग इमोशनल सपोर्ट, सलाह, कम्पैनियनशिप के लिए AI पर भरोसा करने लगे हैं। ये ट्रेंड बढ़ने ही वाला है।

ईमानदारी से कहूं तो, मध्यम अवधि में कोई भी ऐसा काम जो कंप्यूटर पर किया जा सकता है, पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। अगर आपकी नौकरी का core काम स्क्रीन पर होता है - यानी पढ़ना, लिखना, analyze करना, decision लेना, keyboard से communicate करना - तो AI आपके उस काम के बड़े हिस्से पर नजर रख रही है। 

ये “कभी न कभी” वाली टाइम लाइन नहीं है। ये अभी शुरू हो चुकी है। आखिरकार, रोबोट्स फिजिकल काम भी संभालेंगे। अभी वो पूरी तरह तैयार नहीं हैं। लेकिन AI में “अभी नहीं” का मतलब अक्सर “काफी जल्दी” होता है।

अब आपको क्या करना चाहिए

मैं ये सब आपको हताश करने के लिए नहीं लिख रहा…
मेरा मानना है कि अभी का सबसे बड़ा advantage सिर्फ इतना है - आप समय से पहले जाग जाएं।
समझने में जल्दी, इस्तेमाल करने में जल्दी, और खुद को ढालने में जल्दी।
AI को गंभीरता से इस्तेमाल करना शुरू करें, सिर्फ सर्च की तरह नहीं।

पहली बात: हमेशा सबसे बेस्ट उपलब्ध मॉडल चुनिए, सिर्फ डिफॉल्ट पर मत छोड़िए। 
दूसरी और ज़्यादा जरूरी बात: इसे सिर्फ छोटी‑मोटी queries के लिए मत इस्तेमाल कीजिए। लोग इसे Google की तरह यूज करते हैं और फिर कहते हैं “कुछ खास नहीं है।” इसे अपने असल काम में झोंकिए।

  • आप lawyer हैं? पूरा कॉन्ट्रैक्ट दीजिए, कहिए - “हर ऐसा क्लॉज निकालो जो मेरे क्लाइंट के खिलाफ जा सकता है।”

  • finances में हैं? गंदा, बिखरा हुआ स्प्रेडशीट दीजिए, कहिए - “मॉडल बनाओ, सार निकालो।”

  • मैनेजर हैं? टीम की quarterly रिपोर्ट, डेटा सब पेस्ट कर दीजिए, कहिए - “मुख्य बातें और स्टोरी निकालो।”

जो लोग आगे निकल रहे हैं, वो AI को casually नहीं, सिस्टमेटिक तरीके से time‑saving machine की तरह use कर रहे हैं।
जो काम आपको बहुत मुश्किल लगता है, उसके लिए भी AI ट्राय कीजिए।

Lawyer हैं? सिर्फ छोटे‑मोटे सवाल मत पूछिए, पूरा settlement draft करवाइए, counter‑proposal लिखने को कहिए।

Accountant हैं? सिर्फ tax rule मत पूछिए, client का पूरा return दीजिए और कहिए - “जो‑जो risk और बचत के मौके दिखते हैं, निकालो।”

पहली बार में output perfect नहीं होगा, ये normal है। सवाल को थोड़ा बदलिए, ज्यादा context दीजिए, दो‑तीन बार कोशिश कीजिए। शायद रिजल्ट आपको चौंका दे। और याद रखिए: अगर आज ये काम “थोड़ा‑बहुत” भी ठीक कर पा रही है, तो लगभग तय मानिए कि छह महीने बाद ये वही काम लगभग बेहतरीन करेगी।

ये साल आपके करियर का सबसे महत्वपूर्ण साल हो सकता है। वैसे काम कीजिए। अभी एक छोटा window है, जहां ज्यादातर कंपनियों में लोग इसे ignore कर रहे हैं। जो व्यक्ति मीटिंग में जाकर कहेगा - “ये analysis मैंने AI से एक घंटे में कर लिया, जो पहले तीन दिन लेता था,” - वो कमरे में सबसे valuable व्यक्ति होगा। अभी, तुरंत।

इन टूल्स को सीखिए। proficiency बनाइए। दूसरों को दिखाइए कि क्या संभव है।

Ego छोड़ दीजिए

वो managing partner रोज घंटों AI के साथ बैठता है, क्योंकि उसे पता है दांव क्या है।
जो लोग सबसे ज्यादा संघर्ष करेंगे, वे होंगे जो इसे छूने से भी मना करेंगे - जो इसे fad कहकर पकड़ना नहीं चाहते, जो सोचते हैं कि AI इस्तेमाल करना उनकी “expertness” को छोटा कर देगा, जो मानते हैं कि उनकी field “खास” है और कभी प्रभावित नहीं होगी। ऐसा कोई field है ही नहीं…

अपने बच्चों को क्या बता रहे हैं, इस पर पुनर्विचार कीजिए

हमारा पुराना formula - अच्छे नंबर लाओ, अच्छी यूनिवर्सिटी जाओ, stable प्रोफेशनल नौकरी पकड़ो - सीधा उन्हीं jobs की तरफ इशारा करता है, जो अब सबसे ज्यादा exposed हैं।
मैं ये नहीं कह रहा कि पढ़ाई बेकार हो गई है।
लेकिन आने वाले समय में सबसे ज़्यादा जरूरी चीज होगी -

इन टूल्स के साथ काम करना सीखना

जिज्ञासु, adaptable और self‑driven होना
उन चीज़ों पर काम करना जिनमें वे सच में दिलचस्पी रखते हैं
पता नहीं 10 साल बाद job market कैसा दिखेगा।

लेकिन जो बच्चे गहरी curiosity और AI के साथ काम करके चीज बनाने की आदत विकसित करेंगे, उनकी संभावना ज़्यादा होगी।
उन्हें सिर्फ किसी एक करियर path के लिए optimize मत करवाइए, जो शायद उनके graduate होने तक बदल चुका हो।

आपके सपने अचानक आपके करीब आ गए हैं। अभी तक मैंने ज़्यादातर खतरे की तरफ ध्यान दिलाया है, अब थोड़ा उस positive side की भी बात कर लेते हैं - क्योंकि वो भी उतनी ही सच्ची है।

अगर आपने कभी सोचा कि “काश मैं ये product या ऐप बना पाता, लेकिन मेरे पास ना skills हैं, ना पैसे,” तो ये barrier अब लगभग खत्म हो चुका है।

  • खुद को बदलने की आदत डालिए।
  • शायद सबसे ज़्यादा जरूरी यही है।
  • खास tools से ज्यादा important है - नए tools सीखने की muscle

AI तेजी से बदलती रहेगी। आज के मॉडल एक साल में पुराने लगेंगे। आज जो workflows हम बना रहे हैं, उन्हें बार‑बार redesign करना पड़ेगा।

जो लोग सबसे ज्यादा अच्छा निकलेंगे, वे वो नहीं होंगे जिन्होंने किसी एक टूल में mastery ले ली, बल्कि वो होंगे जो लगातार बदलती चीजों के साथ कम्फर्टेबल हो गए। नई चीजें try कीजिए, भले अभी की चीज काम कर रही हो।

एक छोटा सा resolve जो आपको लगभग सब से आगे कर सकता है:

  • रोज सिर्फ एक घंटा AI के साथ प्रयोग कीजिए।
  • सिर्फ पढ़ना मत, use कीजिए।
  • हर दिन उसे कोई नया तरह का काम दीजिए - जो आपने पहले कभी नहीं दिया, जिसके बारे में आप खुद unsure हैं कि ये कर पाएगा या नहीं।
  • छह महीने तक ऐसा कर पाए, तो आप अपने आस‑पास के 99% लोगों से ज़्यादा समझ रखने लगेंगे कि क्या आने वाला है।
  • ये अतिशयोक्ति नहीं है - अभी बहुत कम लोग ऐसा कर रहे हैं।

निष्कर्ष:

मैट का मुख्य संदेश है - यह सब कभी न कभी नहीं, अभी हो रहा है। Meta AI की क्षमताएं पहुंच रही हैं, कंपनियां अरबों डॉलर झोंक रही हैं, और लोगों की धारणा व वास्तविकता के बीच का गैप बहुत बड़ा हो चुका है। जो लोग आज से ही AI को समझने और इस्तेमाल करने लगेंगे, वही आने वाले सालों में सबसे आगे होंगे। Matt Shumer AI expert Something Big Is Happening and why AI learning now matters

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