एलपीजी से लेकर बैंक एफडी तक, 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे ये जरूरी नियम
Manya Jain | Sept 21, 2026, 17:37 IST
1 october 2026 new rules lpg fd birth certificate
1 अक्टूबर 2026 से देश में कई नए नियम लागू हो रहे हैं। एलपीजी सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक जांच जरूरी होगी। बैंक एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम भी बदल जाएंगे।
1 अक्टूबर 2026 से देश में कई जरूरी नियम बदलने जा रहे हैं। सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर के लिए अब बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़े RBI के नए नियम भी इसी दिन से लागू होंगे।
इसके अलावा जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 भी 1 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा, जिससे देरी से पंजीकरण कराना पहले से मुश्किल हो जाएगा। इन सभी बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब और जरूरी कागजातों पर पड़ेगा।
महीने की पहली तारीख से देश में अक्सर कई वित्तीय और प्रशासनिक नियम बदलते हैं। अक्टूबर 2026 की शुरुआत भी कुछ ऐसे ही बदलावों के साथ हो रही है, जिनकी जानकारी हर आम नागरिक को होनी चाहिए।
सरकार ने पहले बायोमेट्रिक आधार वेरीफिकेशन (BAA) पूरा करने की शुरुआती समयसीमा 30 जून 2026 रखी थी, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए इसे कई बार बढ़ाया गया और आखिरी बार 14 सितंबर 2026 तय की गई थी। अब 1 अक्टूबर से यह नियम हर हाल में लागू हो जाएगा।
1 अक्टूबर 2026 से रेग्युलेटेड रिटेल सेलिंग प्राइस पर सब्सिडी के साथ घरेलू LPG रिफिल लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। जिन ग्राहकों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनका सिलेंडर मिलना पूरी तरह बंद नहीं होगा। लेकिन उन्हें सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा और सिलेंडर बाजार कीमत पर खरीदना पड़ सकता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश में करीब 89.9 प्रतिशत सक्रिय घरेलू LPG ग्राहकों का बायोमेट्रिक आधार वेरीफिकेशन पूरा हो चुका था।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक डिपॉजिट पर ब्याज दर को कंट्रोल करने वाले नियमों में बदलाव किया है। ये नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। नए नियम के तहत एक ही बैंक की सभी ब्रांचों में ग्राहकों को एक समान FD दरें मिलेंगी।
हालांकि इनमें से ज्यादातर नियम 3 करोड़ रुपए या उससे अधिक के बल्क डिपॉजिट से जुड़े हैं, इसलिए आम FD निवेशकों पर इसका सीधा असर सीमित रहेगा। नए नियमों के तहत बैंकों को अपने बल्क डिपॉजिट पर लागू ब्याज दरों की जानकारी रोजाना अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होगी।
1 अक्टूबर 2026 से जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 2026 के प्रावधान भी लागू हो जाएंगे। भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह कानून औपचारिक रूप से एक्ट नंबर 12 ऑफ 2026 के तौर पर दर्ज है।
नए कानून का मकसद जन्म और मृत्यु की घटनाओं की जानकारी समय पर दर्ज कराने को बढ़ावा देना और देरी से होने वाले पंजीकरण की जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।
घटना के दो साल से अधिक समय बाद आवेदन करने पर अब प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लेना अनिवार्य होगा।
वहीं एक साल से अधिक और दो साल के भीतर पंजीकरण कराने के लिए जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) की मंजूरी जरूरी होगी। पहले यह प्रक्रिया पहले आसान थी, लेकिन अब इसमें ज्यादा प्रशासनिक और न्यायिक जांच का सामना करना पड़ेगा।
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जिन लोगों के घर में सब्सिडी वाला LPG सिलेंडर आता है, उन्हें सबसे पहले अपना बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन पूरा कर लेना चाहिए। वहीं बड़ी रकम की FD कराने वाले निवेशकों को बैंकों की वेबसाइट पर दरों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
जिन परिवारों में किसी जन्म या मृत्यु का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें समय रहते यह काम पूरा कर लेना चाहिए। देरी होने पर अब पहले से ज्यादा कागजी कार्रवाई और मंजूरी की जरूरत पड़ेगी, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ सकते हैं।
15 अक्टूबर 2026 से
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इसके अलावा जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 भी 1 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा, जिससे देरी से पंजीकरण कराना पहले से मुश्किल हो जाएगा। इन सभी बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब और जरूरी कागजातों पर पड़ेगा।
महीने की पहली तारीख से देश में अक्सर कई वित्तीय और प्रशासनिक नियम बदलते हैं। अक्टूबर 2026 की शुरुआत भी कुछ ऐसे ही बदलावों के साथ हो रही है, जिनकी जानकारी हर आम नागरिक को होनी चाहिए।
LPG सिलेंडर पर सबसे बड़ा बदलाव
1 अक्टूबर 2026 से रेग्युलेटेड रिटेल सेलिंग प्राइस पर सब्सिडी के साथ घरेलू LPG रिफिल लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। जिन ग्राहकों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनका सिलेंडर मिलना पूरी तरह बंद नहीं होगा। लेकिन उन्हें सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा और सिलेंडर बाजार कीमत पर खरीदना पड़ सकता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश में करीब 89.9 प्रतिशत सक्रिय घरेलू LPG ग्राहकों का बायोमेट्रिक आधार वेरीफिकेशन पूरा हो चुका था।
FD का भी बदलेगा नियम
हालांकि इनमें से ज्यादातर नियम 3 करोड़ रुपए या उससे अधिक के बल्क डिपॉजिट से जुड़े हैं, इसलिए आम FD निवेशकों पर इसका सीधा असर सीमित रहेगा। नए नियमों के तहत बैंकों को अपने बल्क डिपॉजिट पर लागू ब्याज दरों की जानकारी रोजाना अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होगी।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण में अब बढ़ेगी सख्ती
नए कानून का मकसद जन्म और मृत्यु की घटनाओं की जानकारी समय पर दर्ज कराने को बढ़ावा देना और देरी से होने वाले पंजीकरण की जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।
घटना के दो साल से अधिक समय बाद आवेदन करने पर अब प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लेना अनिवार्य होगा।
वहीं एक साल से अधिक और दो साल के भीतर पंजीकरण कराने के लिए जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) की मंजूरी जरूरी होगी। पहले यह प्रक्रिया पहले आसान थी, लेकिन अब इसमें ज्यादा प्रशासनिक और न्यायिक जांच का सामना करना पड़ेगा।
अब आसान नहीं होगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना, 1 अक्टूबर से लगाने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर!
किन बातों का रखें ध्यान
जिन परिवारों में किसी जन्म या मृत्यु का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें समय रहते यह काम पूरा कर लेना चाहिए। देरी होने पर अब पहले से ज्यादा कागजी कार्रवाई और मंजूरी की जरूरत पड़ेगी, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ सकते हैं।
15 अक्टूबर 2026 से UPI MDR के नए नियम
- दो हजार से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर नया MDR लागू होगा।
- दो हजार तक के UPI भुगतान और P2P ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे।
- फ्यूल और रेलवे टिकट पर दो हजार से ऊपर UPI भुगतान पर 5 MDR लगेगा।
- अन्य बड़े मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। इसकी अधिकतम सीमा 300 होगी।
- 1 लाख महीने तक QR से कमाई करने वाले छोटे व्यापारियों पर MDR नहीं लगेगा।
- मध्यप्रदेश में पेट्रोल पंप संचालक दो हजार से ज्यादा UPI पेमेंट पर रोक या हतोत्साहित करने की तैयारी में हैं।
- ग्राहकों को बड़े भुगतान के लिए कैश या कार्ड जैसे विकल्प साथ रखने की सलाह दी जा रही है।
2000 से ज्यादा का बिल नहीं लेंगे UPI से, पेट्रोल पंप डीलर्स का बड़ा फैसला
दो हजार से ऊपर यूपीआई पेमेंट पर लगेगा चार्ज, जानें आम लोगों पर क्या होगा असर
एमपी के लाखों गैस उपभोक्ताओं पर संकट, 2 अक्टूबर तक नहीं कराई LPG e-KYC तो कट जाएगा कनेक्शन
बढ़ेगी होम और कार लोन की EMI! FD पर मिलेगा फायदा, जानें कारण
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